Best estrogen rich foods – प्रकृति का सबसे अच्छा एस्ट्रोजेन युक्त भोजन

एस्ट्रोजन ज्यादातर महिलाओं के हार्मोन के रूप में जाना जाता है यद्यपि इसकी थोड़ी मात्रा पुरुषों में भी पायी जाती है। यह तीन यौगिको का मिश्रण है: एस्ट्रोन, एस्ट्राडीऑल और एस्ट्रिऑल। स्वस्थ रहने के लिये पुरुषों और महिलाओं दोनों को इसकी आवश्यकता होती है। जिन लोगों को एस्ट्रोजेन की आवश्यक मात्रा की कमी होती है वे इसे निश्चित खाद्यों से प्राप्त कर सकते हैं।

एस्ट्रोजन प्रजनन प्रणाली और मासिक धर्म चक्र के संतुलन में प्रमुख है। यह हृदय के सही ढ़ंग से कार्य करने, हड्डी, मांसपेशी, रक्त वाहिकाओं, स्वास्थ्य  और त्वचा के लिये आवश्यक है। ऊपर बताये कारणों के कारण एस्ट्रोजेन की अपर्याप्त मात्रा के साथ महिलायें कई बिमारियों का सामना करती हैं।

सन का बीज (Flax seeds for soluble fiber in your body)

सन के बीज में फाइटोएस्ट्रोजेन कि उच्च मात्रा होती है। लगभग 100 ग्राम सन के बीज में फाइटोएस्ट्रोजेन की लगभग 379,380 माइक्रोग्राम मात्रा शामिल होती है। ये लिंगन और घुलनशील फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। शरीर द्वारा फाइटोएस्ट्रोजेन की प्रक्रिया में घुलनशील फाइबर प्रमुख है। एस्ट्रोजन के गुण, सन का बीज फाइटोएस्ट्रोजेन को शामिल करता है जब यह पाउडर, पिसे आटे या साबुत अनाज के रूप में रहता है। लेकिन सन के बीज का तेल का ऊपर बताये गये रूप से कोई मुकाबला नहीं है क्योंकि इसमें घुलनशील फाइबर नहीं शामिल होता है।

अच्छा खाना जो आपके मस्तिष्क शक्ति को बढ़ाये

सूखे फल श्रेष्ठ एस्ट्रोजन खाद्य पदार्थ होते हैं (Dried fruits are the best estrogen food)

सूखे फल जैसे सूखी खुबानी, खजूर और प्रूनस (prunes) आपके शरीर के एस्ट्रोजन के स्तर को बेहतरीन रूप से नियंत्रित करते हैं। यह एक स्वास्थ्यवर्धक भोजन है जो मीठा होने की वजह से आपको अस्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करने से रोकता है और इसे चबाना पड़ता है, जिससे शरीर में फाइबर (fiber) की मात्रा में भी वृद्धि होती है। सूखे फलों में फाइटोएस्ट्रोजेन्स (phytoestrogenes) होते हैं, जो शरीर के द्वारा एस्ट्रोजन पैदा करने की प्रक्रिया की नक़ल करते हैं। यह शरीर में एस्ट्रोजन की किसी भी प्रकार की कमी को पूरा करता है और उसी तरह का प्रभाव पैदा करता है, जैसा शरीर में अतिरिक्त एस्ट्रोजन का उत्पादन होने से होता है। सूखे फल विटामिन्स (vitamins) और पोषक पदार्थों से भरपूर होते हैं तथा आपको पूरी तरह से तरोताज़ा रखते हैं। ये फल वसंत ऋतु में सबसे अच्छे मिलते हैं।

एस्ट्रोजन के लिए फाइबर युक्त तिल के बीज (Sesame seeds with fiber content best of estrogen)

तिल के बीजों में फाइटोएस्ट्रोजन पाए जाते हैं। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और खनिज पदार्थों का भी काफी बड़ा स्त्रोत होते हैं। एक चम्मच तिल के बीजों का सेवन करने से आपके प्रतिदिन के आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम (iron, magnesium, and calcium) की ज़रूरी खुराक के 10 वें हिस्से की भरपाई होती है। इसके अलावा हमारे शरीर में फाइबर की रोज़ाना खुराक का 4 % भी तिल से पूरा हो सकता है।

एस्ट्रोजन युक्त भोजन – काबुली चना (Foods rich in estrogen are chickpeas)

काबुली चने फाइटोएस्ट्रोजन का काफी अच्छा स्त्रोत होते हैं। अगर आप इनके स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं तो इन्हें खाद्य पदार्थों, मसालों और सीजनिंग (seasonings) के साथ मिश्रित करें। काबुली चने फाइबर और प्रोटीन (protein) से भरपूर होते हैं। ये आपके मांस के सेवन को कम करते हैं और इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन की वजह से आपका पेट भी भरा हुआ रहता है।

बालों के लिए पौष्टिक खाना और हेयर पैक

मटर में मौजूद एस्ट्रोजन के स्तर से शक्ति बढ़ाएं (Peas that boost your energy with estrogen level)

मटर का सेवन करके आप आसानी से अपने शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा में वृद्धि कर सकते हैं। यह फाइटोएस्ट्रोजेंस का काफी अच्छा स्तर होता है एस्ट्रोजन युक्त ऐसे कई खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनमें कई प्रकार के खनिज पदार्थ जैसे मैग्नीशियम, आयरन और पोटैशियम (potassium) तथा कई बार प्रोटीन भी होते हैं। मटर फाइबर से भरपूर तथा विटामिन सी (Vitamin C) के अच्छे स्त्रोत होते हैं। ये आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने के साथ ही शरीर में फाइटोएस्ट्रोजन की मात्रा भी बढ़ाते हैं। इससे आपका शरीर तंदुरुस्त रहता है और रजोनिवृत्ति तथा इसके बाद की अवश्था के काफी कम लक्षणों का आपको शिकार होना पड़ता है।

कम कोलेस्ट्रॉल वाले बीन्स एस्ट्रोजन के लिए अच्छे (Beans with lower cholesterol good for health in estrogen)

बीन्स उच्च फाइबर की मात्रा वाले खाद्य पदार्थ होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता भी रखते हैं। यह फाइटोएस्ट्रोजेंस की मात्रा से भरपूर होता है। बीन्स फाइबर और प्रोटीन की मात्रा से भी युक्त होता है और मांसरहित मुख्य खाद्य पदार्थ है। ये ऐसे बने होते हैं कि इनका सेवन करके आपका पेट भर जाता है और ये आपके शरीर द्वारा धीरे धीरे हज़म किये जाते हैं। मधुमेह के रोगियों के लिए बीन्स कार्बोहायड्रेट (carbohydrate) का विकल्प प्रदान करते हैं तथा रक्त में ग्लूकोस (glucose) की मात्रा को नियंत्रित रखना चाहने वालों के लिए भी यह काफी फायदेमंद होता है।

विटामिन K2 : तथ्य, भोजन तथा कमी के कारण एवं लक्षण

सोयाबीन और सोयाबीन उत्पाद (Soybeans and soybean products)

सन बीज के बाद, सोयाबीन फाइटोएस्ट्रोजेन अच्छी मात्रा का द्वितीय प्रमुख स्रोत है। सोयाबीन और सोयाबीन शामिल उत्पाद जैसे सोया दही और टोफू में उच्च मात्रा में फ्लेवोनॉयड्स पाया जाता है। सोयाबीन प्रति 100 ग्राम में फाइटोएस्ट्रोजेन का लगभग 103,920 माइक्रोग्राम मात्रा को शामिल करता है जबकि टोफू प्रति 100 ग्राम 27,150 माइक्रोग्राम उपलब्ध कराता है और सोया दही प्रति 100 ग्राम लगभग 10,275 माइक्रोग्राम फाइटोएस्ट्रोजेन की मात्रा को उपलब्ध कराता है। इस प्रकार सोयाबीन और टोफू, सोया दही की तुलना में फाइटोएस्ट्रोजेन की अधिक मात्रा को उपलब्ध कराता है।

फाइटोएस्ट्रोजेन के अन्य खाद्य नीचे सूचीबद्ध हैं (Other food sources of phytoestrogens are listed below)

सन के बीज और सोयाबीन के अतिरिक्त ऐसे कई अन्य खाद्य उत्पाद है जिनमें फाइटोएस्ट्रोजेन की अच्छी मात्रा पायी जाती है। इसे आप नट, अनाज, अंकुर, बीज और फलियों से प्राप्त कर सकते हैं जो फाइटोएस्ट्रोजेन के अच्छे स्रोत हैं।

एस्ट्रोजन के फायदे, तिल बीज के प्रति 50 ग्राम में फाइटोएस्ट्रोजेन का लगभग 4004 माइक्रोग्राम मात्रा पायी जाती है। कई अनाजों से बनी रोटी में प्रति 100 ग्राम में 4798 माइक्रोग्राम होता है, हूमस में 993 माइक्रोग्राम प्रति 100 ग्राम और लहसुन में 603 माइक्रोग्राम प्रति 100 ग्राम होता है। ये सभी फाइटोएस्ट्रोजेन की उच्च मात्रा के अन्य प्रमुख स्रोत हैं।

उम्रदराज लोगों के लिए अच्छे पाचक एवं पोषक भोजन

कई फल जैसे ब्लूबेरी, चेरी, छुहारा, सेब, प्लम और पपीता फाइटोएस्ट्रोजेन का प्रमुख स्रोत है और सब्जियां जैसे: बीट, खीरा, बैगन, अरूई, जैतून, आलू, टमाटर, मिर्च और गाजर फाइटोएस्ट्रोजेन की अच्छी मात्रा को शामिल करता है। जई, हॉप्स, चावल और गेंहू फाइटोएस्ट्रोजेन का मुख्य स्रोत है। एस्ट्रोजन के लाभ, जब आप बीन की ओर जाते है तो सोयाबीन, काली-आंख मटर,विभाजित मटर, काबुली चना, लाल राजमा मिलते हैं। सन का बीज, अल्फल्फा, सौंफ और सूर्यमुखी के बीज फाइटोएस्ट्रोजेन का अच्छा स्रोत है। सूखे और ताजे जड़ियां और मसाले जैसे सौंफ बीज, लाल तिपतिया, अजमोद, अजवायन, ,हल्दी आदि में भी फाइटोएस्ट्रोजन पाया जाता है। इन जड़ी बूटियों के सेवन से आपके शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर में सुधार करने में मदद मिलती है।

अपने आहर में बताये गये कुछ खाद्य उत्पादों को शामिल करें। महिलायें, जिन्होंने अपने आहार में बताये गये खाद्यों को शामिल किया उन्हें बहुत आराम मिला और मासिकधर्म रुकने के पूर्व लक्षणों में कमी भी आयी है।