How to avoid heartburn easily – The right foods and tips – सीने में जलन का प्राकृतिक उपचार, हार्टबर्न के घरेलू उपाय

क्या सीने की जलन (Heartburn in Hindi) की समस्या आपके जीवन की खुशियों में आड़े आती है क्या  आप अपने खुशनुमा पलों को भरपूर मस्ती के साथ जीने का आनंद नहीं उठा पाते? अगर आपका जवाब हां में है तो आपको ज्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि कुछ आसान प्राकृतिक उपायों के द्वारा सीने की जलन का इलाज संभव है. कुछ आसान से उपायों के साथ दिनचर्या में आवश्यक परिवर्तन कर आप हार्ट बर्न की शिकायत से मुक्ति पा सकते हैं.

हार्ट बर्न की समस्या का इलाज ज़रूरी है लेकिन इसके पहले चरण में आपको अपनी फ़ूड हैबिट पर ध्यान देने की ज़रूरत है. आप क्या खाते हैं, कैसा भोजन लेते हैं , इस बात का प्रभाव सीने में जलन के रोगियों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस बात से डरने की भी ज़रूरत नहीं कि हम यहाँ आपके पसंदीदा खाने को सूची से हटा देंगे, बल्कि आपको इस बात की जानकारी दी जाएगी कि किस तरह के भोजन को खाने का या सेवन का सही तरीका क्या है या उसे कैसे खाया जाये.

सीने में जलन क्या है? (What is heartburn?)

इस समस्या के लक्षण साफ़ हैं जिसमें सीने और गले के कुछ हिस्से में जलन का अहसास होता है. इसका संबंध हमेशा हृदय की समस्या (Heart problem) से नहीं है. लेकिन कई बार सीने में जलन और दर्द हार्ट अटैक का भी लक्षण होता है, इसीलिए इसे पहचानने के दौरान बहुत सतर्क रहना चाहिए. अधिकतर लोगों में यह अम्ल के उल्टे बहाव (Acid reflux) की वजह से होने वाली समस्या है. जिसमें भोजन नली के माध्यम से अम्ल या एसिड ऊपर की तरफ चला आता है. कुछ खास तरह के भोजन लेने से हार्ट बर्न की समस्या दिखाई देती है जो प्रत्येक व्यक्ति में अलग अलग हो सकती है.

सीने में जलन के घरेलू उपाय हिंदी में (Hindi tips to avoid heartburn)

हमेशा ऐसा भोजन लें जिसके बारे में आप सुनिश्चित हों, कि इससे आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. अगर आपको लम्बे समय से हार्ट बर्न की शिकायत है तो इसके लिए नीचे दिए गए उपायों का पालन करें,

अच्छी तरह चबाएं (Chew it properly)

आप क्या खा रहे हैं इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, बल्कि यह बात अधिक मायने रखती है कि आप जो भी खा रहे हैं वह पूरी और अच्छी तरह चबा कर खाया जाये. पाचन की समस्या मुंह से शुरू होती है, अगर भोजन सही तरीके से चबाया ना जाये तो इसे पचाने में मुश्किल होती है. जब मुंह में भोजन को हम चबाना शुरू करते हैं तो हमारी लार में मौजूद एंजाइम इसे पचाने की क्रिया शुरू कर देते हैं. इस तरह मुंह में ही यह क्रिया आरंभ हो जाती है.

धीरे खाएं (Eat slowly)

खाते समय जल्दबाजी न करें और आराम से चबा कर खाएं. जल्दी में खाना ठीक तरह से चबाया नहीं जा सकता और यह पचने में समय लेता है. भोजन के प्रत्येक निवाले को समय देकर आनन्द के साथ खाएं.

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भोजन पर ध्यान केन्द्रित करें (Focus on your meal)

आप जो भी खा रहे हैं उसके बारे में सोचते हुए और उस पर फोकस करते हुए खाएं. फोन पर बात करते हुए, टीवी या कंप्यूटर पर काम करते हुए भोजन न करें. ऐसे लोग जिन्हें एसिड रिफ्लक्स की समस्या अधिक होती है उन्हें अक्सर खाते समय दुसरे कामों में व्यस्त देखा गया है. जब आप बिना भोजन के बारे में सोचे या अनमने ढंग से आहार ग्रहण करते हैं तो यह ठीक तरीके से पचता नहीं और अम्लीयता की शिकायत भी अधिक होती है. अतः हर बार भोजन करते समय अपना पूरा ध्यान भोजन पर ही दें.

भोजन की मात्रा पर गौर करें (Keep a check on your portion)

आपकी पाचन क्षमता इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप एक बार में भोजन की कितनी मात्रा लेते हैं. ज़रूरत से ज्यादा भोजन लेना भी असेहतकर होता है. जितनी भूख हो उस्ससे थोडा कम ही खाएं. अगर आपको बार बार भूख लगती हो तो ऐसे समय में फलों का सेवन करना उचित होता है.

खाने के तुरंत बाद ना सोएं (Do not go to sleep right after meal)

कई लोगों की आदत होती है कि वे खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं. ऐसा करना सीने की जलन के रोगियों के लिए बहुत हानिकारक होता है. अगर आप खाने के बाद सो जाते हैं तो पाचन की क्रिया मंद पड़ जाती है क्योंकि इस दौरान हमारा शरीर मेहनत नहीं कर रहा होता और पाचन की क्रिया भी धीमी हो जाती है. इसीलिए खाने के बाद कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे के बीच बिस्तर से दूर रहे. खास कर रात के खाने के बाद तुरंत सोने न जाएँ.

पाचन क्रिया को ठीक रखें

सीने में होने वाली जलन का कारण पाचन का सही न होना ही है. अगर आपका पाचन तंत्र मजबूत रहता है तो गैस, बदहजमी, एसिडिटी आदि की वजह से होने वाली सीने में जलन की गुंजाइश ही नहीं रहती. इसीलिए हमेशा अपने पाचन को सही और बेहतर बनाने का प्रयास करें.

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