Pregnancy care tips in Hindi – गर्भावस्था में देखभाल (प्रेग्‍नेंसी केयर)

किसी महिला का गर्भवती होना सिर्फ उसके लिए ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए काफी ख़ुशी की बात होती है। पर कोई भी गर्भावस्था के पहले 9 महीने में एक महिला को होने वाली परेशानियों के बारे में नहीं जानता। अगर महिला अपनी देखभाल ठीक से नहीं करती तो इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को मुश्किलें पेश आती हैं। अगर आप बच्चे के विकास को परत दर परत देखें तो आपको गर्भाशय में बच्चे के विकास का पता चलेगा।

गर्भावस्था में देखभाल (प्रेग्‍नेंसी केयर) (Facts on first trimester)

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य – पहली तिमाही के तथ्य – गर्भावस्था में सावधानियां (Facts on first trimester)

एक महिला के लिए गर्भावस्था के पहले 3 महीने काफी चुनौती भरे होते हैं क्योंकि बच्चा इस समय तक पूर्ण विकसित नहीं हुआ होता है। ज़्यादा शारीरिक कार्य, कूदाफांदी तथा तनाव की वजह से गर्भपात भी हो सकता है।

गर्भावस्था में देखभाल – गर्भावस्था का पहला महीना (First month pregnancy tips in hindi)

गर्भधारण के लिए महीने का सबसे सही दिन कौन सा?

पहली तिमाही का पहला महीना वह समय है जब गर्भनाल विकसित होती है। यह गर्भवती महिला के शरीर के अंदर का वह अंग है जिससे कि महिला द्वारा लिए जाने वला आहार उसके गर्भ में पल रहे बच्चे तक जाता है। यह अंग बच्चे के मल मूत्र को भी एक से दूसरी जगह पहुंचाता है। शुरूआती दौर में महिला के गर्भाशय में एक काला घेरा उभरता है। यह वह अवस्था है जब बच्चे के जबड़े का निचला हिस्सा, मुंह और गला विकसित होते हैं। यह वह अवस्था है जब रक्त कोशिकाएं आकार लेती हैं और बच्चे के शरीर में रक्त का संचार शुरू होता है।

गर्भावस्था में बच्चे का विकास – गर्भावस्था का दूसरा महीना (Pregnancy tips for 2nd month in Hindi)

पहली तिमाही के दुसरे महीने में बच्चे में कुछ और विकास होता है। यह वह अवस्था है जब बच्चे के चेहरे के भाग आकार लेते हैं। बच्चे के सिर के दोनों कोनों पर त्वचा की छोटी भांजे देखना काफी उत्सुकता भरा होता है। शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से में छोटे भाग उभरते हैं जिन्हें हाथ एवं पैर कहा जाता है। इस महीने में पैर के अंगूठे, उँगलियों तथा आँखों का विकास होता है।

डॉक्टर इस महीने में बच्चे के दिमाग, न्यूरल कोशिकाओं तथा रीढ़ की हड्डी का विकास भी महसूस करते हैं। इस माह में ही हड्डियां अपने कुरकुरे भाग को बदलने की प्रक्रिया शुरू करती हैं। यह वह समय है जब भ्रूण हिलने लगता है पर इसके हिलने की गति काफी धीमी होती है अतः माँ इसे समझ नहीं पाती।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स – प्रेग्‍नेंसी का तीसरा महीना (3rd month pregnancy tips in Hindi)

यह एक गर्भवती महिला के लिए तिमाही का अंतिम माह होता है। यह वह माह होता है जब बच्चा पूर्ण रूप से विकसित हो जाता है। उसके सोनोग्राम की तस्वीर में आप उसके शरीर का हर हिस्सा जैसे पैर, हाथ, आँखें तथा नाक आसानी से देख सकते हैं। बच्चा इस स्थिति में अपने मुंह और मुट्ठी को खोलता और बंद करता पाया जाता है। सिर के दोनों तरफ उभरी त्वचा को कान की संज्ञा इस समय दी जा सकती है। यह भी सत्य है कि इस समय बच्चे का प्रजनन अंग भी विकसित होता है परन्तु वह अच्छे से दिखता या समझ में नहीं आता है। इस महीने में बच्चे की औसत लम्बाई 7.6 सेंटीमीटर से 10 सेंटीमीटर तक होती है।

गर्भावस्था के दौरान छाती के जलने की समस्या का निदान

गर्भावस्था के दौरान सावधानियां – प्रेग्‍नेंसी मे विकास प्रक्रिया (Gestational stage)

गर्भवती महिला का मासिक धर्म इस समय पूरा होता है और वह अण्डोत्सर्ग के लिए तैयार होती है। महिलाओं में विभिन्न स्थितिओं में अण्डोत्सर्ग होता है। ज़्यादातर महिलाओं को उनके अंतिम मासिक धर्म से 11 से 21 दिनों के अंदर अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है। क्योंकि गर्भावस्था सम्भोग का नतीजा होती है, अतः लाखों शुक्राणु योनि में आ जाते हैं और गर्भाशय से गर्भनाल तक यात्रा करते हैं। इस प्रक्रिया से 46 क्रोमोसोम एक बार में उत्पन्न होते हैं जिन्हें ज़ाइगोट कहते हैं। यह एक नए मानव के उत्पन्न होने की प्रक्रिया है।

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