Diwali safety tips in Hindi, Celebrate a Safe Diwali – दिवाली सेफ़्टी टिप्स, दिवाली में रखें कुछ खास सावधानियां

दिवाली के आने के कई दिनों पहले से ही त्यौहार का मूड बन जाता है और बच्चों के साथ साथ बड़ों में भी इसके उत्साह को देखा जा सकता है। दिवाली हमारे देश का एक खास और बड़ा पर्व है जिसमें सभी लोग अपनों के साथ मिलकर इस त्यौहार को मानना चाहते हैं। दिवाली के पहले से ही हम न जाने कितनी तैयारियों में लग जाते हैं।

जैसे बच्चों के कपड़ों की खरीदी से शुरू करते हुए, घर की रंगाई, साफ सफाई, घर के लिए सजावटी समान की खरीदी, दोस्तों और रिशतेदारों के लिए गिफ्ट और दिवाली में पकवानों को कैसे भूला जा सकता है? लड़कियां और महिलाएं इस खास पर्व के लिए पहले से ही ब्यूटी पार्लर में अपने लिए बुकिंग करवा लेती हैं ताकि उस खास दिन पर खूबसूरती में किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए। सभी माता पिता अपने बच्चों के लिए भी कई तरह की नई चीज़ें खरीदते हैं।

महिलाएँ घर के हर कोने को सजाती हैं और लगभग सारा दिन किचन से कुछ न कुछ आवाजें आती रहती हैं। लोग दिवाली और लक्ष्मी पूजा के लिए पूजा की सामग्री भी पहले से इकट्ठा करने लगते हैं।

इस समय जो बच्चे या युवक अपने घर से दूर रहते हैं उनका खास तौर पर घर वालों को इंतज़ार रहता है। यह एक ऐसा पर्व है जिसे हर कोई अपने परिवार वालों के साथ घर पर मनाना चाहता है। इतनी सब तैयारियों के बीच एक बात की तरफ किसी की नज़र नहीं जाती की दिवाली के मौके पर घर और आस पास का हिस्सा कितना सुरक्षित है और दिवाली के लिए हमनें सुरक्षा के कितने इंतजाम किए हैं?

दिवाली में सुरक्षा कितनी ज़रूरी? (Hindi safety tips for Diwali Festival – Be safe on Diwali)

देश में दिवाली के दौरान जलने की घटनाएँ हर साल सुनने को मिलती हैं। आंकड़ों के अनुसार इन हादसों में 65% घटनाएँ अनार नामक पटाखे की वजह से होती है। हम हर बार ही यह देखते हैं की लोग आतिशबाज़ी के दौरान घायल हुये हैं और समय पर सुरक्षा के सही इंतजाम न होने के कारण यह हादसे गंभीर रूप ले लेते हैं। यह हादसे ज़्यादातर बच्चों और युवाओं के साथ होते हैं जो लापरवाही से आतिशबाज़ी करने की वजह से होने वाली बुरी घटना है।

जहां हम दिवाली का उत्साह के साथ स्वागत करने को तैयार रहते हैं और अनगिनत तैयारियां करते हैं तो हम ये क्यों भूल जाते हैं की हादसे बता कर नहीं आते और हमें उनसे निपटने के लिए पर्याप्त के साधनों को भी तैयार करने की ज़रूरत है। तो आइये इस बार कुछ खास सावधानियों के साथ मनाएँ दिवाली का यह पर्व।

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दिवाली के दौरान क्या करें और क्या नहीं?

दिवाली सेफ्टी टिप्स – दिवाली के लिए सेफ़्टी टिप्स हिन्दी में (Diwali Safety Tips in Hindi)

दिवाली में कुछ खास इंतजाम करके आप दिवाली में होने वाली अनचाही दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम कर सकते हैं साथ ही कुछ विशेष सावधानियाँ रखकर हादसों को होने से भी रोक सकते हैं, ये सावधानियाँ इस प्रकार हैं।

दिवाली पर बरतें कुछ खास सावधानियाँ Diwali Safety Tips in Hindi)

सेफ और हेल्दी दिवाली – पटाखे जलाते समय बच्चों के साथ रहें (Diwali Safety Tips for Children – Be With Them)

अक्सर हम देखते हैं कि छोटे बच्चे पटाखों कि तरफ ज़्यादा आकर्षित होते हैं और पटाखों के प्रति उनकी कुछ ज़्यादा ही जिज्ञासा होती है। इस दौरान बच्चों को बिल्कुल अकेला न छोड़ें और आतिशबाज़ी के दौरान बच्चों के साथ ही रहें, उन पर नज़र रखें और उन्हें पहले से समझा दें कि ये पटाखे कितने खतरनाक हो सकते हैं।

उचित दूरी रखें (Keep Safe Distance From Crackers)

पटाखों को जलाते वक़्त सही दूरी रखनी ज़रूरी होती है वरना कब आप हादसे का शिकार हो जाएँ, इस बात का आपको भी पता नहीं चलेगा। बड़े पटाखों से उचित दूरी बना कर रखें और हो सके तो छोटे पटाखों को भी दूर से ही जलाएँ।

हाथ से पटाखे न जलाएँ (Don’t Burn Crackers By Hand)

कई लोगों की आदत होती है कि उन्हें हाथ से पटाखे छोड़ने में मज़ा आता है। पर यह आदत जानलेवा भी हो सकती है। लड़के अक्सर एक दूसरे पर अपनी धौंस जमाने के लिए इस तरह के करतब दिखाते हैं, परंतु इसके परिणाम बहुत भयावह हो सकते हैं। तो पटाखों को हाथ से न जलाकर किसी लकड़ी या कागज की सहायता से दूर रखकर जलाएँ।

सूती के कपड़े पहनें (Diwali safety Tips – Wear Cotton Clothes)

दिवाली की रात में घर के आस पास कई तरह के दिये आदि जलाए जाते हैं, इस बात का ध्यान रखकर आपको अपने पहनावे पर भी सावधानी रखनी चाहिए। सिंथेटिक कपड़ों की जगह सूती के कपड़े पहनना बेहतर होता है। आतिशबाज़ी के दौरान हल्की चिंगारी आदि लगने पर भी यह त्वचा को बचा लेते हैं। इसके विपरीत सिंथेटिक और नायलॉन के कपड़े आग में त्वचा पिघलकर त्वचा पर चिपक जाते हैं और ज़्यादा नुकसान पहुँचाते हैं।

घर के लिए श्रेष्ठ दिवाली सजावट

जले हुये पटाखे दोबारा न छूएँ (Do Not Touch Unburst Cracker)

दिवाली के दौरान होने वाली घटनाओं में बहुत बड़ा कारण यह होता है की लोग पटाखों का जायजा लेने के लिए उसे जलाने के बाद दोबारा छूने की कोशिश करते हैं। अक्सर आपने देखा होगा की हम पटाखे में आग लगा कर उस दूर फेंक देते हैं और जब उसमें से आवाज़ नहीं आती तो दोबारा उसकी जांच करने पहुँच जाते हैं, यह एक गलत और खतरनाक तरीका है जिसमें दुर्घटना की संभावना रहती है।

पूरी बाँहों वाले कपड़े व जूते पहनें  (Wear Full sleeves dress)

पटखें जलाते वक़्त ऐसे कपड़े पहने जिससे आपके हाथ और पैर पूरी तरह ढके हुए हों ताकि हल्की चोटें लगने से सुरक्षा हो जाये। इसके अलावा पैरों में जूते पहन कर आतिशबाज़ी करें जिससे फूलझड़ी आदि की सलाखें और जले हुए पटाखे, जिनमें हल्की चिंगारी रह जाती है, उनसे सुरक्षा हो सके।

तैयार रखें फ़र्स्ट एड बॉक्स (Best safety tips for diwali -Prepare First aid Box)

दुर्घटना कभी भी बता कर नहीं आती। इस बात का ध्यान रख कर हादसों से पहले ही इंतजाम कर के रखें। दिवाली कि रात में आतिशबाज़ी की जाती है अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाए तो कई बार डॉक्टर भी समय पर नहीं मिल पाते और अस्पताल तक पहुँचने में भी थोड़ा वक़्त लगता है। इसलिए अपने घर में कुछ प्राथमिक उपचारों के लिए पहले से ही इंतजाम कर के रख लें। इसमें जलने पर लगाने के लिए मलहम और दवाएं इत्यादि रखें, इसके अलावा समुचित मात्रा में कपास और मरहम पट्टी की व्यवस्था कर के रखें, ताकि समय पड़ने पर यह काम में आये।

बिजली के तारों का विशेष ध्यान रखें (Be careful with electricity)

दिवाली के समय घर कि दीवारों बालकनी और छत आदि को भी रोशनी से सजाया जाता है। लोग रंग बिरंगी झालर और एलईडी लाइटों का इस्तेमाल करते हैं। यह बिखरी रंगीन रोशनी देखने में जितनी खूबसूरत लगती है, उससे सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी होती है। सजावट के लिए लगाए गए रंगीन झालरों आदि का कनैक्शन अच्छी तरह चेक कर लें और इन्हें पर्दों आदि से दूर रखें। ध्यान रखें कि सजावट के साथ घर भी सुरक्षित हो ताकि किसी अनचाही समस्या का सामना न करना पड़े।

त्योहारों तथा पर्वों के दौरान सुन्दर दिखने के नुस्खे

अस्थमा और एलर्जी के मरीज़ खास ख्याल रखें (Take care of Asthma Patients)

अगर आपके घर में कोई श्वास संबंधी बीमारी या एलर्जी आदि से पीड़ित है तो उनके लिए खास सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ती है। पटाखों के धुएँ से अस्थमा के रोगियों को सांस लेने में परेशानी होती है और कई लोगों को इस धुएँ से काफी तकलीफ होती है। जिन लोगों को इस तरह की परेशानियाँ होती है उन्हें पटाखों से दूर रहना चाहिए और खिड़की दरवाजे बंद रखने चाहिए।

ज्वलनशील चीजों को दूर रखें (Keep away from Flammable)

जिस स्थान पर पटाखें जलाए जा रहे हों उस स्थान से सिलेन्डर, पेट्रोल, मिट्टी का तेल और डीज़ल आदि आग पकड़ने वाले पदार्थों को नहीं रखना चाहिए। जितना हो सके इन चीजों से दूर और रसोई के आस पास पटाखे न जलाएँ।

पानी का इंतजाम रखें (Diwali Safety Tips – Store Sufficient water at home)

दिवाली खुशियों का त्यौहार है और कहीं ऐसा न हो कि ज़रा सी लापरवाही से आपकी खुशियाँ बर्बाद हो जाएँ। दिवाली में आप किसी को भी पटाखे जलाने और और आतिशबाज़ी करने से नहीं रोक सकते, इसके लिए आप अपने घर में पानी की समुचित व्यवस्था रखें ताकि अगर कोई दुर्घटना घट भी जाए तो उस पर काबू पा सके। पटाखे फोड़ते समय भी बाल्टी में पानी भरकर पास में रखें।

बुजुर्गों और मरीजों का ख़्याल रखें (Take care of old age and Patients)

हमेशा ध्यान रखें कि आपका उल्लास किसी के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। अपने घर के साथ साथ आपको अपने आस पास और पड़ोसियों का भी ध्यान रखना चाहिए। अगर आपके घर में या पड़ोस में कोई बुजुर्ग हों तो ज़्यादा तेज वाले पटाखे न जलाएँ इससे उन्हें तकलीफ हो सकती है। इसके अलावा ज़्यादा रात हो जाने पर आवाज वाले पटाखे छोड़ने से भी बचना बेहतर होता है।

आप अपने परिवार के साथ मिलकर कई दिनों से इस शुभ दिन को मनाने की योजना बनाते रहते हैं और अगर किसी कारणवश या उचित सावधानी न बरतने की वजह से कोई अमंगल घटना घट जाती है तो आप इसके लिए स्वयं को दोषी मानने और अपराध बोध के अलावा कुछ नहीं कर पाते। हम सभी को अपने परिवार और लोगों से प्यार होता है और उनकी चिंता भी होती है इन प्राथमिक बातों का ध्यान रखकर आप चिंतामुक्त तरीके से अपने परिवार के साथ मंगलमय और सुरक्षित दिवाली का त्यौहार मना सकते हैं।

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