What is the pregnancy to do list? – गर्भावस्था में करने वाले कार्यों की सूची

जब एक महिला अपने गर्भवती होने की खबर के बारे में जानती है तो यह उसके लिए काफी खुशनुमा और अद्भुत समय होता है। इस समय काफी शारीरिक और भावनात्मक बदलाव होते हैं, अतः अच्छा यह होता है कि आप खुद को आने वाले समय के लिए पहले से ही तैयार रखें। नीचे ऐसे ही कुछ समयों के लिए पहले से तैयार रहने के नुस्खे बताये गए हैं।

गर्भावस्था की पहली तिमाही – पहली तिमाही के कार्यों की सूची (First trimester to-do list)

गर्भावस्था के पहले कुछ महीने परेशानी तथा थकावट से भरे और उत्सुकता युक्त होते हैं।

  • प्रेग्नेंसी का पहला महीना, जैसे ही आपको अपने गर्भवती होने का पता चले तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भधारण की सभी अच्छी और बुरी बातों के बारे में जानकारी एकत्र करें। अपने शरीर तथा अपने बच्चे के स्वास्थ्य को सही रखने सम्बन्धी सभी बातों को जान लें। अपने ब्लड प्रेशर तथा वज़न को रोज़ नापें तथा इसे कहीं नोट करते रहें।
  • गर्भावस्था की पहली तिमाही, रोज़ाना फोलिक एसिड का सप्लीमेंट लेना शुरू करें।
  • आपको दवाइयाँ काफी ध्यानपूर्वक लेनी पड़ेंगी। कुछ पेनकिलर्स और अन्य दवाएं बच्चे के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इस सम्बन्ध में डॉक्टर से सलाह करें तथा जितना हो सके कम दवाइयाँ लेने का प्रयास करें।
  • गर्भावस्था की पहली तिमाही, धूम्रपान छोड़ दें क्योंकि इससे मिसकैरेज तथा बच्चे के जन्म के समय उसका वज़न कम होने जैसी समस्याएं आ सकती हैं।
  • शुरूआती तीन महीनों के लिए या तो शराब से पूरी तरह परहेज करें या फिर कम से कम इसके सेवन की मात्रा में कमी लाएं।
  • प्रेग्नेंसी का पहला महीना, कैफीन के सेवन में कमी लाएं। आप इसके बदले ग्रीन टी, कोला, चॉकलेट और एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन कर सकती हैं।

गर्मियों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल के नुस्खे

  • पहली तिमाही में अतिरिक्त कैलोरीज की ज़्यादा आवश्यकता नहीं होती, पर बैक्टीरिया युक्त कुछ भोजनों का परहेज अनिवार्य है। इनमें मुख्य है बिना पाश्चरीकृत चीज़, कच्चे या अधपके अंडे, लिवर और शेलफिश।
  • यह मॉर्निंग सिकनेस का समय है। इसे दूर करने के प्रयास के रूप में कम अंतराल पर थोड़ा थोड़ा भोजन करें। ऐसे भोजनों से परहेज करें जो आपको बीमार बनाते हैं।
  • गर्भावस्था की पहली तिमाही, खतरे के निशानों के बारे में जानें। पेट में मरोड़ें (Cramps) सामान्य हैं, पर इन मरोड़ों के साथ खून का आना नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। .
  • खुद को पूरी तरह संतुष्ट रखें और जितना हो सके आराम करें।
  • प्रेग्नेंसी का पहला महीना, रोज़ाना हल्का व्यायाम करें। इससे शरीर की मानसिक और शारीरिक ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
  • मैटरनिटी ब्रा खरीदें क्योंकि इस समय आपके स्तन सुडौल और नरम होते हैं।
  • पीठ के और सिर के दर्द को बॉडी मसाज से दूर करें।

गर्भावस्था का दूसरा महीना – दूसरी तिमाही (Second trimester to-do list)

इस समय मतली और उलटी की परेशानी दूर हो जाती है। इस समय मैटरनिटी लीव और बच्चे के पैदा होने के स्थान के बारे में सोचें।

  • गर्भावस्था की दूसरी तिमाही, इस स्थिति में विभिन्न समय पर डॉक्टर के पास जाएं जिससे गर्भ में बच्चे के विकास के बारे में जाना जा सके।
  • जिन लोगों को आप बच्चे के जन्म के समय अपने पास देखना चाहती हैं, उनके बारे में सोचें।
  • इस तिमाही में वज़न का बढ़ना सामान्य बात है। धीरे धीरे वज़न बढ़ाने के लिए संतुलित आहार खाएं।
  • गर्भावस्था की दूसरी तिमाही, तैराकी और योग से शरीर को सुकून दें।
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पियें। पानी पोषक तत्वों को बच्चे तक पहुंचाने में मदद करता है और कब्ज़, मूत्राशय के इन्फेक्शन तथा पाइल्स से बचाता है जो कि इस स्थिति में सामान्य हैं।

गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से संपर्क कब करें?

  • गर्भावस्था के वस्त्रों की खरीदारी करें जो इस समय आपको फिट आएं तथा बाद के समय के लिए थोड़े बड़े साइज के और वस्त्र भी खरीद लें।
  • गर्भावस्था की दूसरी तिमाही, डेंटिस्ट और आँखों के डॉक्टर को दिखाएँ क्योंकि हॉर्मोन के कुछ बदलाव इन भागों को भी प्रभावित करते हैं।

प्रेग्नेंसी का तीसरा महीना – तीसरी तिमाही (Third trimester pregnancy to-do list)

यह समय बच्चे के आने का होता है। इस समय बच्चे के लिए कपड़े और अन्य ज़रूरी सामान इकठ्ठा करें।

  • प्रेग्नेंसी का तीसरा महीना, इस समय बच्चा गर्भ में हरकतें करता है। इन हरकतों को समझें। ये तीसरी तिमाही के आखिरी भाग में थोड़ी कम हो जाती हैं। जैसे ही आपको इन हरकतों में कोई बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • लेबर और बच्चे के जन्म की तैयारी करें और लेबर के लक्षणों के बारे में जानें।
  • गर्भावस्था की तीसरी तिमाही, इस समय खतरे के निशानों, जैसे प्री इक्लेम्पसिया के बारे में जानें। इसके अलावा अन्य स्थितियों जैसे प्लेसेंटा का काम करना बंद करना, उच्च रक्तचाप तथा मूत्र में प्रोटीन से सावधान रहें।
  • खुद के और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छी खुराक लें। इस समय आयरन का परिमाण बढ़ाएं।
  • गर्भावस्था की तीसरी तिमाही, मांसपेशियों को ढीला करने तथा बच्चे के जन्म के लिए खुद को तैयार करने के लिए स्ट्रेचिंग के व्यायाम करें।
  • खुद के और बच्चे के कपड़े पैक करें और डिलीवरी के लिए कभी भी अस्पताल जाने के लिए तैयार रहें।
  • लेबर के तीन चरणों के बारे में जानें।

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