Prickly heat precautions for pregnant women – गर्भवती महिलाओं के लिए गर्मियों में घमौरियों से बचाव के उपाय

गर्मियों का मौसम आ गया है एवं आप निश्चित ही गर्मियों में होने वाली उन घमौरियों के बारे में सोचकर ही चिंतित होंगी। अगर आप गर्भवती हैं तो आपको निश्चित रूप से चिंता होनी चाहिए। घमौरियां त्वचा पर होने वाली गर्मियों की सामान्य समस्या है जो पसीने की ग्रंथियों में अतिरिक्त पसीने, तेल एवं गंदगी के जम जाने की वजह से होती है।

गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला की त्वचा काफी संवेदनशील हो जाती है एवं शरीर के हॉर्मोन्स (hormones) के बदलते स्तरों की वजह से गर्मियों में घमौरियों की समस्या कई गुना बढ़ जाती है।

भले ही आपको गर्मियों में अधिक घमौरियां ना होती हों, पर गर्भावस्था के दौरान आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। घमौरियों के रैशेस काफी चिड़चिड़ापन एवं परेशानी पैदा करते हैं। लेकिन अगर गर्मियां शुरू होते ही आप सही बचाव उपाय अपनाने लगेंगी तो आप त्वचा की इस समस्या से खुद को बचाने में सफल हो सकती हैं, खासकर तब जब आप गर्भावस्था के दौरान पैदा हुई अन्य सैंकड़ों समस्याओं से पहले से ही ग्रस्त होती हैं।

यहां उन श्रेष्ठ बचाव उपायों की सूची दी गयी है जिसका प्रयोग गर्भवती महिलाएं घमौरियों को दूर करने के लिए कर सकती हैं। हमेशा ध्यान रखें की गर्भावस्था के दौरान अपने स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सलाह किये बिना किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग ना करें। हालांकि यहां बताये गए बचाव उपाय पूर्णतः प्राकृतिक एवं गर्भावस्था के मुख्य समयकाल में भी प्रयोग करने में आसान हैं।

ढीले ढाले सूती के कपड़े पहनें (Wear loose fitting cotton clothes)

जैसे ही आपके क्षेत्र में तापमान में वृद्धि हो, आपके लिए अपने कपड़े पहनने के तरीके में बदलाव लाना आवश्यक है। कसे कपड़ों की बजाय ढीले ढाले एवं शरीर को ढकने वाले कपड़ों का चुनाव करें। ढीले कपड़े ना सिर्फ अधिक आरामदायक होते हैं एवं हवा को आने जाने का मौक़ा प्रदान करते हैं, बल्कि त्वचा को सूखा भी रखते हैं। अपने सिंथेटिक (synthetic) वस्त्रों को अलविदा कहें एवं सूती के कपड़े पहनें जो हल्के होते हैं एवं पेस्टल (pastel) रंग में उपलब्ध होते हैं।

गर्भावस्था के दौरान आने वाले विभिन्न सपने

सूती के कपड़े गर्मी दूर करने में प्रभावी होते हैं एवं पसीने की समस्या से भी निजात दिलाते हैं। ये पसीना सोखते हैं एवं हवा की आवाजाही को आसान बनाते हैं। सूती त्वचा के लिए भी लाभदायक होती है एवं इससे त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता। शरीर को ढकने वाले एवं ढीले सूती के कपड़े आपकी त्वचा को गर्मियों में बाहरी ताप से बचाते हैं।

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नियमित अंतराल में कपड़े बदलें (Change your clothes frequently)

ढीले सूती के कपड़े पहनना गर्मियों में घमौरियों से बचने के प्रभावी बचाव उपायों में से एक है, परन्तु अगर आपके क्षेत्र में तापमान एवं उमस काफी अधिक है तो आपको पसीना आता है एवं ढीले सूती के कपड़ों में भी आप पसीने से गीले हो सकते हैं। जैसे ही आपके कपड़े गीले हों, इन्हें तुरंत बदल दें। इससे आपकी त्वचा सूखी रहेगी एवं आप घमौरियों से सुरक्षित रहेंगी।

भारी गद्दों का प्रयोग ना करें (Do not use heavy bedding)

बाहर के तापमान के अधिक होने के समय गर्म गद्दों पर या चादर ओढ़कर सोने से भी घमौरियां हो सकती हैं। आपको शायद सोते समय पसीने का आभास ना हो, परन्तु जैसे ही आपकी नींद खुलती है आप अपनी त्वचा पर इसका प्रभाव देख सकते हैं। अतः ऐसे बिस्तर पर ना सोएं जिसपर सोने से आपको पसीना आए।

प्रेगनेंसी केयर टिप्स इन हिंदी – बार बार स्नान करें (Take frequent bath)

स्नान करना शरीर के तापमान को कम करने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। बार बार स्नान करने से ना सिर्फ अतिरिक्त पसीने से छुटकारा प्राप्त होता है, बल्कि शरीर के तापमान में भी गिरावट आती है। आप अपने नहाने के पानी में बेहतर परिणामों के लिए मुट्ठीभर दलिया या आवश्यक तेल से भरपूर नहाने का नमक मिश्रित कर सकते हैं। ये उत्पाद पानी की ठंडक एवं आराम प्रदान करने के गुण को प्रभावी बनाएंगे एवं आपकी त्वचा भी स्वस्थ रहेगी।

हवादार एवं ठंडी जगह में रहें (Stay in a well aerated and cool place)

गर्भवती महिलाओं के लिए हवादार एवं ठन्डे कमरे में रहना काफी सहायक होता है और इससे वे गर्मियों में घमौरियों की समस्या से निजात प्राप्त कर सकती हैं। गर्मियों के मौसम में एयर कंडिशन्ड (air conditioned) कमरों में रहना गर्भावस्था के दौरान घमौरियों से बचाव का निश्चित तरीका है।

गर्मी में गर्भवती शरीर को ठंडा रखने वाला आहार लें (Eat a body cooling diet)

गर्भावस्था के दौरान नींद पूरी करना

आपके आहार का आपके शरीर द्वारा उत्पन्न ताप में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। अतः अपना खानपान चतुराई से चुनें एवं ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करें जो शरीर को अंदर से ठंडा करते हों। लौकी, तोरई, मूली जैसी सब्ज़ियां एवं तरबूज़, खीरे एवं अनानास जैसे फल गर्मियों में शरीर के तापमान को काफी कम रखने में मददगार साबित होते हैं।

खट्टी दही, ठंडा दूध एवं मिल्कशेक (milkshakes) अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें आपको तापमान बढ़ने के साथ ही अपने खानपान में शामिल कर लेना चाहिए। इसके अलावा फलों के रस का भी सेवन करें एवं अंदर से ठंडक प्राप्त करने के लिए बीच बीच में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना ना भूलें।

हालांकि उपरोक्त खाद्य पदार्थों को अपने रोज़ाना के आहार में शामिल करने से आपको शरीर के तापमान एवं घमौरियों को कम करने में सहायता मिलेगी, आपको उन खाद्य पदार्थों का सेवन भी छोड़ना होगा जो शरीर के तापमान में वृद्धि करते हैं एवं सुनिश्चित करते हैं कि आप अंदर से ठंडक प्राप्त करें। मांस, अदरक, लहसुन एवं शरीर का तापमान बढ़ाने वाले अन्य पदार्थों से दूर रहें।

गर्भावस्था के दौरान गर्मियों की घमौरियों से बचने के घरेलू नुस्खे (Home treatments for staying away from summer prickly heat during pregnancy)

उपरोक्त बचाव उपायों का पालन करने से गर्भावस्था के दौरान आपको घमौरियों की समस्या होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। लेकिन क्योंकि आपकी त्वचा इस स्थिति में काफी संवेदनशील होती है एवं इसके समस्याओं एवं संक्रमणों का सामना करने की संभावना इस समय काफी अधिक होती है, अतः आपको नीचे दिए गए उपचारों का भी पालन गर्मियों के रैशेस (rashes) से बचने के लिए करना चाहिए।

इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल शरीर के उन भागों में करें जहां पसीने की उत्पत्ति काफी ज़्यादा होती है। अगर आपको पहले शरीर के किसी हिस्से में घमौरियों की समस्या होती थी तो उन भागों में इन उपचारों का प्रयोग करना ना भूलें। पीठ, छाती, गले, छाती के नीचे एवं नाभि के नीचे काफी मात्रा में पसीने का उत्पादन होता है। अतः इन उपचारों को शरीर के भागों पर बचाव उपाय की तरह प्रयोग में लाएं।

घमौरियों से बचाव के लिए दलिये का पैक (Oatmeal pack ideal precaution for prickly heat)

दलिये में त्वचा को ठंडक प्रदान करने के गुण होते हैं एवं इसके सौम्य एक्सफोलिएटिंग (exfoliating) गुणों की वजह से यह पसीने की ग्रंथियों में जमी किसी तरह की गन्दगी या अतिरिक्त तेल को साफ़ करके घमौरियों की संभावना को कम करता है। आप पर्याप्त दलिये को पानी में घोलकर दलिये का पैक तैयार कर सकते हैं। इस पैक को नहाने से आधे घंटे पहले पसीने से प्रभावित भागों में अच्छे से लगाएं। आप बचाव उपाय के तौर पर इस उपचार का प्रयोग हर दूसरे दिन कर सकती हैं एवं बीच के दिनों में अपने नहाने के पानी में दलिया डाल सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान लड़का होने के लक्षण

गर्मी के दाने के लिए घमौरियों को दूर करने के लिए चन्दन का पैक (Sandalwood pack safest precaution for prickly itch during pregnancy)

चन्दन में त्वचा को प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करने एवं इसे ठीक करने के गुण होते हैं। चन्दन का तेल मस्तिष्क को ठंडा रखने में काफी मददगार होता है। गर्भवती महिलाएं गर्मियों के दिनों में घमौरियों की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आसानी से अपने शरीर पर चन्दन का पैक लगा सकती हैं। चन्दन का एक ताज़ा पेस्ट बनाएं एवं इसे अपने शरीर के पसीने से प्रभावित भागों पर लगाएं। इस पैक को पूरी तरह सूखने दें एवं इसके बाद इसे पानी से धो लें। आप पसीने से प्रभावित भागों पर शुद्ध चन्दन का पाउडर लगाकर भी अतिरिक्त पसीना रोक सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान घमौरियों से बचने के लिए पुदीने की पत्तियां (Mint leaves to stay away from prickly heat during pregnancy)

पुदीना ठंडक प्रदान करने के लिए जाना जाता है एवं इसका प्रयोग घमौरियों के एक प्रभावी इलाज के तौर पर भी किया जाता है। पुदीने की ताज़ा पत्तियों को मसलक्र एक पेस्ट बनाएं एवं इसे अपने शरीर पर लगाएं। इसे 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें एवं इसके बाद स्नान कर लें। आप अपने नहाने के टब में एक मुट्ठी पुदीने की पत्तियाँ भिगोकर इस पानी में खुद को 15 मिनट तक डुबोये रखकर भी लाभ प्राप्त कर सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान मुल्तानी मिट्टी से घमौरियों का निदान (Fuller’s earth helps to prevent prickly heat during pregnancy)

मुल्तानी मिट्टी एक आसानी से उपलब्ध एवं किफायती उत्पाद है जो गर्भवती महिलाओं को ठण्ड के समय भी घमौरियों से बचाकर रखने में काफी प्रभावी साबित होता है। मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक मिट्टी है जिसमें त्वचा को आराम प्रदान करने एवं इसे पोषण देने के गुण होते हैं। इसका अपने शरीर पर प्रयोग करने के लिए इसे पर्याप्त पानी में भिगोएं एवं इसके नरम होने की प्रतीक्षा करें। आप अपने शरीर पर मुल्तानी मिट्टी का पैक लगाकर तथा इसे 80% प्रतिशत सूखने देकर स्नान कर सकती हैं।

एलो वेरा एवं पुदीने से गर्भावस्था के दौरान घमौरियों से बचाव (Lavish prickly heat precaution during pregnancy – Aloevera and Mint)

गर्भावस्था के दौरान कैसा हो माँ का आहार?

आप एलो वेरा एवं पुदीने की मदद से गर्भावस्था के दौरान घमौरियों की समस्या को दूर करने के लिए एक बेहतरीन एवं प्रभावी उपचार का सृजन कर सकती हैं। 2 कप पानी में मुट्ठीभर पुदीने की पत्तियों को तब तक उबालें, जब तक पानी आधा ना रह जाए। अब पत्तियों से पानी निकाल लें एवं इस मिश्रण को एक कूलर (cooler) में रख दें। एलोवेरा की पत्तियों से एलोवेरा का गूदा निकालें एवं इसे पुदीने की पत्तियों के मिश्रण के साथ एक ग्राइंडर (grinder) में पीसें।

इससे निकले जेल (gel) को अपने शरीर पर लगाकर छोड़ दें। इस उपचार से आपकी त्वचा को ठंडक मिलेगी एवं यह स्वस्थ रहेगी और यह त्वचा की किसी भी तरह की समस्याओं से बची रहेगी।

घमौरियों से बचाव के लिए आवश्यक तेल से स्नान (Essential oil bath to prevent prickly itch)

अपने नियमित नहाने के पानी में लैवेंडर एवं कैमोमाइल ऑइल (lavender and chamomile oil) जैसे आवश्यक तेल ड़ालकर आप घमौरियों को दूर करने का एक प्रभावी एवं सुखद नुस्खा तैयार कर सकती हैं। ये आवश्यक तेल त्वचा पर किसी भी तरह के संक्रमण या बैक्टीरिया (bacteria) को उनके शुरूआती चरण में ही ख़त्म करते हैं। इन आवश्यक तेलों को अपने नहाने के टब में डालकर इस पानी में खुद को 15 मिनट तक डुबोये रखने से आपको गर्भावस्था में घमौरियों से प्रभावी रूप से छुटकारा प्राप्त हो सकता है।

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