Hindi remedies to control irregular periods – अनियमित मासिक धर्म को नियंत्रित करने के घरेलू नुस्खे

मासिक धर्म (masik dharam) को माहवारी (mahwari) के नाम से भी जाना जाता है। अनियमित मासिक धर्म यानि की लेट पीरियड्स आज के समय में महिलाओं और लड़कियों को होने वाली एक आम पीरियड की समस्या बन गई है। जिसको लेकर वह काफी परेशान भी रहती है। ये समस्या सिर्फ लड़कियों ही नहीं बल्कि औरतों के पीरियड्स (aurton ke periods) में भी आती है।

आमतौर पर देखा जाता है कि मासिक धर्म 21 से 35 दिन के बीच आता है। ऐसे में अगर आपका पीरियड्स 35 दिन के बाद भी आने लगा है तो समझ लीजिए की आप अनियमित होने वाले पीरियड्स की समस्या से गुजर रही हैं। अनियमित माहवारी के कारण शारीरिक कमजोरी, तनाव, ज्यादा व्यायाम या फिर आपकी मेडिकल हिस्ट्री भी हो सकती है। इसके साथ ही इसका दूसरा बड़ा कारण अस्वस्थ जीवन शैली भी है।

जिसकी वजह से पीरियड्स के दौरान (periods ke dauran) आपको बेहद दर्द से गुजरना पड़ता है। वैसे लड़कियां इस समस्या को देखते हुए डॉक्टर के पास चली जाती है। लेकिन अगर आज हम कहें कि आप डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ माहवारी के घरेलू नुस्खों (mahwari ke gharelu nuskhe) को ट्राइ कर लें तो कैसा रहेगा।

आज हम आपके लिए इसी समस्या को देखते हुए (periods aane ke liye kya kare) कुछ घरेलू नुस्खे और माहवारी की जानकारी (mahwari ki jankari) लेकर आए हैं। जिनसे आप काफी हद तक इस समस्या से आराम पा सकती है।

पीरियड टिप्स में पपीता (Papaya)

पपीता भी आपके अनियमित मासिक धर्म (masik dharam) को नियमित करने में महत्वपूर्ण रोल निभाता है। इसमें भी एंटी-इंफ्लामेंटरी (anti-inflammatory) खूबियां होती हैं जो हमारे पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों को दूर करती हैं। साथ ही इसमें आयरन, कैरोटिन, कैल्शियम और विटामिन ए और सी की भरपूर मात्रा होती है जो हमारी बॉडी के पोषक तत्वों से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर हमारी गर्भाशय की दीवार को सही करने का काम करती है। इसके लिए आप पीरियड्स की डेट से एक या दो दिन पहले पपीता खा सकती है।

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पुदीना (Pudina)

आप अनियमित मासिक धर्म को रोकने के लिए पुदीना की भी इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए 1 चम्मच पुदीना पाउडर को एक बाउल में ड़ालें और उसमें आधा चम्मच शहद मिला लें। इसके बाद इसे दिन में तीन बार लें।

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तिल के बीज (Sesame seeds)

तिल हमारी बॉडी को हीट देता है। इस हीट देने की खूबी के कारण ही ये आपके पीरियड्स को नियमित करने का काम करता है। इसके लिए आप तिलों को पीसकर तिल का पाउडर बना लें। फिर अब एक टेबल स्पून शहद इसमें मिलाएं और इन्हें अच्छे से मिलाकर खाएं। वैसे आप ऐसा ऐसा रोज़ करेंगे तो आपको काफी आराम मिलेगा।

फल और सब्जियां (Fruits and veggies)

आप अपने शरीर में पोषण बढ़ाने के लिए ताजा जूस पी सकते है। इसी के साथ आपको बता दें कि फल और सब्जियां आपकी डाइट के लिए भी बहुत जरुरी है। पोषक तत्वों और प्रोटीन के असंतुलन की वजह से भी अनियमित समय पर मासिक धर्म, मासिक धर्म का न आना होते है। इसलिए फल और सब्जियां अधिक मात्रा में खाएं जो आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और पोषक देने में मदद करेंगे।

चाय और जड़ी बूटियां (Teas and herbs)

आप चाय बनाते वक्त अदरक या धनिया का इस्तेमाल कर सकते है। आप इसको ब्लैक या फिर ग्रीन टी में उपयोग कर सकते है। अगर आपको इसके स्वाद से दिक्कत हो या आपसे नहीं पी जा रही हो तो आप इसमें शहद, स्टेविया (cilantro), नींबू या फिर दूध मिक्स कर सकती है। इसके अलावा आप अपने रोजाना की डाइट में कच्ची जड़ी-बूटियों का भी सेवन कर सकते है।

मासिक धर्म के घरेलू उपाय हैं पार्सले (Parsley)

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पार्सले का जूस अनियमित मासिक धर्म को दूर करने का प्रभावी उपचार है। आप इसका सेवन करने से आसानी से अपनी इस समस्या से निजात पा सकते है। इसके लिए आप इसका जूस नियमित तौर पर पिएं। पार्सले का मासिक धर्म से संबंधित कई समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। इसको बेहद प्रभावी इलाज माना जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर अपने पीरियड्स को नियमित करना चाहती है तो आपको इस जूस का सेवन रोजाना करना पड़ेगा।

करेला (Bitter guard)

करेला एक ऐसी सब्जी है जिसका नाम सुनते ही लोग कड़वा करेला बोलने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके कड़वेपन को छोड़कर इसमे काफी बेहतरीन चीजें भी हैं। यह एंटीवायरल, एंटी-इंफ्लामेंट्री, एंटीमाइक्रोबियल, रोगाणुरोधी गुण जैसी खुबियों से भरा हुआ है। जो हमारे बॉडी सिस्टम के लिए बहुत लाभदायक है। इसके लिए आप करेले को काटकर मिक्सर में डालें और इसका जूस बनाएं। इसके बाद फिर इसमें एक चम्मच चीनी डालें और तुरंत पी जाएं। हम मानते हैं कि इसको पीने में आपको काफी दिक्कत होगी। लेकिन आप अपनी हेल्थ के लिए इतना तो कर ही सकती हैं। क्योंकि दवाईयां भी तो कड़वी ही होती हैं।

बरगद के पेड की जड़ें (Banyan tree roots)

इस समस्या में बरगद के पेड़ की जड़ें भी प्रभावी मानी जाती है। इसका सेवन करने में आपको ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी होगी। बस बरगद के पेड़े की जड़ों को पानी में उबालें और इसमें 2 चम्मच गाय के दूध की मिला दें। इसको अच्छे से मिलाने के बाद रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

मासिक धर्म में देरी के लिए अंगूर (Grapes)

अंगूर जितने खाने में मीठे होते है उतने ही मीठे इसके फायदें होते है। अंगूर खाने से भी अपने पीरियड्स को रेगुलर (regular) कर सकती है। इसके अलावा आप चाहें तो इसे जूस के रूप में भी सकती है।

अंजीर (Figs)

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अंजीर भी मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के उपचार करने में प्रभावी होते है। इसके लिए आप अंजीर की जड़ों को दस मिनट तक के लिए पानी में उबालें और फिर उस पानी का सेवन कर लें।

जूस (Juices)

आप पपीते, गाजर और ऐलो वेरा का जूस पीकर भी इस समस्या से निजात पा सकती है। ये तमाम जूस आपके मासिक धर्क चक्र को संतुलित बनाते है।

व्यायाम (Exercises)

जी हां! मासिक धर्म को नियमित करने के लिए आप घर बैठे व्यायाम भी कर सकती है। हालांकि आपको सलाह दे दें कि आपको ज्यादा देर तक कोई जोरदार व्यायाम नहीं करना होगा। आप व्यायाम को 30 मिनट से ज्यादा ना करें। आप इसके लिए भुजंगासन यानि कोबरा मुद्रा और धनुरासन जैसे आसन ट्राय कर सकती है।

धनिया (Corriander)

आप धनिया को मुट्ठीभर लेकर पानी में कुछ मिनट तक के लिए उबालें। इसके बाद बचे हुए पानी का सेवन कर लें। आप इस प्रभावी पानी को दिन में 3 बार पिएं।

विशेषज्ञों की माने तो एक स्वस्थ महिला को 21 से 30 दिनों के बीच में पीरियड्स हो जाते है। साल में 11 से 13 बार पीरियड्स होना सामान्य माना जाता है। लेकिन इससे कम जिसे होते है उसे खतरे के घेरे में माना जाता है। जिसके चलते आप कई घरेलू नुस्खों की मदद से इस समस्या से छुटकारा पा सकते है।

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दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी के बारे में कहा जाता है की यह बॉडी हीट को बढ़ाने का काम करती हैं। ऐसे में दालचीनी की यही खूबी आपके अनियमित पीरियड्स को नियमित करने में मदद करेगी। दालचीनी में एंटी- इंफ्लामेंट्री और एंटीस्पासमोडिक खूबियां होती हैं। इसके अलावा इसमें हाइड्रोक्सीकलकोन होती है। जो आपके इन्सुलिन लेवल को सही बनाए रखता है। इसके लिए बस आप दालचीनी को पीसकर एक कप में लें लें।  उसके बाद इसमें उबला हुआ पानी मिलाएं। फिर 3- 10 मिनट बाद इसमें एक टी-बैग डालकर 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर इसमें स्वादानुसार शुगर या शहद मिलाकर लें। इसे रोजाना लेने से आपको काफी फायदा होगा।

गुड़ (Jaggery)

क्या आप जानते है कि गुड़ को सर्दियों के मौसम में क्यों खाया जाता है? क्योंकि इसमें वार्मिंन इफेक्ट्स (warming effects) होते है जो माहवारी को नियमित करता है। इसके लिए एक मुट्ठी भऱ के तील के बीज को रोस्ट कर लें। इसके बाद एक चम्मच गुड़ को लेकर ग्राइन्ड (grind) कर लें। फिर मासिक धर्म के दौरान उस मिश्रण को रोजाना एक चम्मच लें। आप इस मिश्रण को कुछ महीनों तक भी सेवन कर सकती है। इससे आपके मासिक धर्म चक्र विनियमित हो जाएंगे।

सौफ (Fennel)

किचन में आसानी से मिल जाने वाली सौंफ आपके मासिक धर्म को नियमित करने और फ्लो को बढ़ाने का भी काम करती है। बस इसके लिए आप एक ग्लास पानी में दो टी-स्पून सौंफ डालें। फिर रातभर इन्हें ऐसे ही रहने दें और अगली सुबह इस पानी को छानकर पिएं। ऐसा हर रोज़ करने पर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

एलोवेरा (Aloe vera)

एलोवेरा का इस्तेमाल करने से भी आपके मासिक धर्म से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। इसके लिए आप ऐलोवेरा की ताजा पत्तियों में से ऐलोवेरा जेल निकाल लें। इस जेल को 1 चम्मच शहद में मिला कर रोजाना नाश्ते से पहले सेवन करें। इस उपचार को करीबन 2 महीने तक करें। कुछ समय बाद आपको इसके  परिणाम देखने को मिलेंगे। लेकिन इस बात का जरुर ध्यान रखें कि इसको मासिक धर्म के दौरान बिल्कुल ना सेवन करें।

मूली के बीज (Reddish seeds)

आपको जान कर काफी हैरानी हो रही होगी कि इस उपचार में मूली के बीज भी शामिल है। मासिक धर्म से संबंधित कई परेशानियों को मूली के बीज हल कर देते है। इसके लिए कुछ मात्रा में मूली के बीज लें और उसको थोड़े पानी में मिलाकर ग्राइन्ड कर लें। अब इस पेस्ट में कुछ मात्रा में छाछ को मिला दें। छाछ मिलाने के बाद बने मिश्रण को रोजाना सेवन करें। अगर आप इस उपचार के सकारात्मक परिणाम देखना चाहती है तो इस मिश्रण को रोजाना एक बार जरुर सेवन करें।

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गन्ने का रस (Sugarcane juice)

गन्ने का जूस का सेवन करने से भी आपको काफी आराम मिलेगा। लेकिन इसका सेवन मासिक धर्म आने से पहले ही करें। रोजाना गन्ने का जूस पीने से आपने मासिक धर्म नियमित हो जाएंगे और आपको जल्द इस समस्या से राहत मिलेगी।

हल्दी (Turmeric)

जब भी बॉडी हार्मोन्स को बैलेंस करने की बात होती है तो हल्दी की खुबियों को भुलाया नहीं जा सकता है। इसकी एंटीपासमोडिक और एंटी इंफ्लामेंट्री खुबियों का भंडार है और हम में से ज्यादातर लड़कियां यह नहीं जानती होगी कि यह मासिक धर्म के दर्द को कम करने में ये कितना महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए आप ¼ टी-स्पून हल्दी एक कप में लें और गुड़ का एक छोटा पीस, एक टी-स्पून शहद और गर्म दूध कप में डालें और इन्हें अच्छे से मिलाकर रोजाना पिएं।

ब्लू कोहोश (Blue cohosh)

ब्लू कोहोश एक तरह का पौधा होता है जो पीरियड्स को रेगुलर करने में मदद करता है। अगर आप ब्लू कोहोश के जड़ का इस्तेमाल करेंगे तो आपको इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकार मिल सकता है। अगर आपका खून का प्रवाह धब्बेदार होता है तो ये आपकी इस समस्या को भी खत्म करने में मदद कर सकता है। इसका सेवन करने से गर्भाशय (uterus) की रक्त वाहिकाओं (blood vessels) को फैला देता है।

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