Do’s and don’ts during malaria – मलेरिया के समय करने एवं ना करने योग्य बातें

हर तरफ गन्दगी फैलने के साथ ही ऐसी कई बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। कूड़ा करकट से मच्छर पनपते हैं जिसके फलस्वरूप कई हानिकारक संक्रामक बीमारियाँ फैलती हैं। मलेरिया एक हानिकारक बीमारी है जो मच्छरों से होने वाले संक्रमण से होती है एवं यह मानव शरीर को काफी बुरी तरह प्रभावित करती है। मच्छर के काटने के 10 से 15 दिनों के बाद ही आपको बुखार, उल्टी, तनाव एवं भारी सिरदर्द के रूप में बैक्टीरिया (bacteria) के लक्षण दिखाई देंगे। कुछ लोग बेहोश भी हो जाते हैं एवं उन्हें जोड़ों में दर्द एवं जौंडिस (jaundice) की भी शिकायत होती है। मलेरिया का इलाज सावधानी से किया जाना चाहिए और इस समय डॉक्टर के निर्देश पूर्ण रूप से मानने चाहिए। इसे नज़रंदाज़ करने से महीनों बाद भी संक्रमण हो सकता है। मलेरिया आपकी त्वचा को तेजहीन एवं पीला कर देती है तथा कुछ गंभीर स्थितियों में मलेरिया की वजह से लोग कोमा और मृत्यु की स्थिति में भी जा सकते हैं।

मलेरिया से ग्रसित होने के बाद कई प्रकार के बचाव उपाय करने आवश्यक हैं। यदि आप या आपका कोई जान पहचान वाला मलेरिया से ग्रसित है तो नीचे कुछ उपाय बताये गए हैं:

मॉस्क्विटो रेपेलेंट का प्रयोग (Using mosquito repellent)

करेले के औषधीय एवं स्वास्थ्य गुण

मच्छर मलेरिया की उत्पत्ति का कारण होते हैं, अतः यह काफी आवश्यक है कि मच्छरों को दूर रखने के लिए पहले से ही कदम उठाए जाएं। मॉस्क्विटो रेपेलेंट का प्रयोग करें एवं सुनिश्चित करें कि शाम के समय खिड़कियाँ बंद कर लें क्योंकि मच्छर आमतौर पर शाम के समय ही घरों के अन्दर आते हैं। इसके साथ ही आप मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम का भी प्रयोग कर सकते हैं।

दूषित पानी को फेंकें (Disposing contaminated water)

सुनिश्चित करें कि आपके बाल्टियों या टब में अकारण या आवश्यकता से अधिक समय तक पानी जमा करके ना रखा गया हो, क्योंकि इससे पानी में पनपने वाले मच्छरों का जन्म होता है। इसके अलावा दूषित पानी को फेंकना काफी आवश्यक है एवं आपको केवल रुके हुए पानी या डीडीटी (DDT) का प्रयोग करना चाहिए। इससे मच्छर आपके आसपास फटक नहीं पाएंगे और आप स्वस्थ रहेंगे।

विशेष खानपान (Selected diet)

जब आप मलेरिया से ग्रसित होते हैं तो यह काफी ज़रूरी है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें। केवल हल्के भोजन का सेवन करें क्योंकि यह आपके हाजमे एवं भोजन के लिए काफी आसान एवं अच्छा होता है। इसके अलावा संतरा, पपीता, फलों के रस एवं शहद युक्त नींबू के रस का भी सेवन करें। सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा सेवन किये जाने वाले भोज में प्रोटीन (protein) एवं सफाई हो। गुड़, आंवला एवं चने का सेवन करने से एचबी (HB) का बेहतर स्तर प्राप्त होता है। आप मलेरिया से ग्रसित होने की स्थिति में तुलसी के काढ़े का भी सेवन कर सकते हैं। तुलसी की 15-20 पत्तियां, 5 ग्राम पिसा अदरक, 10 कच्ची काली मिर्च और थोड़ी सी हल्दी लें एवं इन्हें पानी में उबालें। इसका सेवन करने से आपको मलेरिया से जल्दी छुटकारा मिलेगा। आपके लिए शरीर में प्रोटीन के लिए दूध का सेवन करना एवं नए चावल के बदले में पुराने चावल का सेवन करना फायदेमंद रहता है। सुनिश्चित करें कि दिन एवं रात के भोजन के बाद तुरंत ना सोएं।

स्नान (Bathing)

दिन में दो बार हल्के गर्म पानी से नहाना बैक्टीरिया (bacteria) के विरुद्ध काफी अच्छा इलाज है। एक बेहतर दृष्टिकोण से नीम से स्नान करना ज़्यादा फायदेमंद है। लेकिन ठन्डे पानी से नहाने से परहेज करें और प्रभावित मरीज़ का साफ़ एवं तरोताजा रहना आवश्यक है।

मलेरिया के समय ना करने योग्य कार्य (Don’ts during malaria)

  • लक्षणों को लम्बा ना टिकने दें। जैसे ही आपको लक्षण दिखें एवं तेज़ बुखार, बेहोशी की स्थिति एवं चक्कर का सामना करना पड़े तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। देरी से स्वास्थ्य और भी खराब होगा एवं काफी गंभीर समस्याएं पेश आएंगी।
  • पानी कहीं जमा ना होने दें एवं इसे रुकने ना दें, क्योंकि इससे मच्छर पनपते हैं। इसके अलावा कूलर (cooler), कूड़े आदि में जमा पानी हफ्ते में एक बार निकालें।
  • अपने बच्चों को खुले मैदानों में छोटे बाहों वाली कमीज़ और छोटी पतलून पहनाकर खेलने ना भेजें। उनकी त्वचा मच्छरों के काटने के लिए खुली नहीं होनी चाहिए।
  • रक्त का ट्रांसफ्यूज़न (transfusion) संक्रामक हो सकता है और इससे मलेरिया का ख़तरा पैदा हो सकता है। सुनिश्चित करें कि आप खुद को एवं अपने परिजनों को ऐसे संक्रमणों से बचाकर रखें।