Top health benefits of eucalyptus essential oil in hindi – नीलगिरी के तेल के स्वास्थ्य लाभ

युकेलीप्टस (नीलगिरी) का तेल रंगहीन तथा स्वाद में अनूठा होता है। इसमें मौजूद कई गुणों की मदद से यह एक काफी जाना माना तेल है। यह तेल लम्बे और हरे युकेलीप्टस (eucalyptus) के पेड़ की पत्तियों से निकाला जाता है। इसके वैज्ञानिक गुणों की वजह से इसे फीवर ट्री (fever tree), ब्लू गम ट्री (blue gum tree) या स्ट्रिंगी बर्क ट्री (stringy bark tree) के नाम से भी जाना जाता है।

इसमें मौजूद एंटीपासमोडिक (antispasmodic), स्टिम्युलेटिंग (stimulating), जलनरोधी, डिओड्रेंट (deodorant), एंटीसेप्टिक (antiseptic), डीकंजेस्टेन्ट (decongestant), एंटी बैक्टीरियल (antibacterial) और अन्य औषधीय गुणों की वजह से यह एक प्रमुख तेल माना जाता है। नीचे नीलगिरी के उपयोग, युकेलीप्टस के तेल के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ बताये गए हैं।

नीलगिरी के गुण ये अस्थमा से छुटकारा दिलाए नीलगिरी का तेल (Nilgiri oil for asthma)

अस्थमा (relieves asthma) का दौरा पड़ने के दौरान युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल की कुछ बूँदें छाती पर मलने से इस समस्या से छुटकारा मिलता है। आप इस समस्या को दूर करने के लिए युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल को सूंघकर भी आराम प्राप्त कर सकते हैं।

नीलगिरी के तेल के औषधीय गुण ब्रोंकाइटिस के लिए युकेलीप्टस तेल (Nilgiri tel use for bronchitis)

ब्रोंकाइटिस से छुटकारा पाने के लिए युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल को अच्छे से सूंघें या इसे छाती, पीठ तथा गले पर रगडें, और थोड़ा सा तेल अपने कमीज के कॉलर (collar) पर डाल दें।

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अकडन (Congestion) के लिए निलगिरी तेल (Nilgiri oil ke benefits congestion me)

नाक बंद होने की स्थिति में युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल को दो से तीन मिनट तक सूंघें। इस समस्या को काबू में रखने के लिए सारे प्रभावित भागों पर इस तेल से अच्छे से मसाज (massage) करें।

नीलगिरी के तेल के औषधीय गुण शरीर को ठंडक दे नीलगिरी का तेल (Nilgiri tel ke fayde cools our body)

अपने स्प्रे बोतल (spray bottle) में युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल की कुछ बूंदों के साथ थोड़ा सा पुदीने का तेल डालें। इसे सिर्फ अपने शरीर पर अच्छे से छिडकें और शरीर की ठंडक (cools our body) प्राप्त होने का अनुभव करें। इसे फीवर ऑइल (fever oil) भी कहा जाता है, क्योंकि यह बुखार की वजह से शरीर के बढे हुए तापमान को कम करने में मदद करता है।

नीलगिरी के लाभ कफ के लिए नीलगिरी का तेल (Coughs me nilgiri tel ke gun)

कफ की समस्या को दूर करने के लिए युकेलीप्टस के तेल की मालिश छाती, गले, पीठ तथा पैरों के रिफ्लेक्स पॉइंट (reflex points) पर करें।

नीलगिरी के तेल के औषधीय गुण, मधुमेह के लिए नीलगिरी का तेल (Madhumeh (diabetics) me nilgiri tel ke labh)

युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल का रोजाना प्रयोग रक्त के सुचारू रूप से संचार में मदद करता है। रक्त का सही संचार होने से आपको मधुमेह (diabetics) की समस्या नहीं होगी। अपनी हथेलियों पर इस तेल की कुछ बूँदें लें तथा इसे अच्छे से रगड़कर शरीर की अच्छे से मालिश कर लें। अच्छे परिणामों के लिए हर बार नहाने के बाद इस तेल से मालिश करें।

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ट्यूबरक्युलोसिस के लिए नीलगिरी का तेल (Tuberculosis me nilgiri ka tel ke ayurvedic fayde)

युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल में काफी मात्रा में एंटी बैक्टीरियल (antibacterial) तथा एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। यह आपके फेफड़ों की सफाई तथा जलन में कमी करके आपको ट्यूबरक्युलोसिस जैसी घातक बीमारी के लक्षणों से छुटकारा दिलाकर आराम प्रदान करता है। ज़्यादा बेहतर परिणामों के लिए इस तेल का प्रयोग अपनी छाती तथा फेफड़ों के पिछले हिस्सों पर करें।

आंत के कीड़े के लिए नीलगिरी का तेल (Intestinal germs ke liye nilgiri ka tel)

युकेलीप्टस (eucalyptus) का तेल शरीर में , खासकर कोलन (colon) तथा आँतों में  पैदा होने वाले जीवाणुओं, बैक्टीरिया (bacteria) तथा पैरासाइट (parasite) की गतिविधियों की जड़ से रोकधाम करते हैं। युकेलीप्टस के तेल का निरंतर प्रयोग करने से आँतों के जीवाणु ख़त्म हो जाते हैं।

दांतों की देखभाल के लिए नीलगिरी का तेल (Dental care me eucalyptus oil)

ज़्यादातर टूथपेस्ट (tooth pastes), माउथवाश (mouth wash) तथा दांतों के अन्य उत्पाद युकेलीप्टस के तेल से युक्त होते है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह दांतों के प्लाक (plaque), कैविटी (cavity), जिंजिवाइटिस (gingivitis) तथा दांतों के अन्य संक्रमणों पर काफी प्रभावी तरीके से कार्य करता है।

नीलगिरी के लाभ, जुएँ के लिए नीलगिरी का तेल (Lice ke liye nilgiri oil)

युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल का प्रयोग आप सिर से जुएँ दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। जुएँ दूर करने के जो उपचार बाज़ार में उपलब्ध हैं, उनमें मिले केमिकल्स (chemicals) की वजह से ये आपके सिर की त्वचा में अंदर तक जाकर बालों तथा त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जुएँ से ग्रस्त सिर पर युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल के इस्तेमाल से यह समयसा जड़ से समाप्त हो जाती है।

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मांसपेशियों में दर्द के लिए नीलगिरी का तेल (Muscle pain me eucalyptus oil)

युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल से जोड़ों तथा मांसपेशियों पर मालिश करने से दर्द तथा तनाव से काफी हद तक छुटकारा मिलता है। तरल युकेलीप्टस (eucalyptus) का तेल स्वभाव से जलनरोधी तथा दर्दनिवारक (analgesic) होता है, अतः यह उन मरीज़ों के लिए लाभदायक है जो लूम्बेगो (lumbago), गठिया, टेंडन (tendon), दर्द, स्प्रेंड लिगामेंट (sprained ligaments), फाइब्रोसिस (fibrosis) तथा नसों में दर्द से पीड़ित हैं। शरीर के प्रभावित भागों पर गोलाकार मुद्रा में तेल से मालिश करें।

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