Sleeping well during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान नींद पूरी करना

नींद हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हमें इस बात का अहसास तब होता है जब सारी रात हम एक आरामदायक अवस्था में सोने की कोशिश करते हैं पर सफल नहीं हो पाते और सुबह तक भी हमें नींद नहीं आ पाती। इसका परिणाम यह होता है कि हम अगले दिन चिडचिडे हो जाते हैं और अगर इस तरह ही रात को हम सोने में असफल होते रहे तो बीमार भी पड़ सकते हैं।

सामान्य रूप से ऐसा करना कई लोगों के लिए काफी मुश्किल हो सकता है, पर गर्भावस्था के समय सोने की आरामदायक मुद्रा प्राप्त करना और भी मुश्किल हो जाता है। आपके बढ़ते पेट के अलावा इस समय कई और समस्याएं जैसे पीठ का दर्द, छाती में जलन, सांस फूलना, नींद ना आना और बार बार पेशाब आना आदि सामने आते हैं।

लेकिन मुश्किल का मतलब असंभव नहीं होता। नीचे सोने की कुछ ऐसी मुद्राओं के बारे में बताया गया है जिनका प्रयोग आप सोते समय भी कर सकती हैं। इनमें से कुछ मुद्राएं आपके बच्चे के लिए भी फायदेमंद हैं।

गर्भावस्था के दौरान नींद की स्थिति – करवट लेकर सोना (Side sleeper)

गर्भावस्था के दौरान सबसे अच्छी और आरामदायक मुद्रा करवट लेकर सोने, और खासतौर पर अपने बाएँ तरफ करवट लेकर सोने की मुद्रा है। यह मुद्रा सीने की जलन और पीठ के दर्द, जिनका अहसास आपको पीठ के बल सोने से होता है, से निपटने में आपकी सहायता करती है। ना सिर्फ यह मुद्रा ज़्यादा आरामदायक है और दर्द दूर करती है, बल्कि बाईं तरफ लेटे रहने से आपके गर्भाशय में रक्त का संचार काफी अच्छे से होता है तथा प्लेसेंटा (placenta) में पोषक तत्व पहुंचाने में मदद करता है, जिससे आपका बच्चा स्वस्थ रहता है।

रक्त का संचार उस मैट्रेस (mattress) पर भी निर्भर करता है जिस पर आप सोती हैं। जैसे जैसे आपका वज़न गर्भावस्था की वजह से बढ़ने लगता है। वैसे वैसे आपके शरीर के फलस्वरूप आपके मैट्रेस पर पड़ने वाला दबाव भी बढ़ने लगता है। अतः आपके लिए ऐसे मैट्रेस का प्रयोग काफी आवश्यक हो जाता है जो दर्द भी कम करे और रक्त के संचार में भी वृद्धि करे। मेमोरी फोम (memory foam) मैट्रेसेस काफी प्रभावी होते हैं और आपके शरीर के दबाव के भागों पर भी काफी कारगर साबित होते हैं। समीक्षाओं का आंकलन करने में थोड़ा सा समय लें और यह देखें कि अन्य लोगों ने मेमोरी फोम मैट्रेस के बारे में क्या कहा है। इस तरह के लेखों को पढ़ने के बाद यह बात समझना भी संभव है कि ये मैट्रेस किस तरह निर्मित किये जाते हैं तथा इनके क्या फायदे होते हैं।

गर्भावस्था में सोने का तरीका – तकिये को ऊँचा करना (Pillow prop-up)

ज़ाहिर तौर पर सिर्फ करवट लेकर सोना ही काफी नहीं है और गर्भावस्था के सारे गंभीर लक्षण आपसे आपकी नींद छीन लेंगे। अगर आप तकियों का प्रयोग अपने फायदे के लिए करेंगी तो यह काफी प्रभावी साबित होगा। अपने पैरों के बीच एक तकिया रखें और अपनी कोहनियों को मोड़े रखें जिससे कि आपके कूल्हों और पीठ के निचले हिस्सों पर पड़ रहा दबाव कम होगा। इससे आपके पीठ के दर्द में काफी कमी आएगी। अगर आप काफी मात्रा में सीने की जलन और सांस फूलने से परेशान हैं (यह समस्या आमतौर पर गर्भावस्था के अंतिम चरणों में ही होती है), तो तकियों की मदद से आप अपने शरीर के ऊपरी भाग को भी फायदा पहुंचा सकती हैं।

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कईयों को लगता है कि सामान्य तकियों से काम बन सकता है, वहीँ अन्य लोगों को यह लगता है कि गर्भावस्था के लिए ख़ास बने तकियों की मदद से ही वे आराम से निद्रा की अनुभूति ले सकते हैं। ये कई आकार और प्रकार में आते हैं, अतः थोड़ा सा शोध करके देखें कि बाज़ार में क्या क्या उपलब्ध है और कौन सी चीज़ें आपके काम आ सकती हैं। अंत में, अपने शरीर की बात सुनें और उस चीज़ का ही प्रयोग करें जो आपके हिसाब से सबसे अच्छे से काम करेगी।

गर्भावस्था में कैसे सोना चाहिए – इन मुद्राओं में सोने से परहेज करें (Positions to avoid)

यह बात समझने योग्य है कि गर्भावस्था के दौरान पेट के बल सोने से बिल्कुल परहेज करना चाहिए और यह बात ज़ाहिर है कि आपके पेट का आकार बढ़ते रहने के कारण आप वैसे भी पेट के बल नहीं सो सकती, पर पीठ के बल सोने से भी परहेज करें। इससे ना सिर्फ पीठ के दर्द, छाती के दर्द और सांस के फूलने की समस्या से छुटकारा प्राप्त होता हैं, बल्कि आपके हाजमे की प्रणाली में भी कई प्रकार के अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं। इससे रक्तचाप के कम होने की परेशानी भी उत्पन्न होती है जिससे कि आपके शरीर और फलस्वरूप आपके बच्चे के शरीर में रक्त का संचार अवरूद्ध होता है।

लेकिन एक बात यह भी है कि हममें से कोई भी सारी रात एक ही मुद्रा में नहीं सो सकता। अगर आप रातभर में कभी पीठ के बल हो भी गयीं तो आपको बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। रात को किसी और मुद्रा में सो जाने के बाद भी करवट लेकर सोने की जितनी हो सके कोशिश करें। आमतौर पर आपके शरीर के सही मुद्रा में ना होने से आपकी नींद खुद ब खुद टूट जाती है।

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