Do’s and don’ts during chikungunya – चिकनगुनिया में ध्यान रखने योग्य बातें

चिकनगुनिया (Chikungunya) मच्छरों की वजह से होने वाली बिमारी है जिसमें शरीर में बहुत गंभीर और पीड़ादायी अनुभव होते हैं. डेंगू और मलेरिया की ही तरह मानसून के पहले और बाद में वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ जाती है जो मच्छरों और अन्य संक्रमण फैलाने वाले रोगों के बढ़ने का उपयुक्त समय होता है. एडिस मच्छरों की वजह से होने वाली चिकनगुनिया बिमारी के वायरस भी ऐसे ही समय में अधिक फैलते हैं.

अगर आपके आसपास के क्षेत्र में चिकनगुनिया की खबर फैले तो आपको भी सतर्क हो जाना चाहिए. इस गंभीर तरह के बुखार से परिवार के अन्य सदस्यों और खासकर बच्चों को बचाना बहुत ज़रूरी है. अगर दुर्भाग्यवश इस बुखार की चपेट में आप आ ही जाते हैं तो इन आसान सी सलाहों के द्वारा जान सकते हैं कि चिकनगुनिया के बुखार के दौरान क्या करें और क्या ना करें?

चिकनगुनिया के लक्षण हिंदी में (Symptoms of chikungunya in Hindi)

  • चिकनगुनिया का सबसे पहला और सामान्य लक्षण है तेज बुखार. अगर किसी को 24 घंटे से ऊपर बहुत तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना उचित होगा.
  • उच्च ज्वर के साथ जोड़ों में बहुत दर्द होने का अहसास होता है और इसमें जोड़ों में सूजन भी आ जाती है. बुखार के शुरूआती समय में यह सूजन नहीं होती लेकिन तेज बुखार के साथ दर्द और सूजन अधिक महसूस होने लगता है.
  • कुछ रोगियों में जोड़ों के दर्द के साथ मसल्स पेन की शिकायत भी देखी जा सकती है.
  • चिकनगुनिया के बुखार में सिर में भी दर्द महसूस होता है जो साधारण सिर दर्द की दवा से ठीक नहीं होता.

चिकनगुनिया में इन बातों का रखें ध्यान  (Do’s during Chikungunya/ Chikungunya tips in Hindi)

अगर आपके आसपास चिकनगुनिया फैला हो या आपके परिवार में किसी को ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना देरी किये इन बातों पर ध्यान दें.

डॉक्टर से मिलें (Visit a doctor)

अगर आपको इस बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें, जहाँ वह आपको लक्षणों को पहचानकर कुछ टेस्ट करने को कहता है. ब्लड टेस्ट के द्वारा चिकनगुनिया के वायरस का पता चलता है. दवाओं से चिकनगुनिया का इलाज नहीं किया जा सकता बल्कि ये दवाएं बुखार के लक्षणों को कम करने में सहायक होती हैं ताकि संक्रमण कोई गंभीर रूप ना ले ले.

पूरा आराम ज़रूरी (Complete bed rest is advised)

अगर आपको चिकनगुनिया का बुखार है तो इसमें बेड रेस्ट यानी पूरी तरह आराम करने की हिदायत दी जाती है. इस बिमारी में अत्यधिक कमजोरी और शुन्यता सी आ जाती है जिसके लिए पूरा आराम बहुत ज़रूरी होता है.

मच्छरदानी का इस्तेमाल करें (Use mosquito net)

अगर घर में किसी को चिकनगुनिया का बुखार आया है तो पूरे परिवार के सदस्यों और रोगी को भी मच्छरदानी का प्रयोग सोते समय ज़रूर करना चाहिए इसके अलावा मरीज को सार्वजनिक स्थानों में नहीं ले जाना चाहिए क्योंकि एडिस मच्छर के काटने का असर रक्त में रहता है जो किसी और मच्छर के काटने से उस व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में फ़ैल सकता है.

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पहनें ढीले कपड़े (Wear loose fitting and body covering clothes)

अगर बुखार आया हुआ हो तब भी मच्छरों से बचे रहना ज़रूरी है. और घर में किसी और को यह बुखार होने पर आपको भी सुरक्षा के सारे उपाय अपनाने चाहिए. मच्छरों के काटने से बचने के लिए ढीले और पूरी तरह शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें.

सादा और पोषण भरा आहार (Take nutritious but simple diet)

चिकनगुनिया होने पर पाचन क्रिया भी कमजोर और गड़बड़ा जाती है. इसके लिए उचित पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए जो कम तेल, मिर्च मसालेदार भी हो. जिससे यह आसानी से पच सके.

अधिक तरल लें (Increase fluid intake)

अगर किसी को चिकनगुनिया का बुखार आता है तो शरीर में पानी की कमी की समस्या भी हो सकती है जिस पर समय समय पर ध्यान देते रहना चाहिए. उचित मात्रा में पानी के साथ तरल पदार्थों जैसे जूस, सूप, स्मूदी, नारियल पानी आदि का भी सेवन करना चहिये.

ब्लड टेस्ट (Repeat the Blood test)

इस बुखार में रेग्युलर चेकअप के अलावा ब्लड टेस्ट भी करवाते रहना चाहिए. जब तक बुखार हो उस दौरान हर दो दिन में एक ब्लड टेस्ट ज़रूरी होता है. बेहतर होगा कि इस बुखार में रोगी को अस्पताल में भर्ती कर दिया जाये, जहाँ उसकी नियमित जांच और टेस्ट आदि समय समय पर होते रहते हैं.

चिकनगुनिया में इनसे बचें (Don’ts during chikungunya)

उपचार में देरी ना करें (Do not delay treatment)

अगर आपको लक्षणों के द्वारा रोग का पता चल गया है तो इसके हर में किसी तरह की देरी करना खतरनाक हो सकता है. जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से उपचार शुरू करवाएं.

नियमित दिनचर्या से दूर रहे (Do not lead the normal lifestyle)

सामान्य जीवनशैली या दिनचर्या चिकनगुनिया के रोग को और भी गंभीर बना सकती है साथ ही यह दूसरों तक भी संक्रमित हो सकती है. इसके लिए पर्याप्त आराम करें और घर पर रहे.

नए लक्षणों को अनदेखा न करें (Do not neglect any new symptom)

अगर बुखार के दौरान आपको कोई नया लक्षण या परेशानी दिख रही हो तो इसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए, इसके बारे में डॉक्टर को बताएं.

बाहर का भोजन ना करें (Don’t eat outside food)

बाहर का भोजन इस दौरान सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है. खास तौर पर तला भुना या मिर्च मसाले वाला खाना सेहत को नुकसान पहुंचाता है. चिकनगुनिया के बुखार में घर पर बना सादा भोजन ही लेना चाहिए.

जल्दबाजी ना करें (Do not try to go back too quickly)

चिकनगुनिया का संक्रमण जल्दी ख़त्म नहीं होता और यह पूरी तरह ठीक न होने पर बहुत गंभीर परिणाम दे सकता है, इसीलिए जब तक आप पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएँ, तब तक नियमित दिनचर्या में ना लौटें. इस रोग में कई दिनों तक कमजोरी और दर्द का अहसास बना रहता है इसीलिए पर्याप्त आराम ज़रूरी है.

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