How to prevent cataract formation naturally – मोतियाबिंद से कैसे बचें ?

मोतियाबिंद क्या है? मोतियाबिंद एक बहुत ही आम बीमारी है, पर ऐसे कई प्राकृतिक उपाय हैं जिनकी सलाह और प्रयोग से मोतियाबिन्द को दूर किया जा सकता है। आजकल डॉक्टर्स आइ ड्रॉप की सलाह से इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं और जब स्थिति दवाओं से नियंत्रित नहीं होती तब सर्जरी (surgery) की मदद, मोतियाबिंद ऑपरेशन से इसे दूर कर दृष्टिदोष (visual trouble) जैसी समस्याओं में डाल देते हैं।

मोतियाबिंद से बचाव के प्राकृतिक उपाय (Some visible natural Cataract prevention – motiyabind ke upay)

अधिक मात्रा में सब्जियाँ और संतुलित आहार लें (Balance diet & adding more vegetables in regular diet)

मोतियाबिंद का उपचार, एक उम्र के बाद जब भी लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दरकिनार करने की कोशिश करते हैं तब उन लोगों को हमेशा संतुलित आहार लेने की सलाह  दी जाती है। मोतियाबिंद से बचने के लिए थेरेपिस्ट (Therapist) हमेशा हरी पत्तेदार और बगीचे की ताज़ी सब्जियाँ खाने की सलाह देते हैं।

हरी पालक, चुकंदर, गोभी और बाकी अन्य पत्तेदार सब्जियों के अलावा गाजर और रंगीन शिमला मिर्च खाने की सलाह दी जाती है, इनमे विटामिन सी भरपूर मात्रा में उपस्थित होता है। गाजर के साथ संतरे और अन्य रंगीन फल तथा सब्जियाँ भी बीटा- केरोटीन से भरपूर होती है जो एक ऐसा प्रभावी  विटामिन होता है जो आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है। संतरा और बाकी रंगीन फल तथा सब्जियाँ आँखों व रेटिना की सुरक्षा के लिए पावर बूस्टर (power booster) का काम करता है।

नेत्र दृष्टि बढ़ाने के घरेलू उपचार

बेरी है लाभकारी (Intake of bilberry)

मोतियाबिंद का इलाज, बिलबेरी या ब्लूबेरी में मोतियाबिंद से लड़ने की उच्च क्षमता होती है, यह बात साबित हो चुकी है। औसतन 97% लोग, जो इसका सेवन करते हैं उनमे मोतियाबिंद बनने की प्रक्रिया रूक जाती है। बेरी रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करते हैं। तथा आँखों के वेस्कुलर में रक्त संचार को सपोर्ट करते हैं। इसेकी रोजाना 30 मिलीग्राम से ज़्यादा मात्रा नहीं ली जानी चाहिए। इसमे लगभग 25 प्रतिशत एंथ्रोसीनिडीन होता है जो आँखों के लिए बहुत उपकारी होता है।

मोतियाबिंद का घरेलू इलाज – अंडे और मछली (Consuming fatty fishes & Eggs)

मछली में आवश्यक फैटी एसिड मौजूद होते हैं। जो हमारे शरीर और आँखों के लिए लाभदायक होता है। DHA एक ऐसा प्राइमरी ओमेगा 3 फैटी एसिड है जो मछली के माध्यम से पोषक तत्वों के रूप में एकत्र होकर हमारे शरीर और खासकर आँखों की रेटिना की सुरक्षा करता है।

घरेलू उपचार में आँखों के संक्रमण से बचाव के लिए अंडों का प्रयोग भी किया जा सकता है, इसमे भी DHA मौजूद होता है जिसे हमारा शरीर सब्जियों की तुलना में ज़्यादा जल्दी अवशोषित कर लेता है क्योंकि अंडों में भी फैट मौजूद होता है। तो अगर आप सुबह और शाम के नाश्ते में अंडे ले रहें हैं तो समझ लीजिये की आप अपने आँखों की सुरक्षा और मोतियाबिंद से बचाव कर रहें हैं।

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खाएं ताज़ा और हरा (Garden fresh fruits)

सब्जियों के साथ ताज़े फल और विशेषकर एवोकेडो (avocados) लेना चाहिए। इन्हे आम बोलचाल की भाषा में “माखनफल” भी कहा जाता है। जो आँखों के पोषण के लिए केरोटेनोइड (carotenoid), विटामिन E,C  और बीटा केरोटीन(Beta carotene) से भरपूर होते हैं।

बीज और गिरियाँ (Seeds and nuts – motiyabind ka ilaj)

आँखों के लाल होने की समस्या को ठीक करने के उपाय

विटामिन ई आँखों की कोशिकाओं (cells) की रक्षा करता है। बीज(seed) और नट्स(nuts) में विटामिन ई भरे होते हैं इसीलिए इनके सेवन से आँखों को पोषण मिलता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, अखरोट और पिस्ता आँखों को देने वाले पोषण तत्वों का महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं क्योंकि इनमें  भी ओमेगा 3(omega-3)  और फैटी एसिड (fatty acid) की उच्च मात्रा होती है।

सप्लिमेंट्स भी हैं ज़रूरी (Vitamin A and C supplements)

ऐसे लोग जो मोतियाबिंद की समस्या से बचना चाहते हैं तो वे अपने लिए विटामिन ए और विटामिन सी के सप्लीमेंट्स (supplements) अपना सकते हैं। इन तत्वों के सेवन से शरीर आँख संबंधी रोगों से बचाव के लिए बेहतर ढंग से काम करता है। पर ऐसे लोगों को इन सप्लीमेंट्स की उचित मात्रा और खुराक लेने के लिए डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करना होगा।

बुरी आदतें छोड़ें (Quite smoking and reduce alcohol)

मोतियाबिंद से प्राकृतिक रूप से बचाव के लिय स्वस्थ दिनचर्या की सलाह दी जाती है। इसमे संतुलित आहार के साथ उचित विटामिन्स लेने चाहिए। इन सब के अलावा यह भी ज़रूरी है कि अगर आप शराब या सिगरेट का सेवन कर रहें हैं तो इन्हे कम कर धीरे धीरे छोड़ दें। अल्कोहल (alcohol) का सेवन भी मोतियाबिंद कि संभावना का बड़ा कारण हो सकता है। अतः इन बुरी लतों को त्याग देना ही स्वास्थ्य कि दृष्टी से लाभदायक होता है।

नियमित हो आँखों की जांच (Regular eye check up)

नियमित स्वास्थ्य संबंधी जांच के साथ ही साथ नियमित आँखों की जांच भी महत्वपूर्ण होती है। लोग अपनी अन्य सभी जाँचों के लिए नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाते हैं इसी तरह आँखों की सेहत के लिए भी हमे हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

सन ग्लास पहने या नहीं? (Wearing and non wearing sunglasses)

आँखों की खुजली की घरेलू चिकित्सा

आजकल लोग साफ देखने और आँखों की अल्ट्रा वाइलेट (ultra violate) किरणों से सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (sunglasses) पहनते हैं। पर इनको लगातार पहने रहने से आँखों तक रोशनी नहीं पहुँच पाती  और आँखों को सही पोषण नहीं मिल पाता। वहीं दूसरी तरफ यह सूर्य की तेज़ किरणों से बचने के लिए भी जरूरी होता है तो ध्यान रखें और आवश्यकता के अनुसार इसका प्रयोग करें क्योंकि सूर्य की किरणों में  भी ऐसे एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) होते हैं जो आँखों की सुरक्षा का काम करते हैं।

ये सब मोतियाबिंद से बचाव व रोकथाम के सबसे उपयोगी तथा महत्वपूर्ण उपाय हैं जो 100 प्रतिशत प्राकृतिक (Natural) और एक बड़ी संख्या में अधिक उम्र वाले लोगों द्वारा सिद्ध किए गए हैं। इन प्राकृतिक स्रोतों के संतुलित सेवन और सलाह से मोतियाबिंद से बचाव संभव है।

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