Safety tips in Hindi to be followed while providing bath to new born – शिशु को नहलाते वक्त ध्यान रखें योग्य ख़ास बातें

कोई भी माँ अपने शिशु को पहली बार स्नान कराते वक्त मन में कई तरह की शंकाएं लिए हुये होती है और पानी डालने से पहले कई बार सोचती है। और यह जायज भी है क्योकि शिशु कि त्वचा बहुत ही संवेदनशील होती है और बाहरी वातावरण का उस पर बहुत जल्दी असर होता है और जिससे हर माँ अपने बच्चे को बचा कर रखना चाहती है।

शिशु को जब पहली बार नहलाया जाता है तो वह भी घबरा जाता है, जिससे हर माँ के दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं और उसकी माँ उसे तुरंत पानी से बाहर निकाल लेना चाहती है। यहाँ हम आपके लिए लेकर आये हैं शिशु को नहलाते वक्त ध्यान रखे जाने हेतु ख़ास सावधानियां।

बेबी बाथ टिप्स – शिशु को नहलाते वक्त शांत बनी रहें (Stay easy and calm while bathing the baby)

आप अपने बच्चे के लिए उसकी मार्गदर्शक होती हैं जो उसे पहली बार दुनियां और अच्छे बुरे का ज्ञान कराती हैं अगर आप उस वक्त घबरायेंगी तो आपके चेहरे के भावों का प्रभाव शिशु पर भी पड़ेगा। इसलिये उसे नहलाते वक्त शांत रहें और आराम से उसे स्नान कराती जाएँ जिसे देखकर वो भी उस माहौल और परिस्थितियों को ग्रहण कर लेगा। यही पल होते हैं जो आपके और आपके बच्चे के बीच एक बेजोड़ रिश्ते की शुरुआत करते हैं।

बच्चों को नहलाते समय – नहाते वक्त आदर्श स्थिति में बैठें (Perfect bathing posture)

शिशु को नहलाते वक्त ध्यान रखें की आपके बैठने की स्थिति ऐसी हो जो उसके लिए आरामदायक हो और वह बेहतर तरीके से नहा पाये। घुटनों के बल बैठ कर नहलाना एक अच्छी स्थिति समझी जाती है।

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बेबी बाथ टिप्स – नहलाते वक्त शिशु का ध्यान बंटाएं (Divert your baby’s mind)

सारे शिशु नहाते वक्त एक जैसा व्यवहार नहीं करते, कुछ ऐसे होते हैं जो नहाते वक्त पानी से खेलते हैं और खुश रहते हैं जबकि कुछ घबराने लगते हैं। अगर आपका बच्चा भी नहाते वक्त घबराता है तो ऐसे में उसका ध्यान बंटाना एक बेहतर विकल्प होता है जिसके लिए आप उसका पसंदीदा खिलौना उसे दिखाकर और उसे देकर उसका ध्यान बंटा सकती हैं। जिससे वह पानी में खेलेगा भी और आसानी से नहा भी लेगा।

नवजात की देखभाल – शिशु को सहारा दें (Support for the baby)

बच्चा जब छोटा होता है तो उसकी हड्डियाँ और मासपेशियाँ इस काबिल नहीं होती हैं कि वह अपने दम पर खड़ा रह सके। इसलिये नहलाते वक्त इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि आपका बच्चा कहीं गिर न जाए और उसे हर समय उसे अपने हाँथो से सहारा दे कर रखें।

नवजात की देखभाल – सब कुछ पहले से ही तैयार रखें (Make everything ready , shishu ko nehlaya)

शिशु को नहलाना, शिशु को स्नान कराते वक्त सारी सामग्री और आवश्यक उपकरण पहले से ही व्यवस्थित कर के पास में रखें। कई लोगों को आदत होती है कि वै पहले शिशु को नहलाते हैं फिर उसे उसी अवस्था में छोड़कर उसके कपड़े उठाने जाते हैं पर इस स्थिति में आपका शिशु सर्दी का शिकार हो सकता है।

शिशु के स्नान के लिए कुछ और बेहतर टिप्स (Other safety tips for the new born baby)

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  • यह बेहतर होगा की अच्छी क्वालिटी के उत्पाद ही बाजार से खरीदें।
  • शिशु को नहलाने के तरीके, नहलाने के बाद शिशु को मुलायम कपड़े से धीरे धीरे पोंछें और वह कपड़ा एंटीसेप्टिक सलूशन में धुला होना चाहिये।
  • बच्चे को पानी में खड़ा करके नहलाएं जिससे वह पानी से घबराएगा नहीं।
  • पानी के तापमान का विशेष ध्यान रखें, यह न तो बहुत ज्यादा ठंडा हो और न बहुत ज्यादा गर्म।
  • नए जन्मे बच्चे के लिए सौम्य शैम्पू (shampoo) तथा साबुन ही प्रयोग में लाएं।
  • बच्चे को पानी के टब (tub) से उठाते समय अपना हाथ बच्चे के सिर के पीछे की ओर देकर उसे सहारा प्रदान करें।
  • बच्चे के गीले शरीर को नए कपड़े की बजाय पुराने और नर्म कपड़े से पोंछना बेहतर होता है, क्योंकि नया कपड़ा आपके शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है एवं इससे उसे चिडचिडेपन का अहसास भी हो सकता है।
  • बच्चे के शरीर को पहले पानी में डुबोना असुरक्षित हो सकता है, अतः उसे पैर के बल पानी में खड़ा करें।
  • बच्चे की त्वचा की परतों के ऊपर से पानी और साबुन अच्छे से पोंछ लें। अगर इन्हें अच्छे से नहीं पोंछा गया तो बच्चे को बुखार होने की संभावना हो सकती है।
  • बच्चे को पानी में डालने से पहले पानी का तापमान एक थर्मामीटर (thermometer) की मदद से जांच लें। पानी का तापमान 100 डिग्री फारेनहाईट या 38 डिग्री सेंटीग्रेड (3 degree Fahrenhiet or 38 degree centigrade) रहना चाहिए।
  • अपने बच्चे को कभी भी पानी में डुबोने के बाद अकेला ना छोड़ें, क्योंकि वह काफी छोटा होता है एवं टब में गिरकर उसे चोट भी लग सकती है। हमेशा सुरक्षा के लिए अपने बच्चे को पकड़े रहें।
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