Hindi tips to detoxifying your body – सुझाव, विचार और तकनीक शरीर से विषाक्त पदार्थो को निकालने और स्वस्थ बनाने के लिए

क्या आप अपने शरीर में अचानक हुए परिवर्तन जैसे कि आसानी से थक जाना, त्वचा की एलर्जी, शरीर में दर्द महसूस करना या भोजन ना पचने के परिणाम स्वरूप फूला हुआ पेट से पीड़ित हैं? इसमे वजन का खोना या कम भूख लगना भी शामिल है। ये सभी लक्षण इस बात का संकेत करते है कि आपके शरीर के रासायनिक तत्त्वों का असर कम करने का समय आ गया है।

शरीर में विषाक्त पदार्थो की अतिरिक्त राशि वास्तव में खतरनाक है क्योकि यह स्वास्थ्य की समस्याओं को जन्म दे सकते है। प्रदूषण और खाद्य अपमिश्रण के कारण आपकी त्वचा की परत पर अधिक विषाक्त पदार्थ तेजी से बढ़ते है। इस तरह के विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने के लिए आपको विषहरण की प्रक्रिया के साथ आगे जाना चाहिए।

चीनी चिकित्सा प्रणालियों के अनुसार, विषहरण की प्रक्रिया का मतलब है शरीर को अंदर और बाहर से पौष्टिकता प्रदान करना। शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाने के बाद, आपका शरीर पोषक तत्वों से भर जाएगा। यह रोगों की विविधता से बचाने के लिए और शारीरिक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करेगा।

विषहरण क्या है और यह कैसे आपके शरीर की मदद करता है (What is detoxification and How does it help your body?)

विषहरण का मतलब है सफाई, पौष्टिकता और अपने शरीर को अंदर और बाहर से आराम देना। यह प्रक्रिया आपके शरीर में विषाक्त हानिकारक पदार्थों को नष्ट करने में आपकी मदद करती है और आपके स्वास्थ्य में सुधार लाती है। यह बैक्टीरिया, वायरस और विभिन्न अन्य बीमारियों के खिलाफ लड़ने में मदद करती है।

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अच्छे स्वास्थ्य के लिए सुझाव – विषहरण के काम करने की प्रक्रिया (Working of detoxification)

विषहरण के पीछे मुख्य अवधारणा है खून की सफाई। यह खून और जिगर (लीवर) से अशुद्धियों को हटाने में प्रभावी होगा। जिगर एक ऐसा क्षेत्र है जहां से विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकाला जाता है। अन्य भाग है फेफड़े, गुर्दा, लसीका और त्वचा। उदाहरण के लिए, लोगों को जब पसीना आता है तो त्वचा से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते है। किडनी मूत्र के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को हटाने में उपयोगी है।

विषहरण की प्रक्रिया प्राकृतिक रूप से काम करती है, जैसे की

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  • लिवर उत्तेजना जिससे शरीर से विषाक्त पदार्थो बाहर निकलते है
  • रक्त परिसंचरण में सुधार
  • व्रत के माध्यम से अंग-आराम
  • स्वास्थ्य पोषक तत्वों के सभी प्रकार के साथ शरीर में ईंधन भरना

प्राकृतिक रूप से शरीर से विषाक्‍त पदार्थ की प्रक्रिया और विषहरण की प्रक्रिया (Detoxification Process)

यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमे शरीर में मौजूद सभी अनावश्यक विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते है।

  • यह प्रक्रिया एक महीने के लिए की जाती है। विषाक्त पदार्थ आम तौर पर शराब, कॉफी, शक्कर, असंतृप्त वसा, धूम्रपान में होते है। शरीर में त्वरित उपचार के लिए इन सबको बंद कर देना चाहिए।

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  • दैनिक आधार पर उपयोगी रसायन जैसे कि आप शैंपू, गंधहर (डियो) और टूथपेस्ट से बचें। इसके बजाय प्राकृतिक पदार्थ इस्तेमाल करे।
  • योग और ध्यान जैसे सरल व्यायाम आपके जीवन में तनाव पर काबू पाने में आपकी मदद करेंगे।
  • शरीर के अनुसार विषाक्त के कई तरीके हैं। आप सप्ताह में एक पूरा दिन सिर्फ पानी पी सकते हैं।
  • आप सिर्फ रस उपवास कर सकते है जिसमे सिर्फ़ फलों से बने पेय का सेवन करे। ऐसा करने से विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकल जायेंगे।

अच्छे स्वास्थ्य का महत्व और विषहरण की प्रक्रिया के लाभ (Benefits Of detoxifying Process)

  1. रक्त उचित परिसंचरण में सुधार।
  2. उपवास द्वारा अंगों को आराम दिया जाता है।
  3. कोशिकाओं को पोषक तत्व देकर शरीर की मदद करना।
  4. विषाक्त पदार्थों को समाप्त करना और लिवर को मजबूत करना।
  5. इस प्रक्रिया में त्वचा, अंतड़ीया और किडनी भी शामिल है।

कुछ उपयोगी सुझाव (Some useful Tips)

  • शरीर से विषैले पदार्थ निकालने के लिए, एक दिन में पानी के कम से कम 8 गिलास पी ले। अपने वजन के अनुसार सही मात्रा में पानी पीना अच्छा होता है। सही मात्रा में पानी पीने की गणना करना आसान है। अपने वजन को आधा करे और औंस में तोल ले।
  • शरीर से विषैले पदार्थ निकालने के लिए, फाइबर में प्रचुर खाद्य पदार्थ जैसे की चुकंदर, मूली, गोभी, ब्रोकोली, और समुद्री शैवाल का सेवन करे जो आपको अद्भुत परिणाम देंगे। इसके अलावा अपने आहार में ताजे फल और भूरे चावल (ब्राउन राइस) शामिल करे।

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  • शरीर से विषैले पदार्थ निकालने के लिए, विटामिन सी के सेवन से शरीर में ग्लुतथिओन कि उपज होती है जो विषाक्त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की आप हर समय सकारात्मक रहे।
  • हाइड्रोथेरेपी (hydrotherapy) काफी प्रभावी माध्यम है। इसके अंतर्गत सिर्फ 5 मिनट तक गर्म पानी से नहाएं और फिर अपनी पीठ पर 30 सेकंड के लिए ठन्डे पानी का प्रयोग करें। इसका प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें और फिर आधे घंटे के लिए सो जाएँ।
  • डेटॉक्स फुट स्पा या फुट बाथ (detox foot spas / foot baths) काफी उपयोगी साबित होती है। अपने शरीर को ड्राई ब्रश (dry-brush) करें। इससे शरीर के रोमछिद्र (pores) से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। इस कार्य के लिए ख़ास ब्रश बाज़ार में उपलब्ध होती है।
  • सॉना बाथ (sauna bath) भी आपके लिए काफी लाभकारी साबित होता है।
  • सांस लेने के व्यायाम भी काफी प्रभावी होते हैं। इस तरीके से सारे शरीर में ऑक्सीजन (oxygen) का संचार होता है।जब आप डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे तो सबसे पहले शरीर में विष जाने से रोकना आवश्यक है। शराब, सिगरेट (cigarette), रिफाइंड (refined) चीनी और कॉफ़ी (coffee) से परहेज करें। ये शरीर में विष के मुख्य स्त्रोत होते हैं और शरीर को ठीक होने से भी रोकते हैं। घरेलू क्लींजर्स (cleansers) का प्रयोग ना करें क्योंकि ये रसायन आधारित होते हैं। यहाँ तक कि हमारे निजी उपयोग के सामान जैसे डिओडरेंट, क्लींजर्स, शैम्पू, टूथपेस्ट (deodorants, cleansers, shampoo, tooth pastes) आदि भी काफी हानिकारक होते हैं और आप इनकी जगह प्राकृतिक उत्पादों का प्रयोग कर सकते हैं।त्वचा में विषैले पदार्थों की उत्पत्ति की एक वजह तनाव भी होती है। अगर कोई व्यक्ति किसी काम को पूरा करने की समयसीमा पार कर चुका हो या इस तरह की स्थिति में हो तो उसके शरीर के हॉर्मोन्स (hormones) सामान्य से दोगुनी तेज़ी से प्रतिक्रया करते हैं, और इसीलिए विष का उत्पादन भी दोगुना होता है। ऐसे समय गुर्दे में पैदा हो रहे डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम्स (detoxification enzymes) को धीमा करने के लिए काफी मात्रा में विष पैदा होता है। तनाव से दूर रहने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें।

सही डेटॉक्स कार्यक्रम (Ideas on right detox program)

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डेटॉक्स कार्यक्रम के अंतर्गत सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान दें। अगर आप इनका रोज़ाना प्रयोग कर रहे हैं तो डेटॉक्स का खानपान काफी प्रभावी साबित होता है। जिन लोगों को डिटॉक्सिफिकेशन की समस्या है, उनके लिए 7 दिन का डेटॉक्स कार्यक्रम सही रहेगा। इस समस्या से ग्रस्त लोग अपने खाद्य विशेषज्ञ द्वारा सुझाए गए खानपान का भी पालन कर सकते हैं, जिसके अंतर्गत 3 से 7 दिन का रस उपवास भी शामिल होता है। इस तकनीक का पालन कुछ दिनों तक करने के बाद ही आप इसका प्रभाव महसूस कर पाएंगे।

डेटॉक्स खानपान (Detox diet se sharir ko detoxify karna)

  • चीनी डेटॉक्स
  • स्मूदी क्लींज (smoothie cleanse)
  • हाइपोएलर्जनिक (Hypoallergenic) डेटॉक्स
  • सब्ज़ियों का डेटॉक्स
  • सामान्य फलों का डेटॉक्स
  • रस क्लींज

बर्डोक (burdock), ग्रीन टी (green tea), दूध आदि की मदद से गुर्दे को साफ़ और सुरक्षित करें। जैविक रूप से उगे हुए ताज़े फल खाएं। अन्य डिटॉक्सिफाइंग फल हैं बीट्स, आर्टिचोक्स, ब्रॉकली, कोलेरा, सीवीड (beets, artichokes, broccoli, cholera, seaweed) आदि।

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