Ideal age of sexual partners difference for men & women – महिलाओं एवं पुरुषों में सम्भोग के आदर्श साथी की उम्र अलग होती है

यह पाया जाता है कि महिलाएं कामुक इच्छाओं के मामले में पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा चयनशील होती हैं। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की अपने साथी के साथ सम्भोग करने की संभावना ज़्यादा होती है। आमतौर पर महिलाएं अपनी उम्र के या खुद से थोड़े ज़्यादा बड़े पुरुषों की इच्छा, यौनेच्छा रखती हैं, वही पुरूष अपनी काम वासना शांत करने के लिए २० से २५ साल की महिलाओं में ज़्यादा रूचि दिखाते हैं।

ख़ास मनोवैज्ञानिक शोध (Recent psychological research)

हाल ही में हुए कुछ क्रांतिकारी मनोवैज्ञानिक शोधों के अनुसार महिलाओं और पुरुषों को खुद की कामुक इच्छाएं पूरी करने के लिए जिस साथी की ज़रुरत पड़ती है उसकी औसत उम्र दोनों के क्षेत्र में काफी अलग है। यह भी पाया गया है कि आमतौर पर महिलाएं जैसा साथी चाहती हैं, करीब वैसा ही साथी पाने में कामयाब भी रहती हैं। तुर्कू, फ़िनलैंड के अबो अकादेमी विश्वविद्यालय में किये गए इस शोध के मुताबिक़ सम्भोग सम्बन्धी मामलों में महिलाओं की पुरूषों के मुकाबले ज़्यादा चलती है। इस शोध को ध्यान में रखते हुए यह कहा जा सकता है कि असल में पुरूषों के काम जीवन के साथ जैसा होता है,ज़्यादातर मामलों में महिलाएं वैसा ही चाहती हैं।

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यौन सुख, अपने साथी की उम्र जानने के लिए किया गया यह शोध वैज्ञानिकों द्वारा १००० फ़िनलैंड वासियों से बातचीत करके उनके अनुभव और इच्छाएं जानकर उस आधार पर किया गया। वे इस नतीजे पर पहुंचे कि महिलाएं अपनी उम्र के या थोड़े ज़्यादा बड़ी उम्र के साथी पसंद करती हैं जबकि ३० वर्ष या उससे ऊपर के मर्द २०-२५ साल की महिलाओं के साथ सम्भोग करना ज़्यादा पसंद करते हैं क्योंकि मर्दों के अनुसार ऐसी महिलाओं के माँ बनने की संभावना बड़ी उम्र की महिलाओं के मुकाबले ज़्यादा होती है। यौनेच्छा, एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जिन पुरूषों की आयु २० से कम होती है वे अपने से बड़ी महिलाओं के साथ सम्भोग करना ज़्यादा पसंद करते हैं।

इसका यह मतलब भी है कि पुराने ज़माने में जो मर्द २० से २५ वर्ष की महिलाओं के साथ सम्भोग करते थे,उनके अन्य मर्दों के मुकाबले ज़्यादा बच्चे होते थे। यह शोध साफ़ दिखाता है कि सम्भोग की स्थिति में आदि काल से ही मर्द एवं औरतों के बीच अपने साथी को लेकर मतभेद रहे हैं।

यहाँ एक बात और गौर करने लायक है कि इस शोध में समलैंगिक सम्भोग या इस तरह की किसी भी क्रिया को शामिल नहीं किया गया है। इस बारे में शोधकर्ता विचार कर रहे हैं कि वे शोध आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण से समलैंगिक संबंधों पर भी शोध कार्य करना चाहेंगे।

यह शोध एक शोध परियोजना-“पैरेंट चाइल्ड इन्सेस्ट :एक्सपेरिमेंटल टेस्ट्स ऑफ़ एवोलुशनरी मैकेनिज्म्स्” का एक भाग है।  यह परियोजना कार्य जॉन ऐन्टफोक,जो कि अबो अकादेमी विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के शोधकर्ता हैं,की देखरेख में संपन्न किया गया।

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