Side effects in hindi of using pregnancy control pills or contraceptive pills – गर्भनिरोधक दवाओं के साइड इफेक्ट्स तथा बचाव उपाय

आजकल के दौर में कोई भी महिला जल्दी ही एक या दो बच्चे पैदा नहीं करना चाहती। यही कारण है कि गर्भनिरोधक दवाओं का बाज़ार में चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है। इनकी मदद से आप गर्भवती होने की चिंता किये बिना आराम तथा खुशहाली से अपना सेक्स जीवन व्यतीत कर सकती हैं। ये गर्भनिरोधक गोलियां प्रयोग करने में बिलकुल आसान तथा पूरी तरह सुरक्षित होती हैं, और आप बिना किसी परेशानी के इनकी मदद से कामुक हो सकती हैं। परन्तु सबके शरीर की बनावट एक जैसी नहीं होती, अतः कई महिलाओं को शुरुआत में इनकी वजह से थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है, पर धीरे धीरे उन्हें इन समस्याओं से छुटकारा भी मिल जाता है।

गर्भनिरोधक गोलियों के लाभ, गर्भधारण से बचने के लिए ली जाने वाली दवाइयाँ बिलकुल सुरक्षित होती हैं एवं ये काम भी करती हैं। पर कुछ महिलाएं शुरूआती दिनों में इससे जुड़े साइड इफ़ेक्ट या नुकसान का सामना भी करती है जो 3 महीने के अंतराल में धीरे धीरे ठीक हो जाता है।

गर्भ निरोधक उपाय – स्वस्थ और सुरक्षित रहें (Stay Safe and Healthy)

अतिरिक्त वज़न वाली माओं के गर्भ में पल रहे बच्चे की देखभाल

यह एक अच्छी खबर है कि आप अनचाही गर्भावस्था से पूरी तरह सुरक्षित हैं। एक बात का ध्यान रखें कि माँ बनना जीवन का एक काफी कठिन चरण है, अतः इसके लिए आपको काफी मानसिक तैयारी की आवश्यकता होगी। गर्भनिरोध के उपाय, जब आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, तो इसके फलस्वरूप आपको भारी पीरियड्स (periods) होने की भी संभावना रहती है, जो काफी दर्दनाक भी हो सकती है। इन गोलियों के नियमित सेवन के फलस्वरूप गर्भाशय के भीतरी भाग में एक रेखा पनपने लगती है। यह रेखा हर महीने आपके पीरियड्स के समय भी पैदा हो सकती है। अतः आपके पीरियड्स का भारीपन इन रेखाओं की गहराई पर निर्भर करता है। अगर ये रेखाएं ज़्यादा हैं तो पीरियड्स का बहाव भी ज़्यादा होगा, और अगर ये रेखाएं कम हैं तो पीरियड्स का बहाव भी काफी कम होगा। पर जैसे जैसे आप इन गोलियों का सेवन लम्बे समय तक करती रहेंगी, तो धीरे धीरे ये भारी बहाव कम हो जाएगा। इसका आपकी कामुकता पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे टेस्टोस्टेरोन (testosterone) को काफी मात्रा में नुकसान पहुंचता है और इनके उत्पादन की मात्रा में भी काफी कमी आती है। इस समय आपका लिवर (liver) शरीर में हॉर्मोन (hormone) को जोड़ने वाले ग्लोब्युलिन (globulin) का संचार करता है। अगर आपने लम्बे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन किया है तो इसका एक और बुरा प्रभाव आपको माँ बनने के बाद महसूस होता है, क्योंकि इससे आपके शरीर में दूध के उत्पादन की प्रक्रिया पर काफी खराब असर पड़ता है। इनके सेवन के फलस्वरूप शरीर के एस्ट्रोजन (estrogen) का स्तर काफी कम हो जाता है, जिससे कि दूध के उत्पादन में रूकावट आती है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स / गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में और जानकारी (More about the Birth Control Pills)

यह गर्भनिरोधक गोलियों का एक नकारात्मक पहलू है। ये गोलियां उन महिलाओं के लिए काफी हानिकारक सिद्ध होती हैं, जो मधुमेह की शिकार होती हैं। अब शोधकर्ताओं ने कहा है कि इन गर्भनिरोधक दवाओं का लम्बे समय तक सेवन करने की वजह से कैंसर (cancer) का ख़तरा काफी मात्रा में बढ़ जाता है। इन गर्भनिरोधक गोलियों के निरंतर सेवन के फलस्वरूप गर्भनाल और स्तन का कैंसर (cervical and breast cancer) होने की संभावना काफी ज़्यादा हो जाती है। इन गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टिन (progestin), या सिर्फ प्रोजेस्टिन पाया जाता है। गर्भनिरोधक गोलियां विभिन्न प्रकार की हो सकती हैं। इन्हें मोनोफेसिक, बाईफेसिक तथा ट्राईफेसिक (monophasic, biphasic and triphasic) जैसे खानों में बांटा जाता है। मोनोफेसिक गोलियों को छोटी गोलियां भी कहा जाता है और इनमें सिर्फ प्रोजेस्टिन हॉर्मोन ही मौजूद होते हैं। हर महिला एक दूसरे से अलग होती है, अतः ये छोटी गोलियां कम शक्तिशाली होती हैं। इनका सेवन मुख्यतः उन महिलाओं के द्वारा किया जाता है, जो बच्चे को स्तनपान करवा रही हों, या जो एस्ट्रोजेन हॉर्मोन के प्रभावों को सहने में फिलहाल असमर्थ हो। ये गर्भनिरोषक गोलियां गर्भाशय को एक मोटी रेखा के द्वारा ढककर रखती हैं। अतः अगर ये दवाई रोज़ाना ली गयी तो अंडे बाहर नहीं आएँगे। ये गोलियां तब ली जा सकती हैं, अगर मरीज़ को दिल की बीमारी, खून का थक्का जमना, माइग्रेन (migraine) और उच्च रक्तचाप की समस्या हो। पर आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि ये गोलियां मिश्रित गोलियों के मुकाबले कम प्रभावी होती हैं। इसे साइड इफेक्ट्स के अंतर्गत अंडाशय में सिस्ट (cyst), सिरदर्द, मासिक धर्म में असमान रूप से खून निकलना, स्तनों का ढीला होना, दाग धब्बे, तनाव और वज़न का बढ़ना मुख्य है।

गर्भावस्था में देखभाल (प्रेग्‍नेंसी केयर)

बर्थ कंट्रोल पिल्स के साइड एफेक्ट – गर्भनिरोधक दवाओं के होने वाले प्रभाव (Effects of Birth Control Pills – birth pills ke side effects)

1. गर्भनिरोधक गोली के नुकसान, चक्कर आना एवं उलटी होना

2. काम इच्छा का कम होना

3. भारी मात्रा में वज़न बढ़ना

4. सिरदर्द एवं नींद आना

5. गर्भनिरोधक गोली के नुकसान, स्तनों का ढीला पढ़ना

6. प्रोजेस्टिन युक्त टेबलेट का प्रयोग करने पर धब्बों की समस्या आ सकती है।

7. खून की शिराओं में खून का थक्का जमना (यह उन महिलाओं में ज़्यादा देखा जाता है जिनकी उम्र 34 वर्ष से ऊपर है और जिन्हें ज़्यादा गुस्सा करने की आदत है।

8. चेहरे पर काले धब्बों जैसी रंजकता का आना।

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