Iron deficiency in Hindi – Anemia in women – आयरन की कमी – महिलाओं में एनीमिया की समस्या

प्रक्रितुइक एवं जीवनशैली दोनों समस्याओं के कारण महिलाओं में अनेमिया की समस्या काफी आम है। ऐसा अनुमान है कि आधुनिक जीवनशैली व्यतीत कर रही 70% महिलाएं आयरन की गंभीर कमी से पीड़ित हैं। जीएमओ (GMO) एवं एक साथ काफी संख्या में भोजन के उत्पादन से हमारा भोजन आयरन की कमी से ग्रसित हो चुका है। खासतौर पर महिलाओं की कई स्वास्थ्य कारणों जैसे मासिक धर्म के समय रक्त की कमी एवं गर्भावस्था के कारण आयरन की कमी से ग्रस्त होने की अधिक संभावना होती है। महिलाओं के लिए उर्जावान बने रहने एवं स्वास्थ्यकर दैनिक जीवन व्यतीत करने के लिए आयरन युक्त खानपान एवं आयरन के पूरक उत्पादन लेना आवश्यक है।

महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण (Symptoms of iron deficiency in women)

निरंतर थकान (Constant tiredness)

कैल्शियम एवं आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

विभिन्न प्रकार के विटामिन की कमी का एक आम लक्षण हमेशा थकान महसूस करना है। आयरन की कमी के साथ शरीर रक्त में हीमोग्लोबिन (hemoglobin) की वजह से ऑक्सीजन सोखने में परेशानी महसूस करता है। इससे मांसपेशियों एवं कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है एवं इनमें ऊर्जा कम महसूस होती है। अंगों में ऑक्सीजन की कमी की भरपाई करने के लिए ह्रदय को जोर से धड़कना पड़ता है, जिससे यह कमज़ोर हो जाता है। महिलाओं में थकान आयरन की कमी का ही संकेत नहीं है, पर आयरन की कमी से ग्रस्त लोगों में आमतौर पर थकान एवं कम ऑक्सीजन युक्त कमरों में ऊर्जा का अभाव देखा जाता है। इससे कम उत्पादकता एवं कार्य में ध्यान लगाने की क्षमता प्रभावित होती है।

थकी त्वचा एवं पलकें (Pale skin and eyelids)

क्योंकि आयरन की कमी से लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, रक्त चमकीला लाल या गुलाबी हो जाता है, जो त्वचा की बाहरी आवरण से पता चलता है। यह पीलापन शरीर के कई अंगों में दिखता है, पर आमतौर पर मसूड़ों, चेहरे, होंठों, आँखों की पलकों, हाथों एवं नाखूनों पर अधिक प्रतीत होता है। अधिकतर, डॉक्टर मरीज़ की पलकें उठाकर शरीर में आयरन की कमी की जांच करते हैं। कम गंभीर परिस्थितियों में निचली पलक का रंग हल्का गुलाबी एवं गंभीर स्थिति में पीलापन लिए हुए सफ़ेद हो जाता है।

सांस फूलना (Shortness of breath)

जबी हीमोग्लोबिन में रक्त कम होता है तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है। शरीर की मांसपेशियां एवं अन्य अंग ऊर्जा प्राप्त करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन जुटाने में परेशानी का अनुभव करते हैं एवं थकान का शिकार होते हैं।रोज़मर्रा के काम जैसे चलना एवं कुछ मिनटों के लिए खड़े रहना थकावट पैदा करने वाला लगता है एवं सांस फूलने लगती है। जैसे जैसे शरीर ऑक्सीजन की कमी को महसूस करता है, यह श्वसन दर को बढ़ाता है जिससे अधिक हवा अन्दर आ सके। इससे तेज़ श्वसन क्रिया एवं सांस लेने में परेशानी उत्पन्न होती है।

सिरदर्द एवं चक्कर आना (Headaches and dizziness)

आयरन की कमी से सिरदर्द, चक्कर आने एवं सिर के घूमने की समस्या पैदा होती है। पर्याप्त ऑक्सीजन की कमी की वजह से मस्तिष्क की रक्त की धमनियों में दबाव बढ़कर सिरदर्द का रूप ले सकता है। आयरन की कमी के आधार पर ये नियमित या बीच बीच में होने वाले हो सकता है।

दिल धड़कना (Palpitations in heart)

शरीर में आयरन की कमी से ह्रदय गति काफी तेज़ हो जाती है। जहां ह्रदय शरीर की ऑक्सीजन की मांग पूरी करने में नाकाम साबित होने लगता है, यह तेज़ी से रक्त पंप करने लगता है एवं असामान्य रूप से धड़कने लगता है। यदि यह कमी लम्बे समय तक अनुपचारित रही तो ह्रदय प्रणाली खराब होकर फूल सकती है। आयरन की कमी से ग्रस्त महिलाओं में यह लक्षण बाकियों के मुकाबले उतना आम नहीं है।

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