Side effects and consequences of abortion pills – गर्भपात की गोलियों एवम् गर्भपात की दवा से होने वाले दुष्प्रभाव और परिणाम

गर्भपात की गोलिया को या तो डॉक्टर से लिया जा सकता है या किसी भी स्वास्थ्य निर्धारित पेशेवर के बिना किसी भी दवा की दूकान से ख़रीदा जा सकता है। आपको विशेष रूप से संबंधित तथ्यों के साथ ही गर्भपात की दवा के परिणामो के बारे में भी जानना चाहिए। अगर यह उपलब्ध है, तो कभी कभी कितनी खतरनाक हो सकती है इस बात को पता करने के लिए पढ़े कि यह क्या काम करती है। इसमें कोई सवाल नही है, की इससे नकारात्मक प्रभाव होता है।

कई महिलाए यह पूछती रहती है कि गर्भपात गोलिया कैसी रहती है और यह किस तरह से काम करती है। दरअसल गर्भपात की दवा की एक गोली एक रासायनिक और माइफ़प्रिस्टोन है, जो शुरू के आठ महीने में गर्भपात को ख़त्म करने में प्रयोग होती है। यह FDA अधिकृत दवा होने के बावजूद इसके अलग अलग परिणाम हो सकते है क्योंकि हर मरीज़ दुसरे से अलग होता है।

गर्भपात की गोलियां के नुक्सान और गर्भपात की गोलियों के दुष्परिणाम (Side effects of abortion pills)

आमतौर पर विशेष दुष्परिणाम जैसे अत्यधिक रक्तस्त्राव हो सकता है, इसके अलावा यह गौर करे की गर्भपात की दवा की एक गोली (abortion ki goliyon ke side effect) का उपयोग करने से उल्टी, सिर दर्द, दस्त जैसी बीमारी भी होती है। इस रासायनिक से वास्तव में संभव है, की गर्भपात हो सके लेकिन कभी कभी इससे गर्भपात अधुरा रह जाता है। यह व्यापक रूप से उपलब्ध होती है, भले ही यह डॉक्टर की सलाह के बिना ली जाए लेकिन डॉक्टर आपको बेहतर सलाह दे सकते है कि आप वास्तव में कैप्सूल लेने के लिए फीट है या नही।

गर्भपात से कैसे बचा जाए?

मरीज़ अगर दिल की बिमारी, दमा, मधुमेह, एनेमिया या अन्य किसी  समस्या से पीड़ित है, तो उन मरीजों को इस दवा का प्रयोग न करने का सुझाव दिया जाता है। इसके साथ ही भारी धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों  और एचआईवी मरीजों को भी गर्भपात ना करने का सुझाव दिया जाता है।

भले ही गर्भपात की दवा, गर्भपात की गोलियों की एक संख्या काफी सुरक्षित मानी जाती हो लेकिन महिलाओ को पहले से ही इससे होने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में पता होना चाहिए, इसका कारण यह है की इसके प्रभाव के साथ  ही इससे जीवनशैली को खतरा होता है। उदाहरण के लिए एक महिला को खून निकलने की घटना एक अच्छा सौदा हो सकता है लेकिन यह एक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की पकड़ के बिना एक समस्या हो सकती है बहुत ज्यादा या काफी खून बहना खतरनाक हो सकता है।

गर्भपात की दवा के नुक्सान, यदि गर्भपात की प्रक्रिया को अधुरा छोड़ दिया तो इससे संक्रमण की सम्भावना होती है। यह महिला के लिए अतिरिक्त जोखिम है, जिससे जितनी जल्दी संभव हो उसमे ध्यान देना चाहिए।

निश्चित रूप से कुछ महिलाओ को दर्दनाक ऐठन होती है, लेकिन अगर यह एक गंभीर रूप ले तो उचित दवाइयां लेने से यह असुविधा दूर हो सकती है।

अगर ऐसी कोई चोट फैलोपियन ट्यूबिंग में होती है, तो इससे दुष्परिणाम (abortion ki dawa ke side effect) हो सकते है और महिलाओ को भविष्य में गर्भवती होने पर कई समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है।

गर्भपात की दवा के नुक्सान, अक्सर यह देखा गया है कि गर्भपात की दवा, गर्भपात गोलियों के सेवन से बहुत ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते है और महिलाओ को यह समझना चाहिए की एबार्शन का यह एक मात्र तरीका नही है। इस स्थिति में बेहतर होगा कि कोई भी फैसला लेने से पहले आप किसी विशेषज्ञ की सलाह ले क्योकि आप यह कभी नही जान सकते की यह क्या काम करेगा और इससे आपके पुरे जीवन पर असर पड़ सकता है।

गर्भपात के प्रारंभिक लक्षण क्या हैं?

यह याद रखे कि पहले से ही सावधानी बरतना अच्छा होता है सवाल निति या सुझाव का नही है, बल्कि सवाल यह है की आपके लिए हुए फैसले से आपकी आने वाली पीड़ी पर क्या असर पड़ेगा एबार्शन की गोलियों में कुछ जोखिम जरुर होता है, लेकिन कुछ अनुभवी और कुशल विशेषज्ञ के सुझाव से इनका उपयोग किया जाए तो यह जोखिम कम हो सकता है। यह नही भूलना चाहिए कि एक महिला के भीतर नकारत्मक प्रभाव के साथ एक विशेष मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी होता है अधिकांश सलाहकार यह महसूस होता है की लम्बे समय के लिए यह भावात्मक दर्द के साथ तनावपूर्ण हो जाता है। इन दुष्परिनामो में शामिल है अत्यधिक तनाव, आत्महत्या का विचार, म्रत्यु का विचार, खुद को क्रूर समझना और पुराणी बाते याद आना।

गर्भपात करने वाली महिलाओ में ऊपर दिए हुए दुष्परिणाम प्राक्रतिक है चाहे वह स्वयं की इच्छा से कर रही हो या किसी सामाजिक और पारिवारिक दवाब की वजह से। तनाव नियंत्रण तकनीक, इस परेशानी से निदान पाने के लिए एक तरीका है।

सुझाव (Instructions)

गर्भनिरोधक गोलियां काफी प्रभावी होती हैं और इनसे आमतौर पर कोई हानि भी नहीं होती। लेकिन जब तक आप इस बारे में अच्छे से सोच विचार ना लें, यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती। यह तभी पूरी हो सकती है जब आपने सही तरह के उपायों का पालन कर लिया हो और आपकी चिकित्सा पूरी हो गई हो। अगर गोली खाने के बाद भी आप गर्भवती बनी रहीं तो माईसोप्रेस्टोल (misoprostol) जन्मजात विकृतियां भी पैदा कर सकता है। इसका अर्थ यह होता है कि यह गोली आप पर असरदार साबित नहीं हुई और आपको गर्भपात करवाने के लिए शल्य क्रिया का सहारा लेना पड़ेगा। आप हमेशा ही डॉक्टर के पास जाकर इस बात का पता लगा सकती हैं कि गोली ने काम किया या नहीं। खुद पर विश्वास और खुद की जांच भी आपको चिंता से मुक्त करने का काफी अच्छा तरीका है। डॉक्टर के पास जाने पर वह भी खुद के बारे में बताने को कहेगा। वैसे यह आपके लिए ही लाभदायक है क्योंकि आप डॉक्टर के पास से वापस आने के बाद खुद में काफी अच्छा महसूस करेंगी।

खुद की जांच (Self-assessment)

योनी की शुष्कता के लिए घरेलू उपचार

आपके उपचार ने काम नहीं किया और आप गर्भवती हैं इसकी कुछ निशानियाँ हैं : –

  • अगर गोली का सेवन करने के 24 घंटे के अंदर आपका रक्त नहीं निकला हो।
  • अगर आपका खून 3 दिन या इससे कम समय के लिए निकला हो।
  • अगर गर्भावस्था के लक्षणों से आप हफ्ते के अंत तक गर्भवती महसूस कर रही हों।
  • अगर आपके स्तनों में दर्द हो और आप बीमार तथा अजीब सा महसूस कर रही हों।
  • अगर गर्भावस्था की स्ट्रिप (strip) पर आपको लाल निशान दिखे।

अगर आपके साथ भी उपरोक्त में से कुछ हो चुका है और आपको लगता है कि आप गर्भवती हैं तो :-

  • किसी डॉक्टर से संपर्क करके उनसे मिलें।
  • सुबह सुबह बिना कुछ खाए मूत्र की जांच करवाएं।
  • इसके अलावा डॉक्टर की कही गई हर बात को पूरी तरह मानें।

एक गर्भनिरोधक गोली ज़्यादा से ज़्यादा आपके ऊपर कारगर सिद्ध नहीं हो सकती। इसी वजह से आपको अपने आप को इस बात की पूरी जानकारी देनी पड़ेगी कि इस गोली को आपका शरीर किस तरह स्वीकार करेगा। बाद में किसी अनहोनी समस्या से बचने के लिए जल्दी से जल्दी कोई ना कोई बचाव के उपाय अपनाएं। इस समय आपका अपने आप को शांत रखना और अपने डॉक्टर की बात मानना काफी ज़रूरी है।