Garbhnirodhak goliyan lene ke parinam aur nuksan – गर्भनिरोधक गोलियां लेने के परिणाम और नुकसान

गर्भनिरोधक गोलियों का विज्ञापन और बिक्री दवाइयों की दुकान पर होती है। इन्हें आमतौर पर बिना किसी डॉक्टरी सलाह पर प्रस्तावित किया जाता है। पर चाहे जो भी हो, आपके लिए इन गोलियों के संबंध में कुछ सामान्य तथ्य जानना आवश्यक है। इस लेख में हम कुछ ऐसी आम समस्याओं की बात करेंगे जो गर्भनिरोधक गोलियां लेने के कारण आपको परेशानी आ सकती हैं।

गर्भनिरोधक गोलियां लेने से अनचाहे गर्भ को रोकने का सबसे तेज़ एवं आसान तरीका होती हैं। परन्तु इस तरह के अन्य उपायों की तरह ही इसके भी कुछ नुकसान होते हैं। कई महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि गर्भनिरोधक गोलियां से किस प्रकार काम करता है। असल बात यह है कि यह पहले दो महीने के गर्भ को गिरा या रोक सकता है। ऐसी अधिकतर गोलोयाँ एफडीए (FDA) स्वीकृत होती हैं, पर यह विभिन्न महिलाओं पर अलग अलग प्रकार से काम करता है।

Complications -समस्याएं

  • खून का अतिरिक्त मात्रा में बहना
  • सिरदर्द
  • मतली
  • दस्त
  • पेट में मरोड़ें
  • उल्टी

Points to note before usage – प्रयोग से पहले के निर्देश

  • कुछ ऐसी रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं जो इस प्रक्रिया पर आक्रमण करके गर्भपात को संभव बनाती हैं।कुछ मामलों में गर्भपात नहीं हो पाता है।
  • यह आसानी से उपलब्ध होता है परन्तु इसे डॉक्टर की सलाह के बिना ना लें।
  • आपका डॉक्टर आपके लिए सही निर्णय लेता है। हो सकता है कि वह कुछ अन्य तरीके सुझाएं क्योंकि उसे लगता हो कि दूसरे तरीकों से आपको नुकसान पहुँच सकता है।
  • दिल की बीमारियों, मधुमेह, दमे, अनीमिया आदि से ग्रस्त मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल ना करना ही बेहतर होता है। एचआइवी (HIV) के मरीज़ों एवं भारी मात्रा में धूम्रपान करने वालों को भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • अधिकतर गर्भनिरोधक गोलियां से सुरक्षित होती हैं, पर आपको इनके संभावित नुकसानों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। इनके नुकसान कई बार काफी गंभीर होते हैं और आपके जीवन के लिए ख़तरा भी बन सकते हैं। उदाहरणस्वरुप, अतिरिक्त मात्रा में खून बहने से डॉक्टर के पास जाना अनिवार्य होता है। केवल एक विशेषज्ञ डॉक्टर ही ऐसे मामलों की समय पर जांच कर सकता है।
  • यदि आपकी गर्भपात प्रक्रिया अधूरी छूट जाती है तो आप संक्रमण की भी शिकार हो सकती हैं। कई बार इनके अतिरिक्त जोखिम होते हैं और इनका समाधान जल्दी से जल्दी कर लिया जाना चाहिए।
  • कई बार आपकी मरोड़ें दर्दनाक एवं सामान्य से अधिक होती हैं। ऐसी स्थिति में भी आपको सही औषधियों की आवश्यकता होती है।
  • यदि फॉलोपियन ट्यूब (Fallopian tube) में कोई समस्या हो तो आपके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। गर्भनिरोधक गोलियां लेने से आगे चलकर काफी समस्या होती है जब आप माँ बनना चाहती हैं।

Prevention is better than cure – उपचार से अच्छा है रोकथाम

उपचार के मुकाबले समस्या की रोकथाम कहीं बेहतर होती है और यह बात हर स्थिति में लागू होती है। इसका नैतिक पक्ष एवं उचित-अनुचित से कोई संबंध नहीं है, परंतु यह काफी गंभीर बात है क्योंकि यह आपकी आगे आने वाली पीढ़ियों का सवाल है। गर्भपात दोबारा गर्भवती बनने के जोखिम के साथ आता है और यही इसका सबसे दुखद भाग है। शारीरिक साइड इफेक्ट्स (side effects) पर फिर भी नियंत्रण किया जा सकता है, पर इससे महिलाएं मानसिक रूप से भी काफी प्रभावित होती हैं। आप लंबे समय तक दुखी और तनावयुक्त रहेंगी। अपने मन से कुछ विचारों, जैसे आप काफी निर्दयी थीं या खुद को दोष देने की प्रवृत्ति, को दूर कर दें। ये प्राकृतिक हैं एवं किसी भी समय पर महिलाओं के लिए आवश्यक हैं। यहां गर्भनिरोधक गोली का प्रयोग सबसे बुद्धिमानी का काम सही निर्णय लेना एवं प्रतिक्रियाओं से तालमेल बैठाना है।

अंत में, हम समझते हैं कि ऐसी स्थितियों में डॉक्टर से परामर्श करना सबसे महत्वपूर्ण है। सभी प्राकृतिक भावनात्मक समस्याओं और तनाव से परे जिस चीज़ पर आपको सबसे अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए, वह है सही जांच और उसके बाद यह निर्णय लें कि आपका अगला कदम क्या होगा। कई बार डॉक्टर आपको गोली लेने की बजाय कुछ अन्य प्रक्रियाएं आज़माने को कहते हैं। इनमें अधिक समय अवश्य लग सकता है, पर इनके नुकसान तुलनात्मक रूप से काफी कम होंगे।

Instructions – निर्देश

गर्भनिरोधक गोली का प्रयोग भी आमतौर  पर काफी आसान होता है। पर जब तक आप सही प्रकार से ‘आत्म-विश्लेषण’ ना कर लें, यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती। यह तभी पूरी हो सकती है जब आप सुनिश्चित कर लें कि आपने सभी आवश्यक निर्देशों का पालन किया है और आपका इलाज सफल रहा है। यदि गोलियों के सेवन के बाद भी आपकी गर्भावस्था जारी रहती है तो मीसोप्रोस्टोल (Misoprostol) जन्मगत विकृतियां पैदा कर सकती है। वैकल्पिक रूप से इसका अर्थ यह है कि इस गोली ने आप पर काम नहीं किया और गर्भावस्था को रोकने के लिए आपको शल्य क्रिया की सहायता से गर्भपात की आवश्यकता है। आत्म-विश्लेषण खुद को एवं आपके मस्तिष्क को तसल्ली देने का एक तरीका है। आपको डॉक्टर से मिलने पर भी पूर्ण आत्म-विश्लेषण के लिए कहा जाएगा। यह आपके लिए काफी बड़ी मदद होगी क्योंकि एक बार क्लिनिक से निकलंने के बाद आपको अपने स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

Self-assessment – आत्म-विश्लेषण

इस बात के संकेत कि आपका उपचार असफल रहा और आप गर्भवती हो सकती हैं, निम्नलिखित हैं:

  • यदि गोली लेने के 24 घंटों के अंदर आपका खून नहीं बहा हो।
  • यदि आपका खून 3 दिन या इससे भी कम समय तक बहा हो।
  • यदि गर्भावस्था के लक्षणों के माध्यम से आपको अपने गर्भवती होने का अहसास हो।
  • यदि आपके स्तनों में दर्द हो एवं आप बीमारी तथा बेचैनी का अनुभव कर रही हों।
  • यदि आपको गर्भवास्था की स्ट्रिप (pregnancy strip) पर लाल निशान दिखा हो।

यदि आपने उपरोक्त परीक्षण आज़माया हो और आपको लगता हो कि आप गर्भवती हैं, तो:

  • एक क्लिनिक में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट (appointment) तय करें।
  • बिना कुछ खाये-पिए सुबह मूत्र परीक्षण करवाएं।
  • अपने डॉक्टर के बताये अनुसार आगे के कदम उठाएं।

एक गर्भनिरोधक गोली का आप पर काम ना करना काफी निराशाजनक होता है। इसलिए इस बात का समय समय पर ध्यान देना काफी आवश्यक है कि आपका शरीर गोली के प्रति कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है। बाद में होने वाली किसी भी समस्या को रोकने के लिए जितनी जल्दी हो सके सभी बचाव उपाय अपना लें। ऐसे समय में अपना दिमाग ठंडा रखना और अपने डॉक्टर के परामर्श का पालन करना काफी आवश्यक है।