Natural home treatment options for ovarian cysts – ओवेरियन सिस्ट की समस्या और प्राकृतिक उपचार

आजकल बहुत सी महिलाओं में प्रजनन की उम्र में ओवरी सिस्ट (Ovarian cyst) की समस्या होना एक आम बात हो गई है जो प्रजनन शक्ति को प्रभावित करती है. यह तरल से भरी हुई थैलियों के समान होती हैं जो अंडाशय या ओवरी में या बाहर मौजूद रहती हैं. ओवरी सिस्ट का इलाज दवाओं के साथ मानसिक रूप से भी किया जाता है.

पूरी दुनिया में आज महिला रोग चिकित्सकों के पास इस समस्या को लेकर अधिकांश महिलाएं पहुँचती दिखाई दे रही हैं. वैसे तो 40 की उम्र पार करने के बाद इस रोग को देखा जाता है लेकीन कम उम्र में भी यह समस्या आजकल आम हो गई है. ओवरी सिस्ट को ऑपरेशन द्वारा ठीक किया जा सकता है लेकिन कुछ सिस्ट बड़े आकार में होते हैं जिसकी वजह से ये ओवरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

ओवरी सिस्ट के प्रकार  (Types of ovarian cysts in Hindi)

ओवरी सिस्ट का प्रमुख कारण हार्मोन का असंतुलन है, इसके अलावा उचित इन्सुलिन स्तर का न होना भी इस समस्या का कारण बनता है. ओवरी सिस्ट मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, फंक्शनल और काम्प्लेक्स

फंक्शनल सिस्ट आम तरह के सिस्ट में आते हैं जो मासिक धर्म से संबंधित होते हैं, कई बार ये सिस्ट अपने आप ही लुप्त हो जाते हैं और कई बार इसे सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है. ये दर्द भरे हो सकते हैं और कई बार जब ये फूटते हैं तो आंतरिक रक्त स्त्राव का कारण भी बनते हैं.

काम्प्लेक्स ओवेरियन सिस्ट एक असामान्य रूप से विकसित होने वाले सिस्ट हैं इनका संबंध मासिक धर्म से नहीं होता. इसका विकास उन जर्म सेल्स (Germ cells) की मदद से होता है जो अंडाशय के उत्तकों में मौजूद होते हैं. इसमें नए ओवेरियन टिश्यू के विकसित होने की सम्भावना भी होती है. इन सभी अलग अलग तरह के सिस्ट के उपचार और उन्हें ठीक करने के लिए लिया जाने वाला इलाज भी अलग अलग तरह का होता है.

ओवेरियन सिस्ट के लक्षण और उपचार हिंदी में (Ovarian cysts symptoms and treatment in Hindi)

अधिकांश महिलाऐं जो ओवेरियन सिस्ट की समस्या का सामना करती हैं उनमें कुछ खास लक्षण एक से देखे जा सकते हैं जिनमें कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं- ओवरी या अंडाशय में दर्द, सूजन, अनियमित मासिक धर्म, मूत्र से संबंधित समस्या, सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव और वजन का बढ़ना.

ओवरी सिस्ट के इलाज में दवाओं द्वारा हार्मोन को संतुलित कर समस्या को ठीक करने की कोशिश की जाती है. इन दवाओं में गर्भनिरोधक दवाओं की मदद से हार्मोन के स्तर को संतुलित किया जाता है.

ओवेरियन सिस्ट के घरेलू इलाज हिंदी में (Natural home treatment option for ovarian cysts)

नेचुरल प्रोजेस्टेरोन (Natural progesterone)

प्रोजेस्टेरोन के प्रभाव की वजह से भी शरीर में सिस्ट का निर्माण होता है. नेचुरल प्रोजेस्टेरोन शरीर में प्रोजेस्टेरोन की मात्रा को संतुलित करने में मदद कर सकता है. प्रकृति में नेचुरल प्रोजेस्टेरोन मौजूद हैं जो सिस्ट को गलाने में मदद करते हैं.

मिल्क थिसल सीड्स (Milk thistle – ovarian cyst home remedy in Hindi)

मिल्क थिसल प्रकृति में मौजूद एक बेहतरीन औषधिय पौधा है जो इस समस्या के उपचार में काम आता है. शरीर में हारमोंस को संतुलित करने के लिए इसकी मदद ली जा सकती है. इसके प्रयोग से लिवर को भी सहायता मिलती है और उसका संचालन और क्रिया विधि बेहतर होती है.

ट्रीबुलस या गोखरू (Tribulus –remedy for ovary cyst in Hindi)

गोखरू भारत में बहुतायत में पाया जाने वाला पौधा है जो बरसात के मौसम में खासकर मैदानी हिस्सों में देखा जा सकता है. इसके कांटेदार फलों से बीज प्राप्त होता है जिसका प्रयोग ओव्ह्यूलेशन की क्रिया को सामान्य करने के लिए किया जाता है. ओवरी सिस्ट में भी इसके प्रयोग से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं.

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