Kesar/Keshar benefits pregnancy in Hindi – गर्भावस्था में केसर कैसे खाएं

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए केसर अत्यंत लाभदायक होती है यह गर्भावस्था में होने वाली तकलीफों से निजात दिलाने में काफी हद तक सहायक समझी जाती है। भारतीय घरों में मसालों के रूप में भी केसर मिलती है। एक जड़ी बूटी के तौर पर केसर (Kesar) में बहुत सारे गुण पाये जाते हैं। पुराने घावों को भरने के लिये भी केसर लाभदायक होती है।

केसर के उपयोग, केसर क्यों ली जाती है? (Garbhavastha me kesar ke upyog)

केसर के उपयोग (uses of kesar) के कई कारण है, यह पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाती है और साथ ही भूख बढ़ाने में भी सहायक होती है। गर्भवती महिलाओं में चिड़चिड़ापन नहीं आने देती। केसर के फायदे, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में रक्तचाप कम या ज्यादा हो जाने की समस्या आती है लेकिन केसर के प्रयोग से उनका रक्तचाप सामान्य बना रहता है।

प्रेगनेंसी में केसर कब खाये (pregnancy me kesar kab khana chahiye)

तुरंत वेट बढ़ाने के उपाय

केसर के फायदे अनेक हैं और गर्भवती महिलाएं (pregnant women) दूसरी तिमाही के बाद केसर लेना शुरु कर सकती है। गर्भावस्था केसर के सेवन का उपयुक्त समय है  इसको सुबह शाम गर्म दूध के साथ लिया जाना चाहिये। एक ग्लास दूध में एक चुटकी केसर काफ़ी होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए बनने वाले खाने में भी थोड़ी सी केसर डाली जानी चाहिये।

केसर खरीदते वक्त ये ध्यान रखें कि वो असली हो क्योकि कुछ दुकानों पर खुली हुई केसर भी बेची जाती है। जो असली नहीं होती, और नुकसानदायक हो सकती है। अतः खरीदते वक्त आई एस आई मार्क वाली केसर ही खरीदें।

केसर के गुण, गर्भावस्था के दौरान अगर माँ को केसर खिलाई जाती है तो ऐसा माना जाता है कि उसका होने वाला बच्चा गोरा पैदा होता है।

केसर को हमेशा उचित मात्रा में ही खिलाएं क्योकि इसकी ज्यादा मात्रा से गर्भपात तक का खतरा बढ़ जाता है। एक बार में एक चुटकी केसर की मात्रा आदर्श समझी जाती है।

केसर के गुण, आमतौर पर देखा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को दूध पचाने में परेशानी होती है पर यदि दूध में थोड़ी सी केसर मिला दी जाए तो वो बड़ी आसानी से पच जाता है।

गर्भावस्था में केसर के फायदे (pregnancy me kesar ke fayde)

केसर खाने का तरीका (Kesar khane ka tarika) बहुत आसान है। केसर का प्रयोग बिरयानी, खीर, मिठाइयों और सौंदर्य उत्पादों में फ्लेवर (flavor) डालने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर स्वास्थ्य के पूरक पदार्थों में हाज़मे को दुरुस्त करने के लिए किया जाता है। केसर का सेवन करने से महिलाओं को मासिक धर्म की समस्याओं से मुक्ति मिलती है। मर्दों में उर्वरता के अभाव (male infertility), दमे, इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erctile dysfunction) और कैंसर (cancer) के फलस्वरूप पैदा हुए गंजेपन की समस्याओं को दूर करने के लिए भी केसर का प्रयोग किया जाता है।

गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन करने के फायदे (saffron benefits during pregnancy)

ह्रदय की बीमारियों से खुद को बचाएं (Protect Yourself Against Heart Disease)

आपका खानपान आपके ह्रदय की प्रणाली को काफी प्रभावित कर सकता है।  जैसे जैसे आप गर्भावस्था के दौरान अधिक कैलोरी (calorie) एवं वसा का सेवन करती हैं, तो इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि आपके ह्रदय का स्वास्थ्य काफी बुरी तरह से प्रभावित होता है।  सौभाग्य से, केसर में मौजूद क्रोसेटिन, पोटैशियम एवं एंटीऑक्सिडेंट्स (crocetin, potassium and antioxidants) ट्राइग्लिसराइड एवं कोलेस्ट्रॉल (triglyceride and cholesterol) के स्तर को कम करके आपको एवं आपके शिशु को ह्रदय की बीमारियों से बचा सकते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान मुहांसे दूर करे (Heal Nasty Zits During Pregnancy)

गर्भवती महिलाओं के लिए आहार

हार्मोनल (hormonal) असमानताओं की वजह से आपकी त्वचा में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। मुहांसों का निकलना एवं मेलस्मा (melasma) या गर्भावस्था का मास्क (mask) वे सामान्य त्वचा की समस्याएं हैं जिनका सामना गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन करने वाली महिलाओं ने दावा किया है कि केसर का सेवन करने से उनको गर्भावस्था के दौरान त्वचा पर आयी सामान्य समस्याओं से काफी मात्रा में राहत मिलती है।

एलर्जेंस की वजह से सिसकी एवं संकुलन को रोके (Stop Sniffles And Congestion Due To Allergens)

गर्भावस्था के दौरान आपको एलर्जी एवं संक्रमणों का सामना करना पड़ता है। इसका कारण प्रभावित प्रतिरोधक प्रणाली है। आपके प्रसूति विशेषज्ञ आपको संक्रमणों से खुद को सुरक्षित रहने के बारे में बताएंगे, पर एलर्जी होना एक अलग बात है। ऐसा होना आपके बच्चे के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है।

अच्छी खबर यह है कि आपको अब एलर्जी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एलर्जी एवं नाक बंद होने की समस्या को दूर करने के लिए केसर मिश्रित दूध का सेवन करें। इसके अलावा यदि आपको बुखार है तो चन्दन में केसर की थोड़ी सी मात्रा का मिश्रण करें एवं इनसे एक लेप तैयार करें।  इस लेप का प्रयोग अपने कपाल पर करके तापमान को कम करें।

गर्भावस्था में केसर का फूल

केसर के फूलों और दूध के मिश्रण का प्रयोग करने से बच्चा गोरा पैदा होता है। यह पेट की बदहज़मी को ठीक करने के लिए एक अतिरिक्त परत का सृजन करता है। यह गर्भावस्था के दौरान (kesar in pregnancy) धीमे पड़ चुके हाज़मे को दुरुस्त करने में भी आपकी मदद करता है।

मासिक धर्म की समस्या में केसर का प्रयोग (Saffron for periods)

केसर का प्रयोग अनियमित माहवारी को दूर करने और मासिक धर्म में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए भी किया जाता है. यह मासिक धर्म में देरी की वजह से होने वाली परेशानियों जैसे चिड़चिड़ापन, घबराहट, बेचैनी और दर्द आदि में राहत प्रदान करता है.

केसर के फायदे और सकारात्मक प्रभाव  (Saffron cooling effect in body and mind)

पूजा और यज्ञ आदि के दौरान अक्सर केसर का तिलक लगाने की परम्परा से सभी लोग परिचित हैं. इसका मुख्य कारण यही है कि केसर ठंडक और शांति का अनुभव करने वाला एक प्राकृतिक औषधिय उपहार है. केसर का तिलक भाल पर लगाने से शांति मिलती है और ध्यान मग्न होने में आसानी होती है. अगर आप नियमित रूप से सुबह नहाने के बाद केसर का तिलक करते हैं तो पाएंगे कि चिंता और तनाव आदि व्याधियां आपको कम परेशान कर रही है.

अवसाद दूर करने के लिए लें जाफरान (Saffron benefits in Hindi for Depression)

अगर आप लम्बे समय से अवसाद से ग्रसित हैं तो केसर का सेवन आपके लिए उपयोगी हो सकता है. एक शोध के अनुसार यह बात स्पष्ट की गई है कि केसर में मौजूद कुछ खास घटक अवसाद जैसी बिमारी को दूर करने में मदद करते हैं. इसके लिए आप दूध के साथ केसर या जाफरान का सेवन कर फायदा प्राप्त कर सकते हैं.

केसर के फायदे – हाज़मा (Digestion)

यह रक्त को शरीर के हर हिस्से में सही प्रकार से पहुंचाकर हाज़मा दुरुस्त करता है तथा भूख बढ़ाता है। यह आँतों के ऊपर एक तरह की परत का सृजन करके बदहज़मी को दूर करता है।

पेट का दर्द में केसर के लाभ (Kesar benefits in Hindi – Stomach ache)

गर्भावस्था के दौरान अच्छी डाइट और बचाव उपाय

केसर दूध के उत्पादन में वृद्धि करता है तथा पेट के दर्द की समस्या को भी दूर करता है। इसमें मौजूद एंटी स्पेसमोडिक (anti-spasmodic) तत्व पेट के दर्द को कम करने में काफी फायदेमंद साबित होते हैं।

रक्तचाप (Blood pressure)

दूध में केसर के 3 से 4 दाने डालें। इसका सेवन करने से रक्तचाप में कमी आती है और इस समय महिलाओं के स्वभाव में आ रहे विभिन्न प्रकार के परिवर्तनों को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। इसमें मौजूद मरम्मत के गुण मांसपेशियों को राहत प्रदान करते हैं और इसकी बड़ी खुराक लेने से गर्भाशय को स्वस्थ रखा जा सकता है।

दमकते और गोरे बच्चे के लिए केसर (Saffron for glowing and fairer baby)

गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन करने से बच्चे का रंग गोरा होता है। रोज़ाना गर्म दूध के साथ केसर का सेवन करने से बच्चे के रंग में काफी निखार आता है। बच्चे की रंगत माँ के केसर का सेवन करने पर ही निर्भर करती है। बच्चे का गोरापन माँ बाप के ऊपर निर्भर करता है और पूरी तरह से आनुवांशिक होता है।

केसर के गुण – आँखों की समस्या के दौरान लाभदायक (Helps in eye problem)

केसर आँखों के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है। ऐसा पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन करने से मोतियाबिंद की स्थिति में काफी सुधार होता है और नज़र भी काफी हद तक तेज़ होती है।

किडनी और लिवर की समस्या (Kidney and liver problem)

केसर की महक काफी अच्छी होती है, यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होती है तथा गोरी त्वचा प्राप्त करने में भी यह काफी कारगर साबित होती है। रक्त को शुद्ध करने वाला यह पाउडर लिवर, ब्लैडर (bladder) तथा किडनी की समस्याओं से आपको निजात दिलाता है।

बच्चे का हिलना डुलना (Movement of the baby)

एक गर्भवती महिला गर्भ में अपने बच्चे की हरकतों को केवल 5 महीनों के बाद ही महसूस कर सकती है। अगर वह दूध या भोजन के साथ केसर का सेवन करे, तो इस अहसास में और भी ज़्यादा तथा और भी जल्दी सुधार आ सकता है। यह शरीर की गर्मी में भी काफी वृद्धि करता है, तथा गर्भवती महिलाओं को इस बात की सलाह दी जाती है कि वे इसका ज़्यादा मात्रा में सेवन ना करें, अन्यथा इसके काफी हानिकारक साइड इफेक्ट्स (side effects) हो सकते हैं।