How to stop nail biting habits in children? बच्चों में नाखून चबाने की आदत से कैसे छुटकारा पाएँ

नाखून चबाने (Nail biting) की आदत न केवल बच्चों में बल्कि वयस्कों में भी एक आदत के रूप में देखी जा सकती है। बढ़ते हुये बच्चों में नाखून चबाने की आदत के कई कारण हो सकते है लेकिन यह बात एकदम स्पष्ट है कि, यह खतरनाक आदत उँगलियों और नाखून में लगी गंदगी और मैल के द्वारा इन्फेक्शन फैलाने का सबसे बड़ा कारण हो सकती है जो बड़ी और गंभीर बिमारियों की प्रमुख वजह बन सकते हैं। ऐसा भी देखा गया है कि बहुत से बच्चे चिंता और तनाव की स्थिति के दौरान अपने नाखून चबाते हैं तो वहीं कुछ बच्चे जब खुद को बोर होता हुआ महसूस करते हैं तो समय काटने के लिहाज से अपने नाखूनों को दांतों से चबाते हैं। अगर आपने कभी गौर किया होगा तो आप पाएंगे कि छूटे बच्चों में ये आदत कभी नहीं होती। जब बच्चा बड़ा होने लगता है और दुनिया को जानने लगता है तो उसे भी विचार आने लगते हैं और सोचने की प्रक्रिया तेज होती जाती है। सोचने की प्रक्रिया और किसी विषय के बारे में दिमागी चिंता नाखून चबाने के रूप में अभिव्यक्त होती है, पर इस आदत के लिए कई बार माता पिता भी जिम्मेदार होते हैं जो नाखून चबाने की आदत (Fingernail biting) के शुरुआती दौर में रोक टोक नहीं करते। बच्चों में नाखून चबाने की आदत कैसे छुड़वाएँ? इस समस्या के समाधान के लिए इस आर्टिकल में कुछ उपाय बताए गए हैं जो नीचे दिये जा रहे हैं,

नाखून चबाने की आदत कैसे रोकें (Ways to stop nail biting habits in children)

सोचें कि क्यों है नाखून काटने की आदत (How to break nail biting habit in Hindi – Identify the underlying cause)

यह जानना आपके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपके बच्चे की चिंता का कारण क्या है जिसकी वजह से वह नाखून चबाता है। आपको उनसे लगातार बात करते रहने की ज़रूरत होती है। ऐसा करने से वे जो महसूस कर रहे हैं वो आपको आसानी से बता देते हैं और इससे यह भी पता चल जाता है कि उन्हें किसी बात को लेकर चिंता हो रही है। सही कारण को जानकार आप उसका सटीक हल प्राप्त कर सकते हैं और इससे बच्चे की चिंता व तनाव भी दूर हो जाता है और साथ ही नाखून चबाना (Nakhun chabana in Hindi) भी बंद हो जाता है।

नाखून खाने की आदत से बचने के लिए बच्चे को थोड़ा स्पेस दें (Give your child some space)

कुछ माता पिता की आदत होती है कि वे हर समय बच्चे के पीछे रोक टोक करते रहते हैं। बचा जो भी करने जा रहा हो उसकी हर बात में दखलअंदाजी करते हैं। पर अगर आपके बच्चे में नाखून काटने की आदत है तो रोक टोक की अपनी ये आदत आप पहले बदलें। अगर बच्चा पहले से ही चिंता या तनाव में हो उस पर माता पिता किसी तरह की रोक टोक या ज़्यादा दख़लअंदाज़ी करें तो उसका परिणाम नाखून चबाने के रूप में दिखाई देता है।

अपनी गलती महसूस करने पर संभलकर प्रतिक्रिया दें (Nail biting treatment with positive reaction, Help your child when she realizes a fault)

अगर बच्चा कोई गलती करे तो उसके लिए संभल कर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करें, बढ़ते बच्चे किसी न किसी तरह की गलती कर ही सकते हैं जो स्वाभाविक भी है। पेरेंट्स का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों की गलतियों पर ध्यान दें और किस तरह से वे उन गलतियों से सबक ले सकते हैं ऐसे कोई उपाय करें।

बच्चे को जागरूक करें (fingernail biting habit in Hindi – Awareness of the habit)

प्रत्येक बच्चे के लिए जानकारी और उस विषय के बारे में आवश्यक ज्ञान ज़रूरी है। अगर आप अपने बच्चे को किसी बात के प्रति सचेत करना चाहते हैं तो उस विषय से जुड़ी सभी सकारात्मक और नकारात्मक बातों पर खुलकर चर्चा करें। इससे बच्चे को सभी पहलुओं के बारे में पता चलेगा और वह जानकारी पाने के बाद सचेत हो जाएगा। जैसे ही बच्चा दांतों से नाखून काटने की शुरुआती अवस्था में हो तभी से उसे सचेत करना शुरू कर दें। इसके लिए आपको बार बार बोलकर समझाने की ज़रूरत नहीं है, आप चाहें तो आँखों के इशारे या किसी कोड वर्ड के द्वारा उसे यह समझा सकते हैं या मना कर सकते हैं, जिस वक़्त वो नाखून को अपने मुंह की ओर ले जा रहा हो।

नाखून कुतरने की आदत का विकल्प खोजें (how to stop biting nails, An alternative to the habit)

जैसा कि आपने वयस्कों में देखा होगा की किसी बुरी लत जैसे सिगरेट आदि से छुटकारा पाने के लिए सिगरेट के जगह लोग किसी अन्य वस्तु का इस्तेमाल विकल्प के रूप  में करते हैं, उसी तरह बच्चे को भी इस आदत की जगह कोई विकल्प दें। उदाहरण के लिए अगर बच्चा किसी चिंता या तनाव में हो तो उसे नाखून चबाने की बजाए ये सिखाएँ कि कैसे वह अपने बाजुओं को कसकर पकड़े रह सकता है। इसके अलावा मुट्ठी बंद करने और खोलने की एक्सरसाइज द्वारा भी गुस्से या तनाव को कम करना एक बेहतरीन उपाय है।

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शुरुआती अवस्था में ही नेल बाइटिंग की आदत रोकें (Nail biting kaise roke in Hindi – Early intervention)

बच्चे का दांतों से नाखून कुतरना एक बहुत ही सामान्य सी दिखने वाली बात होती है लेकिन यह आदत कुछ समय बाद एक समस्या का रूप ले लेती है। इसे आगे जारी होने से पहले ही रोकने का प्रयास करें। जब आप देखें कि बच्चा इस आदत को लगातार अपना रहा है उस शुरुआती समय में ही नाखून कुतरने की आदत को बंद करने की कोशिश करें। इस दौरान समझाकर, थोड़ा डांट डपट और प्यार से बच्चे की इस आदत को छुड़वाया जा सकता है। बच्चे को प्यार से यह समझाइश भी दें कि नाखून कुतरने की आदत किस तरह उसे अपने दोस्तों या परिचितों के सामने शर्मिंदा कर सकती है। इससे आपकी बातों का बच्चे पर ज़रूर असर पड़ेगा।

जबर्दस्ती ना करे (Cure nail biting in Hindi – Do not force or nag)

बच्चों में यह मानसिकता आसानी से देखी जा सकती है कि उन्हें जिस बात के लिए मना किया गया हो उस बात को वे करते ही हैं, इसीलिए बारा बार एक ही बात को न दोहराएँ, और ना ही उस बात के लिए मना करें। यह बात ध्यान में रखें की किसी आदत को आप डांट डपट कर रोक नहीं सकते इसके बदले आप उसे प्यार और पर्याप्त सम्मान के साथ नाखून काटने की आदत के दुष्परिणामों को बताएं और फिर उसे न करने की सलाह दें। अगर बच्चा फिर भी उसू आदत को दोहराए तो उस बात पर उसे सजा न दें, क्योंकि ऐसे में बच्चा झुँझलाकर वही गलती दोबारा दूर बार बार दोहराता है।

दोस्त बनकर मदद करें (Help your child’s friend in awareness/ Nakhun khane ki aadat kaise band kare)

नाखून काटने की आदत के प्रति सचेत करते रहने की जगह एक दोस्त बनाकर बच्चे की सहायता करने की कोशिश करें। बच्चों में यह मानसिकता होती है कि वे अपने उम्र के बच्चों या दोस्तों की बात को अधिक गंभीरता से लेते हैं। आपके इस रवैये से बच्चा आपकी सलाह को आसानी से और गंभीरता से ग्रहण करता है।

बच्चे के हाथों को व्यस्त रखें (nail biting habit in toddlers – Engage his hands)

नाखून काटने की आदत तब और अधिक बढ़ जाती है जब बच्चे को अपने हाथों को पूरी तरह आजाद रखने का समय मिलता रहे। इस आदत को रोकने के लिए बच्चे को हाथों को व्यस्त रखने की कोशिश करें। अब आप सोचेंगे कि छोटे बच्चे को किस तरह का काम दिया जाए जिससे वह व्यस्त रहे, इसके लिए आप उसे उसका कोई फेवरेट खिलौना जैसे गन या ऐसा ही कोई अन्य टॉय दे सकते हैं जिसमें ट्रिगर या हाथों की ज़रूरत हो। ट्रिगर आदि को दबाने में बच्चे की उंगलिया व्यस्त रहती हैं और वो नाखून कुतरने जैसी आदत को भूलने लगता है।

नाखून काटने से होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा करें how to stop nail biting in child – Speak about consequences

ऊपर बताई हुई सभी बातों के अलावा आपको अपने बच्चे को यह बताना भी ज़रूरी है कि उसे नाखून क्यों नहीं चबाना चाहिए। नाखून खाने के नुकसान (nakhun khane ke nuksan) क्या क्या हैं और नाखून चबाने से शरीर पर इसके क्या बुरे असर पड़ सकते हैं। बच्चा  जब इन सारी बातों को खुलकर जान पाएगा तो उसकी यह आदत खुद ब खुद कम होती हुई खत्म हो जाएगी।

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