How to communicate effectively and efficiently? – कुशलता के साथ सही कम्युनिकेशन कैसे करें? प्रभावी कम्युनिकेशन के उपाय

सही तरीके से किए गए कम्यूनिकेशन (communication) को सभी लोग पसंद करते हैं और बढ़ावा भी देते हैं। अपनी बात को सही ढंग से लोगों तक पहुंचाना भी एक कला है। किसी व्यक्ति के द्वारा किया जाने वाला कम्यूनिकेशन या संचार शब्दों के रूप में बॉडी लैंगवेज़ (body language) और फेशियल एक्सप्रेशन (facial expression) अथवा चेहरे के हाव भाव द्वारा प्रकट किए जाते हैं।

कम्युनिकेशन टिप्स (Communication tips)

लोगों के साथ किया जाने वाला कम्यूनिकेशन कुशलता के साथ तो होना ही चाहिए साथ ही प्रभावी भी होना ज़रूरी है। यह थोड़ा मुश्किल ज़रूर है लेकिन अगर पहले से आप कुछ तैयारियां कर ले तो आप इस मुश्किल काम को बहत कुशलता के साथ प्रभावी ढंग से कर सकते हैं।

कुशलता के साथ किया गया प्रभावी संचार (communication) आपके पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को प्रोत्साहन देने का काम करता है। यहाँ कुछ आवश्यक और प्रभावी टिप्स दिये जा रहे हैं जिनके द्वारा आप अपने संचार को सटीक तरीके से लोगों के सामने रख सकते हैं।

उचित माहौल बनाए या उसका इंतज़ार करें (How to communicate better – Pick or create the right environment)

जब बात कम्युनिकेशन की आती है तो उस माहौल या वातावरण की उसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सही माहौल और उसमें मौजूद लोग आपकी बात को सुनते हैं और आपके द्वारा काही गई बात का एक सही क्रम में प्रभाव पड़ता है। तो जब भी आप किसी जगह लोगों को संबोधित करें तो उसके पहले ये ज़रूर सुनिश्चित कर लें की आपके द्वारा कही हुई बात दक्षता के साथ न केवल प्रभावी होगी, बल्कि आपको इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा कि वह स्थान या माहौल भी आपकी बात रखने की सही जगह हो। आस पास के वातावरण या माहौल का भी आपके द्वारा किए गए कम्युनिकेशन पर काफी प्रभाव पड़ता है।

अगर आप लोगों को कोई गंभीर जानकारी देने जा रहे हैं तो किसी ऐसी जगह का चुनाव करें जहां ज़्यादा शोर आदि न हो और वह एक शांत जगह हो। अगर आप कोई बुरी खबर, कोई हादसा या कोई रिजल्ट, प्रोजेक्ट आदि के बारे में कुछ बताने जा रहे हों तो आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि वह जगह किसी ऐसे स्थान में हो जहां पहुँचना आसान हो। अगर आपके लिए यह मुश्किल हो रहा है तो आप इसके बदले खुद ही एक माहौल तैयार कर सकते हैं, इसके लिए आप लोगों का एक ग्रुप बना लें, एक कप कॉफी के साथ शुरू की जाने वाली बात या चर्चा लोगों को आपको ध्यान से सुनने के लिए प्रोत्साहित कर देगी।

अगर आप किसी से निजी विषय पर कोई चर्च अकर्ण चाहते हैं तो आपको किसी ऐसे स्थान का चुनाव करना होगा जहां आपकी निजता सुरक्षित रहे या जहां ज़्यादा लोग न हों और आपकी बात किसी और तक पहुँचने का भी डर न हो। सार्वजनिक जगहों में किए जाने वाली चर्चाओं में लोगों तक आपकी बात पहुँचने का डर रहता है जो आपकी निजी बातों को सार्वजनिक कर सकता है, अपने पर्सनल मैटर को सुरक्षित रखने के लिए सही जगह का चुनाव करें।

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रुकावटों या बाधाओं को दूर करें (Remove all the forms of distractions)

किसी भी तरह के संचार या सम्बोधन में आने वाली बाधा उसे प्रभावी बनाने में रुकावट डाल सकती है और आपके संचार को निरर्थक कर सकती है तो अपनी बात को कहने के पहले यह देख लें कि ऐसी कौन सी चीज़ें हैं जो आपके संचार में रुकावट बन रही है, उन्हें हटाएँ। अगर आपके आस पास बहुत ज़्यादा शोर हो रहा है या लोग ज़ोर से बात कर रहे हैं तो इन्हें पहले ही रोक दें।इसी तरह मोबाइल, टेलीविज़न, साउंड सिस्टम आदि भी संचार में बड़ी बढ़ाएँ हैं, इसके लिए आप अपने श्रोताओं को पहले ही हिदायत दे सकते हैं की चर्चा या कम्युनिकेशन के वक़्त इन उपकरणों का प्रयोग बंद कर दें, क्योंकि इससे आपके श्रोताओं का ध्यान भी भंग होता है। अगर आपको उचित वातावरण मिलेगा तो आप अपनी बात को साफ तथा स्पष्ट रूप में और सही क्रम में लोगों तक पहुंचा पाते हैं जो की प्रभावी भी होता है।

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