Importance of iodine for health – शरीर के लिए आयोडीन का महत्व

आयोडीन एक ट्रेस मिनरल (trace mineral) होता है जो मानव शरीर की बढ़त तथा विकास में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोडीन का एक बड़ा फायदा यह है कि यह थाइरोइड ग्रंथियों (thyroid gland) की सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। ये ग्रन्थियां थाइरोइड के हॉर्मोन्स (hormones) छोड़ती हैं, जिससे शरीर का बेस मेटाबोलिक स्तर (base metabolic rate) नियंत्रण में रहता है।

चयापचय का स्तर (Metabolic rate me iodine ke labh)

थाइरोइड ग्रंथियों के सुचारू रूप से चलने के लिए आयोडीन काफी आवश्यक है। आयोडीन के लाभ,यह उन हॉर्मोन्स के विकास में मदद करता है, जिनका काम शरीर के मेटाबॉलिक स्तर (metabolic rate) को नियंत्रित करना है। मेटाबोलिक स्तर शरीर के कई अंगों की कार्यशीलता को प्रभावित करता है तथा खाने को पचाने, भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने तथा सोने के चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोडीन की कमी से थाइरोइड ग्रंथियों के सुचारू रूप से चलना प्रभावित हो जाता है।

शरीर के सही मेटाबोलिक स्तर को बरकरार रखने में थाइरॉक्सिन तथा ट्रायोडोथाइरोनिन (thyroxin and triodothyronine) नामक हॉर्मोन्स, जिनका उत्पादन थाइरोइड ग्रंथियों से होता है, हमारी सहायता करते हैं। ये हमारे दिल की धड़कनों, शरीर के वज़न तथा रक्तचाप (blood pressure)को भी प्रभावित करते हैं। अतः इन हॉर्मोन्स का उत्पादन जारी रखने के लिए हमें थाइरोइड ग्रंथियों की ओर ध्यान देना चाहिए।

कैंसर की रोकथाम (Cancer prevention hai iodine ke gun)

करी पत्ते खाने के स्वास्थ्य लाभ

आयोडीन का एक और महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यह अपने एंटी कैनसिनोजेनिक गुणों की वजह से शरीर को कैंसर से बचाता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि शरीर में आयोडीन का संचार करने पर कैंसर की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। इसके अलावा इससे प्रभावित कोशिकाओं ख़त्म हो जाती हैं और इनकी जगह स्वस्थ कोशिकाएं ले लेती हैं।

आयोडीन के गुण प्रजनन प्रणाली के लिए (Reproductive system)

प्रजनन अंगों की बढ़त में आयोडीन काफी बड़ी भूमिका निभाता है। गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक आयोडीन के सेवन की सलाह दी जाती है, जिससे वे आयोडीन की कमी से मृत बच्चे के जन्म या फिर बच्चों में बौनेपन की समस्या से बच सकें। आयोडीन सही प्रकार से बढ़त और शरीर की अन्य गतिविधियों में भी मदद करता है। इसके साथ ही यह आपकी सुनने तथा बोलने की क्षमता में भी काफी वृद्धि करता है।

गर्भवती महिलाओं को आयोडीन के सेवन का महत्त्व समझना चाहिए। एक सामान्य व्यक्ति के मुकाबले गर्भवती महिलाएं एक दिन में शरीर से ज़्यादा आयोडीन खोती हैं। इससे उनके शरीर में आयोडीन की कमी हो जाती है।

शरीर की ऊर्जा का स्तर (Energy levels)

शरीर में ऊर्जा का स्तर ऊंचा रखने में आयोडीन आपकी काफी मदद करता है। आयोडीन युक्त नमक,यह शरीर के अतिरिक्त वज़न का प्रयोग करता है और इन्हें शरीर की अतिरिक्त चर्बी के रूप में लगे रहने से रोकता है।

आयोडीन के फायदे हाइपोथाइरॉइडिस्म में (Hypothyroidism me iodine ke fayde)

यह एक ऐसी समस्या है जिसमें थाइरोइड ग्रन्थियां कार्य नहीं करती। इसके अंतर्गत शरीर में केमिकल (chemical) की मात्राओं के नियंत्रण खो देने की वजह से शरीर की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित होती है। हाइपोथाइरॉइडिस्म होने का एक और बड़ा कारण सामान्य से अधिक वज़न है। वैसे तो हाइपोथाइरॉइडिस्म आयोडीन की कमी के अलावा भी अन्य कई कारणों से होता है, आपके लिए सही यह रहेगा कि आप हॉर्मोन्स की क्रियाशीलता (hormonal activities) बढ़ाने तथा शरीर से अतिरिक्त कैलोरीज (calories) कम करने के लिए आयोडीन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें।

लहसुन के स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे/गुण

स्वस्थ नाखून, त्वचा और बाल (Healthy nailsskin and hair)

आयोडीन के लाभ,आयोडीन का एक और फायदा यह है कि यह नाखूनों, त्वचा, बाल तथा दांतों की स्वस्थ रूप से बढ़त सुनिश्चित करता है। यह बालों के लिए काफी ज़रूरी तत्वों में से एक है। आयोडीन की कमी से बालों के झड़ने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। आयोडीन युक्त नमक,यह बालों की बढ़त में आपका साथ देता है तथा बालों के फॉलिकल्स (hair follicles) की शक्ति को बढ़ाता है।

विषैले केमिकल्स को शरीर से बाहर करे (Flushes toxic chemicals)

आयोडीन के लाभ,आयोडीन में शरीर के हानिकारक केमिकल्स जैसे फ्लोराइड, मर्क्युरी, लीड तथा जैविक टॉक्सिन्स (fluoride, mercury, lead and biological toxins) निकालने की काबिलियत होती है। एक्स्ट्राथाइरॉइडल आयोडीन (extrathyroidal iodine) में एंटी बैक्टीरियल गुण (antibacterial properties) होते हैं जो कि हेलिओबैक्टर पाइलोरी (heliobacter pylori) को समाप्त करने का कार्य करते हैं। यह एक तरह का बैक्टीरियल संक्रमण (bacterial infection) होता है जिससे पेट की समस्याएं और गैस्ट्रिक कैंसर (gastric cancer) भी हो सकता है।

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