Summer skin problems and their remedies in Hindi – गर्मी में त्वचा की समस्याएं एवं उनके समाधान

गर्मियों का समय आते ही लोग गर्मी की छुट्टियों के बारे में सोचने लगते हैं,अतः यह काफी आवश्यक है कि आप अपनी गर्मी की छुट्टियां त्वचा की परेशानियों का सामना करते हुए ना बिताएं। गर्मियां लोगों के लिए मौज मस्ती करने का समय होता है, पर इस मौसम में त्वचा के धूप के संपर्क में रहने से आपको त्वचा सम्बन्धी कई समस्याएं पेश आ सकती हैं जो गर्मियों का मज़ा किरकिरा करती हैं। अतः ये काफी ज़रूरी है कि हम गर्मियों में होने वाली त्वचा की परेशानियों का कोई समाधान निकालें जिससे या तो वो ठीक हो जाएं या फिर वो हो ही नहीं। गर्मियों की समस्याएं और उनके निदान (skin treatment in hindi) :-

त्वचा की देखभाल कैसे करें – रैशेस (Heat rash se skin ki dekhbhal)

ये सूरज की रोशनी के संपर्क में ज़्यादा रहने से त्वचा में लाल दाग के रूप में होते हैं तथा ये गोरे लोगों की त्वचा में ज़्यादा दिखाई देते हैं। इसके निदान के रूप में जब भी आप सूरज की रोशनी में निकलें तो निकलने के 1 घंटे पहले ज़्यादा spf युक्त सन स्क्रीन लगाएं और उसके बाद बीच बीच में सन स्क्रीन लगाते रहें।

चेहरे पर फोटो सेंसिटिविटी की स्थिति (Sun allergy se twacha ki dekhbhal)

यह अवस्था चेहरे पर आमतौर पर अलग अलग तरह की दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट के कारण होती है। जब आप दवाई ले रहे होते है और धूप के संपर्क में भी होते हैं तो इसके फलस्वरूप त्वचा में फोटो सेंसिटिविटी की स्थिति उत्पन्न होती है। इस अवस्था के अंतर्गत चेहरे पर रैशेस होते हैं। अतः अगर आप गर्मी के मौसम में मौज मस्ती करना कहते हैं तो गर्भ निरोध, तनाव और जलन की दवाइयाँ लेने से परहेज़ करें।

धूप से बचाव के तरीके

गर्मी में त्वचा की देखभाल – घमौरी (Prickly heat rash se garmiyo me skin care tips)

यह समस्या सूरज की रौशनी के संपर्क में रहते हुए अत्याधिक पसीना निकलने के कारण होती है। यह परेशानी आमतौर पर तब होती है जब त्वचा के पसीने की ग्रन्थियां बंद होती हैं जिसकी वजह से पसीना निकल नहीं पाता। ऐसी स्थिति में यह पसीना शरीर के अंदर चला जाता है जिससे रैशेस की समस्या पैदा होती हैं। छोटे बच्चे और शिशु आमतौर पर इस समस्या के शिकार पाए जाते हैं। इस समस्या से बचने के लिए व्यस्कों को बेबी पाउडर लगाना चाहिए जो काफी सौम्य होता है या फिर सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए सन स्क्रीन लगाना चाहिए।

गर्मियों में त्वचा की देखभाल – डर्मेटाइटिस (Dermatitis se garmiyon me beauty tips)

ब्‍यूटी टिप्‍स, यह समस्या त्वचा में मौजूद कुछ केमिकलों के सूरज की किरणों के साथ संपर्क में आने के फलस्वरूप पेश आती है। त्वचा अगर ज़्यादा संवेदनशील हो तो वह त्वचा पर लगाए जाने वाले किसी भी सौंदर्य प्रसाधन या फिर परफ्यूम से भी संपर्क में आने पर प्रभावित होती है। इस समस्या के लिए सन डिफेन्स उत्पाद भी ज़िम्मेदार हैं अतः हाइपो एलर्जेनिक उत्पादों का प्रयोग करें जो सूरज की किरणों से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा में रैशेस नहीं होंगे।

पौधों से हुए रैशेस (Plant rashes – skin ki dekhbhal)

गर्मियों का मौसम कुछ पौधों के उगने का भी समय होता है जैसे नेटल्स,डफोडिल्स और अन्य कांटेदार पौधे और अगर इनके संपर्क में आया जाए तो कई लोगों को रैशेस की समस्या हो सकती है। इस समस्या से निपटने का उपचार यही है कि रैशेस वाली जगह को साफ़ रखा जाए। रैशेस ना होने देने के लिए इस तरह के जंगली पौधों से दूर रहे।

कीड़े मकौड़े (Insect bites and stings se skin ke liye gharelu nuskhe)

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के उपाय

कीड़े मकौड़े के काट देने से भी त्वचा में रैशेस हो जाते हैं। इस समस्या से बचाव के लिए ऐसे उत्पादों का प्रयोग करें जिनमें खुशबू हो जो कीड़े मकौड़ों को दूर भगा सके। अगर आपको किसी कीड़े ने काट लिया हो तो उस जगह पर खुजली न करें क्योंकि इससे रैशेस और जलन दोनों बढ़ेंगी। ऐसी अवस्था में किसी डॉक्टरी विशेषज्ञ से सही दवा लेकर उसका प्रयोग करें।

loading...

Subscribe to Blog via Email

Get Hindi tips to your inbox everyday