Effective Hindi remedies to stop snoring – खर्राटों को कैसे बंद करे – खर्राटों को बंद करने के प्रभावी उपाय

खर्राटों की समस्या आमतौर पर उन मनुष्यों में देखी जाती है जो 40 की उम्र पार कर चुके हैं। वैसे यह समस्या सिर्फ मर्दों में ही नहीं बल्कि औरतों में भी देखी जाती है। खर्राटे लेने का कारण, खर्राटों के कई कारण होते हैं जैसे तनाव,वज़न ज़्यादा होना, धूम्रपान तथा शराब का सेवन आदि। वैसे तो कई प्रकार की दवाइयों के सेवन द्वारा खर्राटों से मुक्ति मिलती है, कुछ आसान से नुस्खों का प्रयोग करके आप चैन की नींद सो सकते हैं :-

1. खर्राटे क्यों आते है, पीठ के बल सोने से जीभ को एक मज़बूत आधार मिलता है और उसका नाज़ुक सिरा तालु की पिछली परत में टकराने लगता है जिससे कि सोते समय आवाज़ें निकलने की समस्या होती है। अतः सोने की मुद्रा बदलने से आवाज़ कम आएगी। एक तरफ मुड़कर सोने की आदत डालें।

2. खर्राटे रोकने के उपाय, कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें वज़न बढ़ने के बाद खर्राटों की समस्या पेश आती है। अतः अपना वज़न कम करने मात्र से ही वह खर्राटों की परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

3. शराब पीने से उन लोगों को भीं खर्राटों की तकलीफ होती है जिन्हें सामान्य रूप से यह तकलीफ कभी थी ही नहीं। अगर सोने के 5 या 6 घंटे पहले किसी ने शराब पी हो तो उसे भी खर्राटों की समस्या होगी। इसकी वजह तालु की मांसपेशियों का सही मात्रा में आराम ना मिलना है।

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4. खर्राटे का आयुर्वेदिक इलाज, एक शोध के मुताबिक़ कई घंटे तक किसी भी प्रकार से आराम न कर पाने के बाद अगर आप काफी बढ़िया और गहरी नींद लेते हैं तो भी आपको खर्राटों की समस्या से वाकिफ होना पड़ सकता है। लम्बे समय तक काम करने के बाद थक कर सोने से ये समस्या आती है जो कि निष्क्रिय मांसपेशियों की वजह से होती है।

5. खर्राटे का घरेलू उपचार, बिस्तर, तकियों एवं पंखों में काफी गन्दगी जमा होती है। इन्हें समय पर साफ़ किया जाना चाहिए अन्यथा ये एलर्जी वाली बीमारियों को जन्म देते हैं जिनमें  से खर्राटों की समस्या भी एक है। समय पर ये सारी चीज़ें साफ़ करने से खर्राटों एवं बैक्टीरियल संक्रमण से छुटकारा मिलता है।

6. खर्राटे का उपाय, अगर ठण्ड लगने या अन्य किसी समस्या की वजह से आपकी नाक बंद है तो यह भी खर्राटों का कारण बन सकता है। हम प्राकृतिक रूप से नाक से सांस लेते हैं, पर नाक बंद होने की स्थिति में हमें मुंह से सांस लेनी पड़ती है जिससे कि खर्राटों की समस्या उत्पन्न होती है।

7. धूम्रपान करने से नाक एवं गले पर प्रभाव पड़ता है। इससे सूजन पड़ती है और खर्राटों की परेशानी होती है।

8. खर्राटे का उपचार (kharate ka upchar), अगर आपकी खर्राटे लेने की आदत काफी ज़्यादा गंभीर हो गयी है तो शल्य क्रिया द्वारा मुंह और तालु के अतिरिक्त तंतु निकाले जा सकते हैं।

9. खर्राटे का इलाज, रोज़ाना नियमित व्यायाम करने से गले की मांसपेशियां सुगढ़ होती हैं और इससे हवा के आने जाने में कोई परेशानी नहीं होती जिससे कि खर्राटों की आवाज़ (kharate ka ilaj) कम होती है।

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10. खराटे आने का कारण, ठुड्डी पर लगाए जाने वाली पत्तियों का इस्तेमाल करें। ये वो पट्टियां होती हैं जो कि ठुड्डी के नीचे लगाईं जाती हैं। ये पट्टियां मुंह को संभालकर रखती हैं। मुंह खुले रहने की वजह से ही आमतौर पर खर्राटों की समस्या उत्पन्न होती है जो कि इस विधि के बाद नहीं होती।

11. खर्राटे का घरेलू इलाज, अगर आप खराब दांतों के कारण खर्राटों ई समस्या से परेशान हैं तो दांतों को सही करने के लिए दन्त विशेषज्ञ से संपर्क करें। आप गम शील्ड की तरह वह स्टिब्यूलर शील्ड भी बनवा सकते हैं। यह दांतों को ठीक करने में मदद करता है और अतिरिक्त हवा भी नहीं आने देता।

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