How to keep your toddler healthy during this winter? Tips in Hindi – अपने शिशु को ठण्ड के दौरान स्वस्थ रखने के नुस्खे

बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता व्यस्कों के मुकाबले काफी कम होती है, अतः उनके विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शंस से ग्रस्त होने का ख़तरा भी ज़्यादा होता है। अतः उनके माता पिता को उनका ज़्यादा ख्याल रखना चाहिए, जिससे कि वे बीमारियों से दूर रहे और हर मौसम में स्वस्थ बने रहें। ठण्ड के समय फ्लू के वायरस कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। क्योंकि बच्चों की ये क्षमता काफी कम होती है, अतः सबसे ज़्यादा प्रभावित भी वही होते हैं। ये वायरस साँस लेने से भी आपके शरीर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। जो लोग इस वायरस की चपेट में पहले से हैं, उनके द्वारा भी यह वायरस बच्चों को प्रभावित कर सकता है। अतः ऐसे लोगों से अपने बच्चे को दूर रखें।

बच्चों को स्वस्थ रखने के नुस्खे (Ways to keep toddler healthy in winter)

छोटे बच्चों की देखभाल के लिए अच्छे से हाथ धोएं (Regularity in hand wash)

जब आप अपने बच्चे को गोद में लें, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके हाथ कीटाणु रहित साबुन से धुले होने चाहिए। इसके अलावा बच्चे के हाथ में कोई भोजन देने से पहले उसके भी हाथ धुलवाएं, क्योंकि उनकी हर चीज़ को मुंह में डालने की आदत होती है। आप अपने बच्चे के हाथ साबुन और गर्म पानी की मदद से भी धुलवा सकते हैं। टॉयलेट जाने के बाद, खाना खाने से पहले तथा कहीं बाहर से आने के बाद हाथ अवश्य धोएं।

सर्दी में बच्चों की केयर के लिए सही समय पर टीकाकरण करवाएं (Get vaccination on time)

जन्म के तुरंत बाद एक निश्चित समय तक बच्चों को कुछ ख़ास टीके लगवाने की सलाह दी जाती है। ये टीके एक बच्चे के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनसे उन्हें हर उस बीमारी और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है, जो कम उम्र में उनपर हमला कर सकते हैं। ज़्यादा माता पिता टीकाकरण के इस उपाय को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और इसका पूरा कोर्स नहीं करवाते। पर अगर आप विभिन्न प्रकार के कीटाणुओं तथा बीमारियों से अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं।

सर्दियों में बच्चे की देखभाल के लिए नाक के सेलाइन ड्रॉप्स (Saline nose drops se thand se bachav)

जब भी आपके बच्चे को ठण्ड के मौसम में कोई तकलीफ हो, तो इसका इलाज प्राकृतिक विधियों से करने का ही प्रयास करें। जब आपके बच्चे की सर्दी की वजह से नाक बंद हो तो उसे सेलाइन नोज़ ड्राप दें। इससे म्यूकस पतला हो जाएगा और उसकी नाक आसानी से खुल जाएगी। अगर आप इस कार्य के लिए बबल सिरिंज का प्रयोग करते हैं, तो इससे आपको अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। अपने बच्चे की नाक को बंद होने से बचाने के लिए यह काफी आसान और प्राकृतिक तरीका है।

बच्चों की देखभाल के टिप्स है स्तनपान (Breast feeding se bache ki dekhbhal)

एक शिशु के लिए स्तनपान काफी आवश्यक है, क्योंकि माँ के शरीर में बनने वाले भोजन में हर तरह के विटामिन, प्रोटीन तथा मिनरल होते हैं, जिसकी आवश्यकता एक बच्चे को काफी कम आयु से ही पड़ती है। इसके अलावा ये तत्व उसे हर मौसम में हर तरह की बीमारियों तथा वायरस से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। आजकल कामकाजी महिलाएं ज़्यादा दिनों तक अपने बच्चे को स्तनपान कराने में सक्षम नहीं हो पाती, क्योंकि इससे उनका काम प्रभावित होता है। पर ऐसा करने से आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

छोटे बच्चों की देखभाल के लिए प्राकृतिक रूप से विटामिन्स का सेवन (Vitamins in natural way)

दवाइयों के रूप में विटामिन्स देने की बजाय प्राकृतिक तत्वों की मदद से विटामिन्स प्रदान करना हमेशा बेहतर विकल्प होता है। प्रकृति ने हमें ऐसी कई तरह की जड़ीबूटियां दी हैं, जिनसे हमें काफी मात्रा में विटामिन मिलता है। इनसे एक मनुष्य हर तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है। बच्चों को हमेशा सेमी सॉलिड या तरल रूप में उन फल और सब्ज़ियों का आहार करवाएं, जिनमें काफी मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं। एक स्वास्थ्यकर संतुलित आहार आपके बच्चे के लिए काफी ज़रूरी है, क्योंकि इससे उन्हें हर तरह का पोषण मिलता है जो उन्हें ठण्ड में फ्लू और अन्य बीमारियों से लड़ने में सहायता करता है।

बच्चे की देखभाल के लिए सोने के सही समय का रूटीन (Regular bed routine)

ठण्ड में बच्चों को गर्म रखने के उपाय, सिर्फ अच्छा भोजन और साफ़ सफाई ही ठण्ड में वायरस और फ्लू को दूर भगाने के लिए काफी नहीं है। इसके अलावा आपके बच्चे के सोने का भी एक निश्चित और अच्छा समय होना चाहिए। कुछ बच्चों की रातभर जागने और सारा दिन सोने की आदत होती है, जो कि बिलकुल अच्छी बात नहीं है। इससे इन बच्चों के माता पिता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अपने बच्चे को उसी समय में सोने का अभ्यास करवाएं, जिस वक़्त घर के बाकी लोग सोते हैं। ज़ाहिर तौर पर उनकी नींद व्यस्कों से अधिक समय के लिए होगी, परन्तु सोने का समय सही होना चाहिए।

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