An appropriate time to become pregnant: mark the time for conceiving – गर्भधारण करने का सही समय

बच्चे के बारे में सोचने और इस बारे में योजना बनाने का भी एक ख़ास समय होता है। कई लोगों के मन में एक महिला के गलती से गर्भवती हो जाने की गलत धारणा बनी रहती है। पर यह बात हमेशा सही नहीं होती। आपको सही और वैज्ञानिक तरीके से बच्चे को दुनिया में लाने की योजना बनानी चाहिए। इसके लिए आपको महीने के उन ख़ास दिनों की सूची बनानी चाहिए जब एक महिला गर्भधारण करने में सफल हो सकती है। ये सारी बातें आपकी साथी के मासिक धर्म के साइकिल पर निर्भर करती हैं।

मेडिकल साइंस के अनुसार महीने के कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब एक महिला के गर्भवती होने की संभावना पूरे 100 प्रतिशत की होती है। आपको इसके लिए अपनी साथी के मासिक धर्म के साइकिल के अंतर्गत होने वाली ओवुलेशन की प्रक्रिया की तरफ ध्यान देना होगा। आमतौर पर एक महिला का मेंस्ट्रुअल साइकिल (mestrual cycle) 28 दिनों के बाद शुरू होता है। यहाँ उनकी 14वें दिन गर्भधारण करने की सबसे अधिक संभावना होती है, क्योंकि यह वही समय होता है, जब ओवुलेशन की प्रक्रिया के शुरू होने का समय होता है। जैसे ही अंडा बाहर आता है, एक महिला के पास उसे फर्टिलाइज़ करने के लिए 24 घंटे का समय होता है।

गर्भावस्था की संभावना बढ़ाने के तरीके (Steps to increase odds for pregnancy)

पीरियड्स के बाद गर्भधारण का समय

  • गर्भ धारण करने का उचित समय, मासिक धर्म (menstruation) के शुरू होने के तुरंत बाद दिनों की गिनती शुरू कर दें और 14वें दिन पर रूक जाएं। इस दिन आप बच्चे को दुनिया में लाने की योजना के अंतर्गत सेक्स की क्रिया कर सकती हैं। अगर आप 11वें दिन से ही सेक्स करना शुरू कर देती हैं तो यह आपके लिए और भी अच्छा होगा। इस प्रक्रिया को रोज़ाना 14 दिन पूरे होने तक जारी रखें। आप इस प्रक्रिया को 16वें दिन तक भी जारी रख सकती हैं। अगर आप उन जोड़ों में से हैं, जो रोज़ाना सेक्स की क्रिया करते हैं, तो आपके लिए गर्भवती बनना काफी आसान कार्य हो जाएगा।
  • प्रेगनेंट होने की सही उम्र (pregnant hone ki sahi age), अगर आप इस प्रक्रिया के बारे में और भी ज़्यादा आश्वस्त होना चाहती हैं तो आप एक ओवुलेशन प्रेडिक्टर टेस्ट भी करवा सकती हैं। यह टेस्ट आसानी से उस ल्युटिनाइज़िंग हॉर्मोन (luteinizing hormone) के स्तर को भांप लेता है, जिसकी मदद से अण्डों को बाहर आने में मदद मिलती है। आप इस प्रक्रिया के लिए ओवुलेशन किट का भी प्रयोग कर सकती हैं। यह किट आपको आगे होने वाली ओवुलेशन की प्रक्रिया के बारे में पहले से ही आगाह कर देती है।
  • गर्भ धारण करने का उचित समय, सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) की जांच करने से भी इस बात का पता लगाया जा सकता है कि आप किस तय समय पर गर्भवती होने की सम्भावना पर विचार कर सकती हैं। जैसे ही आपको यह लगे कि आपका सर्वाइकल म्यूकस पहले के दिनों की तुलना में ज़्यादा मोटा और फिसलन युक्त (slippery) हो गया है, तो इससे फर्टिलाइजेशन से जुड़ी हुई सारी दुविधा दूर हो जाती है। आपका गर्भवती होने के लिए इस तय समय पर सेक्स की क्रिया में लिप्त होना काफी अनिवार्य है। इससे आपके गर्भवती होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
  • गर्भधारण का सही समय, आप बैसल बॉडी टेम्परेचर की सहायता से भी अपनी गर्भावस्था का सही समय जान सकती हैं। यह एक काफी अच्छा और महत्वपूर्ण तरीका है। इसके लिए आपको हर सुबह जल्दी उठना पड़ेगा और उठते ही अपने शरीर के तापमान की जांच करनी पड़ेगी। अगर आपको अपने शरीर के तापमान में किसी प्रकार के परिवर्तन का अनुभव हो रहा है तो इसका यही मतलब है कि आप गर्भधारण की प्रक्रिया के लिए बिलकुल तैयार है। आपका बैसल तापमान सामान्य से ज़्यादा होना चाहिए, जिससे कि आपके ओवुलेशन के विभिन्न चरण पूरे हो सकें।

महिलाओं के फर्टाइल दिनों की गणना करने के तरीके

  • गर्भधारण की सही उम्र, लेबोरेटरी से जुड़े कार्यों की बदौलत भी आपके गर्भवती होने की संभावना (pregnant hone ka sahi samay) काफी ज़्यादा होती है। इसके लिए आपको किसी रिप्रोडक्टिव एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (reproductive endocrinologist) की सहायता लेनी पड़ेगी। वह कुछ ऐसी पद्दतियों पर कार्य करता है जिनकी मदद से आप आसानी से अपने हॉर्मोन की जांच और इससे जुड़े विचार विमर्श कर सकती हैं। आप इनकी सहायता से आसानी से उस चरण का पता लगा सकती हैं, जब आप शारीरिक रूप से बच्चे के प्रजनन कार्य को पूरा करने में सक्षम होंगी। वह आपको महीने का वह सही समय भी सुझा सकता है जब एक बच्चे की कामना करने वाली महिला के गर्भवती बनने के सबसे ज़्यादा आसार होते हैं।

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