Yoga poses to get rid of back fat – शरीर के पिछले हिस्से के फैट को दूर करने के लिए योगासन

पेट पर जमे फैट की अपेक्षा शरीर के पिछले भाग में जमा फैट को दूर करना ज़्यादा मुश्किल होता है, यहाँ तक की आप अपने हाथों और पैरों को भी कम समय और आसानी से टोन कर सकते हैं लेकिन पीछे के हिस्से में जमा चर्बी को दूर करने में ज़्यादा समय और अपेक्षाकृत अधिक मेहनत भी लगती है क्योंकि यह ज़्यादा मुश्किल होता है। इसे कम करने के लिए आपको थोड़े और धैर्य के साथ थोड़ा ज़्यादा वक़्त देने की ज़रूरत होती है और इसके परिणाम स्वरूप आपको एक सुगठित स्लिम पीठ मिलती है।

हमने यहाँ कुछ खास योगासनों को चुना है जिसकी मदद से आप अपने पीठ और शरीर के पीछे के हिस्से का फैट कम कर सकते हैं। हाँ, अगर आप एक स्थाई समाधान चाहते हैं तो आपको योगासन का प्रयोग करना होगा और आपको अपनी बॉडी को टोन करने के लिए योग का अभ्यास करना चाहिए ना कि, केवल वज़न कम करने या किसी अंग विशेष में मौजूद चर्बी को कम करने के लिए। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं तो यह आपको और भी कई दूसरे फायदे भी देता है।

अर्ध चंद्रासन (Ardha chandrasana – Half moon pose)

Ardha-chandrasana

अर्धचक्रासन एक ऐसा आसन है जो सीधे शरीर के उस भाग पर प्रभाव डालता है जिस भाग पर जमा फैट को आप कम करना चाहते हैं। इसके अलावा इसे आपके पैर,टखने और घुटनों को मजबूती प्रदान करने वाला आसान भी माना जाता है। यह कमर के दर्द को ठीक करने में सहायक होने के साथ ही साथ आपके पेट को सपाट और टोन करता है। यह आपकी छाती और कंधों को खोलकर रीढ़ कि हड्डी को सीधा रखता है। यह आसन आपको बैठ कर सीधा उठने के अभ्यास को बेहतर करता है साथ ही इससे आपका तनाव कम होता है। इन सब फ़ायदों के अलावा यह आसन आपके पूरे शरीर को लचीला बनाकर सभी अंगों को संतुलित करता है।

विधि (Process)

  • अपने आसन पर सीधे खड़े हो जाएँ।
  • अपना दाहिना पैर पीछे कि ओर ले जाए ताकि आप अपने बाएँ पैर से छोटी छलांग लगा सकें।
  • अपने हाथ को बाएँ पैर कि ओर में ले जाएँ।
  • अपना दाहिना हाथ दाहिने कूल्हे पर रखें।
  • केवल दायें पैर के सहारे सीधा खड़ा रखें और बाये पैर को उठा कर हवा में सीधा रखें। यह स्थिति आपके पूरे शरीर को संतुलन देती है।
  • ऊपर कि तरफ अपने बाएँ हाथ को देखने कि कोशिश करें।
  • आप महसूस करेंगे कि आपका बायाँ पैर आपकी मांसपेशियों के साथ मिल रहा है, आपके घुटने कि हड्डी खींची हुई होनी चाहिए और बाएँ पैर को सहारा मिलता रहना चाहिए।
  • अब इसी तरह अपने बाएँ पैर को भी इसी अवस्था में ले जाएँ।
  • बाएँ हाथ को बाएँ पैर कि दिशा में ज़मीन पर टीका दें।
  • अब दाहिना हाथ ऊपर कि ओर ले जाते हुये लंबी सांस लें।
  • इसी तरह दाहिने पैर को बाएँ पैर कि विपरीत दिशा में सीधा रखें।
  • 5 लंबी गहरी साँसे लेते हुये इस स्थिति में बनें रहें।
  • अब वापस अपनी प्रारम्भिक अवस्था में आ जाएँ।

चक्र आसन (Chakra-asana – Wheel pose)

Chakra-asana

यह एक और ऐसा आसान है जो आपके शरीर के अंगों को पोषण देने के साथ उसे लचीला बनाता है। यह आसान आपके लीवर, किडनी और अग्नाशय को को मजबूती देता है ताकि वे सुचारु रूप से अपना कार्य कर सकें। साथ ही यह आपकी हाथ और पैरों की मांसपेशियों को भी ताकतवर बनाता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि, यह आसन शरीर के पिछले हिस्से कि चर्बी को दूर कर रीढ़ कि हड्डी को लचीलापन प्रदान करता है। हमारे श्वसन तंत्र कि प्रक्रिया को ठीक कर अस्थमा जैसे रोगों कि आशंका को भी कम करता है। साथ ही डाइबिटीज़  से बचाव कर हमारे पेट से संबन्धित उत्सर्जन कि प्रक्रिया को स्वाभाविक रखता है।

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विधि (Process)

  • पीठ के बल लेट जाइए और लंबी सांस लीजिये।
  • घुटनों को मोड़ कर रखेँ।
  • अब अपने कमर को ऊपर की ओर ऊंचा उठाये।
  • आपकी हथेलियाँ कमर के पास जमीन से टिकी होनी चाहिए।
  • अब सांस छोडते हुये वापस आइये। अपने पैरों को सीधा रखिए।
  • अब अपनी हथेलियों को दोनों कानों के पास नीचे ज़मीन में रखिए, अब हथेलियों का सहारा लेते हुये दोबारा कमर को ऊपर की ओर ले जाइए। अपने पेट पर जितना हो सके उतना तनाव दीजिये।
  • अब सांस छोड़ते हुये ज़मीन पर वापस आ जाइए।
  • इस क्रिया को ऐसे ही 3 बार करें।

धनुर्रासन (Bow pose)

Dhanurasana-1

धनुर्रासन शरीर के पीछे के अंगों में जमे फैट (Fat) को कम करता है और साथ ही उन अंगों को मजबूती भी देता है। यह शरीर के प्रजनन अंगों को उत्तेजित कर यौन जीवन को बेहतर करता है। आपके शरीर को बेहतर लचीलापन मिल सके इसके लिए यह आसान आपके सीने, कंधों और गर्दन को खोलने में सहायता करता है। किसी व्यस्त दिनचर्या के कारण होने वाली थकान से धनुर्रासन शरीर और मस्तिष्क का तनाव दूर करने में बहुत प्रभावी होता है। अतः किसी भी तरह के तनाव को भगाने के लिए यह आसान उपयुक्त है। इन फ़ायदों के साथ साथ यह कब्ज़ भी कम करता है और मासिक धर्म को नियमित करता है।

धनुर्रासन की विधि (Process of bow pose)

  • ज़मीन पर पेट के बल इस प्रकार लेटिए की आपका पेट ज़मीन को पूरी तरह छूता हो।
  • अपने पैरों और नितंब को फैलाये।
  • अब अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाते हुये पैरों को अपने हाथों की मदद से छूएँ।
  • अब घुटने विपरीत दिशा में मुड़े हुये हों और अपनी एड़ियों को हाथ की मदद से पकड़ें रहें।
  • जब आप सांस अंदर की ओर लें तब। अपने सीने को ज़मीन से ऊपर की ओर खींचें और पैरों को पीछे जाने दें।
  • सामने की तरफ देखें और मुस्कुराएँ, आपके स्माइल से बनने वाले वक्र (curve) का आकार आपके बॉडी से भी मैच (match) करना चाहिए।
  • जितनी लंबी सांस ले सकें उतनी ही देर तक इस आसन में बने रहें।
  • लंबी और गहरी साँसे लें, और इस अभ्यास को दोहराएँ।
  • शुरुआती समय में 3 से ज़्यादा बार इसे नही करना चाहिए।

त्रिकोणासन (Triangle pose)

Trikonasana

यह त्रिकोणासन शरीर के अंगों खासकर नितंब, कमर और जांघों के बीच के जोड़ और कंधों के साथ घुटने के पीछे की नस, पिंडली, रीढ़ तथा सीने को स्ट्रेच देता है। इसके साथ ही इन अंगों को लचीला बना कर मजबूती प्रदान करता है। यह पाचन क्रिया को ठीक करता है और तनाव को कम करने में उपयोगी होता है। शरीर के पिछले हिस्से के फैट को कम करने के लिए यह एक सरल और प्रभावकारी आसन है।

विधि (Process of trikonasan)

  • किसी चटाई या ज़मीन पर खड़े हो जाइए।
  • अपने पैरों को लगभग 4 फुट तक फैलाइए।
  • अब अपने दाहिने पैर को मोड़ें और अपने हाथों को कंधो के बराबर ऊपर की तरफ ले जाएँ।
  • सांस अंदर लेते हुये दाहिनी ओर झुकें। आपकी नज़ारे सामने की तरफ होनी चाहिए।
  • दाहिने हाथ से दाहिने पैर को छूने की कोशिश कीजिये।
  • बायाँ हाथ ऊपर की ओर और नजरे बाएँ हाथ पर होनी चाहिए।
  • अब इसी अभ्यास को दूसरी तरफ से करें।
  • लंबी साँसे लेते हुये वापस अपनी अवस्था में आएँ।
  • इस अभ्यास को आप अधिकतम 3 बार कर सकते हैं, जैसा की पहले कहा जा चुका है, शुरुआती समय में बहुत ज़्यादा अभ्यास न करें।

मकर अधोमुख स्वानासन (Makar adhomukha swanasan)

Makara-adho-mukha-svanasana

यह आसन करने में थोड़ा मुश्किल ज़रूर है पर इसे करने से शरीर को बहुत से लाभ मिलते हैं। आगरा आपका शरीर लचीला है तो आप इस आसन को आसानी से कर सकते हैं और सरलता से पीछे के हिस्से का फैट कम कर सकते हैं। यह आसन तनाव के साथ सिर में दर्द जैसी समस्या को भी कम करता है। मकर अधोमुख स्वानासन आपकी भुजाओं और पैरों को मजबूती प्रदान करता है। आपकी पेट की मांसपेशियों को ताकत देकर पाचन क्रिया को सुदृढ़ करता है। जिन महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म की शिकायत होती है उनमें यह इस समस्या को खत्म कर मासिक धर्म को नियमित करता है।

मकर अधोमुख स्वानासन करने की विधि (Process of maker adhomukha swanasan)

  • जमीन पर पेट के बल लेट कर अपने दोनों हाथों की हथेलियों और पैरों के बल ऊपर की ओर उठें।
  • ऊपर जाते समय अपने कूल्हों को भी उपर की तरफ खींचे।
  • अपनी कोहनी और घुटने बिल्कुल सीधे रखें।
  • अपने कंधे और गर्दन को बिल्कुल सीधा रखें।
  • शरीर संतुलित और हाथों की दोनों हथेलियाँ आपस में चिपकी हुई होनी चाहिए।
  • जमीन की तरफ देखें और इसी अवस्था में बने रहें।
  • जब आप सांस ले रहें हों तब पेट अंदर की तरफ होना चाहिए।
  • अपने पैरों को बिल्कुल सीधा रखें और आपकी एड़ियाँ आपके पैरों की उँगलियों के ऊपर होनी चाहिए।
  • जितनी देर हो सके, इस आसन को करने का अभ्यास करें।
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