Do’s and Don’ts in a teenage relationship – टीनएज रिलेशनशिप, क्या करें क्या न करें

टीनेज (teen age) एक बहुत ही संवेदनशील दौर होता है जहां हम कई तरह के बदलावों से गुजरते हैं जो शारीरिक और मानसिक दोनों ही प्रकार के होते हैं। हम खुद को अपनी तरह का बनाना चाहते हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं। यह उम्र ऐसी होती है जहां हम अपने दोस्तों के बहत करीब हो जाते हैं और लगता है की किसी और के बजाय वही हैं जो हमे अच्छी तरह समझ सकते हैं।

उसके बाद जब हम थोड़े और बड़े होते हैं तो एहसास होता है कि, हमनें क्या क्या गलतियाँ की, ये सभी गलतियाँ हमें खुच न कुछ सीख देकर जाती है। इन सब के अलावा भी ऐसे बहुत से किस्से होते हैं जो हमे तरह तरह की सीख देते हैं और कुछ बातों पर हमें अब हंसी आती है कि, उस समय हमनें कैसे बचकानी हरकत की थी।

इन सब बातों से हर माता-पिता को यह सलाह दी जाती है की अपने टीनएज बच्चे को दूसरों की तरह ही सामान्य तरीके से बड़ा होने दें। इन बातों को आपको कबूल करना ही होगा की आपका बेटा या बेटी शायद किसी रिलेशनशिप (relationship) में हैं या वे स्मोकिंग अथवा अल्कोहल का सेवन कर रहे हैं या फिर कोई और ऐसी ही परेशान करने वाली बात जो माता पिता के लिए आसान नहीं होती।

पार आज के किशोर किशोरियाँ इन बातों को लेकर ज़्यादा सतर्क हैं कि, क्या उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है और क्या नहीं। माता पिता को अपने बच्चों के साथ अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए मित्रता और  दृढ़ता में संतुलन रखने कि आवश्यकता होती है ताकि जब वे किसी मुसीबत में पड़ जाएँ तो आपसे शेयर कर सकें और आप भी उस मुश्किल दौर में उनकी सही मदद कर सकें।

टीन एजर्स रिलेशनशिप (Teenager relationship – relationship ke liye tips)

टिप्स और उपाय से अपनी रिलेशनशिप को मजबूत बनाएँ

यह एक ऐसी उम्र होती है जहां उनके स्कूल का बहुत सा समय पहले ही बीत चुका होता हैं। यहाँ उनका झुकाव अपने आस पास के बहुत से दोस्तों कि तरफ होता है और उनमें से कुछ उनके बहुत खास दोस्त या बेस्ट फ्रेंड बन जाते हैं। इस दोस्तों के साथ ही वे अपने सारे गहरे राज़ या बातें साझा करते हैं ये दोस्त उनके लिए किसी मनोवैज्ञानिक कि तरह होते हैं। कुछ लोग ऐसे भी उनके आस पास होते हैं जिनके सात वो अपना ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताना चाहते हैं और कभी कभी तो ऐसा भी होता है कि इन्हीं खास दोस्तों के बीच में कोई एक ऐसा होता है जिससे वो दूर जाना नहीं चाहते और जिसके साथ वो हमेशा रहना चाहते हैं। इसकी शुरुआत आकषर्ण से होती है। उसके बाद कई तरीकों से यह आकर्षण एक दूसरे को पसंद करने में बदल जाता है। यह एहसास एक दूसरे के प्रति परवाह या चिंता कि भावना को बढ़ा देता है। आप उन्हें खुश रखना चाहते हैं और हर हाल में उनके चेहरे पर मुस्कुराहट चाहते हैं। यह एक ऐसा एहसास होता है जिसमें लगता है कि आप उनके लिए कुछ भी कर सकते हैं और यही भावना आपको आत्मसंतुष्टि देती है।

अगर आप भी किसी रिलेशनशिप में हों तो आप भी इस दोर से गुजर चुके होंगे जब शुरुआती दिनों में आप भी अपनी शर्म को चाहते हुये भी रोक नहीं सकते थे। यह भाव दो लोगों को आंतरिक रूप से बहुत ज़्यादा करीब ले आता है जो रोमांस और बिना किसी असहमति के होता है। अपने रिश्ते को मजबूती देने के लिए यहाँ कुछ टिप्स और बातें बताई गयी है जिससे आप एक दूसरे कि बातों को अच्छी तरह समझ कर अपने रिश्ते को बेहतर बनाए रख सकें।

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टीनएज रिलेशनशिप उलझनों भरी होती है क्योंकि इसमें कोई भी लंबे समय तक के बारे में विचार नहीं करता। इस कच्ची उम्र में दिल इतना परिपक्व नहीं होता जो प्यार कि गहराई और रिश्तों कि महक को महसूस कर सके। वो केवल भावनाओं में बहते चले जाते हैं और एक दिन अलग हो जाते हैं। लेकिन अगर आप अपने रिश्तों के प्रति गंभीर हैं और चाहते हैं कि यह रिलेशन शिप आगे भी ऐसी ही बनी रहे तो यहाँ कुछ टिप्स दिये जा रहें हैं जिसमें बताया गया है कि, रिशो को मजबूत बनाए रखने के लिए क्या करें और क्या न करें।

  1. अपने रिलेशनशिप को दोस्तों के ग्रुप से अलग रखें (Keep the relationship separate from friend group)

हो सकता है कि, आपके साथी ने आपको अपने दोस्तों के ग्रुप से दूर रखा हो, पर यह एक अच्छी बात ही है। जैसे आप एक दूसरे के साथ अलग से थोड़ा समय साथ बितना चाहते हों उसी प्रकार आप दोनों को थोड़ा समय अलग होकर भी बिताना चाहिए और अपने दोस्तों के ग्रुप से अलग ही रखना चाहिए। अपने रोज़मर्रा कि बातों या विवादों में दोस्तों को शामिल नहीं करना चाहिए, तब तक , जब तक कि आप बहुत ज़्यादा प्रभावित या चिंतित न हों। हो सकता है की आपके दोस्त अब भी आपके साथ पहली जैसी मस्ती घूमना फिरना और बातें करना चाहते हों पर ज़रूरत के हिसाब से आपको कुछ बातों में बदलाव करने चाहिए जिसकी वजह से आपके रिश्ते पर किसी तरह का दुष्प्रभाव न पड़े। लेकिन जब आप अपने दोस्तों के ग्रुप में उनके साथ हो तो बस एक दूसरे में खोये न रहें और न ही एक कोने में अलग से बैठ कर गुपचुफ बातें करें, बल्कि सभी के साथ दोस्तों के बीच उनसे भी दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें।

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2. नकारात्मकता को कम करें (Reduce negativity)

अपने पार्टनर के बारे में नकारात्मक बातें न करें। और न ही अपने दोस्तों से उनके बारे में कुछ गलत कहें। हालांकि आप अपने दोस्तों के साथ उन्हें लेकर बाहर जा सकते हैं पर जितना हो सके यह कम ही करना चाहिए। अगर आप अपने दोस्तों के सामने उनकी बुराई करते हैं या करती हैं तो आपके दोस्तों को उन्हें नपसंद करने की एक वजह मिल जाएगी। हर रिश्ते में बुरा दौर आता है पर जब बात आप दोनों के बीच की हो येतो इसमें किसी बाहरी व्यक्ति को सामिल न करें।

3. भरोसेमंद लोगों को पहचानें (Know the reliable people – kishor age ki relationship)

आपके दोस्त आपसे आपके साथी या पार्टनर के बारे में कुछ ऐसी बातें शेयर कर सकते हैं जो शायद आपको अच्छी न लगे। पर ध्यान रखें की ये सब बातें कुछ हद तक बनाई हुई या बढ़ा चढ़ा कर बताई जा रही हो, जबकि सच्चाई कुछ और ही हो। कई बार आपके अच्छे दोस्त भी आपके साथी के बारे में गलत या झूठी बातें बोल सकते हैं इसका कारण है की आप और आपके साथी के बीच सब कुछ ठीक चल रहा होता है और यहीं से जलन की भावना की शुरुआत होती है। ऐसे दोस्तों को आपकी लाइफ के बारे में कोई मसाला नहीं मिल पाता तो वे ऐसी हरकतें भी कर सकते हैं। और कई बार ऐसा भी होता है की आपके दोस्तों को आपकी दूरी का ज़्यादा एहसास होने लगता है और वो सोचते हैं की आप उनसे दूर होकर अपने पार्टनर के ज़्यादा करीब चले गए है और आपको खो देने का यही दर उनके मन में बैठ जाता है। रिश्तों के बीच संतुलन बनाना सीखें। हर रिश्ता खास होता है और इन्हें सही तरीके से संभालना भी बड़े होने का एक हिस्सा है।

4. बातचीत हो स्पष्ट (Keep conversation crisp and clear)

अगर आपने अपने साथी के बारे में कोई ऐसी बात सुनी है जिनसे अब तक आप अनजान थी या थे, तो इन बातों को अपने साथी के साथ बैठकर साफ करें। उलझन या झगड़े की स्थिति न बनाएँ बल्कि सही तरीके से बातचीत कर बातों को स्पष्ट करें। अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो उसे सरल ढंग से सीधे पूछें। घूमा फिरा कर बात न करें और न ही बातों में किसी तरह का शक ज़ाहिर करें। आपके बीच का यह रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण और नाज़ुक है इस बात का ध्यान रख कर बातचीत के पहले इस चर्चा को एक आकार में ढालकर बात शुरू करें। आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा की आपके पार्टनर को कौन सी बात अच्छी लगती है और कौन सी नहीं। आपका बोलने का कौन सा ढंग उन्हें परेशान कर सकता है या कौन सी बात उन्हें पसंद नहीं। इन सभी बातों को ध्यान में रख कर चर्चा को शुरू करें।

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5. संबंध बेहतर बनाने के टिप्स – सम्मान का रखें ध्यान (Respect)

बड़ों के निर्णय का मान बनाए रखने का मतलब भी साथी के सम्मान से जुड़ा हुआ होता है। अगर आपके साथी के मटा पिता ने उनके लिए कोई नियम बनाए हैं या उनके लिए कोई फैसला लिया है तो आपको उसके विरुद्ध बिल्कुल नहीं जाना चाहिए। यह प्रतिवाद आपके और आपके साथी के माता पिता के बीच मतभेद पैदा कर सकता है। अगर आपको लगता है की वे कोई अन्याय कर रहे हैं तो आपको बोल कर अपने बात उनके सामने रखनी चाहिए और उन्हें यह महसूस करना चाहिए की वो गलत कर रहे हैं।

अगर आप पहले से एक दूसरे के बेस्ट फ्रेंड या फिर बहुत करीबी दोस्त थे या फिर बचपन से एक साथ बड़े हुए और बाद में जाकर आप दोनों को एक दूसरे से प्यार होता है और आप एक दूसरे के पार्टनर बन जाते हैं तो यह बात बहुत सामान्य होगी की आप एक दूसरे से बच्चों या भाई बहनों की ही तरह बातचीत और लड़ाई झगड़ा भी करते हों। आप दोनों को एक दूसरे की लगभग हर बात पता होती है। पर अब आपका रिश्ता बदल चुका होता है और आपको अपने इस रिश्ते और भी सुदृढ़ करने के लिए पहले से ज़्यादा सम्मान देने की ज़रूरत होती है। अपने साथी से पहले से अधिक प्यार व सम्मान से बात करें। उनकी बातों को ध्यान से सुनें और उनके परवाह करें।

6. लाइफ चलती रहती है, जब आप रिलेशनशिप में होते हैं (Life goes on while you are in a relationship)

किसी भी रिश्ते को बनने और मजबूत होने में थोड़ा समय लगता है जब आप रिलेशनशिप में होते हैं तो शुरुआत में ज़्यादा से ज़्यादा समय साथ में बिताना अच्छा लगता है और यह सही भी है। लेकिन जैसे जैसे वक़्त बीतता जाता है आपको इस बात का एहसास होना चाहिए की इस रिश्ते के साथ और भी बहुत कुछ आपके जीवन में हैं और आपको उन सभी चीजों को भी पर्याप्त समय देना है। अगर आप किसी के गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड हैं तो आपके लिए पढ़ाई, कैरियर और परिवार जैसे ज़रूरी मुद्दे हैं। आपको इन सब के साथ सही तालमेल मिलाकर चलना होता है।

7. ईमानदार रहें (Be honest)

बहुत से कपल्स (couples) की यह समस्या होती है की वे अपनी बातों को बता नहीं पाते, इस दर से कि, कहीं वे अपने साथी को खो न दें। पर ऐसा नहीं होता और सच्चे रिश्ते ऐसी किसी बात के खत्म नहीं होते। आपको अपनी बात को साफ और सीधे तौर पर बोलनी चाहिए। जो भी आपके दिमाग में चल रहा हो और आपको परेशान कर रहा हो वो ज़रूरी बातें अपने साथी को अवश्य बतानी चाहिए।

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रिलेशनशिप टिप्स – रिलेशनशिप को बेहतर बनाने के उपाय (Ways to improve a relationship)

ऐसा कई बार होता है कि लगता है जैसे रिलेशनशिप टूट चुका है या टूटने की कगार पर है और हमें उस रिश्ते को पकड़े रहने की ज़रूरत पड़ती है। समय इस पर दोनों तरह के प्रभाव डालता है या तो आप अलग हो जाते हैं या फिर दोनों मिलकर अपने रिश्ते को बेहतर , हेल्दी रिलेशनशिप बनाने की कोशिश कर सकते हैं। यह कोशिश केवल एक के करने से नहीं होती। आपको आगे बढ़कर इसकी शुरुआत करनी चाहिए।

  • जब आपका रिश्ता टूटने की कगार पर हो तो आपको सबसे पहले यह बात सोचनी चाहिए की क्या था, जो अब तक आप दोनों को एक दूसरे से जोड़ कर रखे हुए था? ऐसी कौन सी बात थी जिसकी वजह से आप एक दूसरे के करीब थे। जब आप साथ थे उस वक़्त एक दूसरे के लिए अपने अहसासों की गहराई को समय के द्वारा नापा नहीं जा सकता, हालांकि आप एक दूसरे के बहुत करीब आए यह समय के साथ ही हुआ। जब आप प्यार में थे तो आसानी से आपको प्यार का एहसास हुआ, उस बात के बारे में सोचिए जिसकी वजह से अब तक आप एक साथ थे।
  • उस दिन को याद कीजिये जब आप दोनों पहली बार साथ में डेट पर गए थे। उसी जगह उसी ड्रेस में फिर से जाइए, उस अहसास और यादों को फिर से महसूस करने की कोशिश कीजिये। यादें एक अच्छा जरिया हो सकती हैं जिसकी वजह से आप अपने आने वाले कल को फिर से साथ मिलकर खूबसूरत बना सकते हैं।
  • बाहर जाएँ और एक दूसरे का मनोरंजन करने की कोशिश करें। अपने साथी को हंसाने की कोशिश करें। अपने काम के बारे में उनसे शेयर करें। उनके कैरियर में विकास के लिए उनकी मदद करें।
  • एक दूसरे को ऐसी बातों के बारे में बताएं जो आप एक दूसरे के लिए करते हैं जैसे की उनके लिए उनका मनपसंद केक या किसी अवसर पर खास उनके लिए बनाया गया ग्रीटिंग कार्ड कितना मुश्किल था। उन्हें अपने लिए आपके उस प्यार का एहसास होने दें।
  • अंत में, अपने रिश्ते का सही महत्व समझें और उसका मान बनाए रखें, वरना यह सचमुच अपने अंत की तरफ चला जाएगा।
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