How to make eyelash extension look natural – आईलैश एक्सटेंशन को प्राकृतिक दिखाने के तरीके

महिलाएं हमेशा नकली आई लैशेस लगाने में अपना समय नष्ट करना पसंद नहीं करती हैं। आई लैश कर्लर (eyelash curler) से भी वे हमेशा संतुष्ट नहीं रहती। ब्यूटी टिप्स, हाल के समय में आई लैश एक्सटेंशन के इतना प्रचलन में आने के कुछ कारण हैं। अगर आप इनका प्रयोग करने को लेकर थोड़ी शंका में हैं तो आइए आपकी दुविधाएं दूर करें एवं यह दिखाएँ कि आपकी आई लैश कितनी प्राकृतिक लग सकती है।

आईलैश एक्सटेंशन के प्रकार (Types of Eyelash Extensions)

आईलैश एक्सटेंशन के तीन मुख्य प्रकार होते हैं : –

  • सिंथेटिक (Synthetic)
  • सिल्क (Silk)
  • मिंक (Mink)

इसके आकार 6 से 17 मिलीमीटर तक उपलब्ध होते हैं। एक बार जब आपने अपना मनपसंद आकार चुन लिया तो इन्हें एक के बाद एक फॉर्मुलेटेड (formulated) अस्थाई गोंद की सहायता से लगाया जाता है। ये आपकी आँखों को नुकसान नहीं पहुंचती और ना ही आपकी प्राकृतिक पलकों को इनसे कोई हानि होती है। कुछ महिलाओं को इनसे एलर्जी (allergy) अवश्य हो सकती है, इसी वजह से ये गोंद अलग अलग प्रकार के होते हैं और आपको अपने त्वचा की संवेदनशीलता के आधार पर ही इनका चुनाव करना चाहिए।

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जब आप इसे लगाने की प्रक्रिया आरम्भ करते हैं तो इसे सारे आईलैशेस में लगाने में करीब 2 घंटे लग जाते हैं। ये आसानी से एक साल तक चल जाते हैं, हालांकि हर साल इन पर टच अप (touch-ups) की ज़रुरत होती है। आईलैशेस का आधा सेट (set) ज़्यादा किफायती होता है तथा इसका प्रभाव भी एक जैसा ही होता है। ये एक तरह से फिलर (filler) की तरह काम करता है, जो आपके असली आईलैशेस के घनत्व में वृद्धि करता है। आप ज़्यादा आकर्षक दिखने के लिए इन्हें अपनी आँखों के बाहर से भी लगा सकती हैं।

हम सबको अलग अलग प्रकार के आईलैशेस से नवाज़ा गया है। इन्हें ध्यान में तब रखा जाता है, जब पलक विशेषज्ञ आपको अपनी पसंद का आईलैश चुनने के लिए कहते हैं। अपनी असल आईलैश की लम्बाई और मोटाई के अनुरूप आईलैश एक्सटेंशन का चुनाव करने से आँखें बिलकुल स्वस्थ रहती हैं और इससे आईलैश भी बिलकुल प्राकृतिक दिखता है। मान लीजिये कि आपके आईलैश छोटे और पतले हैं, तो इनमें ज़्यादा नाटकीय परिवर्तन नहीं हो सकता। ये टिकेंगे भी नहीं और प्राकृतिक भी नहीं लगेंगे। यही कारण है कि आपको हमेशा पहली बार आधे सेट से ही शुरुआत करनी चाहिए। आपको इस बात का भी स्मरण रहना चाहिए कि लैशेस को हटाना उन्हें लगाने से ज़्यादा कठिन होता है।

आई मेकअप टिप्स आईलैश एक्सटेंशन को प्राकृतिक दिखाने के उपाय (Ways to keep your eyelash extension natural looking)

  • आँखो की सुंदरता, जिस आईलैश के प्रयोग से आपकी आँखें सबसे ज़्यादा प्राकृतिक दिखेंगी, वह है मिंक आईलैशेस। एक्सटेंशन का चुनाव करते समय सबकी अलग अलग पसंद होती है, परन्तु सबसे बेहतरीन प्रभाव इसी आईलैश से प्राप्त किया जा सकता है। मिंक आईलैशेस पंखों की तरह दिखने वाले और काफी हलके होते हैं। ये आपकी असली पलकों पर काफी कम दबाव डालते हैं, पर ये काफी महंगे होते हैं।
  • आईलैश का एक्सटेंशन आँखों की पलकों की बढ़त के चक्र, जो कि 6 से 8 हफ़्तों तक चलता है, के पूरे समय तक टिक जाता है। लेकिन सबकी आँखों की पलकों की बढ़त का समय अलग अलग होता है। इसी वजह से आपको महीने में कम से कम एक बार टच अप अवश्य करवाना चाहिए।
  • आँखो की सुंदरता, हर एक्सटेंशन एक प्राकृतिक पलक से जुड़ा होता है। अगर पलकें गिर जाती हैं तो इसी के साथ एक्सटेंशन भी गिर जाते हैं। यह एक और कारण है कि आपके लिए टच अप करवाना काफी महत्वपूर्ण है।

मोटी आइब्रो कैसे पाएँ?

  • आपका स्टाइलिस्ट (stylist) जितना पेशेवर होगा, आपकी प्रक्रिया उतनी ही बेहतर होगी। जो स्टाइलिस्ट अनुभवी नहीं होते, वे सिंथेटिक आईलैशेस (synthetic eyelashes) का प्रयोग करते हैं, जिससे पलकें चिपककर टूटने लगती हैं। अपनी पलकों को बिलकुल ना छेड़ें, अन्यथा काफी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • आईलैशेस को सही रूप में बरकरार रखने के लिए इन्हें लगाने तथा टच अप के 24 घंटों तक इनपर पानी के प्रयोग से परहेज करें। गोंद के सूखने से पहले ही पानी का प्रयोग करने से गोंद के चिपकने की क्षमता काफी प्रभावित होती है। बाद की देखभाल आपके द्वारा इस्तेमाल किये गए गोंद पर निर्भर करती है। जिन महिलाओं की आँखें संवेदनशील होती हैं, उन्हें उस क्षेत्र में तेल युक्त उत्पादों या मेकअप का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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