Do’s and don’ts of measles – खसरा रोग के लक्षण और उपचार

खसरा (Measles) एक भयानक संक्रमणजनित रोग है जो रोगी के खाँसी या छिंकने मात्र से ही बहुत जल्दी और तेजी से फैल सकता है। खसरे के लक्षण में तेज बुखार, सर्दी जुकाम के साथ खांसी और सूजी हुई आँखें इस रोग के खास लक्षण हैं।

इस इन्फेक्शन के प्रभाव में आने के 4 से 5 दिनों बाद ही आप लक्षणों को भली भांति देख सकते हैं जो चेहरे के साथ पूरे शरीर को प्रभावित कर देता है इसमें शरीर और चेहरे पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं।

इसके और भी नकारात्मक लक्षण होते हैं जिनमें डायरिया, आंशिक या  अस्थाई अंधापन आदि होता है। कभी कभी रोगी निमोनिया का भी शिकार हो जाता है। लगभग 90 प्रतिशत लोगों को एक जगह साथ रहने और रोगी द्वारा संक्रमण की वजह से यह रोग होता है। इसीलिए ज़रूरी है कि जब आप ऐसे लोगों के संपर्क में आए तो उचित सावधानी बरतें।

खसरा रोग का इलाज प्रमुख रूप से कुछ नहीं होता, अगर आप इसके लिए दवा ले भी रहे हैं तो यह मन को तसल्ली देने वाली चीज जैसा होता है। यह खास तौर पर उन बच्चों को होता है जिन्हें खसरे का टीका नहीं लगा हो। और यह रोग उन बच्चों को अपनी चपेट में आसानी से लेता है जिनके शरीर में प्रोटीन A की बहुत कमी होती है। अगर आपको खसरे के लक्षणों के साथ लाल रैश दिखाई दे रहे हैं तो बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएँ और रोग की पुष्टि कर इलाज की व्यवस्था करें।

खसरा रोग का उपचार (Home treatment for measles in Hindi)

  • जब आपको बहुत अधिक मात्रा में लालिमा के साथ रैश दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर खसरा होने के बाद लगाए जाने वाले वैक्सीन को लें। पर ध्यान रहे ये वैक्सीन 72 घंटों के भीतर लगवा लेना ज़रूरी है।
  • इस बात का भी खास ख्याल रखें कि आप जो भी आहार ले रहे हैं उसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन और प्रोटीन हो। एंटीबॉडीज़ के इंजेक्शन लगाने पर 6 दिनों के अंदर रोग के लक्षण बहुत अधिक प्रभावी हो जाते हैं जो बहुत कष्टदायी अनुभव है इसीलिए इसका मुक़ाबला करने और रोग से उबरने के लिए उचित गुणवत्ता का आहार ज़रूरी होता है।
  • डॉक्टर से हाइ फीवर या ज्वर को कम करने के लिए दवाओं की मांग करें।
  • बंद और गर्म कमरे में रहें और उचित आराम लें।
  • खसरे का रोग बहुत संक्रामक और खतरनाक है इसीलिए अपनी चीजें किसी के साथ साझा ना करें। मिर्च मसालेदार और तेल से बनी ना खाएं उयर अपने आस पास सफाई का विशेष ध्यान रखें।

अगर आपको खसरा हुआ है तो इन बातों को नज़रअंदाज करना बेहतर होगा,

  • अगर आपका बच्चा इस रोग से ग्रसित है तो बिना देरी किए इसका उपचार ले। रोग के दौरान लक्षणों जैसे, बुखार, चक्कर आना और देखने में असुविधा से बचने के लिए इलाज की व्यवस्था करें।
  • खसरा होने पर शरीर का तापमान उच्च होने के साथ बहती नाक और गला सूखने का एहसास होता है, इसमें लाल दानें होते हैं जिसमें पानी भरा होता है और इनमें तेज खुजली भी होती है। रैश होने के साथ यह सफ़ेद दाग के रूप में रह जाता है जो मुंह के भीतरी हिस्से तक को प्रभावित कर देते है, अगर ये सभी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज शुरू करें।
  • अपनी निजी इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को किसी अन्य व्यक्ति के साथ ना बांटे। किसी बंद जगह या कमरे में रहें ताकि यह रोग दूसरों तक ना फैल सके।
  • कम से कम एक हफ्ते तक किसी सार्वजनिक स्थानों पर जानें से बचें।
  • अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको रैश की समस्या दिखाई दे रही है तो इसे सामान्य प्रेग्नेंसी रैश ना समझें और इसकी पुष्टि के लिए तुरंत ब्लड टेस्ट करवाएँ।

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर आप खसरे के रोग में थोड़ी राहत पा सकते हैं और इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं।

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