Hindi reasons for missed periods and irregular periods – मासिक धर्म अनियमित होने या बिलकुल न होने के कारण

पीरियड क्या है? मासिक धर्म के चक्र की अवधि आमतौर पर औसत रूप से निकाली जाती है। एक औसत के मुताबिक़ हर 28 दिनों के अंतराल में एक महिला के पीरियड्स (periods) होने चाहिए। इसमें 2 से 3 दिन आगे पीछे अवश्य हो सकते हैं, और ऐसा होना किसी ख़ास चिंता का विषय भी नहीं होता। पर अगर यह अंतराल इससे ज़्यादा बढ़ गया तो इसका मतलब हुआ कि आपके मासिक धर्म की प्रक्रिया अनियमित हो गयी है। ऐसा देखा गया है कि बच्चे के जन्म के समय के दौरान 30% महिलाओं के मासिक धर्म की प्रक्रिया अनियमित हुई है। यह आमतौर पर कोई समस्या नहीं है, पर यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से आपकी स्थिति गंभीर है। अगर आप अनियमित रूप से होने वाले मासिक धर्म से पीड़ित हैं तो ये साफ़ दर्शाता है कि आपके मासिक धर्म में संतुलन का अभाव है। असल में ज़्यादातर अनियमित मासिक धर्म कोई नुकसान नहीं पहुंचाते और शरीर के लिए कोई ज़्यादा घातक भी नहीं होते।

पीरियड टिप्स, आपके पीरियड्स अनियमित कैसे होते हैं? (How exactly is your periods irregular?)

  • मासिक धर्म का चक्र तब अनियमित माना जाता है, जब यह 21 दिनों के अंतराल के पहले हो जाए।
  • यह तब भी अनियमित माना जाता है, जब यह 8 दिनों से ज्यादा चले।
  • चाहे आपके पीरियड्स छूटे हों, जल्दी हो गए हों या फिर देर से ही क्यों ना हो रहे हों, इन सबको अनियमित पीरियड्स की ही श्रेणी में रखा जाता है।

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अगर आप अपने मासिक धर्म के चक्र की गिनती करके यह जानना चाहती हैं कि यह अनियमित है या नहीं, तो अपने पिछले पीरियड के आखिरी दिन से गिनती करना आरम्भ करें और उस दिन पर आकर रूकें, जब आपका अगला पीरियड शुरू होने वाला हो (periods aane ke liye kya kare)। आपको मासिक धर्म के बीच पड़ने वाले अंतराल की सही जांच करने के लिए कम से कम 3 महीनों तक यह गिनती जारी रखनी होगी। बात सिर्फ इतनी नहीं है कि मासिक धर्म में कितने दिन की देरी हुई या फिर कितने दिन पहले ये प्रक्रिया हो गयी। अगर 3 महीनों तक पीरियड्स के बीच के अंतराल में काफी अंतर पाया जाता है तो इससे भी यह पता चलता है कि आपके मासिक धर्म की प्रक्रिया अनियमित हो रही है।

पीरियड्स ना आना, छूटे हुए और अनियमित पीरियड्स के कारण (Reason form missed and irregular periods)

छूटे हुए पीरियड्स को अन ओवुलेशन (an-ovulation) की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। इसका मतलब यह है कि मासिक धर्म चक्र के समय अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई। इसका मुख्य कारण हॉर्मोन्स (hormones) की भीषण असमानता होती है। कई बार यह असमानता ज्यादा गंभीर नहीं होती और हलकी होती है। उदाहरण के तौर पर आपके शरीर में शायद अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया हो भी जाए, पर इसके समय में हर महीने अंतर दिखाई पड़ता है। शरीर की स्थिति और जीवनशैली दोनों का ही इस समस्या के पीछे बड़ा हाथ होता है। नीचे ऐसे कुछ कारक दिए गए हैं , जिनकी वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।

पीरियड्स की समस्या, गर्भावस्था (Pregnancy se menses na aane ka ilaj)

मासिक धर्म के अनियमित रूप से होने के पीछे गर्भावस्था भी एक कारण हो सकता है। आप निश्चित रूप से गर्भावस्था के समय मासिक धर्म कर ना होने का अनुभव करेंगी पर इसमें चिंता की कोई बात नहों होती और यह बिलकुल स्वास्थ्यवर्धक होता है। प्रसव काल के बाद का समय भी आपको चिंतित कर सकता है जब आप भारी मात्रा में रक्तपात या इस जैसी किसी अन्य समस्या का सामना करती हैं।

मासिक धर्म न आना, गर्भनिरोधक गोलियां से (Birth control pills)

मिसकैरेज के कारण, बचाव और उपचार

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से आपके मासिक धर्म की प्रक्रिया अनियमित होती है। ऐसा करीब 2 महीनों तक हो सकता है, पर आपको कुछ समय के लिए ऐसी स्थिति से गुज़रना पड़ता है। कुछ समय के लिए आपका खून भी निकल सकता है, हालांकि यह सामान्य पीरियड्स की तरह बिलकुल नहीं होता। इन गोलियों की वजह से आपके पीरियड्स लम्बे समय तक छूट भी सकते हैं, परन्तु अंत में जाकर ये नियंत्रित हो जाता है।

मासिक धर्म का रुक जाना, हॉर्मोन का असंतुलन (Hormonal imbalance)

मासिक धर्म का अनियमित होना,रुक रुक क़र होना,भारी मात्रा में रक्तपात और खून के थक्के जमना शरीर के हॉर्मोन्स के असंतुलन की वजह से होता है और हॉर्मोन्स के इस असंतुलन को ठीक भी किया जा सकता है। मासिक धर्म की शुरुआत में हॉर्मोन्स को शरीर में हो रहे परिवर्तन के अनुसार खुद को ढालने में वर्षों लग जाते हैं और तब कहीं जाकर मासिक धर्म के होने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है। आप इसकी वजह से अपने मासिक धर्म के अंत में भी अनियमित मासिक धर्म का अनुभव कर सकती हैं। अतः अगर आपका मासिक धर्म अनियमित है तो आपको ज़्यादा चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पीरियड की समस्या, पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome (PCOS)

यह एक डॉक्टरी समस्या है, जिसकी शिकार कोई भी महिला हो सकती है। यह उन महिलाओं के लिए काफी सामान्य है, जिनकी जीवनशैली अनियमित है तथा जिनका वज़न काफी ज़्यादा है। इस स्थिति के अंतर्गत महिलाओं के अंडाशय (ovary) में छोटे सिस्ट्स (cysts) पैदा हो जाते हैं और ये सामान्य अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं। इस समस्या की शिकार महिलाओं का मासिक धर्म चक्र काफी अनियमित होता है। इससे बांझपन की समस्या तथा मधुमेह और दिल की अन्य बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

पीरियड्स की समस्या, उम्र (Age se masik dharm na aana)

जब महिलाएं पीरियड्स के शुरूआती महीनों में होती हैं, तो इसका नियमित रूप से ना होना बिलकुल सामान्य है। आपके शरीर को नए परिवर्तनों के अनुसार खुद को ढालने और संतुलन बनाने में थोड़ा सा समय लगता है। कुछ महिलाओं को इस परिवर्तन का आदि होने में कई साल लग जाते हैं। दूसरी तरफ ऐसी महिलाएं, जो रजोनिवृत्ति (menopause) के समय के करीब पहुँच गयी हैं, पीरियड्स के छूटने, हलके या भारी पीरियड्स का अनुभव कर सकती हैं।

अनियमित माहवारी के कारण, अन्य बीमारियाँ (Other illnesses se periods na aane ki wajah)

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  • अगर आपको थाइरोइड (thyroid) की समस्या है तो भी आपके पीरियड्स असामान्य हो सकते हैं। इस समय हमारे थाइरोइड हॉर्मोन में रक्त का स्तर काफी ज़्यादा या कम हो जाता है।
  • गुप्तांगों से फैलने वाली बीमारियों की वजह से भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
  • खानपान की समस्या
  • मधुमेह
  • फाईबरोइड्स (Fibroids)
  • एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

मासिक धर्म जल्दी होने के तरीके (Period regular karne ke tips)

मासिक धर्म में देरी के लिए गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive pills): गर्भनिरोधक गोलियों से ना सिर्फ गर्भवती होने के डर से छुटकारा मिलता है, बल्कि पीरियड्स भी जल्दी होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ये हमारे शरीर के हॉर्मोन्स को नियंत्रित करते हैं। 35 वर्ष से ज़्यादा की महिलाओं को इन दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से किसी भी समस्या को समय रहते दूर किया जा सकता है।

अनियमित मासिक धर्म के लिए विटामिन सी (Vitamin C): इससे पीरियड्स जल्दी होते हैं, क्योंकि ये प्रोजेस्टेरोन (progesterone) की कमी कर देता है। इससे आप इन्हें अपने शरीर में प्राप्त नहीं कर पाती, क्योंकि इससे स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

माहवारी की जानकारी के लिए जड़ीबूटी (Herbs): अदरक और अजवायन ऐसे दो तत्व हैं, जिनकी मदद से आपके पीरियड्स जल्दी होते हैं। ये गर्भाशय को फैलाने में मदद करते हैं, जिससे द्रव्य आसानी से निकलता है। यह आपके शरीर की हॉर्मोन की समस्याओं को भी नियंत्रित कर देते हैं, जो कि देर से पीरियड्स होने का कारण होते हैं। अपनी चाय में अदरक या अजवायन का मिश्रण करें। इसे सुबह एक बार और रात को एक बार पियें।

मासिक धर्म के घरेलू उपाय व्यायाम से (Exercise): अगर आप रोजाना व्यायाम नहीं करती हैं, तो आपको विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं सता सकती हैं। इनमें वज़न का बढ़ना या पीरियड्स का देरी से होना प्रमुख है। हमारे लिए खुद को स्वस्थ रखना काफी आवश्यक है। जब आप स्वस्थ रहती हैं, तो आपके मासिक धर्म की प्रक्रिया भी सही समय पर होती है। ऐसे कुछ ख़ास व्यायाम हैं, जो आपको पीरियड्स जल्दी होने के लिए करने चाहिए।

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माहवारी न होने के कारण, तनाव कम करें (Reduce stress): अपने दिमाग से चिंताएं हटा दें, क्योंकि इससे भी आपके शरीर पर काफी फर्क पड़ता है। आप इनपर शायद काबू ना कर पाएं, पर कुछ प्राकृतिक उपायों के बल पर आप कुछ समय के लिए इनसे छुटकारा अवश्य पा सकती हैं। योग और ध्यान करके अपने मस्तिष्क को ठंडा रखने का प्रयास करें।

मासिक धर्म के घरेलू उपाय हैं वज़न घटाएं (Weight loss): काफी कम समय में अत्याधिक वज़न बढ़ जाने से आपके पीरियड्स भी देरी से होते हैं। आपके लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना काफी ज़रूरी है, और इसके लिए अपने शरीर पर थोड़ी मेहनत करें।

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