पीरियड्स समय पर होने के उपाय – Periods samay par hone ke upaay

आपने 14 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में पीरियड्स की समस्याओं के बारे में अवश्य सुना होगा। अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स की समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल असंतुलन (hormonal disorder), खानपान में मिलावट, जीवनशैली में परिवर्तन तथा दवाइयों का प्रभाव मुख्य है।

अगर आपके पीरियड्स भी देरी से या जल्दी हो रहे हैं तो इसे ओलिगोमेनोरिया (oligomenorrhea) कहा जाता है। कई महिलाएं और लड़कियां हर 2 या 3 महीने के बाद अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स की समस्या की शिकार होती हैं, जो एक महिला के शरीर के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ महिला की माहवारी का समय 21 से 35 दिन के बीच का होता है।

एक महिला के लिए साल में 11 से 13 बार पीरियड्स होना सामान्य है, परन्तु इससे कम असामान्य श्रेणी में आता है।पीरियड्स ना होना भी इसी श्रेणी में आने वाली समस्या है। अनियमित पीरियड्स या मासिक धर्म की अनियमितता से बचने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे आपके लिए काफी कारगर सिद्ध हो सकते हैं।

इसके अलावा समय पर पीरियड्स ना होने की समस्या आजकल कोई असामान्य बात नहीं है, बल्कि हर 5 में से 3 महिलाएं इसकी शिकार होती हैं। डॉक्टरों के अनुसार किशोर लड़कियों में अनियमित माहवारी होना काफी सामान्य बात है। यह ज़रूरी नहीं है कि सबका मासिक धर्म साल में 12 बार ही हो।

यह गणना 11 से 13 के बीच घूमती रहती है। परन्तु ज़्यादा मात्रा में असामान्य पीरियड्स होना भी शरीर के लिए अच्छा नहीं होता, क्योंकि इससे आपके स्वास्थ्य को हानि पहुँचती है और गर्भावस्था के दौरान भी कई समस्याएं हो सकती हैं। कुछ आसान घरेलू नुस्खों से आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

समय पर पीरियड्स ना होने या विलंबित अवधि, इस स्वास्थ्य की स्थिति को चिकित्सकीय के रूप में अनियमित मासिक चक्र/माहवारी (irregular period cycle) कहा जाता है। यह महिलाओ में होने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक है।

समय पर पीरियड्स न होने के कारण, दर्द या स्तन में चुभन और पेट के निचले हिस्से में भारीपन, मतली होना एवं चौबीसों घंटे आलस महसूस करना ये सभी महिलाओ में होने वाली कुछ मुख्य समस्याएं है जिसके परिणामस्वरुप महिलाएं अनियमित मासिक धर्म चक्र (irregular menstrual cycle) का सामना करती है। ऐसा कई कारणों की वजह से होता है, परन्तु महिलाओ में अनियमित पीरियड्स के कारण एक दूसरे से अलग है।

पीरियड की समस्या मासिक धर्म में देरी (gharelu nuskhe for irregular periods in Hindi)

समय पर माहवारी लाने के उपाय (how to treat irregular periods in Hindi)

कुछ साइड इफेक्ट के साथ शीर्ष गर्भनिरोधक गोलियां क्या हैं?

धनिये के बीजों को घी में भुन लें औरे इसमें पिसी हुई शक्कर मिला लें, इसे दिन में दो बार 1010 ग्राम की मात्रा में लेने से पीरियड्स के समय पर ना होने जैसी समस्याएँ दूर हो जाती हैं।

तिल एवं गुड़ (Sesame Seeds and Jaggery)

तिल मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने में काफी सहायक होता है क्योंकि ये आपके हॉर्मोन्स (hormones)को संतुलित करता है। ये लिग्नंस (lignans) से भरपूर होता है जो अतिरिक्त हॉर्मोन्स को बांधकर रखता है। इसके अलावा, इनमें आवश्यक फैटी एसिड्स (fatty acids) होते हैं जो पर्याप्त मात्रा में हॉर्मोन का उत्पादन करते हैं। गुड़ भी अपने गर्मी प्रदान करने वाले गुणों की वजह से पीरियड्स के ना होने की समस्या से निपटने में सहायता करता है। एक मुट्ठीभर तिल को भुनें। इन्हें एक चम्मच गुड़ के साथ मिश्रित करें और पीसकर एक महीन पाउडर बना लें। इस पाउडर का एक चम्मच रोज़ाना कुछ महीनों के लिए अपने मासिक धर्म चक्र के दूसरे हिस्से (मासिक धर्म शुरू होने के दो हफ्ते पहले) में खाली पेट लें। यदि आप केवल थोड़ा सा गुड़ भी खाती हैं तो इससे भी आपके मासिक धर्म की समस्या में सुधार आ सकता है। इस तरीके का प्रयोग अपने पीरियड्स के दौरान ना करें।

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पुदीना (Mint)

पुदीने एवं शहद का मिश्रण पीरियड्स के ना होने का एक अच्छा इलाज है एवं यह मासिक धर्म के समय उठने वाली मरोड़ों को भी दूर करता है। यह मिश्रण असामान्य मासिक धर्म को सुचारू गति से चलाने के सबसे श्रेष्ठ घरेलू नुस्खों में से एक है। इसके लिए सूखे पुदीने के पाउडर एवं शहद को बराबर मात्रा में लें एवं दोनों का मिश्रण करें। इस मिश्रण का सेवन कुछ हफ़्तों तक दिन में तीन बार रोज़ाना करें। बेहतर परिणामों के लिए इस नुस्खे का प्रयोग करती रहें।

अंजीर (Figs)

अंजीर में कई फायदेमंद पोषक पदार्थ होते हैं एवं ये वो सभी तत्व प्रदान करता है, जिनकी आवश्यकता सुचारू रूप से काम करने के लिए आपके गर्भाशय को होती है। विशेष रूप से, ये कैल्शियम एवं मैग्नीशियम (calcium and magnesium) से भरपूर होता है जो सामान्य रूप से पीरियड्स होने में सहायता करता है। 5 अंजीर लें एवं इन्हें एक कप पानी में उबालें। इसके बाद इस मिश्रण को छान लें एवं रोज़ाना इसका सेवन करें। यह निश्चित तौर पर आपके मासिक धर्म चक्र को सुचारू बनाएगा।

आधा पका हुआ या हरा पपीता (Masik dharm ka aniyamit ke liye green papaya)

पीरियड्स ना होने की समस्या दूर करने के लिए आधे पके हुए या हरे पपीते का सेवन आपके अनियमित पीरियड्स (irregular period) को सामान्य करने में मदद करता है। यह एक अच्छी और मजबूत औषधि (emmenagogue) के रूप में काम करता है, और गर्भाशय की मांसपेशियों की समुचित संकुचन में मदद करता है। देरी से होने वाले पीरियड्स की स्थिति में यह विशेष रूप से फायदेमंद होता है। आधे पके हुए पपीते का 2 महीने तक लगातार सेवन करे और फर्क देखे। मासिक धर्म के समय इसे खाने से परहेज़ करें।

अनियमित मासिक धर्म के लिए बरगद के पेड़ की जड़ (Banyan tree roots)

स्तनों की कसावट के लिए घरेलू उपाय

अनियमित पीरियड्स के घरेलू उपचार के लिए बरगद के पेड़ की जड़ को लें एवं ध्यान रखें कि ये ताज़ा हों। 10 मिनट के लिए इसे एक कप पानी में उबालें। अब इस काढ़े में 2, 3 चम्मच गाय का दूध मिलाएं और सोते समय नियमित रूप से इसे लें। इस औषधि की मदद से आप काफी हद तक अपने पीरियड्स को नियमित कर सकती हैं।

सौंफ के बीज या सौंफ (Fennel seeds)

सौंफ के बीज या सौंफ भी आपके नियमित पीरियड्स (regular period) होने में मदद कर सकते है। इन्हें लेने के लिए 2 चम्मच सौंफ के बीज 1 गिलास पानी में मिलाये और एक रात रखे रहने दें। एक मलमल के कपड़े या छलनी से इसे छान ले और पी लें। याद रहे कि अच्छे परिणामों के लिए इस औषधि का नियमित रूप से सेवन करें।

पीरियड टिप्स अंगूर (Mahwari ki samasya dur kare grapes)

अनियमित पीरियड्स (irregular period cycle) को नियमित करने के लिए अंगूर को भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। अंगूर के रस का नियमित रूप से सेवन करना बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा आप कच्चे अंगूर का भी सेवन करके इसे अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं। यह आपकी लम्बे समय तक मदद करेगा। हालाँकि, अंगूर का अत्यधिक सेवन अच्छा नहीं है क्योंकि यह दस्त का कारण बन सकता है।

कच्ची लौकी का रस (Irregular menses ka ilaj bitter gourd juice se)

आप कच्ची लौकी का रस भी ले सकते है। यह स्वाद में कड़वा होता है, पर यह अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करने के लिए प्रभावी उपचार में से एक माना जाता है। आप इसे रस या काढ़े के रूप में ले सकती हैं। अगर आप इसे रस की तरह ले रही है तो दिन में दो बार ले और यदि काढ़े के रूप में ले रही है तो दिन में 1 या 2 बार आपकी इच्छा और जरुरत के हिसाब से ले।

अनियमित माहवारी के उपाय अजमोद (Parsley)

पीरियड्स से संबंधित मुद्दों के इलाज के लिए अजमोद एक काफी उपयोगी जड़ी बूटी है तथा इसके लिए सबसे प्रभावी घरेलू इलाज माना जाता है। नियमित अंतराल में पीरियड्स के लिए अमजोद के रस का सेवन नियमित दवाई के रूप से करें।

मासिक धर्म के घरेलू उपाय मूली (Desi nuskhe for irregular periods)

2, 3 मूली लें और पानी की सहायता से इसका महीन पेस्ट बना लें। अब इस मिश्रण में 1 कप गाढ़ा दूध मिलाएं एवं दिन भर इस मिश्रण का सेवन करे। अच्छे परिणाम के लिए नियमित रूप से इसे लें।

धनिया के पत्ते (Desi ilaj for irregular periods with coriander)

धनिया के पत्ते या बिज़ से बने हुए काढ़े का नियमित रूप से सेवन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है नियमित पीरियड्स (regularize period) ना होने की समस्या को दूर करने के लिए कम से कम दिन में 3 बार इसका सेवन करें।

अंजीर (Gharelu upay for irregular periods with anjeer in Hindi)

मासिक धर्म अनियमित होने या बिलकुल न होने के कारण

4, 5 अंजीर लें और इसे एक कप पानी में उबाल लें। अब इस काढ़े को छान लें और नियमित रूप से इसका सेवन करें। अगर आप इस उपचार को नियमित रूप से लेती है तो यह समय पर ना होने वाले पीरियड्स को सामान्य करने में आपकी मदद करेगा ।

पपीते से घरेलू उपाय (Papaya)

यह आपले अनियमित पीरियड्स के चक्र (irregular menstrual cycle) को नियमित करने का सबसे सामान्य एवं असरदार तरीका है। पपीते को उबाल लें या पपीते के रस का नियमित रूप से सेवन करे। अगर आप इसकी आदत बना ले तो यकीनन आपको अच्छा परिणाम दिलवाएगी।

पीरियड टिप्स गाज़र (Carrot)

अनियमित पीरियड्स के चक्र (irregular menstrual cycle) से लड़ने के लिए कच्चा गाज़र या गाज़र का रस भी बहुत अच्छा होता है। इन्हें लेने का सबसे अच्छा तरीका है इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करना।

एलोवेरा (Aloe Vera)

एलोवेरा का गुदा या रस भी अनियमित पीरियड्स की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। सभी सुझावों का नियमित रूप से पालन करें एवं यह निश्चित सकारात्मक परिणाम पाने में आपकी मदद करेगा। एलोवेरा पीरियड्स के लिए ज़िम्मेदार हार्मोन्स को नियंत्रित करता है और नियमित रूप से मासिक धर्म चक्र (regular menstrual cycle) प्राप्त करने में मदद करता है। इसके लिए एलोवेरा की कुछ पत्तियां अपने बगीचे से तोड़ें एवं इसमें से जेल या गुदा निकाल लें। अब इस गुदे में 1 चम्मच शहद मिलाएं। खाली पेट इसका सेवन नियमित रूप से करें। अच्छे परिणाम पाने के लिए 3 महीने तक इसका सेवन लगातार करें। मासिक चक्र(menstrual cycle) के समय इस उपाय का इस्तेमाल ना करें।

गन्ने के रस (Sugarcane juice)

पीरियड्स अनियमित होना,या अनियमित पीरियड्स को सामान्य करने के लिए माहवारी चक्र के 1 या 2 हफ्ते पहले से गन्ने के रस का सेवन करें। यह आपकी अवश्य मदद करेगा। अनियमित पीरियड्स की समस्या दूर करने के लिए यह एक बहुत ही आसान एवं आम उपाय है।

अदरक (Desi nuskhe for menses ginger ke saath)

अदरक मासिक धर्म चक्र को नियमित (periods aane ke liye kya kare) करने के लिए अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा, यह पीरियड्स के दौरान दर्द से निपटने में भी मदद करता है। अनियमित पीरियड्स के समाधान के लिए अदरक का उपयोग करने के लिए एक कप पानी में 1 चम्मच ताज़ा अदरक 5 मिनट के लिए उबालें। अब इसमें थोड़ी शक्कर मिलाएं और इस मिश्रण को खाना खाने के बाद 3 बार पियें। इस विधि का कम से कम 1 महीने के लिए लगातार पालन करें। यह आपकी अवश्य मदद करेगा।

पीरियड्स की समस्या हल्दी के साथ गुड़ (Turmeric with jaggery)

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सर्वोताम सुझाव

अब तक आपने केवल हल्दी के जीवाणुरोधी गुण के बारे में सुना होगा, परन्तु यह अन्य बहुत से महत्वपूर्ण गुणों से भरी हुई है। इसका प्रयोग आप मासिक धर्म प्रवाह उत्तेजक के लिए कर सकते है। इसके अलावा, यह पीरियड्स में दर्द से राहत में मदद करती है। 1/4 चम्मच हल्दी के साथ गुड़, शहद और दूध रोज़ सुबह 2 हफ्ते के लिए लें और परिणाम देखें।

तिल (Sesame seeds)

आपको इस बात का अवश्य पता होगा कि तिल पीरियड्स को सुचारू रूप से चलाने में तिल काफी उपयोगी होती है। यह आपके हॉर्मोन्स का स्तर सही रखने में भी काफी मददगार साबित होता है। यह अतिरिक्त हॉर्मोन्स को काबू में लाता है तथा शरीर को गर्माहट देकर मासिक धर्म की प्रक्रिया को सही रखता है। मुट्ठीभर भुना हुआ तिल लें और इसे तब तक पीसें जब तक कि ये पाउडर ना बन जाए। इस पाउडर को एक पात्र में रखें तथा हर दिन एक चम्मच शहद के साथ खाएं। इसे कुछ हफ़्तों तक खाने के बाद ही आपको फर्क दिखना शुरू हो जाएगा। अगर आप पीरियड्स को संतुलित रखना चाहती हैं तो रोज़ाना गुड़ का एक टुकड़ा लेना आपके लिये काफी फायदेमंद रहेगा।

कच्चा पपीता (Raw papaya)

अगर आपका पीरियड्स लम्बे समय से नहीं हो रहा है तो इसका मतलब यह है कि आपके रक्त संचार में असमानताएं हैं। पका हुआ पपीता पीरियड्स को सुचारू करने में काफी अहम भूमिका निभाता है। इससे आपके गर्भाशय में स्थित मांसपेशियों के फाइबर्स को सिकुड़न की जगह मिलेगी। अगर आप ऐसी स्थिति में हैं जहाँ रजोनिवृत्ति होने वाली है तो मासिक धर्म में असमानताएं दिखाई देती हैं। इसके सेवन के बाद आपका मासिक धर्म सामान्य हो जाने पर भी पके हुए पपीते को दो से तीन महीनों तक खाना ना छोड़ें।

नींबू (Lemons)

नींबू एक प्राकृतिक नुस्खा है, जिसका सेवन अगर आप पीरियड्स के दौरान करें तो इसका प्रभाव उल्टा ही होता है, पर अगर मासिक धर्म की तिथि के पहले आप इसका सेवन करें तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होता है। हर दिन सुबह गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़कर सेवन करने से आपके मासिक धर्म का चक्र नियमित रूप से चलेगा। नींबू का सेवन अपने मासिक धर्म के चक्र के 5 या 6 दिन पहले से करना शुरू कर दें तथा स्वयं ही इस बात को महसूस करें कि आपका मासिक धर्म कितने सुचारू रूप से हो रहा है।

कड़वा तरबूज (Bitter melon)

अगर आप भी मासिक धर्म के चक्र की अनियमितताओं से जूझ रही हैं तो कड़वा तरबूज आपकी इन सारी समस्याओं का पूरी तरह निदान करने में सक्षम साबित होता है। इसके लिए एक कड़वा तरबूज लें और इसे ग्राइंडर (grinder) में डालें। इससे जो रस आपको प्राप्त होगा, वह काफी कड़वा होगा। आप इसका स्वाद मीठा करने के लिए इसमें शहद का मिश्रण भी कर सकते हैं। पीरियड्स की समस्याओं से दूर रहने के लिए इस रस का सेवन हर दिन सुबह सुबह करें।

भिगोया हुआ जीरा (Soaked cumin)

प्राकृतिक रूप से वक्षों को बढ़ाने के उपयोगी तरीके

जीरा आपकी रसोई में पाए जाने वाले उन उत्पादों में से एक है, जिसमें काफी मात्रा में स्वास्थ्य गुण होते हैं। इसका एक गुण यह है कि यह आपके पीरियड्स के चक्र को नियमित और सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। इसके लिए 2 चम्मच जीरा लेकर रातभर पानी में भिगोकर रखें। अगले दिन सुबह उठें और इस जीरा भिगोये हुए पानी का सेवन करें। अपने मासिक धर्म को सुचारू रूप से चलाने के लिए इस पानी का सेवन नियमित करने का प्रयास करें। इस विधि से हज़ारों महिलाओं को पीरियड्स की समस्याओं से निजात प्राप्त हुई है।

गर्भावस्था के दौरान खून निकलना और उनके कारण

ये कुछ घरेलू उपाय है जो आपके अनियमित पीरियड्स (irregular periods) को ठीक करने में मदद करते है एवं सामान्य समय पर लाते है। अगर आपको इनमे से किसी भी औषधि से एलर्जी हो रही है तो आप इसे तरंत लेना बंद कर दे। अनियमित पीरियड्स स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है तथा यह कुछ अन्य और अधिक घातक स्वास्थ्य के लिए ज़िम्मेदार हो सकता है। घरेलू उपचार विश्वसनीय हैं और इसलिए देरी हो रही मासिक धर्म के इलाज के लिए आदर्श वैकल्पिक उपचार है। हालांकि, चिकित्सा मार्गदर्शन की मांग आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

अनियमित पीरियड्स / अनियमित माहवारी के कारण (Reasons for irregular periods)

  • सही मात्रा में वजन का घटना या बढना
  • खाने में पोषक तत्वों की कमी
  • मासिक धर्म का न आना हार्मोनल असंतुलन
  • आईबीएस (चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम)
  • पीसीओ (पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम)
  • मासिक धर्म का न आना रजोनिवृत्ति
  • मधुमेह
  • रक्ताल्पता
  • मासिक धर्म का न आना हाल ही में बच्चे को जन्म
  • अकाल प्रसव
  • टीबी (क्षय रोग)

गर्भावस्था के दौरान खून निकलना और उनके कारण

अनियमित पीरियड्स की समस्या के लिए पहले कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ कई उपचारों को खोजा गया है। इसके आलावा इस समस्या से लड़ने के लिए दर्जनों घरेलू उपाय मौजूद हैं। निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि घरेलू उपाय को सही दवाओ के साथ प्रयुक्त किया जाये तो यह आपकी मदद करेगा।अनियमित पीरियड्स से लड़ने में एवं इससे निजात पाने में भी मदद करेगा। यहाँ आप के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपचार दिए गए हैं। उम्मीद है, उन का उपयोग कर आप अपनी स्थिति में सुधार कर सकते हैं। हालांकि, इन सुझावों या दवाओं में से किसी का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अपनी बुद्धिमत्ता के अनुसार ले।