Precautions during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान अपनी खूबसूरती और अपनी देखभाल

गर्भवती महिलाओ के चेहरे में जो चमक होती हैं वो उन्हें सिर्फ बाहर से ही नहीं अंदर से भी सुन्दर बनाती हैं। उनकी सुन्दरता का किसी भी भौतिकवादी परिव्यय से मिलान नहीं किया जा सकता। लेकिन आपको अपने चेहरे और बालों का ख्याल रखना चाहिए क्यूंकि यह आपकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं। आप या तो घरेलु उपचार या फिर बाज़ार में मिलने वाली क्रीम या तेल इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे आपकी खूबसूरती बरकरार रहें। गर्भवती होने के कारण आप अपने चेहरे और बालों की देखभाल के लिए पहले की तरह समय नहीं निकल पाते होंगे, आप इसमें अपने घरवालों या प्रियजन की सहायता ले सकते हैं। आपको बाज़ार में मिलने वाले रासायनिक उत्पाद का इस्तेमाल करने की तो सलाह नहीं दी जा सकती तो हमने कुछ नुस्खे दिए हैं जो आपको गर्भावस्था के समय में भी आपको सुन्दर बनाये रखते हैं।

आपकी खूबसूरती को बढ़ाये रखने के लिए कुछ नुस्खे (Simple tips for beauty during pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य लेबल ध्यान से पड़ें (Read labels carefully)

कोई भी सौन्दर्य उत्पाद खरीदते वक्त उसके ऊपर चिपके हुए लेबल को ध्यान से पड़ें। यह बाज़ार में मिलने सभी तरह के उत्पादों के लिए हैं जैसे की बालों का तेल और क्रीम आदि। उत्पादों में जरुर देखें की उनमें नेनोमटेरिअल्स, अनिर्धारित विषाक्तता और सुगंध जरुर शामिल होनी चाहिए। उत्पाद को अच्छे से देखें की उसमें कोई ऐसी चीज़ ना हो जो आपकी त्वचा के लिए नुकसानदायक हो। आप यह भी देख सकते हैं की उत्पाद ISI mark हैं की नहीं और बाज़ार में क्या उसे लोग खरीदना पसंद करते हैं या नहीं। वही उत्पाद खरीदने चाहिए जिसका नाम प्रतिष्ठित हो ना की किसी से सुन के इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। अगर आप गर्भवती हैं तो आपको ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए जिनमें जैविक तत्व हो। अगर आपको उत्पाद के बारें में ज़रा सा भी शक हो तो उसे ना खरीदें।

गर्भावस्था के दौरान हृदय रोग को कैसे संभाले करें?

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य हेयर डाई और स्पा का इस्तेमाल ना करें (Simply no to spa, hair dyes other treatments)

अगर आप गर्भवती हैं तो स्पा या ऐसे कोई भी उत्पाद का इस्तेमाल ना करें जिसमें रासायनिक क्रिया होने का डर हो। गर्भावस्था के समय आप नेलपोलिश का भी इस्तेमाल न करें क्यूंकि उसमें जो रसायनिक पदार्थ मिलें होते हैं वोह आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान प्राकृतिक बनें (Keep it all natural se garbhavastha me khoobsurati)

यदि आप गर्भवती हैं तो आपको सिर्फ अपना ही नहीं अपने पेट में पल रहे बच्चे के बारे में भी सोचना चाहिए। अगर आप हमेशा से रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करते आयें हैं अपने बालों और त्वचा में तो यही समय हैं जब आपको प्राकृतिक और घरेलु नुस्खे अपनाने चाहिए। उत्पाद जैसे ड्डँट, क्रीम, टूथपेस्ट आदि भी ऐसे लेने चाहिए जो जैविक तत्व से बने हुए हों।

प्रेगनेंसी के दौरान सुगंध्राहित उत्पादों का इस्तेमाल करें (Choose something without fragrance)

वो उत्पाद जिनमें सुगंध होती हैं वो स्वास्थय के लिए बहुत हानिकारक हैं। आजकल सभी प्रकार की क्रीम और तेल में सुगंध शामिल होती हैं। किसी को भी पता नहीं होता हैं की सुगंध किस रसायन के इस्तेमाल से उत्पाद में शामिल हुई हैं। गर्भवती महिलों को चाहिए की कम से कम ऐसे सुगन्धित उत्पादों का इस्तेमाल करें क्यूंकि उत्पाद को सुगन्धित बनाने में किस रसायन का इस्तेमाल किया जाता हैं इसका ज्ञान खरीददार को नहीं होता हैं। अगर आप गर्भवती हैं तो सुगन्धित उत्पाद जिनमें phthalates शामिल होते हैं का इस्तेमाल कम से कम करें। बाज़ार में ऐसे उत्पाद भी मिलते हैं जो सुगन्धित होते हैं और आप के होने वाले बच्चे को सुरक्षित रखते हैं। ऐसे ही उत्पादों का चयन करें जो की जैविक तत्व से बने हुई हों।

गर्भावस्था में देखभाल सनस्क्रीन से (Safe sunscreen se pregnancy me dekhbhal)

गर्भावस्था के चौथे महीने में रक्त्स्राव के कारण

सूरज की किरणों में ऐसे बहुत सी किरणे शामिल होती हैं जो हमारें स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं। यह आपकी त्वचा को जला भी सकती हैं। इसलिए जब भी आप चिलचिलाती हुई धुप में बाहर निकलें तो हमेशा अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम करना ना भूलें। सनस्क्रीन लोशन जिनमें SPF होता हैं वो आपकी त्वचा को सूरज की किरणों से बचाती हैं। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व ओक्टिनोजेट, ओक्टोक्राईलींन, अवोबेंज़ेन आदि शामिल हैं। अपने आपको सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए धूप में जाने से बचे , पूरी बाह के कपडे पहने और टाइटेनियम और जिंक ऑक्साइड का इस्तेमाल करें सूरज से बचने के लिए।

नाखूनों की देखभाल (Nail care)

हमारे नेल बेड्स (nail beds) कार्यशील होते हैं और ये नेल पोलिश (nail polish) में मौजूद रसायनों जैसे डाईब्यूटिल थ्यालेट, फॉर्मेल्डीहाइड और टोल्यून (dibutyl phthalate, formaldehyde and toluene) का प्रवेश आपके शरीर में करवा देते हैं। पर प्राकृतिक नेल पोलिश में ऐसे उत्पाद होते हैं जो जांचे परखे होते हैं। अतः इन अच्छे ना दिखने वाले रंगों और इनके हानिकारक प्रभावों से बचने का प्रयास करें। इससे गर्भवती महिलाओं को भी काफी नुकसान पहुँचने की सम्भावना रहती है।

सनस्क्रीन लोशन (Sunscreen lotion)

ऑक्सीबेंजोन (oxybenzone) बेंजोफेनोन (benzophenone) का ही दूसरा नाम है। यह बाज़ार में मिलने वाले और अन्य सामान्य सनस्क्रीन में भी पाया जाता है। यह विषैले तत्वों के उत्पादन तथा हॉर्मोन (hormone) के परिवर्तन में बढ़ोत्तरी करता है, जिनके अतिरिक्त संपर्क में रहना आपकी त्वचा के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। सूरज की रोशनी से सुरक्षा प्राप्त करने के लिए ऐसे सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जिसमें जिंक ऑक्साइड (zinc oxide) की मात्रा हो। 16% जिंक ऑक्साइड युक्त सनस्क्रीन का प्रयोग करने का प्रयास करें। यह गर्भावस्था के दौरान पूर्णतः सुरक्षित होता है।

त्वचा को गोरा करने वाले उत्पाद (Skin lighteners)

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सर्वोताम सुझाव

गर्भावस्था के दौरान एवं इसके बाद आपकी त्वचा पर और भी कई परिवर्तन देखे जा सकते हैं।गर्भावस्था के मास्क (mask) को लगाने के दौरान कई बार आपके चेहरे पर गहरे काले दाग दिखाई पड़ सकते हैं। रंग में यह परिवर्तन उन हॉर्मोन्स द्वारा किया जाता है, जो त्वचा पर मेलेनिन (melanin) का उत्पादन बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। ये अस्थाई मास्क आपको परेशान अवश्य कर सकते हैं, पर त्वचा को गोरा करने वाले रसायन युक्त उत्पादों का प्रयोग करने से परहेज करें। इन उत्पादों में हाइड्रोगुईनॉन (hydroguinone) नामक रसायन होता है, जो हॉर्मोन्स में परेशानी उत्पन्न करता है और कैंसर (cancer) तथा शरीर के अंगों में विषैले तत्वों का संचार होने का कारक भी बनता है। यह विटामिन सी (vitamin C) की तरह प्राकृतिक रूप से रंजकता को कम भी करता है।

त्वचा की अशुद्धियाँ (Skin blemishes)

जब आपका बच्चा गर्भ में बढ़ रहा होता है, तब आपको शरीर में आने वाले कुछ परिवर्तनों के लिए तैयार रहना पड़ता है। आपका बच्चा आपके शरीर में अपने लिए जगह बनाने का प्रयास करता है। इस समय आपको अपनी त्वचा में खिंचाव का अनुभव होता है, जिसे स्ट्रेच मार्क्स (stretch marks) कहते हैं। बच्चे के जन्म के बाद भी हॉर्मोन में परिवर्तन होते हैं, जिससे त्वचा में काफी बदलाव आ जाते हैं। कोको मक्खन (cocoa butter) का प्रयोग करके आप त्वचा की अशुद्धियों को दूर कर सकती हैं।

मुहांसों से बचकर रहें (Avoid pimples)

मुहांसों को ना फोड़ें क्योंकि ऐसा करने पर एक्ने (acne) की समस्या काफी बढ़ जाती है। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इस समय एक्ने और त्वचा की अन्य समस्याएं चेहरे पर दिखने लगती हैं। ये सारी समस्याएं गर्भावस्था के बाद ठीक हो जाती हैं। क्लॉयस्मा (chloasma) जैसे गम्भीर रैशेस (rashes) भी इस समय हो सकते हैं, जिनकी डॉक्टर के द्वारा जांच काफी ज़रूरी है।

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