Home remedies for nail tumors – नाखून के ट्यूमर लिए घरेलू उपाय

नाखूनों के ट्यूमर को ग्लोमस ट्यूमर भी कहते हैं। यह ट्यूमर नाखूनों के ऊपर अतिरिक्त मांस के रूप में उत्पन्न होता है जिसमें एक द्रव्य भरा होता है। यह उँगलियों के ऊपर या पैरों पर भी पाया जा सकता है। इस ट्यूमर की खोज सन 1877 में होएर ने की थी। नाखूनों की देखभाल, नाखूनों के ट्यूमर से जुडी एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ये ट्यूमर ग्लोमस कोशिकाओं से उत्पन्न नहीं होते हैं। इस ट्यूमर की उत्पत्ति का कारण जानना काफी दिलचस्प है। मानव शरीर रक्त संचार को कम करके आसानी से शरीर के तापमान को नियंत्रित कर सकता है। आप अपने नाखूनों के पास इन नरम कोशिकाओं वाले ट्यूमर पा सकते हैं। आप अब इन ट्यूमरों को शल्य क्रिया की पद्दति द्वारा भी हटा सकते हैं।

नाखूनों के ट्यूमर (nakhun ke rog) के उपचार की विधि (Treatment procedure for nail tumors)

शल्य क्रिया द्वारा ट्यूमर हटा देना इस ट्यूमर के इलाज की सबसे प्रभावी विधि है। नाखूनों की देखभाल, पर क्योंकि यह शल्य प्रक्रिया अन्य शल्य क्रियाओं की तरह ज़्यादा गंभीर नहीं होती, अतः इसे opd या आउट पेशेंट डिपार्टमेंट में भी किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज़ को ज़्यादा चीरफाड़ की आवश्यकता नहीं होती। शल्य चिकित्सक एक छोटा सा ज़ख्म करके ट्यूमर की जड़ को नाखूनों के ट्यूमर के अंदर से निकाल लेते हैं।

सुतला से छुटकारा कैसे पायें?

नाखूनों की परेशानी, ट्यूमर की स्थिति के मुताबिक़ 2 से 6 मिलीमीटर का ज़ख्म किया जाता है। ऐसी स्थिति में नाखूनों की प्लेट काफी कड़ी हो जाती है और उसे निकालना काफी आवश्यक हो जाता है। नाखूनों की प्लेट काफी कड़क होती है जिसे शल्य चिकित्सक एक क्लिपर की सहायता से निकालते हैं। नाखून की देखभाल, आजकल आप नाखूनों के ट्यूमर के सम्बन्धी तरीके और तसवीरें आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप उँगलियों की किसी ऊपरी समस्या के शिकार हैं तो इस उपचार के साथ आपकी नाखूनों की प्लेट भी निकाल दी जाती है। आपको नाखूनों के ट्यूमर के उपचार के दौरान निकाले गए नाखून के बारे में ज़्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उपचार के चार महीने के अंदर ही ये नाखून दुबारा उग आते हैं। एक बार इस समस्या से निपटने के बाद आप अपने सुन्दर नाखून पुनः प्राप्त कर सकते हैं।

कुछ लोगों को बड़े आकार का ग्लोमस ट्यूमर होता है जिसमें कि नाखूनों में कुछ परिवर्तन की आवश्यकता होती है। इस समस्या का उपचार करने वाले बड़े डॉक्टरों के अनुसार यह एक छोटा ट्यूमर होता है जो नाखूनों के पास होता है और ये अलग से नज़र में आता है। नाखूनों की परेशानी, यह ट्यूमर आमतौर पर नाखूनों के नीचे वाले भाग में होता है। कभी कभी लोग अनजाने में नेल कटर द्वारा नाखूनों के नीचे स्थित गुलाबी तंतु को काट देते हैं। अनुभवी शल्य चिकित्सक ट्यूमर से सारा द्रव्य निकाल देते हैं और इस बात का ध्यान रखते हैं कि भविष्य में ये ट्यूमर दुबारा न हो। जैसे ही ये ट्यूमर शल्य क्रिया द्वारा निकाल दिया जाता है, वैसे ही मरीज़ पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है।

नाखून की देखभाल, आज विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि लोगों को बीमारियों के उपचार के बारे में ज़्यादा चिंता करने की आवश्यकता ही महसूस नहीं होती। यहाँ तक कि कैंसर जैसी ठीक न हो सकने वाली बीमारी को पहले स्टेज पर पकड़ में आने की स्थिति में ख़त्म किया जा सकता है। अतः ये काफी आवश्यक है कि आप सही प्रकार की चिकित्सा पद्दति का प्रयोग करें।

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