12 reasons babies cry and how to soothe them? – बच्चों के रोने की 12 वजहें, और कैसे शांत करें?

जब बच्चे अपने आस पास किसी को नहीं पाते तो ऐसे में रोते हैं, इस तरह वे अपनी भूख, दर्द, भय, नींद या फिर किसी और वजह से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।

तो माता-पिता कैसे यह जानने का प्रयास करें की बच्चा उनसे क्या कहना चाह रहा है? बच्चे की रोने की वजह, खासकर शुरुआत में, जानना वाकई पेचीदा हो सकता है।

यहाँ बच्चों के रोने की वजह के कुछ सबसे सामान्य कारणों को बताया जा रहा है। अगर आपका छोटा बच्चा रो रहा है और आप नहीं जानते कि वो क्यों रो रहा है तो नीचे जाकर इस लिस्ट पर नज़र डालिए, शायद आप ऐसा कुछ पाएँ जिससे आपको मदद मिल सके।

भूख (Hunger)

संभवतः यही बात आपके दिमाग में सबसे पहले आती होगी जब आपका बच्चा रोता है। अगर आपका बच्चा भूखा है तो भूख के संकेतों को पहचानना सीखिये। जब बच्चा फीड करने के पहले भूख कि वजह से रोने वाले वाला होता है तब यह आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। नवजात बच्चों में कुछ संकेत देखे जा सकते हैं जिनमें बच्चे मुख्यतः कोलाहल करते है, होंठों का बार बार खोलते बंद करते रहते हैं, जब आप उनके गालों को थपथपाएँ तो बच्चे अपने सिर को आपके हथेलियों पर ले जाकर घुमातें हैं और अपने हाथों को मुंह में रखते हैं।

यहाँ हम आपसे कुछ मातापिता के अनुभवों को साझा कर रहे हैं कि कैसे बच्चे को हो रही परेशानी कि वास्तविक जांच करना बेहद ज़रूरी है। एक माता पिता का कहना है कि उन्होने अपने बच्चे के रोने के कारणों का पता लगाने कि ज़्यादा कोशिश नहीं की। उन्हे लगता था की बच्चा भूख की वजह से रोता है, पर बाद में पता चला की रोने की असली वजह उसके पेट की समस्या थी।

गंदा डायपर (dirty diaper)

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कुछ बच्चे आपको तुरंत बताने  कि कोशिश करते है कि उनके डायपर को बदलने का वक़्त हो चुका है। कुछ बच्चे अपने गंदे डायपर को थोड़े समय तक बर्दाश्त कर लेते हैं।

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नींद की ज़रूरत (Needs sleep)

क्या बच्चे खुशकिस्मत नहीं होते? वे जब चाहें तब किसी भी समय, कहीं भी सो सकते हैं। जैसा की हम बड़े सोचते हैं।

वास्तविकता में, आप जैसा सोचते हैं, हो सकता है की वह थोड़ा मुश्किल हो। ऊँघने की बजाय बच्चे परेशान होते है और रोने लगते हैं। खासकर तब, जब वे सोने की पूरी कोशिश कर चुके हों।

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मेरे ढाई महीने का बच्चे को हर चीज़ में उत्सुकता रहती है। और कहीं वह सो जाने की वजह से बाकी चीजों का हिस्सा बनने से वंचित ना रह जाए इस वजह से ऐसे समय वो क्लांत और चिड़चिड़ी हो जाती है। कभी कभी उसकी संवेदी ग्रहणशीलता को कम करना उसे महसूस कराने में मदद करता है कि यह सोते हुये कुछ भी नहीं खो रही है। (और तब कई बार वह रो रही होती है और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या कर रहा हूँ।)

चाहते हो आपका स्पर्श (wants to be held)

बच्चों को आपके शरीर से सटाये रखने कि ज़रूरत होती है। वे अपने माता-पिता का चेहरा देखना पसंद करते हैं। उनकी आवाज़ और उनके हृदय कि धड़कन सुनना पसंद करते हैं और साथ ही वे सबके शरीर कि अलग अलग तरह कि गंध को पहचानने कि क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार रोने का मतलब हो सकता है कि वो खुद को आपके करीब आपकी गोद में रहना चाहते हों।

आप आश्चर्यचकित हो सकते हैं, पर यदि आप अपने बच्चे को बहुत अधिक समय तक गोद में लेकर उन्हे बिगाड़ रहें हैं । जन्म के कुछ महीनों तक तो यह संभव नहीं है पर आप स्लिंग (sling) और फ्रंट केरियर (front carrier) पहनकर अपने हाथों को थोड़ा आराम दे सकते हैं।

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मैं अपनी बच्ची को एक मुलायम कंबल के द्वारा हल्का लपेटकर रखना पसंद करती हूँ। मैं उसे नर्सिंग पोज़िशन में रखकर चेहरे और सिर पर हल्की थपकी देती हूँ। उसे अपने बालों पर मेरे हाथों का स्पर्श पसंद है इससे वह जल्दी शांत हो जाती है।

पेट की समस्या (Tummy trouble- gas, colic and more)

पेट की समस्या गैस, पेट दर्द और बहुत ज़्यादा रोने जैसी चीजों के साथ जुड़ी हुई है। बल्कि बहुत से संदेहजनक अवस्था में पेट दर्द शोकमग्न कृंदन का कारण होता है। इसमें बच्चा दिन में लगभग 3 घंटे , सप्ताह में लगभग 3 दिन और इस पंक्ति में लगभग 3 हफ्ते तक रो सकता है।

अगर आपका बच्चा खाने के बाद चिड़चिड़ता और रोता है तो हो सकता है कि वह पेट दर्द कि समस्या से जूझ रहा हो। बहुत से माता पिता बच्चों के लिए गैस खत्म करने वाली बूंदों और विभिन्न तरह के पत्तों (herbs) या सोडियम बाईकार्बोनेट से बने पेय पर भरोसा करतें हैं, पर इन्हें लेने के पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना कभी ना भूलें।

अगर आपके बच्चे को पेट दर्द कि शिकायत नहीं है, और खाने के बाद कभी भी उपद्रव नहीं करता और अगर वो करना भी चाहे तो अचानक कभी कभी गैस कि वजह से होने वाला दर्द का दौरा उसे बेबस बना सकता है। अगर आपको गैस कि आशंका है तो एक साधारण उपाय से इसे दूर करें। उसे पीठ के बल रखिए और उसके पैरों को पकड़कर साइकिल चलाने जैसी क्रिया हल्के हल्के कीजिये।

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दूध का निकाल जाना, पेट के ज्वर, दूध से एलर्जी, लेक्टोस असहनशीलता, कब्ज़, इंटेस्टीनल ब्लोकेज इत्यादि शामिल हैं।

कई बार मातापिता अपने बच्चे के प्रति थोड़े लापरवाह भी हो जाते हैं, इसका एक उदाहरण यहाँ मौजूद है। 9 महीने के बच्चे के पिता का कहना है की बच्चों में पेट दर्द एक आम बात है यही सोच कर हम उसके रोने को पेट दर्द से जोड़ कर देखते थे। पर हमने इसे तब गंभीरता से लिया जब मेरा बेटा लगभग पूरा दिन रोता रहा। डॉक्टर से संपर्क करने पर हमने पाया की उसे पेट में गैस की समस्या है जो उस बहुत परेशान कर रही है, और कुछ दवाओं से उसे आराम मिला। अगर आपके बच्चे किसी भी तरह कि छुपी हुई ईलास्टिक वाले पैंट पहनते हैं तो इन्हे पेट के नीचे रखें। कभी कभी इनका हल्का दबाव भी पेट को दर्द दे सकता है।

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डकार की ज़रूरत (Need to burp)

डकार ज़रूरी नहीं है, पर आपका बच्चा अगर दूध पीने के बाद रोता है तो उसे एक अच्छी डकार कि ज़रूरत पड़ती है। बच्चे जब स्तनपान करते हैं या बोतल से दूध चूसते समय हवा भी साथ ले लेते हैं। अगर ये हवा बाहर ना निकले तो असुविधाजनक हो सकती है, कुछ बच्चे बुरी तरह पेट में गैस कि वजह से परेशान होते हैं। वहीं दूसरे बच्चों को डकार कि ज़रूरत नहीं पड़ती और वे डकार नहीं लेते।

कुछ पेरेंट्स का की शिकायत होती है की उनका बच्चा डकार नहीं लेता, पर यह सभी बच्चों के लिए ज़रूरी नहीं है। अगर आपको लगता है की उसे डकार की ज़रूरत है तो पीठ थपथपाएँ और पैरों की मदद से कुछ हरकतें करने दें।

बहुत ज़्यादा गर्मी या बहुत ज़्यादा ठंड (Too cold or too hot)

अगर आपके बच्चे को बहुत सर्दी लगती है तो आपको उसके कपड़े उतारकर डायपर बदलना चाहिए। और उस जगह को गीले कपड़े से पोंछ लेना चाहिए हो सकता है कि इसी वजह से वह रो रहा हो।

नवजात बच्चों को लपेट कर गरम रखना चाहिए – पर बहुत ज़्यादा नहीं। नियम कहता है कि बच्चों को कपड़ों कि दो परतों में ज़्यादा आराम महसूस होता है। तो आपको आरामदायक बनें रहना चाहिए। अधिक गरम या अधिक ठंड के बारे में छोटे बच्चे शिकायत कर पाएँ इसकी संभावना कम है, अतः वो नहीं रोते।

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कुछ सूक्ष्म (Something small)

बच्चे अपने आस पास स्थित सूक्ष्म या नज़र ना आने वाली चीजों कि वजह से मुसीबत में पड़ सकते हैं। जैसे उंगली या पैर के अंगूठे में फंसा हुआ बाल बच्चे के उस जगह को काट सकता है। (hair tourniquet) और डॉक्टर इस स्थिति को पहले ढूंढते हैं, जब बच्चा बेवजह रोता है।

कुछ बच्चे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं, जैसे कपड़े, टैग या फेब्रिक से। आपके द्वारा दी गयी बोतलों में क्रम से चालाकी के साथ मीन मेख निकालते हैं।

दांतों का निकलना (Teething)

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दांतों का निकलना पीड़ादायक हो सकता है, नए दाँत मसूड़ों को धक्का देते हैं। कुछ बच्चों को अन्य कि तुलना में ज़्यादा दर्द होता है, पर सभी में चिड़चिड़ेपन और रोने के लक्षण समान होते हैं।

अगर आपका बच्चा भी ऐसे ही रोता है पर आप नहीं जानते क्यों? तो उनके मसूड़ों को अपनी उँगलियों से छूकर देखिये। आप बच्चे मे मुंह में उस सख्त नुकीले हिस्से को महसूस कर सकेंगे।

औसतन, 4 से 7 महीने के भीतर बच्चों के दाँत निकाल आते हैं। पर यह जल्दी भी हो सकता है।

कम प्रोत्साहन की चाह (Wants less stimulation)

बच्चे अपने आस पास कि दुनिया के प्रोत्साहन से ही सीखते हैं। पर कभी कभी उन्हें इसमें परेशानी महसूस होती है। रोशनी, शोर, एक हाथ से दूसरी हाथ में जाकर रोना, यह संकेत देता है कि बस अब बहुत हुआ।

बहुत से नवजात खुद को गोद में जाकर और कसकर आलिंगन को बहुत पसंद करते हैं इससे उन्हे सुरक्षा का एहसास और ज़्यादा होता है जब लोग उन्हें कस कर दबाते हैं। अगर आपका बच्चा इसके लिए ज़्यादा बड़ा है या वो अपने आप का आलिंगनबद्ध होना पसंद नहीं करता तो मसाज के केंद्र बिन्दु पर (serene spot) इस प्रक्रिया फिर से करने कि कोशिश कीजिये, और उनमें अभिव्यक्ति का मार्ग प्रशस्त कीजिये।

7 माह की बच्ची की माँ का कहना है की जब भी उनकी बेटी परेशान होकर बार बार रोटी है ऐसे में उसे संभालना मुश्किल हो जाता है पर मैंने अनुभव किया है कि उसकी ऐसी अवस्था में अगर मैं उसे अपनी गोद में लेकर सीने से चिपकाए रखती हूँ और उसे यह आभास कराती हूँ कि मैं हर वक़्त उसके पास हूँ, तब वह जल्दी ही शांत होकर गहरी नींद में चली जाती है, यह उपाय बहुत ही कारगर है।

अपने बच्चे को सुलाने के कुछ असरदार तरीके

ज़्यादा प्रोत्साहन की ज़रूरत (Wants more stimulations)

अधिक मांग करने वाला बच्चा बाहर जाने और बाहर कि दुनिया को देखने के लिए ज़्यादा उत्सुक हो सकता है। और अक्सर ऐसे रोने तथा जल्दी चिड़ जाने वाले बच्चों को ठीक रखने के लिए हमेशा सक्रिय रहना पड़ता है। यह आपको थका देने वाला हो सकता है।

अपने बच्चे को स्लिंग, फ्रंट कैरियर या बैकपैक के साथ गोद में लेने कि कोशिश करें। बहुत से क्रियाकलाप कि योजना बनाएँ। दूसरे बच्चों और उनके मातापिता के साथ मिलकर बाहर घूमने जाएँ। बच्चों को ले जाने वाली जगह पर घूमने जाएँ। ये आपके पास का खेल का मैदान हो सकता है या कोई बच्चों का म्यूज़ियम, या फिर चिड़ियाघर।

अच्छा महसूस ना करना (Not feeling well)

अगर आप अपने बच्चे को उसकी ज़रूरत कि सारी चीज़ें और आराम देते हैं पर उसके बावजूद वह रोता रहता है, तो हो सकता है कि वह किसी वजह से बीमार हो। आप उसके शरीर का तापमान जांचिये। बुखार के साथ बीमारी के अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए।

बीमार बच्चे का रोना भूख या कुंठा के कारण भी हो सकती है। अगर आपका बच्चा रो रहा है तो ‘सब ठीक है’ यह कहने कि बजाय अपनी सहज बुद्धि का इस्तेमाल करें, किसी डॉक्टर के पास जाएँ।

बच्चे का पहला टुकड़ा – बच्चे का पहला ठोस आहार

क्या करें अगर बच्चा अब भी रो रहा है? (What to do if your baby’s still crying)

पेट भरा है? डायपर चेक करें? जांच लें कि कहीं बुखार तो नहीं?

तो फिर आपका बच्चा क्यों रो रहा है? बच्चों के अपने स्वयं कि वजहें होतीं हैं। पर कई बार बुद्धिमान माता पिता भी अपने बच्चों का मन नहीं पढ़ पाते। और बच्चे बोल नहीं सकते कि उनके साथ क्या गलत हो रहा है।

खुशकिस्मती से आप इन परेशानियों के कारणों को ना जानकार भी मदद प्राप्त कर सकते हैं। इन आर्टिकल में आप कुछ सच्चे और प्रयोग किए हुए तरीके ढूंढ पाएंगे।

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