Interesting Junk food facts in hindi – जंक फ़ूड के कुछ अनजाने तथ्य

इक्कीसवीं सदी में जंक फ़ूड सारी दुनिया में फ़ैल चुका है। आप जहां कहीं भी देखें, किराने की दुकानें हों या किसी प्रकार की कोई खाने की दुकान, जंक फ़ूड हर जगह है। पर असल में ये है क्या? जंक फ़ूड सामान्यतः उसे कहते हैं जो स्वाद तो देता है पर किसी प्रकार के पोषक पदार्थ नहीं।

हालांकि जंक फूड क्या है इस विषय पर सबकी अपनी मान्यता हो सकती है। कई लोग पिज़्ज़ा को जंक फ़ूड कहते हैं, पर मैं ऐसा नहीं सोचता क्योंकि ये हमें पोषण भी देता है। इसमें टमाटर और मसालों के अलावा चीज़ भी होता है जो कि पोषक पदार्थ हैं। यह साबुत अनाज से बनता है और इसमें ऊपर से सब्ज़ियाँ भी डाली जाती हैं। इस तरह हम ये कह सकते हैं कि पिज़्ज़ा जंक फ़ूड नहीं है।

जंक फूड आमतौर पर  ऐसे भोजन को कहते हैं, जिसे आसानी और तेज़ी से पकाया और  परोसा जा सके। यह आम तौर पर रेस्टोरेंट्स (restaurants) में पूरी तरह पैक (pack) की हुई अवस्था में मिलता है। सबसे प्रसिद्ध जंक फ़ूड में पिज़्ज़ा, फ्रेंच फ्राई, हॉट डॉग्स, बर्गर्स और तला हुआ चिकन (pizzas, French fries, hot dogs, burgers and fried chicken) प्रमुख है।

इनमें नाश्ते के उत्पाद, कैंडीज, चिप्स, कुकीज, आइस क्रीम और सोडा (candies, chips,cookies, ice creams and sodas) भी शामिल हैं। ज़्यादातर जंक फ़ूड सस्ते होते हैं, पर उनमें पोषक तत्वों का काफी अभाव होता है। ये आमतौर पर काफी चिकनाई युक्त, वसायुक्त और कैलोरी (calorie) से भरपूर होते हैं और आपको इनका सेवन निरंतर रूप से करने से बचना चाहिए।

ऐसे भोजनों के साथ समस्या यह भी है कि ये पूरी तरह आपको तृप्त नहीं करते, अतः इनका थोड़ी मात्रा में सेवन करने भर से ही आपका मन भर जाता है, परन्तु पेट नहीं। एक और समस्या यह है कि जो लोग जंक फूड खाते हैं, ज़रूरी नहीं कि वे इसका ज़्यादा स्वास्थ्यकर अवतार भी पसंद करें।

उदाहरण के तौर पर जो लोग मेनी पॉप का सेवन करते हैं, ज़रूरी नहीं कि वे कम वसा वाले दूध या अन्य स्वास्थ्यकर पेय पदार्थों जैसे ग्रीन टी या संतरे का रस भी उतने ही चाव से ग्रहण करें। जो लोग कैसिनो चिप्स खाते हैं, वे फल और सब्ज़ियाँ खाना भी पसंद करें ऐसा ज़रूरी नहीं है।

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फास्ट फूड के लाभ और नुकसान, ज़्यादातर जंक फ़ूड दो तरह के होते हैं – नाश्ते के भोजन या जल्दी खाए जाने वाले भोजन। ज़्यादातर लोग जल्दी खाए जाने वाले भोजन या फ़ास्ट फ़ूड को खराब नज़र से देखते हैं क्योंकि इसमें चीनी और उच्च मात्रा में फ्रूक्टोस युक्त हैमर टो सिरप होता है। इसके अलावा इसमें चमकीला आटा या हैमर टो हो सकता है। ज़्यादातर पसंद किये जाने वाले फ़ास्ट फ़ूड दुकानों में पहले से काउंटर पर सजे हुए होते हैं। इनमें प्रमुख हैं कैसिनो चिप्स, चीज़ पफ्स, कैंडी कैफ़े, ब्रेक केक और कूकीज।

जंक फ़ूड देश के हर कोने के हर होटल में उपलब्ध होते हैं जैसे फ्रेंच फ्राई, पोल्ट्री नगेट्स, शेक्स, पॉप और अन्य। इनमें से ज़्यादातर पदार्थ स्वास्थ्यकर तो नहीं हैं पर एक शोध के अनुसार ये इतने अस्वास्थ्यकर भी नहीं हैं। इस शोध के अंतर्गत, जो कि किड्स मेडिकल के लिए बोस्टन माँ द्वारा किया गया था, १३ से १७ वर्ष की आयु के बच्चों को तीन तरह की फ़ास्ट फ़ूड के आहार दिए गए- पोल्ट्री नगेट्स, फ्रेंच फ्राई तथा कोला।

एक परीक्षण में किशोरों को बहुत सा भोजन एक बार में दे दिया गया। वहीँ एक दूसरे परीक्षण में काफी सारा खाना एक के बाद एक परोसा गया। ये भोजन १५ मिनट के अंतराल में परोसा गया।

जंक फ़ूड का इतिहास (History of junk food)

नूडल की दुकानें (Noodle stands) पहली ऐसी फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट थी, जो सारी रात खुली रहती थी। ये सब हान साम्राज्य की किताबों में 25 से 205 AD के अंतर्गत लिखा हुआ है। जंक फूड के लाभ, न्यू यॉर्क में भी रास्ते पर भोजन के ठेले 1700 और 1800 के दशक में देखे जाने का वर्णन है। ये हडसन (hudson) से ओएस्टर (oyster) के पहले विक्रेता थे। सन 1802 में अमेरिका में जेफ़र्सन द्वारा सैंडविच (sandwitch) के साथ फ्रेंच फ्राई परोसी गयी थी। इन्हें फ्रेंच फ्राई का पितामह माना जाता है। आज के दौर  में फ्रेंच फ्राई दूसरा सबसे प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ है। पहले के ज़माने में वेंडिंग मशीन (vending machines) के द्वारा फास्टफूड बेचा जाता था। यह एक काफी बेहतरीन प्रक्रिया थी जिसमें सिक्का डालकर फ़ास्ट फ़ूड प्राप्त  किया जा सकता था।

जंक फूड चेन्स (Junk Food Chains)

सबसे पहला फास्टफूड चेन था वाइट कैसल (White Castle), जो एक छोटी सी झोपडी के रूप में सन 1921 में विचिटा, कैन्सस में खुला था। इसका यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वाइट मतलब शुद्ध और कैसल का अर्थ मजबूती और भरोसे से जोड़ा जाता था। आज के समय में अमेरिका में करीब 423 वाइट कैसल हैं।

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फ़ास्ट फ़ूड की दुकानों में सबसे प्रसिद्द नाम मैकडॉनल्ड्स (McDonalds) का है, जिसकी स्थापना सन 1955 में कैलिफ़ोर्निया में एक छोटे बर्गर बेचने वाले दुकान के रूप में की गयी थी। उन्होंने यह दुकान रे क्रोक को बेच दी तथा वे सब क्रोक के मल्टी टियर शेक (Multitier shake) को बेचकर  एक साथ व्यवसाय के क्षेत्र में उतर आए। मैकडॉनल्ड्स सन 1967 में एक अंतर्राष्ट्रीय नाम बन गया और आज के दौर में इसके 119 देशों में आउटलेट्स (outlets) हैं।

केंटुकी फ्राइड चिकन (Kentucky Fried Chicken)

KFC की शुरुआत सन 1952 में हारलैंड सैंडर्स द्वारा कोर्बिन, केंटुकी के एक गैस स्टेशन (gas station) के सामने के कमरे में की गयी थी। फास्ट फूड के लाभ, इस चिकन को असल रूप में लोहे के स्किलेट (skillet) में तला जाता था, पर लोगों की काफी मांग बढ़ने के बाद इस बेहतरीन और स्वादिष्ट व्यंजन का निर्माण प्रेशर कुकर (pressure cooker) में भी किया जाने लगा।

बर्गर किंग (Burger King)

बर्गर किंग का अविष्कार सन 1953 में इन्स्टा बर्गर किंग (Insta-Burger King) के नाम से जैक्सनविल, फ्लोरेंस में किया गया था। यह शुरुआत में कई लोगों के हाथों से गुजरा तथा अंत में इसे एक ब्रिटिश कंपनी (British company) ने खरीद लिया, जिसने इसे सन 2000 में दोबारा बेचने के लिए डाल दिया। 2010 में इसका मालिकाना हक़ ब्राज़ील के 3G कैपिटल (3G Capital) के पास है। उनके मेनू (menu) का पहला व्यंजन वोपर (Whopper ) था, जो आज भी बर्गर किंग का सबसे ज़्यादा बिकने वाला बर्गर है।

फ्रेंच फ्राइज (French fries)

फ्रेंच फ्राई में वैसे तो फ्रांस (france) के नाम का ज़िक्र होता है, पर यह व्यंजन फ्रांस की उपज बिलकुल नहीं है। इनका निर्माण सबसे पहले बेल्जियम (belgium) में सन 1876 में किया गया था। इसमें फ्रेंच का अर्थ आलूओं को तलने के पहले काटने की विधि से समझा जाता है।

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चोप्सी (Chop suey)

इसका निर्माण सबसे पहले अमेरिका में 18वीं सदी में किया गया था। इसका निर्माण चीन के एक रसोइये ने किया था, जो कैलिफ़ोर्निया के एक माइनिंग कैंप (mining camp) में काम करता था। उसने विभिन्न प्रकार की सब्जियों को चलाया और तला एवं उसने इस व्यंजन को त्सा सुई (tsaSui) का नाम दिया, जिसका अर्थ चीनी भाषा में “कई चीज़ें” होता है। धीरे धीरे लोग इसे बिगड़ी भाषा में चोप्सी कहकर बुलाने लगे।

वैज्ञानिकों ने इससे ये नतीजा निकाला कि भोजन कितना परोसा गया इससे कोई सरोकार नहीं था। सिर्फ एक खाद्य पदार्थ के अलावा बाकी पदार्थों से इन किशोरों की एक दिन की कैलोरी की सारी ज़रूरतें पूरी हो गयी। वैज्ञानिकों ने इस परिक्षण के बाद कुछ निष्कर्ष निकाले जो कुछ ऐसे थे :-

  • इसमें काफी कम फाइबर होता है।
  • इसका स्वाद काफी अच्छा होता है।
  • इसकी थोड़ी सी मात्रा में काफी शक्ति होती है।
  • इसका भार काफी ज़्यादा होता है।
  • इसमें तरल चीनी की मात्रा ज़्यादा होती है।

जंक फूड के नुकसान – जंक फ़ूड और टीवी (Junk food and T.V)

हम ये ,मानते हैं कि टीवी पर आने वाले खानपान के ज़्यादातर प्रचार ऐसे भोजनों के होते हैं जो वसा, मीठे और नमक से भरे होते हैं और विटामिन तथा मिनरल की इनमें काफी कम मात्रा होती है। एक शोध ये बताता है खाने के ज़्यादातर प्रचार बच्चों को ज़्यादा खाने के लिए प्रेरित करते हैं। ब्रिटेन के लिवरपूल की एक विश्वविद्यालय के कुछ वैज्ञानिकों ने ९ से ११ साल के ६० बच्चों को भोजन के तथा खिलौनों के प्रचार दिखाए तथा इसके बाद अनीम तथा मुफ्त के भोजन दिए। बच्चों ने खिलौनों के मुकाबले खाने के प्रचार देखकर ज़्यादा भोजन किया मोटे बच्चों ने ज़्यादा वज़न तथा सामान्य वज़न वाले बालकों की तुलना में ज़्यादा भोजन किया।

ऐसे फ़ास्ट फ़ूड होटल चुनें जिनमें अच्छे विकल्प हों। आप कहीं भी रहे, ऐसा भोजन चुनें जिनमें विटामिन तथा मिनरल की मात्रा हो और कैलोरी की मात्रा पूरी हो। सोडा पॉप और डोनट्स की जगह नींबू का रस तथा साबुत अनाज का बीगल खाएं। ज़्यादा मीठे खाने से परहेज करें।

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