Hindi remedies to improve sperm count – शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के तरीके

शुक्राणुओं की संख्या कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे पर्यावरण से हुआ प्रदूषण, विषैले ड्रग्स से संपर्क (drugs), धूम्रपान करना,रेडिएशन (radiation), केमिकल (chemical) के संपर्क में आना, भारी धातुओं के संपर्क में आना आदि।

पुरुषों में औसत शुक्राणुओं की मात्रा 120 से 350 मिलियन पर क्यूबिक सेंटीमीटर (million per cubic centimeter) होती है। शुक्राणु की कमी के कारण, शुक्राणुओं की संख्या तब काफी कम मानी जाती है, जब यह 40 मिलियन पर क्यूबिक सेंटीमीटर से भी कम हो जाए।

गर्मी भी एक महत्वपूर्ण कारक है, जो शुक्राणुओं के कम होने का कारण माना जाता है। गर्म पानी से स्नान करना, लम्बे समय तक पानी से भरे टब में आराम करना, लम्बे समय तक कुछ ज्यादा ही चुस्त अंतर्वस्त्र पहनकर समय बिताना आदि से भी शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाने की काफी संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।

शुक्राणु बढ़ाने के लिए केमिकल के संपर्क में आने से बचें (Reduce chemical exposure)

आजकल के दौर में पुरुष आज से 50 वर्ष पहले के पुरुषों की तुलना में शुक्राणुओं की कमी की समस्या से ज्यादा जूझ रहे हैं। केमिकल से ज्यादा संपर्क शुक्राणुओं की कमी का एक महत्वपूर्ण कारण है। ज़ेनोएस्ट्रोजन्स (xenoestrogens), जैसे डाइअॉॉक्सिन, कीटनाशक, प्लास्टिक्स, PCB और कारखानों के प्रदूषक तत्व (dioxin, pesticides, plastics, PCB’s and industrial pollutants) आप पर काफी हानिकारक प्रभाव छोड़ते हैं। ज़ेनोएस्ट्रोजन्स के आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव को दूर करने के लिए नीचे दिए गए नुस्खे अपनाए जा सकते हैं : –

  • खाद्य पदार्थों को जमा करके रखने के लिए प्लास्टिक के पात्रों का प्रयोग ना करें ; प्लास्टिक की बोतलों, बर्तनों तथा ढकने वाली वस्तुओं से भी परहेज करें।

शीघ्रपतन रोकने के घरेलू उपाय

  • शराब और कैफीन (caffeine) का सेवन कम कर दें। अगर आपको प्रभावी परिणाम चाहिए तो इनका सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।
  • क्लोरीन (chlorine) युक्त नल के पानी, क्लोरीन के ब्लीच (bleach) तथा अन्य क्लोरीन युक्त उत्पादों का प्रयोग ना करें। इसके स्थान पर हाइड्रोजन पेरोक्साइड (hydrogen peroxide) का प्रयोग करना ज़्यादा अच्छा विकल्प साबित होगा।
  • शुक्राणु बढ़ाने वाला आहार, आपके लिए चारकोल (charcoal) में उबले, तले तथा भुने हुए खाद्य पदार्थों के सेवन से भी परहेज करना अच्छा साबित होगा।
  • सिर्फ ब्लीच से मुक्त कॉफ़ी फिल्टर्स, नैपकिन्स, पेपर्स और टॉयलेट टिश्यू (coffee filters, napkins, papers and toilet tissue) का प्रयोग करें, जिससे कि आप डाइअॉॉक्सिन के प्रकोप से बच सकें।
  • शुक्राणु बढ़ाने वाला आहार, आपके लिए उन उच्च वसा वाले जानवरों से प्राप्त उत्पादों का प्रयोग करना सही रहता है, जिनमें हॉर्मोन (hormone) होते हैं ,खासतौर पर सामान्य दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों, बीफ, पोर्क और चिकन (beef, pork and chicken) का सेवन कम कर दें।
  • ऐसे भोजन ग्रहण करने का प्रयास करें, जो एंटी ऑक्सीडेंटस (antioxidants) से भरपूर हों। हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, गाजर, गोभी आदि का ज्यादा सेवन करें।

शुक्राणु बढाने के उपाय – स्पर्म काउंट के लिए खानपान सही करें (Improve diet)

शुक्राणु बढाने के उपाय, उर्वरता (fertility) में वृद्धि करने के लिए अपने खानपान में काफी मात्रा में फल, सब्जियों और साबुत अनाज का मिश्रण करें। स्पर्म काउंट के लिए धूम्रपान, तम्बाकू, शराब, चाय, कॉफ़ी तथा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स (refined carbohydrates) से परहेज करने का प्रयास करें। स्पर्म काउंट के लिए अपने वज़न को नियंत्रण में रखें, क्योंकि ज़रुरत से ज्यादा वज़न बढ़ना भी शुक्राणुओं में कमी का एक बड़ा कारण हो सकता है।

शुक्राणु बढ़ाने वाला आहार – शुक्राणु बढ़ाने के लिए रोजाना व्यायाम करें (Exercise regularly)

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने वाले श्रेष्ठ भोजन

हफ्ते में कम से कम 5 दिन करीब 45 मिनट तक व्यायाम करने और खानपान पर नियंत्रण रखने से वज़न को सामान्य स्तर पर रखने में सहायता मिलती है। व्यायाम करने से तनाव काफी घट जाता है और शरीर तथा मस्तिष्क को सुकून प्राप्त होता है।

दूसरी तरफ, ज़रुरत से ज्यादा व्यायाम कर लेने पर अनुर्वरता (infertility) की समस्या उत्पन्न हो जाती है, क्योंकि इससे महिलाओं को अमेनोरिया (amenorrhea) तथा पुरुषों को शुक्राणु कम होने की समस्या घेर लेती हैं।

स्पर्म बढ़ाने के उपाय – शुक्राणु की संख्या के लिए पूरक आहार लें (Take nutritional supplements)

पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए विटामिन सी और जिंक (vitamin C and zinc) का शरीर में संचार होना काफी ज़रूरी है। विटामिन सी शुक्राणुओं को साथ रहने में काफी सहायता करता है और इस तरह फर्टिलिटी में वृद्धि होती है। स्पर्म बढ़ाने के उपाय, रोजाना 100 से 200 मिलीग्राम जिंक का सेवन करने से टेस्टोस्टेरोन (testosterone) के स्तर, शुक्राणुओं की संख्या तथा इनके व्यस्क बन पाने की क्षमता में काफी वृद्धि देखी जाती है। टर्की, ओएस्टर्स, लेग्युम्स, लैंब, नट्स (turkey, oysters, legumes, lamb, nuts) आदि जिंक का काफी अच्छा स्त्रोत होते हैं।

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