Potassium rich food sources – पोटैशियम से भरपूर आहार के स्त्रोत – शरीर में पोटैशियम की कमी के लक्षण

कुछ ख़ास खनिज और विटामिन्स (vitamins) हमारे शरीर की बढ़त और विकास के लिए काफी ज़रूरी होते हैं। पोटैशियम भी ऐसा ही एक खनिज है, जिसका हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में रहना काफी आवश्यक है। ज़्यादातर लोगों की यह आदत है कि वे अपने खानपान में सोडियम (sodium) की तो पर्याप्त मात्रा लेते हैं, पर पोटैशियम का सही सेवन नहीं करते। सोडियम का अत्याधिक इस्तेमाल करना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह उच्च रक्तचाप (high blood pressure) को जन्म देता है। अगर आप अपने खानपान में सोडियम को कम कर सकें, तो कई प्रकार की दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे। दूसरी तरफ पोटैशियम एक बेहतरीन खनिज है, जो हमारे शरीर और रक्त की शिराओं को ऑक्सीडेटिव हानि (oxidative damage) से बचाता है। परन्तु पोटैशियम का भी ज़रुरत से ज़्यादा सेवन शरीर के लिए हानिकारक होता है। अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पोटैशियम का सेवन करें।

पोटैशियम हमारे शरीर में प्रयुक्त होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है। यह मांसपेशियों एवं ह्रदय के सुचारू रूप से कार्य करने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है।

पोटेशियम के स्रोत, शरीर में पोटेशियम की आवश्यकता के कारण (Why potassium required for us)

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हमारे शरीर को रोज़ाना 2600 मिलीग्राम पोटैशियम की आवश्यकता होती है। पोटेशियम रक्तचाप, हड्डियों के स्वास्थ्य, दिल के सुचारू रूप से काम करने और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। अगर आपके शरीर में पोटैशियम की कमी है तो ऊपर दी गई समस्याओं में से आप किसी के भी शिकार हो सकते हैं।

पोटेशियम की कमी, पोटैशियम की कमी के लक्षण (Symptoms of potassium deficiency)

क्योंकि आपके शरीर में हर प्रकार के खनिजों का पर्याप्त मात्रा में होना आवश्यक है, किसी भी एक की कमी होने पर कुछ लक्षण दिखाई पड़ते हैं। अगर आपके शरीर में पोटैशियम ना के बराबर या बिलकुल भी नहीं है, तो नीचे दिए गए लक्षण आपको भी दिखाई दे सकते हैं।

  • शरीर में पानी की कमी होने के साथ काफी पसीना निकलना
  • हाथ और पैरों का सुन्न होना या गुदगुदी होना
  • दिल की धड़कनों में असमानता या घबराहट होना
  • शरीर में निरन्तर थकान और कमज़ोरी का भाव रहना
  • मतिभ्रम या काल्पनिक निशानियाँ महसूस करना
  • उल्टी या मतली
  • काफी ज़्यादा प्यास लगना
  • हर बार काफी मूत्र निकलना और मूत्र विसर्जन के अंतराल में बढ़ोत्तरी होना
  • रक्तचाप का कम होना
  • बेहोशी का भाव
  • काफी लम्बे समय तक चिंता में रहना।

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पोटेशियम के गुण, पोटैशियम युक्त भोजन (Potassium rich foods)

पोटैशियम के फायदे, केले पोटैशियम के सबसे उम्दा स्त्रोत होते हैं तथा इनमें काफी मात्रा में पोटैशियम होता है। केले के अलावा अन्य ऐसे उत्पाद भी हैं जिनमें काफी मात्रा में पोटैशियम होता है। नीचे कुछ पोटैशियम युक्त भोजनों के नाम दिए जा रहे हैं।

पोटैशियम के फायदे, टमाटर, केले, मधुरस, खरबूजा, दूध, संतरा, पालक, दही, बीन्स, सूखे बेर, खजूर, खूबानी, किशमिश आदि पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ हैं।

पोटेशियम के लाभ, खाने में पोटैशियम की मात्रा आपको स्वस्थ बनाती है तथा इसमें मौजूद खनिज तत्व आपके मांसपेशियों के विकास के लिए काफी हितकर होते हैं। पोटेशियम के लाभ, खाने में अन्य खनिज जैसे जिंक एवं सोडियम की मात्रा भी लें क्योंकि ये भी शरीर के लिए सर्वथा उपयोगी होते हैं।

बीट के पत्ते (Beet leaves)

आमतौर पर लोग बीट की जड़ का सेवन करते हैं, और इसके पत्तों वाले भाग को, जो कि ज़मीन के ऊपर उगता है, किसी कूड़े के डिब्बे में फेंक दिया जाता है। पर शायद आपको इस बात का अहसास नहीं है कि बीट के जड़ की यह पत्तियां पोटैशियम का काफी बेहतरीन स्त्रोत होती हैं। इनका स्वाद थोड़ा सा कड़वा अवश्य होता है, पर ये काफी चमत्कारी रूप से आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants) भी होते हैं, तथा आप इनका पकाकर या कच्चे रूप में भी सेवन कर सकते हैं।

दही (Yogurt)

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आप अपने खानपान में पोटैशियम की सही मात्रा बनाए रखने के लिए दही घर पर भी बना सकते हैं, या फिर किसी दुग्ध उत्पाद की दुकान से इसे खरीदकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। यह एक कम वसा वाला दुग्ध उत्पाद है, जिसका स्वाद थोड़ा चटपटा सा होता है। दही खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह असली हो, जो कि खट्टा होता है। बाज़ार में ऐसी दही भी पाई जाती है जिसका स्वाद मीठा होता है, पर ये ज़्यादा स्वास्थ्यकर नहीं होती तथा इसमें पोटैशियम की मात्रा भी काफी कम होती है। आप अब दही का भी उसी तरह सेवन कर सकते हैं, जिस तरह आप कप आइस क्रीम (cup ice cream) का सेवन करते हैं। वैकल्पिक तौर पर आप इसे अपने सलाद में शामिल कर सकते हैं, या फिर ब्रेड (bread) के साथ मिश्रित करके सैंडविच (sandwich) भी बना सकते हैं।

सूखे बेर (Prunes)

आप इस फल को फलों की उस दुकान में प्राप्त कर सकते हैं, जहां चेरी (cherry), सूखे आलूबुखारे और अन्य प्रकार के सूखे फल मिलते हैं। अपनी हड्डियों को मज़बूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए आप अन्य भोजनों के साथ इसका निरन्तर रूप से सेवन कर सकते हैं। क्योंकि इसमें पोटैशियम की काफी अच्छी मात्रा होती है, अतः अपने दांतों और हड्डियों को मज़बूती प्रदान करना इसके माध्यम से संभव है। एक शोध के अंतर्गत एक महिला को सूखे सेब और दूसरी को सूखे बेर खाने को दिए गए। ऐसा पाया गया कि बेर खाने वाली महिला की हड्डियां सेब खाने वाली महिला की हड्डियों से ज़्यादा मज़बूत हो गयी।

गुड़ (Molasses)

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गुड़ एक काफी स्वास्थ्यकर विकल्प है और यह बिलकुल शहद की तरह प्रतीत होता है। इसे चीनी के एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर भी देखा जाता है। अगर स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो यह चीनी से ज़्यादा लाभदायक है और इसमें पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जिन लोगों के शरीर में कैल्शियम और आयरन (calcium and iron) की कमी होती है, वे आसानी से गुड़ का सेवन करके इस कमी को दूर कर सकते हैं। यह भोजन का एक स्वास्थ्यकर विकल्प है, जिसका स्वाद मीठा होता है तथा जिसमें कई तरह के स्वास्थ्य गुण भी होते हैं।

सोयाबीन (Soybeans)

आप बाज़ार में दो तरह के सोयाबीन प्राप्त कर सकते हैं। एक कच्चा और बिना किसी प्रक्रिया से गुज़रा हुआ होता है, जबकि दूसरा प्रोसेस्ड (processed) और डिब्बाबंद होता है। ये दोनों ही स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होते हैं, परन्तु बिना किसी प्रक्रिया से गुज़रा हुआ कच्चा सोयाबीन आपके लिए ज़्यादा फायदेमंद साबित होता है। अगर आप आधा कप पके हुए सोयाबीन का सेवन कर सकें तो इससे करीब 500 मिलीग्राम पोटैशियम की आवश्यकता पूरी हो जाएगी, जो कि शरीर के लिए काफी ज़रूरी भी है।

सफ़ेद बीन्स (White beans)

वैसे तो सफ़ेद बीन्स काफी कम मिलने वाली सब्ज़ियों में से एक है, पर अब आप इसे बड़े सुपरमार्केट्स (super markets) तथा सब्ज़ियों की बड़ी दुकानों से भी प्राप्त कर सकते हैं। आप इसे उबालकर तथ नमक मिश्रित करके इसका सेवन कर सकते हैं, या फिर अपनी सब्ज़ियों में इसे मिश्रित करके काफी अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं।

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