Common sexual transmitted diseases (STD’s) and their symptoms – सामान्य यौन संक्रमित बिमारियां (एसटीडी) और उनके सामान्य लक्षण

यौन संक्रमित बिमारियां आजकल वास्तविकता में सामान्य हो चुकी है चाहे वह पश्चिमी देश हो और चाहे वह एशिया ही क्यों न हो। इन बिमारियों का प्रमुख कारण कई लोगों के साथ सम्बंध बनाना है। अगर यौन सहयोगी का चुनाव करने में सावधान नहीं हैं और किसी के भी साथ यौन सम्बंध बनाने के लिये तैयार हो जाते है तो यौन संक्रमण की सम्भावना और अधिक प्रबल हो सकती है। जिन लोगों में यह एसटीडी बिमारी है उनमें अलग अलग लक्षण दिखायी पड़ते है जैसे शारीरिक प्रस्तुति, प्रतिरोधक क्षमता और कुछ लोगों के जींस औरों से भिन्न हो जाते है। साथ ही कुछ लोगों में एसटीडी के कोई भी लक्षण नहीं दिखायी पड़ते हैं। गुप्त रोगों का इलाज, इसलिये, चिकित्सकीय परीक्षण के साथ जाना आवश्यक हो जाता है और नियमित आधार पर जांच करायें।

यौन संक्रमण बिमारियां (एसटीडी) दूसरे लोगों के साथ यौन सम्बन्ध स्थापित करने के कारण होते हैं। ज़ुकाम और फ्लू के बाद एसटीडी भी पूरे विश्व में फैली हुयी बीमारी है, और हर साल लाखों नये मामले सामने आ रहे हैं। कोई भी किसी अन्य के साथ योनि, गुदा या मुख सेक्स कर रहा है तो उसे यौन संक्रमित बीमारी होने की आशंका है। लोगों को पता ही नहीं चलता है कि उनको एसटीडी की बीमारी हुयी है। गुप्त रोगों का इलाज, प्राय: एसटीडी के रोगी में किसी भी प्रकार के कोई लक्षण नहीं दिखायी पड़ते है। लेकिन यह आपके मूल्यवान स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

यौन संक्रमित बीमारियाँ कई तरह की होती हैं। पर ज़्यादातर लोग इनके लक्षणों से बिलकुल वाकिफ नहीं होते। हम यहाँ ऐसी ही यौन संक्रामक बीमारियों से अवगत होने के बारे में सुझाव देंगे। एक बार जब आपको बीमारियों के लक्षणों के बारे में पता चल जाए तो इलाज की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।

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एस टी डी रोग – क्लेमायडिआ और गोनोर्र्हिआ (Chlamydia and gonorrhea)

क्लेमायडिआ और गोनोर्र्हिआ वायरस के द्वारा होता है। इस बिमारी से पीड़ित व्यक्ति में कोई भी लक्षण दिखायी नहीं पड़ते हैं। अगर लक्षण दिखायी पड़ते है तो वे कुछ दिनों या सप्ताह बाद दिखायी पड़ते हैं। इसके लक्षण है पेशाब के साथ दर्द, पेड़ू में दर्द, योनि क्षेत्र में खुजली, मासिक  धर्म के बीच योनि रक्तस्राव आदि हैं।

एस टी डी रोग – एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) (HPV (Human papillomavirus)

अन्य एसटीडी की भांति इसका भी प्राय: कोई लक्षण नहीं होता हैं, कुछ प्रकार के एचपीवी मस्से का कारण होते हैं। कुछ प्रकार के एचपीवी लोगों में कैंसर का कारण भी बनते हैं।

यौन संक्रमित बीमारियां – सिफलिस (Syphilis)

सिफलिस स्पाइरोकीट नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इसका प्रमुख लक्षण संक्रमण के स्थान पर दर्दरहित फोड़ा, मस्सा या चकत्ता होता है। प्रारम्भिक चरण में सिफलिस का उपचार आसानी से होता है।

यौन संचारित रोग – जेनिटल हर्पिस (Genital herpes)

हर्पिस का सबसे सामान्य लक्षण है पुरुषों और महिलाओं के जननांगों के चारों ओर फोड़ा है। ये फोड़े लाल दाग, फुंसी या फोड़ा के रूप में हो सकता है।

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यौन संक्रमित बीमारियां – एचआईवी संक्रमण (HIV infection)

ह्यूमन इम्यूनोडिफीसियंसी वायरस (एचआईवी) के कारण एक्वायर्ड इम्यूनो डिफीसियंसी सिंड्रोम (एड्स) होता है। एचआईवी तंत्रिका प्रणाली को कमजोर करता है जो एड्स को प्रोत्साहित करता है।

यौन संक्रमित बिमारियों के प्रकार (Types of sexual transmitted disease (STD’s)

यौन रोग – हर्पिस (सिम्प्लक्स) (Herpes (simplex) – yon rog)

  • भूख में कमी
  • घुटनों, चूतड़, निचले पीठ के साथ साथ जांघों में दर्द
  • जांघों, गुदा, चूतड़ और लिंग के आस पास फोड़ा बनना
  • बार बार बुखार होना
  • अच्छा महसूस न करना
  • जीभ, होठ, मसूढ़े और शरीर के अन्य अंगों पर फोड़ा होना।

यौन जनित बीमारी – ट्राइकोमोनाइसिस (Trichomoniasis – gupt rog ka desi ilaj)

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  • हरा योनि स्राव
  • योनि मुख में सूजन
  • मादा जनानांग में सूजन
  • पेशाब करते समय दर्द
  • पीला योनि स्राव

यौन रोग – बैक्टीरियल वैजाइनॉसिस (Bacterial vaginosis – yon rog)

  • अनियमित योनि स्राव
  • पेशाब करते समय दर्द
  • जलन
  • तेज़ दुर्गंध
  • खुजली

म्युकोप्युरुलेंट सर्वाइसाइटिस (एमपीसी) (Mucopurulent cervicitis (MPC)

  • महिला सहयोगी यौन सम्बंध के समय रक्त स्राव करती है।
  • मासिक धर्म के दौरान दाग
  • अनियमित योनि स्राव
  • यौन सम्बंध के दौरान दर्द
  • निचले पेड़ू में दर्द

यौन रोग – स्कैबीज़ (Scabies – gupt rog ka desi ilaj)

  • चूतड़, लिंग, कंधों आदि पर खुजली और चकत्ता
  • त्वचा में छेद
  • सहयोगी के साथ यौन सम्बंध के दौरान असहज रहना

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गुपत रोग उपचार (gupt rog ke upchar) – अपने आपको एसटीडी से कैसे सुरक्षित रखें (How to protect yourself from STDs)

अपने यौन सहयोगी को जानें और अपने यौन सहयोगियों की संख्या को सीमित रखें, कंडोम का उपयोग करें और जोखिम भरे यौन अभ्यासों से अपने आपको बचायें।

सामान्य यौन संक्रामक बीमारियाँ और उनके लक्षण (Common sexual transmitted diseases with symptoms)

गुप्तांग का मस्सा (Genital warts)

आपको त्वचा के ऊपर आए मस्सों के बारे में जानकारी ज़रूर होगी। ये आमतौर पर गुप्तांगों के क्षेत्र में होते हैं। मस्से कई प्रकार के हो सकते हैं। इनमें से कुछ काफी दर्दभरे होते हैं तो वहीँ कई बिल्कुल दर्दरहित होते हैं। गुप्तांगों के ऊपर हुए इन मस्सों की वजह से ग्रीवा के कैंसर (cervical cancer) की भी काफी संभावना रहती है। इनके पैदा होने का मुख्य कारण ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human papilloma virus) है।

लक्षण (Symptoms)

  • काम क्रिया के समय खून का निकलना
  • गुप्तांगों के भाग पर गांठों और त्वचा के रंग या हलके भूरे रंग की सूजन का उभर आना
  • गुप्तांगों के क्षेत्र में खुजली होना
  • मस्सों का गिनती में बढ़ना और फूलगोभी के आकार का हो जाना
  • गुप्तांगों के मस्से आमतौर पर चौड़ाई में 1 मिलीमीटर होते हैं और ये मिलकर काफी बड़े समूह का निर्माण करते हैं।

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गुप्तांगों के जुए (Pubic lice)

गुप्तांगों के जुए एक तरह के परजीवी होते हैं जो काम क्रिया के फलस्वरूप एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने के लिए जाने जाते हैं। अगर दो लोगों के बीच शारीरिक सम्बन्ध बनते हैं, जिनमें से एक व्यक्ति के गुप्तांगों में जुए हों, तो दूसरे व्यक्ति के शरीर में भी ये जुए आसानी से  चले जाएंगे। यह बिस्तरों की चादरों, कपड़े और तौलिये से भी फैलता है। इन जुओं को दूर करने का एक तरीका है। आप ऐसे लोशंस (lotions) का प्रयोग कर सकते हैं जो आपके गुप्तांगों में पल रहे जुओं का खात्मा कर सकती हैं। आप अपने डॉक्टर से इसकी जांच कराकर सही उपचार शुरू करवा सकते हैं।

लक्षण (Symptoms)

  • काफी बेचैनी महसूस करना
  • गुप्तांगों के भाग में काफी चिडचिडापन महसूस करना
  • नितम्बों के भाग या गुप्तांगों के भाग में खुजली का अहसास होना
  • काफी हल्का बुखार
  • गुप्तांगों के बालों पर जुओं की मौजूदगी का अहसास होना

जब गुप्तांगों में जुओं की समस्या पैदा हो जाए तो इसके लक्षणों का पता लगाना मुश्किल होता है। जब 5 दिन गुज़र जाते हैं तो आपको गुप्तांगों की समस्या और लक्षणों का अहसास होता है। पर ऐसे भी कई लोग होते हैं जिन्हें गुप्तांगों के जुए के किसी भी लक्षण का आभास नहीं होता है। उन्हें अचानक ही जुए की समस्या घेर लेती है तथा उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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