How to keep your baby healthy during this winter – Tips in Hindi – ठण्ड में अपने बच्चे को स्वस्थ रखने के नुस्खे

ठण्ड के मौसम के कई फायदे होते हैं, क्योंकि यह वातावरण से गर्मी को दूर करके हमें काफी राहत पहुंचाती है। ठण्ड में हमें तरह तरह की ताज़ी सब्ज़ियाँ खाने को मिलती हैं, जिनका अन्य मौसमों में मिल पाना संभव नहीं हो पाता। हमें निरंतर रूप से सब्ज़ियाँ खानी चाहिए, लेकिन हमेशा ही सारी सब्ज़ियाँ उपलब्ध नहीं होती।

ठण्ड ही एक ऐसा मौसम है जब आप वो सारी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ प्राप्त कर सकते हैं, जो आपकी सेहत के लिए आवश्यक हैं। सर्दी में बच्चों की केयर, परन्तु इस मौसम में पड़ने वाली अत्याधिक ठण्ड से हर मनुष्य को, खासतौर पर बच्चों को काफी हानि पहुँचती है।

ठण्ड में बच्चे (bache ko sardi mai garam kaise rakhe) को हवा और पानी में मौजूद बैक्टीरिया से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं, अतः माता पिता को इस मौसम में अधिक सावधान रहना चाहिए और ऐसे उपायों के बारे में सोचना चाहिए, जिनसे उनका बच्चा ठण्ड के मौसम में बिलकुल स्वस्थ रहे।

छोटे बच्चों की देखभाल के लिए साफ़ सफाई (Cleanliness se bacchon ki dekhbhal)

ठण्ड  के मौसम में आपको खुद को तथा अपने बच्चे को भी हमेशा साफ़ सुथरा रखना चाहिए। इस मौसम में निरंतर रूप से खुद के तथा अपने बच्चे के हाथ धोएं। खाने से पहले तथा कहीं बाहर से घर आने के तुरंत बाद हाथ धोने को नियम बना लें। बच्चे के डायपर्स को भी रोज़ाना बदलें जिससे कि वह जीवाणुओं तथा ठण्ड से प्रभावित ना हो। खुद के और अपने शिशु के हाथ धोने के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का ही प्रयोग करें।

बच्चे को चुप कैसे कराएं

बच्चे की देखभाल के लिए बार बार बच्चे को नाक और आँखें छूने ना दें (Child should avoid touching nose and eyes)

अपने शिशु को कुछ स्वास्थ्यकर आदतें सिखाएं। उदाहरण के तौर पर उसे अपनी नाक और आँखों को बार बार छूने ना दें। बच्चों की बार बार आँखों तथा नाक को रगड़ने की आदत होती है, जिसकी वजह से ऊके हाथों से आँखों और नाक में कीटाणुओं का संचार होता है। ये कीटाणु फिर आपके बच्चे के खून में तेज़ी से मिल जाएंगे और उसके ठण्ड में कीटाणुओं द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी से पीड़ित होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी।

ठण्ड में बच्चों को गर्म रखने के उपाय के लिए ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें (Use the humidifiers)

ठण्ड में अपने बच्चे को आरामदायक स्थिति में रखें। अपने शिशु के कमरे में ह्यूमिडिफायर रखें जिससे कि बच्चे एक स्वस्थ वातावरण में सुकून से सो सकें। ठण्ड का मौसम ऐसा होता है जब आपका बच्चा सर्दी और खांसी से पीड़ित रहता है। इन सबसे सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपके बच्चे को अच्छे से नींद नहीं आएगी। परन्तु ह्यूमिडिफायर लगवा लेने से उसे अच्छी नींद आएगी क्योंकि इससे उसका म्यूकस पतला निकलेगा। इसके फलस्वरुप उसे नाक बंद होने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

बच्चों की देखभाल के टिप्स के लिए विटामिन सी (Vitamin C se bache ki dekhbhal)

कम वज़न वाले बच्चे की देखभाल

आपके बच्चे को अपने शरीर में हमेशा ही विटामिन सी की ज़रुरत पड़ती है, क्योंकि यह विटामिन उसे ठण्ड से बचाए रखने में मदद करता है। ऐसे समय में दवाइयों का प्रयोग करने की बजाय विटामिन सी से युक्त प्राकृतिक भोजन का सेवन करना ही बेहतर विकल्प होगा। अगर विटामिन सी का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो इससे ठण्ड का आपके शरीर पर प्रभाव काफी कम होगा। आप किसी पेडियाट्रिशियन से विटामिन सी की उस मात्रा के बारे में जान सकती हैं, जितनी आपके बच्चे को आवश्यकता होती है।

प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाएं (Immunity level)

सर्दियों में बच्चों की देखभाल, आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत है या नहीं, यह उसके जन्म लेने के तरीके तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी अन्य बातों पर काफी निर्भर करता है। कुछ बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता काफी मज़बूत होती है, वहीँ कइयों की काफी कम। आप अपने बच्चे के सहने की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करके उसकी प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि कर सकती हैं। अगर उन्हें वायरल या बैक्टीरियल समस्या हो, फिर भी हमेशा उन्हें दवाइयों के माध्यम से ठीक करने का प्रयास न करें। इसकी बजाय कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करें, जब तक कि बैक्टीरिया उसके शरीर से स्वयं ही ना निकल जाए। इसी बीच आपको कुछ घरेलू नुस्खों का भी प्रयोग कर सकती हैं जिनमें कोई केमिकल नहीं होता तथा जो शरीर के लिए हानिकारक नहीं होते। उदाहरण के तौर पर तुलसी तथा नीम के पत्तों और अन्य मसालों का भी आप ठण्ड से लड़ने के लिए प्रयोग में ला सकते हैं।

सर्दियों में बच्चे की देखभाल के लिए शारीरिक गतिविधि (Lots of physical activity)

अपने बच्चे को सुलाने के कुछ असरदार तरीके

अपने बच्चे में हमेशा सोने और आलस करने की आदत न पनपने दें। इसकी बजाय उसे दिन भर विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों में उलझाए रखें। शरीर की विभिन्न समस्याओं से लड़ने के लिए रक्त संचार में बढ़ोत्तरी काफी आवश्यक है। दोस्तों के साथ बाहर उसे बाहर खेलने भेजें या शारीरिक व्यायाम करवाएं।

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