Is consuming ghee good after delivery/labor? – डिलीवरी के बाद घी का सेवन करना कितना फायदेमंद

ऐसा कहा जाता है कि घी का सेवन करना गर्भवती महिलाओं के लिए काफी अच्छा रहता हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप घी का सेवन काफी अधिक करने लग जाएँ, या फिर पानी की तरह घी को पीने लग जाएं। हम भारतीय लोगों का ऐसा मानना होता है कि प्रेगनेंसी के दौरान घी का जितना सेवन किया जाएँ, उतना अच्छा होता है, कई बुजुर्ग महिलाओं का कहना होता है कि घी का सेवन करने से डिलीवरी के बाद शरीर बड़ी तेजी से ठीक होने लगता है।

लेकिन हम आपको बता दें कि यह केवल एक मिथ्या के अलावा और कुछ भी नहीं है। हम आपको घी के बारे में एक बात बता देते हैं कि घी एक स्वादिष्ट आइटम है, इसमें कई तरह के पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। लेकिन इसमें कैलोरी भी काफी अधिक होती हैं और इसमें संतृप्त वसा होती है। किसी तरह के वैज्ञानिक जांच में यह बात नहीं कही गई है कि घी का सेवन करना गर्भावस्था के दौरान या बाद के लिए अच्छा होता है।

ऐसा भी नहीं है कि आप घी का सेवन करना ही बंद कर दें। आइए आपको घी से जुड़ी कुछ मिथक के बारे में बताते हैं, ताकि आपको पता चल सके कि घी का सेवन प्रेग्नेंसी के बाद या पहले करना चाहिए या नहीं।

प्रसव के बाद घी पीने का मिथक (The myth about drinking ghee after delivery)

ऐसा माना जाता है कि गर्भावस्था के बाद माँ के जोड़ों में कमजोरी आ जाती है। जिस तरह मशीन में तेल डालने से मशीन सही ढंग से काम करने लग जाती हैं। ठीक उसी तरह माँ बनी महिला को भी एक तरह के तेल की जरूरत होती है, घी उसी तेल का काम करता है। घी माँ के जोड़ों को मजबूत बनाता है और उसके काम करने को सही करता है। तो अगर आप भी चाहती हैं कि प्रेगनेंसी के बाद आपका शरीर मजबूत बन जाए तो ऐसे में आप घी का सेवन कर सकते हैं। इसी के साथ ऐसा भी कहा जाता है कि घी का सेवन करने से हमारे वह जख्म भी धीरे धीरे ठीक होने लग जाते हैं, जो कि प्रेगनेंसी (pregnancy) के दौरान होते हैं। अगर आप भी चाहती हैं कि आपके सारे के सारे घाव जल्द से जल्द ठीक हो जाए तो उसके लिए आप घी का सेवन कर सकते हैं। इसी के साथ ही अगर आप अपने बच्चे को स्तनपान करवाती हैं तो ऐसे में भी आपको घी का सेवन करना चाहिए। अभी तक हमने आपको मिथक के बारे में बताया है, लेकिन अब हम आपको इसके वैज्ञानिक स्पष्टीकरण के बारे में बताते हैं।

गर्भावस्था के दौरान हृदय रोग को कैसे संभाले करें?

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान हमारे शरीर को कैलिशयम की जरूरत होती है, और गाय के दूध में वह कैलिशयम होता है, जिसकी जरूरत हमारे शरीर को इन दिनों होती है। जैसा कि आप जानते हैं कि कैल्शियम हमारे हड्डियों को मजबूत बनाता है, इसलिए ही घी का सेवन करने के लिए कहा जाता है, ना कि जोड़ों को जोड़ने के लिए किसी तरह की चिकनाई के लिए। घी में वसा के साथ ही कई आवश्यक ऊर्जा होती हैं, जो कि एक नई मां को गर्भावस्था के बाद ठीक होने में काफी मदद करती है। इसलिए इसका सेवन करना बुरा नहीं होता है।

यह सच है कि हमारे शरीर को एक्सट्रा एनर्जी और पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम और आयरन (iron) की जरूरत डिलीवरी (delivery) के बाद अधिक होती है। लेकिन घी का सेवन करना ऐसे में सही नहीं होता है। आप घी के रूप में केवल एक अधिक वसा वाला खाते हैं, जो कि आपके लिए काफी हानिकारक भी हो सकता है। जी हाँ आपको इसके कई गंभीर नकारात्मक प्रभावों से भी गुजरना पड़ सकता है।

Subscribe to Blog via Email

Join 45,326 other subscribers

वैज्ञानिकों से जाने घी का सेवन करना चाहिए या नहीं? (The scientific explanation to eat ghee or not?)

ऐसा नहीं होता है कि प्रसव के बाद माँ के जोड़ों में वास्तव में कमजोरी या चिकनाई कम हो जाती है। प्रसव के दौरान माँ के शरीर का एक हार्मोन कम होने लगता है, जो कि शरीर की सभी मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है। इस मांसपेशी का आराम करने के कारण शरीर में कमजोरी होने लगती है। हालांकि प्रसव के बाद रक्त में आराम का प्रतिशत कम होना शुरू हो जाता है। लेकिन कुछ ही सप्ताहों में इस हार्मोन का प्रभाव पूरी तरह से कम होने लगता है। प्राकृतिक तरीके से आपका रक्त का स्तर कम होने लगता है, ऐसे में आपको आपके मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द महसूस होने लगता है। लेकिन अगर आपको प्रसव के काफी समय बाद भी किसी तरह की कमजोरी या दर्द महसूस हो रहा हो, तो समझ लें कि यह दर्द प्रसव के कारण नहीं बल्कि किसी दूसरी बीमारी के कारण हो रहा है। आप चिकित्सक के पास जाकर अपने इस दर्द के बारे में बता सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान कब्ज से छुटकारा पाने के लिए प्राकृतिक उपचार

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप घी खाए या नहीं, दरअसल प्रसव के बाद आपके शरीर को अपने आप मजबूती मिलने लग जाती हैं। इसी के साथ अपने शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए आप अपने संतुलित आहार का सेवन सही ढंग से करना शुरू कर दें। अगर आपके डॉक्टर का मानना है कि आपके शरीर में कैल्शियम (calcium) की कमी है तो ऐसे में वह आपको कैल्शियम सप्लिमेंट खाने को कहता है, तो वही सप्लिमेंट खाएं, लेकिन ऐसे में कभी भी घी का सेवन करना शुरू ना करें। ज्यादा से ज्यादा घी खाने से शरीर पर काफी बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। घी की उच्च राशि लेने से यह समस्या पैदा हो सकती हैं।

  • मोटापा, जो कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को पैदा कर सकते हैं, यह समस्याओं का प्राथमिक कारण बन सकता है।
  • दिल के रोग
  • ब्लड कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि

अगर आप प्रसव के बाद मनचाहे वजन को कम करना चाहती हैं तो ऐसे में आपको घी का सेवन करना बिल्कुल बंद करना होगा। घी की जगह अगर आप एक बेहतर संतुलित आहार का सेवन करें, तो उससे आपको ज्यादा फायदा मिल सकता है। एक संतुलित आहार ना केवल प्रसव से पहले ही नहीं बल्कि प्रसव के बाद भी काफी अच्छा रहता है। आपके इस संतुलित आहार डाइट में सभी तरह के पौष्टिक आहार और एनर्जी (energy) भरे खाद्य पदार्थ होना चाहिए। ताकि आपको शरीर में किसी भी तरह के पोषक तत्वों की कमी ना रह जाएं। अगर आपका डॉक्टर आपको किसी तरह के सप्लिमेंट (supplement) खाने की सलाह देता है, तो आप उनका सेवन करें, आपके डॉक्टर को इस बात की पूरी जानकारी होती है कि आपको किस तरह के पोषक तत्वों और खुराक की जरूरत है।

घी और कुछ नहीं सिर्फ वजन को बढ़ाने का स्रोत है। यह खाद्य पदार्थ एक गर्भवती महिला के आहार में जरूरी शामिल की जाती है।

घी में होने वाला पोषक तत्व (Nutrients present in Ghee)

घी में उच्च कैलोरी होती है, 100 ग्राम घी में कम से कम 717 कैलोरी होती है। इसमें 81 ग्राम वसा, न्यूनतम मात्रा में प्रोटीन (protein) होता है। इसमें चीनी, डाइट्री फाइबर (dietary fibre) और कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates) आदि नहीं होते हैं। घी में संतृप्त वसा 7.6 ग्राम तक होती है। इसके अलावा घी में विटामिन ए, डी, ई, के2 और सीएलए (Conjugated Linoleic Acid) भी उच्च मात्रा में होता है। इसमें 50 प्रतिशत तक विटामिन ए (vitamin A) और 2 प्रतिशत तक कैल्शियम होता है।

गर्भावस्था के दौरान परहेज करने वाले भोजन और पेय पदार्थ

गर्भावस्था के बाद देखभाल – घी के औषधीय लाभ (Medicinal benefits of Ghee)

  • प्रसव के बाद भोजन, घी का सेवन करने से कब्ज से राहत मिलती है। एक गिलास (glass) दूध में 1 चम्मच घी मिला लें। इसे रात को सोने से पहले पी लें। यह सुबह के समय आपकी आंत में फंसे सारे विषाक्त पदार्थ को बाहर निकाल देगी और आपको कब्ज से राहत भी मिल जाएगी।
  • जब आप शराब से प्रभावित होते हैं, तो आप मादक प्रभाव को कम करने के लिए मक्खन का छोटा सा चम्मच का सेवन कर सकते हैं।
  • घी अपच में भी काफी मददगार होती है, यह मेटाबोलिजम (metabolism) को बढ़ाने में मदद करती है। आप अदरक पाउडर, घी और गुड़ को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे अच्छी तरह पीस कर इसका सेवन कर लें। ऐसा करने से आपको अपच की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। आप इनके छोटे छोट बॉल (ball) बनाकर खाने के बाद उनका सेवन कर सकते हैं।
  • घर में घी का इस्तेमाल कर लेम्प (lamp) जलाने से वायरस (virus) और बैक्टीरिया (bacteria) को समाप्त किया जा सकता है। यह आपके घर को रोगों से मुक्त कर सकता है।
  • घी का सेवन करने से कान से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है। इसके लिए गैस की आंच को हल्का करके आप घी को गर्म कर लें। इस गर्म घी के बूंदों को फिर आप अपने कान में रोजाना डालें। ऐसा करने से कान से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का सामना आपको नहीं करना पड़ेगा। आप घी की जगह तिल के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • प्रसव के बाद देखभाल, घी की मदद से आप सूजन, खुजली, रेडनेस या फिर किसी और तरह की त्वचा संबंधित परेशानी से भी छुटकारा पा सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले थोड़ा सा घी का सेवन कर लें। इसके बाद इसका इस्तेमाल अपने जोड़ों पर करें। ऐसा करने से दर्द और सूजन कम होने लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा करने से आपकी त्वचा घी को सोख लेती है और त्वचा के निचले स्तर तक उसे लेकर जाती है। इससे हमारी त्वचा को भी नमी मिलती है। आप इस उपचार को दिन में 3 बार इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • घी का सेवन करने से आप सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से भी छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए रोजाना घी की छोटी छोटी मात्रा का सेवन करते रहे।
loading...