पीरियड्स शुरू करने के उपाय – Periods shuru karne ka upay

पीरियड्स को आमतौर पर एमसी (Menstrual Cycle), माहवारी या मासिक धर्म नाम से भी पुकारा जाता हैं। वयस्क महिलाओं में यह शरीर से जुडी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कई बार महिलाओं को नियमित माहवारी नही आती इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं। प्रायः हार्मोंस के असुंतलन, शारीरिक स्थिति, खान पान, व्यवहार, मानसिक परिस्थितियां माहवारी को प्रभावित करती हैं। भले ही एक स्त्री कुंवारी हो या विवाहित ही क्यों न हो, सहवास (sex) करने के बाद पीरियड्स का ना  होना काफी गंभीर चिंता का कारण बन जाता है क्यूंकि सामान्यतः इसका अर्थ माना जाता है कि वो स्त्री गर्भवती है। माहवारी काल में एक ऐसा समय भी होता है जिसे सुरक्षित समय (Safe Period) भी कहा जाता है, क्योंकि इस समय यदि एक कपल सम्भोग या सेक्स करता है तो गर्भावस्था की संभावना ना के बराबर होती है। लेकिन कई बार आपकी कामुक इच्छाएं जाग जाती हैं तो फिर आप इस सुरक्षित या सही समय के लिए इंतज़ार नहीं कर सकते हैं। मगर इसे में इसके साथ आपकी गर्भवती होने का भी खतरा बना रहता है। यदि आपको तुरंत काम करने वाला कोई नुस्खा चाहिए तो बाज़ार में बिकने वाली गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग करें। लेकिन ये उत्पाद सिंथेटिक होते हैं जो आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके अलावा अगर आप इस दवाई पर पूरी तरह निर्भर रहने लग गयी तो आपको कई तरह की शारीरिक परेशानियां भी घेर सकती हैं।

अतः बेहतर यही होगा कि गर्भावस्था के खतरे से निपटने के लिए आप कोई सुरक्षित वैकल्पिक उपाय चुनें। गर्भावस्था को रोकने के लिए पीरियड्स शुरू करने के प्राकृतिक उपायों ने उन सारी महिलाओं के जीवन में खुशियों का संचार किया है जो पीरियड्स ना होने पर काफी घबरा जाती थी। हम आपको ऐसे ही कुछ सुरक्षित घरेलु नुस्खे बताएँगे जो असरकारक है:-

गर्भावस्था रोकने और पीरियड शुरू करने के उपाय (Masik dharm jaldi aane ke upay)

शरीर का तापमान बढ़ाएं (Increase Body Heat)

पीरियड्स जल्दी शुरू करवाने के लिए अपने शरीर का तापमान बढ़ाने का प्रयास करें। ऐसा करने के लिए गर्म पानी से स्नान करें अथवा हीटिंगपैड्स एवं हॉटपैक्स (heating pads and hot packs) का प्रयोग करें। शरीर का तापमान बढ़ाने से आपके पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इससे रक्त कोशिकाओं के फैलाव को बढ़ावा मिलता है, जिसके फलस्वरूप गर्भाशय की कोशिकाए फैलकर पुन: माहवारी को शुरू कर देती है।

कैस्टरऑइल एवं गर्म पानी का बैग (Castor Oil And Hot Water Bag)

ये दोनों उत्पाद आपके घर पर सरलता से मिल सकते हैं, तथा इनकी मदद से आपके मासिक धर्म या पीरियड्स काफी जल्दी आने में सहायता मिलती है, जिसके फलस्वरूप आप अपनी प्रेगनेंसी को रोक सकती हैं। कैस्टरऑइल में गर्भाशय तथा अंडाशय में रक्त का सुचारू रूप से संचार करने के गुण होते हैं व ये घाव की कोशिकाएं नरम करने में भी मददगार  होता हैं। दो दिनों के अंदर परिणाम प्राप्त करने के लिए, कैस्टरऑइल की मदद से एक कपड़े को गीला करें, इसे अपने पेट के निचले हिस्से पर रखें और उस कपड़े पर एक गर्म पानी का बैग रखें। इसे इसी तरह 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसका प्रयोग दिन में 2 से 3 बार करें। इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।

नारियल पानी (Coconut Water)

कच्चे नारियल के पानी में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व होते हैं जो गर्भाशय की कोशिकाओं को क्रियाशील कर मरोड़ें उत्पन्न करते हैं। इसकी मदद से केवल एक दिन में ही आप अपने पीरियड्स को शुरू कर सकती हैं। इसके लिए सुबह लगभग  5 घंटों तक खाली पेट रहें, हालांकि बीच बीच में आप पानी का सेवन कर सकती हैं। एक गिलास में 300 से 400 मिलीलीटर ताज़े कच्चे नारियल का पानी लें और इसे धीरे धीरे पीयें। इसके बाद अपना दोपहर का भोजन करें। यह आपको निश्चित रूप से उत्तम परिणाम देगा।

 एस्पिरिंस (Aspirin)

ज़्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी रोकने के लिए एस्पिरिन का प्रयोग करती हैं। इसका इस्तेमाल करने के बाद आपके पीरियड्स तभी होंगे जब आप चाहेंगी। इसके लिए आधा कप पानी लें, इसमें 2 एस्पिरिन डालें और इसे क्रश कर लें, अब इसे पानी में अच्छे से मिलाएं और पी लें। इसके प्रयोग से सेक्स के बाद भी आपके पीरियड्स समय पर शुरू हो सकते है। यह उपाय पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और कई स्थितियों में एस्पिरिन लेने के बाद भी पीरियड्स ना आने की समस्या हो जाती है।

मेंस्ट्रुअल सिंक्रोनी (menstrual synchrony)

मेंस्ट्रुअल सिंक्रोनी एक बिलकुल नया मनोवैज्ञानिक उपाय है जो मनुष्य के मनोविज्ञान (psychology) से जुड़ा हुआ है। एक महिला होने के नाते अगर आप उन महिलाओं के साथ समय बिताने लगे जिनके पीरियड्स एक तय समय पर होते हैं, तो मानसिक रूप से आपका शरीर भी उनके साथ तालमेल बैठा लेता है और आपके पीरियड्स भी उनके समय पर ही होने शुरू हो जाते हैं। कहा तो यहाँ तक जाता है कि अगर कोई महिला जिसके पीरियड्स ना हो रहें हों, वो किसी ऐसी महिला जिसके पीरियड्स हो रहें हों, उसे छू भी ले तो उसके पीरियड्स होना शुरू हो जाते हैं। यह नुस्खा मनोविज्ञान पर आधारित है, इसे बहुत ज्यादा कारगर नहीं माना जा सकता है।

गर्भ रोकने के उपाय है बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth control pills)

बर्थ कंट्रोल पिल्स आपकी प्रेगनेंसी की समस्या को तुरंत दूर करने का काफी आसान तरीका है। इसके लिए आपको रोज़ाना दो से तीन टेबलेट्स लेने होंगे और बिना किसी परेशानी के आपके पीरियड्स शुरू हो जाएंगे। कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं जो निरंतर रूप से सेक्स की प्रक्रिया में शामिल रहती हैं। ऐसी महिलाओं को वही पिल्स लेने चाहिए जो सुरक्षित हों। इस हेतु किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynecologist) से संपर्क करें, जिससे कि वह आपको ऐसे बर्थ कंट्रोल पिल लेने का सुझाव दे सके जो आपके शरीर के मुताबिक हो। अगर आपके डॉक्टर ने कोई दवा खुद प्रमाणित की है तो इसके कोई साइड इफ़ेक्ट होने की काफी कम संभावना रहती हैं। जो बर्थ कंट्रोल पिल्स रोज़ाना लिए जाते हैं, वे उन पिल्स से कई गुना ज़्यादा सुरक्षित होते हैं जिनका प्रयोग गर्भावस्था को तुरंत रोकने के लिए किया जाता है।

गर्भ रोकने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है कि पहले से योजना बनाये (Planning before)

गर्भावस्था रोकने तथा सेक्स के बाद पीरियड्स शुरू करने का सबसे अच्छा उपाय होता है, पहले से योजना बनाकर सम्बन्ध बनाना। जब भी आप अपने साथी के साथ एक कामुक समय बिताने है और सेक्स करने के इच्छुक हो रहें हों, तो सबसे पहले उनसे इस सम्बन्ध में अच्छे से बात कर ले। अपने पिरियोडिक साइकिल का आंकलन करें और सुरक्षित दिन को चिन्हित करें, यदि आप यह करते है तो बिना किसी प्रोटेक्शन के भी सेक्स के बाद प्रेगेंट होने की सम्भावनाये काफी कम होगी।

गर्भ निरोधक घरेलू उपाय में गर्म और मसालेदार भोजन (Pregnancy rokne ke gharelu upay garm aur masaledar khana)

अगर आपको लग रहा है कि आपके पिरियोडिक साइकिल के समाप्त होने के बाद भी आपके पीरियड्स शुरू नहीं हो रहें हैं तो आपको सिर्फ गर्म और मसालेदार गरिष्ट भोजन खाना शुरू कर देना चाहिए। खाने में ऐसी विविधता लाने से आपके शरीर में गर्मी का संचार होगा और इसके फलस्वरूप आपका पीरियाडिक साइकिल तुरंत शुरू हो जाएगा। यह उन परिस्थितियों में एक बेहतरीन उपाय होगा जब आपको लगता है कि आपके पीरियड्स देर से हो रहें हैं और इसी वजह से आप सोचती हैं कि कही आप गर्भवती तो नही हैं।

विटामिन सी से प्रेग्‍नेंसी रोकने का टिप (Pregnancy rokne ke tarike with vitamin C in Hindi)

कई बार विटामिन-सी (Vitamin-C) भी छोटे या देरी से होने वाले पीरियड्स पर काफी असरदार होता है। आपको सिर्फ ऐसे कुछ फलों का चुनाव करना है जिनमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन-सी एक बेहतरीन उत्पाद होता है जो आपके गर्भाशय के भाग में एस्ट्रोजन का उत्पादन करता है। गर्भाशय में सिकुड़न पैदा होती है और पीरियड्स के समय आने वाला रक्त जो दरअसल अनिषेचित अंडे की झिली ले टूट जाने से निकलता है, जिसे हम पीरियड कहते है आसानी से नियमित हो जाता है। आप तुरंत पीरियड्स शुरू करवाने के लिए विटामिन-सी से भरपूर भोजन का सेवन कर सकती हैं।

माहवारी लाने के उपाय में पपीता (Papaya for regular periods)

कच्चा या पका हुआ पपीता दोनों ही प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करने हेतु प्रचलित हैं। इसके सेवन से पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, जो प्रेग्नेंट ना होने का संकेत है। अगर आप सेक्स के बाद पीरियड्स का इंतजार कर रही है और आपको डर है कि कहीं सावधानी न बरतने की वजह से आप प्रेग्नेंट तो नहीं हो चुके हैं, तो इस आशंका से बचने के लिए नियमित पपीते का सेवन आरम्भ कर देवे। पपीते की तासीर काफी गर्म होती हैं जो प्रेगनेंसी में बाधक बनती है।

अनानास (Pineapple to start periods again)

अन्नानास को भी प्रेगनेंसी से बचने का उपाय माना जाता है, कई महिलाएं इसका प्रयोग अनचाहे गर्भ को गिराने के लिए भी करती हैं। अनानास में ऐसे एंजाइम होते हैं जो प्राकृतिक गर्भपात में सहायता करते हैं जिसकी वजह से पीरियड्स शुरू हो जाते हैं।

हींग का प्रयोग दिलाये अनचाही प्रेगनेंसी से निजात (Asafetida ya hing ke prayog se bache pregent hone se)

यह जड़ी बूटी होने के साथ ही किचन का आम मसाला है जो हर भारतीय रसोई में आसानी से मिलती हैं। यह एक घटक है जो भोजन की स्वादिष्टता बढाता है। हींग शरीर का तापमान बढ़ाता है। Asafetida पीरियड के लिए जिम्मेदार हार्मोन यानी प्रोजेस्टेरोन को नियंत्रित करने में मदद करेंगा। यह मादा प्रजनन अंगों को स्वास्थ्यकर बनाए रखने में मदद करता है। आधे चम्मच आसाफेटिडा को एक गिलास गर्म पानी में मिलाये। अच्छी तरह मिलाकर इसका सेवन तब तक करें जब तक कि आपके पीरियड नियमित नही हो जाये। यह काफी असरकारक है।

अजवाइन का प्रयोग ( Use of Carom seeds to avoid pregnancy )

एक और उपाय जो आपके पीरियड को नियमित करने में मदद करेंगा वह है कैरम के बीज का उपयोग। पीरियड देर से होने या सम्भोग के दौरान चूक हो जाने से उत्पन्न समस्या के लिए अजवाइन बीज महिलाओं को राहत प्रदान करते हैं। इसके लिए आपको एक कप पानी उबालना होगा और इसमें एक चम्मच अजवाइन के बीज डाले। जब कैरम के बीज और पानी के  मिश्रण में उबाल आ जाये तो स्टोव बंद कर दें और इसमें आधा चम्मच गुड़ डाले। नियमित माहवारी के लिए सुबह खाली पेट इसे पीयें।

हल्दी का पानी है पीरियड्स शुरू करने की आयुर्वेदिक दवा (Turmeric water)

हल्दी का प्रयोग शरीर को गर्म रखने के लिए सर्दियों में किया जाता है। अगर पीरियड्स पहले शुरू करने हैं तो ये अचूक आयुर्वेदिक दवा है। एक गिलास पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर उबालकर सुबह-शाम एक सप्ताह तक पीयें।

सौंफ के बीज (Fennel seeds)

यदि आप अपने पीरियड को बड़ी तेज़ी से रातों रात वापस चाहते हैं तो हम एक आसान सा उपाय कर सकते हैं।  सौंफ के बीज इस हेतु काफी मददगार साबित होंगे। आप सौंफ की चाय बनाकर पीयें। आप 3 चम्मच सौफ को रात में पानी में भिगाकर रख देवे। सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीयें जो आपके अनियमित पीरियड को नियमित कर देगा।

अदरक वाली चाय (Ginger tea )

अदरक का स्वभाव गर्म है। हम ठण्ड में अक्सर अदरक का प्रयोग करते हैं। अपनी गर्भावस्था को समाप्त करने और समय पर पीरियड लाने का एक तरीका है अदरक चाय। एक कप उबलते पानी में अदरक के मोटे कटे हुए टुकड़े डाले और इसे कुछ मिनटों के बाद स्टोव से हटा दें और इसे कुछ देर रखे रहें। आप इसमें शहद का प्रयोग भी कर सकते है। दोनों की तशीर गर्माहट वाली होती है। उचित परिणाम के लिए दिन में 3-4 बार इसे ले।

काली मिर्च और अजमोद मिश्रण दिलाये आराम – (Combination of pepper and parsley)

इन दोनों अवयवों को इनके माहवारी प्रेरक गुणों (period inducing properties) के लिए जाना जाता है। नियमित अजमोद और काली मिर्च के मिश्रण का उपभोग करने से आपकी पीरियड की समस्या में आराम मिलेगा। कुछ अजमोद के पत्तों को धोएं और इसे ब्लेंडर में डाले और इस पर ताजा काली मिर्च पाउडर डाले। स्वाद बढ़ाने के लिए आप नींबू के रस का एक चम्मच भी मिला सकते हैं।

गुड़ खाकर पीरियड्स फिर शुरू करें (Jaggery)

गुड़ आपको आराम से अपनी रसोई में मिल जायेगा। इसका सेवन सर्दियों में सर्दी भगाकर, शरीर को गर्म रखने के लिए किया जाता है। ये शरीर में रक्त का संचार बढ़ाकर शरीर को गर्म रखता है। अगर आपको भी अपने पीरियड्स समय से पहले लाने हैं तो गुड़ का सेवन करें।

मेथी दाना (Fenugreek seeds )

मेथी के दानों के गुण आपके पीरियड को रेगुलर कर सकते हैं। यदि आपने हाल ही में sex किया है तो मेथी के दाने आपके प्रेगनेंसी की चिंता को दूर कर सकते हैं। एक लीटर पानी में मेथी के बीज (तीन चम्मच) डाले।  पूरी रात भर इसे रखा रहने दे और सुबह पानी और मेथी के बीज के इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि आप पानी की सतह केवल मेथी के दानो के ऊपर देखे। हल्का गुनगुना होने पर इसे नियमित तौर पर पीयें।

जीरा (Cumin)

जीरा कई स्वास्थ्य गुणों का खजाना हैं।  अनियमित माहवारी में भिगोया हुआ जीरा प्रयोग में लाया जा सकता है। दो चम्मच जीरा ले और इसे रात में पानी में भिगोएं और दोनों सुबह खाली पेट सेवन करें। माहवारी नियमित करने के लिए आपको रोज सुबह नियम से इस पानी को पिने की आवश्यकता होगी।

दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी न केवल आपके व्यंजनों के स्वाद को बढ़ाने में मदद करता है बल्कि आपके मासिक चक्र को भी नियमित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। दालचीनी अत्यधिक गर्म गुणों वाला मसाला है। यह आपके शरीर के भीतर एक गर्म प्रभाव प्रदान करता है। एक गिलास गर्म दूध ले उसमे एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करें।

तिल (Sesame)

मासिक धर्म जल्दी शुरू करने के लिए सुबह शाम तिल को गर्म पानी में उबालकर एक सप्ताह तक पीयें। एक सप्ताह में ही पीरियड्स शुरू हो जायेंगे।

पीरियड्स समय पर न आने के कारण

एक बार जब आप अपने साथी के साथ सेक्स कर लेती हैं तो आपको अपने पीरियड्स की चिंता सताने लगती है। इस समय अगर आपके पीरियड्स होने में देर होने लगती है तो आप धीरे धीरे काफी बेचैन होने लगती हैं। आपको असल में इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि पीरियड्स में देरी होने की एकमात्र वजह सिर्फ गर्भवती होना नहीं होती। चिंता और मन में कई परेशानियों की वजह से भी पीरियड्स में देरी हो सकती है। अतः आपको अन्य कारकों के बारे में भी सोचना चाहिए जिनकी वजह से आपके पीरियड्स देर से हो रहें हैं। हमेशा सेक्स की वजह से ही आपके पीरियड्स में बाधा नहीं आती अन्य कारक भी जवाबदार होते है।

हार्मोंस में बदलाव (Change in Harmones)

अगर आपकी बेटी की उम्र 12 से 14 साल की है और उसके पीरियड्स अभी कुछ महीनों पहले ही शुरू हुए है तो आपको उसके पीरियड्स में देरी होने पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस समय हार्मोंस में बहुत बदलाव होते हैं और कुछ गर्ल्स को शुरूआत में अनियमित माहवारी की परेशानी समस्या होती है जो कि थोड़े समय में अपने आप ही सही हो जाती है। ये बहुत ही सामान्य सी बात है।

अधिक व्यायाम (Excessive exercise)

खूबसूरत और toned body आज हर लड़की का सपना है और इसको पाने के लिए लड़कियां जरूरत से ज्यादा व्यायाम करती है। ऐसे में माहवारी में देरी या मिस होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई बार तो पीरियड्स पूरे साल तक के लिए बंद हो जाते हैं।

दवाइयों के सेवन से होती है पीरियड्स में देरी (Medicines)

कई बार कुछ बीमारियों की वजह से लम्बे समय तक दवाइयों का सेवन करना पड़ता है और ऐसे में माहवारी में देरी की समस्या भी हो जाती है। मगर यह थोड़े समय ही रहती है दवाइयों का सेवन बंद करने पर पीरियड्स सामान्य हो जाते हैं।

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)

पीरियड्स के समय पर न आने या देरी से आने की एक वजह पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भी है। ये एक बीमारी है जो महिलाओं को होती है। इसमें महिलाओं के अंडाशय या गर्भाशय में सिस्ट हो जाती है।

मोटापा (Obesity)

मासिक धर्म में देरी का एक कारण मोटापा भी है। वजन बढ़ने से शरीर में हार्मोन्स में बदलाव आ जाता है जिससे पीरियड्स में जल्दी या देरी होने लगती है। इसके समाधान के लिए जरूरी है कि आप स्वस्थ दिनचर्या अपनाये। व्यायाम और संतुलित आहार के द्वारा अपना वजन नियंत्रित करें।

वजन कम करना (Weight loss)

कई बार जब आप अपना वजन कम करने के लिए crash dieting करती है और तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इस eating dissorder की वजह से मासिक धर्म में अनियमितता आ जाती है।

स्तन पान (Breast feeding)

बच्चे के जन्म के बाद पीरियड्स देरी से होने की वजह स्तन पान भी होती है क्योंकि इस दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स में बदलाव होते हैं।

वजन का सामान्य से कम होना है पीरियड्स में देरी की वजह (Under weight)

वजन का कम होना भी मासिक धर्म में बदलाव का कारण है। इसकी वजह से महिलाओं के शरीर में उचित मात्रा में एस्ट्रोजन हार्मोन का निर्माण नहीं हो पाता है जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। थोडा सा वजन बढ़ा कर आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।

तनाव है मासिक धर्म में देरी का कारण (Reason of delay in Periods- Stress)

आज के समय में तनाव बहुत आम है और इस तनाव का सीधा असर मासिक धर्म पर पड़ता है। लम्बे समय तक तनाव कि वजह से महिलाओं के शरीर से कॉर्टिसॉल और एड्रेनालाईन नामक हार्मोंस शरीर से उत्सर्जित होने लगते हैं, जो कि मासिक चक्र को प्रभावित करते हैं।

डायबिटीज (Diabetes)

डायबिटीज की वजह से भी पीरियड्स में देरी होती है। ये शरीर में बढ़ते शुगर लेवल की वजह से होता है।

थायराइड से होती है माहवारी में देरी (Thyroid)

थायराइड की वजह से मासिक धर्म में देरी होती है। इसकी वजह से मासिक चक्र प्रभावित होता है, पीरियड्स मिस होने की परेशानी होने लगती है। जरूरी है कि समय समय पर thyroid कि जाँच करवाते रहें।

  • कई बार खान पान, दिनचर्या और नींद कि वजह से भी माहवारी में देरी हो जाती है।
  • मदिरा पान और धूम्रपान भी पीरियड्स में अनियमितता का कारण है।

पीरियड्स के दौरान रखें ये सावधानी (Precautions during the Periods)

महीने के ये पाँच दिन स्त्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, थोड़ी सी लापरवाही सेहत के लिए बेहद नुकसान देह हो सकती है। अब हम आपको बताते हैं वो कुछ सावधानियां जो पीरियड्स के दौरान आपको बरतनी चाहिए।

एक ही पैड का इस्तेमाल

अधिकतर महिलाएं पूरे दिन भर में एक ही पैड क इस्तेमाल करती है या उसकी जगह कपडे का इस्तेमाल करती है। ऐसा करने से इंफेक्शन होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। कई बार ये कैंसर का कारण भी बनता है। इसलिए हर 4-5 घंटे में पैड को बदलते रहना चाहिए।

खून के थक्कों का आना (Blood Clots)

कई बार मासिक धर्म के समय खून के स्राव के साथ खून के थक्के भी आने लगते हैं जिनको सामान्यता महिलाएं नजरंदाज कर देती हैं। इसको बिलकुल भी हलके में नहीं लेना चाहियें और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

वैक्सिंग या थ्रेडिंग (Waxing and Threading)

माहवारी के दौरान के दौरान स्किन बहुत ही नाजुक हो जाती है, इसलिए इस दौरान वैक्सिंग या थ्रेडिंग नहीं करवानी चाहिए। इससे स्किन इंफेक्‍शन का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।

  • माहवारी के दौरान व्यायाम नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से अधिक ब्लीडिंग की समस्या हो जाती है। इसलिए पीरियड्स में भरपूर आराम करना चाहिए।
  • माहवारी के समय महिलाओं को अपने प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए। प्रतिदिन स्नान करना चाहिए।

उपरोक्त सुझाये प्राकृतिक और घरेलू उपचार पीरियड्स को जल्दी शुरू करने के लिए आजमाए जा सकते हैं, हालाँकि यदि माहवारी में समय अंतराल काफी अधिक हो गया हो तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना ज्यादा उचित होगा क्योकि यदि आपको गर्भ ठहरने से माहवारी रुक गयी हो तब ऐसे उपचार लेने पर शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। उपरोक्त घरेलु नुस्खो को नियमित तौर पर आजमायें ताकि उनका भरपूर लाभ मिल सके।