List of foods, fruits & vegetables in Hindi to avoid in diabetes – मधुमेह के दौरान परहेज़ करने वाले फल एवं सब्जियां

जब भी कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा होता है, तो यह विदित है कि उसे कुछ खास भोजन, फल एवं सब्जियों से परहेज़ करना होगा। मधुमेह ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है जिसने विश्व भर के बच्चों एवं वयस्कों के बीच एक महामारी का रूप ले लिया है। जब मधुमेह अनियंत्रित हो जाता है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

इन परिणामों में अंधापन, किडनी (kidney) की बीमारी, दिल की बीमारी एवं अन्य कई समस्याएं शामिल हैं। गलत खानपान से ब्लड शुगर (blood sugar) एवं इन्सुलिन (insulin) के स्तर में वृद्धि होती है। in स्थितियों से सूजन भी हो सकती है। अतः मधुमेह के दौरान खानपान का चयन काफी सावधानी से किया जाना चाहिए।

नीचे ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताए गए हैं जिनसे मधुमेह के दौरान परहेज़ करना चाहिए।

मधुमेह के दौरान परहेज़ करने वाले खाद्य पदार्थ (Foods to avoid in diabetes)

मीठे चीनीयुक्त पेय पदार्थ (Sweetened sugary beverages)

मधुमेह से लड़ने वाले पांच खाद्य पदार्थ

मधुमेह से ग्रस्त रोगियों के लिए काफी मात्रा में चीनीयुक्त पेय पदार्थ काफी गलत चुनाव होते हैं। इन पेय पदार्थों में काफी मात्रा में कार्ब्स (carbs) होते हैं। इनमें काफी मात्रा में फ्रुक्टोज़ (fructose) भी होता है जो इन्सुलिन के प्रतिरोध से जुड़ा हुआ है। इन मीठे पेय पदार्थों के सेवन के बाद लिवर (liver) में चर्बी जम जाने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन पेय पदार्थों में मौजूद फ्रुक्टोज़ की उच्च मात्रा से कई प्रकार के मेटाबोलिक (metabolic) परिवर्तन होते हैं जिसके फलस्वरूप पेट फूलता है। कोलेस्ट्रोल एवं ट्राईग्लिसराइड (cholesterol and triglyceride) का स्तर भी संभावित रूप से हानिकारक हो गया है। सेवन पर इन्सुलिन की प्रतिरोधी क्षमता काफी हद तक बढ़ जाती है। अतः मीठे पेय पदार्थों की बजाय पानी, बिना चीनी वाली आइस टी (ice tea) तथा क्लब सोडा (club soda) पियें।

ट्रांस फैट्स (Trans fats)

ये फैट्स काफी हानिकारक होते हैं। इनकी उत्पत्ति तब होती है जब अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स (unsaturated fatty acids) को अधिक स्थिर बनाने के लिए इनमें हाइड्रोजन (hydrogen) का मिश्रण किया जाता है। ट्रांस फैट्स संतरों, पीनट बटर, क्रीमर्स (peanut butter, creamers), रात के ठन्डे भोजन एवं स्प्रैड्स (spreads) में मौजूद होता है। खाद्य उत्पाद निर्माताओं में इन उत्पादों की उम्र बढ़ाने के लिए मफिन्स, क्रैकर्स (muffins, crackers) एवं अन्य बेक्ड (baked) उत्पादों में इन्हें मिश्रित करने का एक सामान्य चलन है। ये फैट्स ब्लड शुगर का स्तर बढ़ाने के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार नहीं होते। ये सूजन, पेट की चर्बी एवं इन्सुलिन के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके फलस्वरूप धमनियों के कार्य में भी बाधा पड़ती है। ये सब मधुमेह से ग्रस्त रोगी को काफी प्रभावित करता है क्योंकि उन्हें दिल के रोग से ग्रसित होने का खतरा उत्पन्न होता है।

पास्ता, चावल एवं सफ़ेद ब्रेड (Pasta, rice and white bread)

ये प्रोसेस्ड (processed) भोजन हैं जिनका मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को सेवन करना चाहिए। इनका एवं विभिन्न प्रकार के रिफाइंड (refined) आटे से बने भोजन का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है। पास्ता, जो ग्लूटेन (gluten) मुक्त होता है, ब्लड शुगर का स्तर बढ़ाता है। टाइप 2 (type 2) मधुमेह की स्थिति में इनके सेवन मस्तिष्क की कार्यक्षमता कम हो जाती है एवं कई दिमागी समस्याएं सामने आती हैं। इनमें फाइबर (fiber) की काफी कम मात्रा होती है जो रक्त में चीनी सोखने की प्रक्रिया को धीमा करता है।

फलों के फ्लेवर वाला योगर्ट (Yogurt of fruit flavor)

मधुमेह से ग्रस्त मरीज़ सादे योगर्ट का सेवन कर सकते हैं, पर जब बात फ्लेवर वाले योगर्ट की हो तो इनसे परहेज़ करना श्रेयस्कर है। ये फ्लेवर्ड योगर्ट्स कम वसा वाले या वसामुक्त दूध से बने होते हैं, पर इनमें काफी चीनी एवं कार्ब्स (carbs) होते हैं। ऐसे कई लोग हैं जो योगर्ट को आइस क्रीम (ice cream) के मुकाबले स्वास्थ्यकर विकल्प समझते हैं। शुद्ध दूध से बने एवं चीनी रहित योगर्ट का सेवन करें। ये वज़न घटाने, आँतों के स्वास्थ्य एवं भूख लगने में काफी फायदेमंद साबित होते हैं।