Top physical and psychological health benefits of aromatherapy – अरोमाथेरपी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ

अरोमाथेरपी एक वैकल्पिक औषधीय प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत कई तरह के पौधों से तेल निकालकर इनकी मदद से विभिन्न प्रकार की मानसिक और शारीरिक बीमारियों का इलाज किया जाता है। इस प्रकार के उपचार की प्रक्रिया में प्रयुक्त होने वाले तेल को आप सुगंध के ज़रिये या फिर त्वचा पर लगाकर इसका फायदा उठा सकते हैं।

ऐसा माना जाता है कि इनसे हमारे शरीर और मस्तिष्क की स्थिति में काफी सुधार आता है और हर समस्या का निदान प्राकृतिक तरीके से किया जाता है। अरोमाथेरपी काफी पुरानी तकनीक है और प्राचीन ग्रंथों में भी इसके उपयोग सम्बन्धी जानकारी दी गयी है। लेकिन इस प्रक्रिया के अंतर्गत स्टीम डिस्टिलेशन की मदद से अस्थिर पौधों के भाग को अलग किया जाता है, अतः 11वीं सदी में स्टीम डिस्टिलेशन का आविष्कार होने पर ही इस प्रक्रिया का ज़्यादा प्रयोग होने लगा।

अरोमाथेरपी के फायदे (Benefits of aromatherapy)

अरोमा ऑयल से चिंता से मुक्ति दिलाए (Relieves stress hai aromatherapy ke gun)

आजकल के दौर में रोजाना की चिंता और तनाव सबके लिए काफी सामान्य बात हो गयी है। काम का ज़्यादा बोझ, अलग अलग तरह की परेशानियां और सोने के समय में कमी से हमारी नसों के सुकून महसूस करने की क्षमता समाप्त हो जाती है, जिससे कि तनाव और भी ज़्यादा बढ़ जाता है। इसी तनाव की वजह से कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से एक मनुष्य को गुज़रना पड़ता है। उच्च रक्त चाप तथा शुगर की मात्रा से शुरू होकर गंभीर तथा लंबा तनाव मस्तिष्क की धमनियों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अरोमाथेरपी तनाव को दूर करने नसों को आराम प्रदान करने का एक आसान और बेहतरीन तरीका है। अरोमा ऑयल के लाभ, तनाव से निजात दिलाने के लिए जिन अरोमा तेल का प्रयोग किया जाता है, उनमें मुख्य है लैवेंडर आयल, लेमन आयल, जेरेनियम, लैंगलैंग एसेंशियल तेल आदि। इन अरोमा तेल की मदद से चिड़चिड़ापन, तनाव और गुस्से पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

आराम प्राप्त करने के कुछ बेहतरीन नुस्खे

अरोमा ऑयल के गुण से डिप्रेशन से लड़ने में मदद करे (Fights depression hai aromatherapy ke fayde)

आजकल की दुनिया में डिप्रेशन सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है। यह एक मनुष्य को अंदर से खा जाती है और इस समयसा से ग्रस्त कम उम्र के मरीज़ों की संख्या विश्व में काफी तेज़ी से बढ़ रही है। अरोमाथेरपी आपके मूड को काफी बेहतर बनाता है, जिससे प्राकृतिक रूप से डिप्रेशन काफी प्रभावी तरीके से ठीक हो जाता है। अरोमाथेरपी की मदद से डिप्रेशन का उपचार करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें एंटी डिप्रेसेंट का प्रयोग बिलकुल नहीं होता है। एंटी डिप्रेसेंट के काफी साइड इफ़ेक्ट होते हैं तथा आपकी नींद में बढ़ोत्तरी करके यह आपकी आम जीवनशैली में काफी बाधा उत्पन्न कर सकता है। अरोमाथेरपी के जिन उत्पादों को डिप्रेशन दूर करने में प्रयोग किया जाता है, वे हैं लैवेंडर आयल, कैमोमाइल, सैंडलवुड आयल आदि।

अरोमा तेल के गुण से सोने में सहायता करे (Helps in sleep hai aromatherapy ke labh)

नींद ना आने की बीमारी आजकल काफी सामान्य सी हो गयी है। अच्छी नींद ना लेने से आपकी मानसिक और शारीरिक अवस्था खराब हो सकती है तथा आपकी काम करने की और ध्यान लगाने की क्षमता घट सकती है। अच्छे से ना सोने से तनाव भी बढ़ता है और डिप्रेशन की समस्या होने लगती है। कई एसेंशियल आयल जैसे जैस्मिन, कैमोमाइल, नेरोली, सैंडलवुड आदि उत्पादों में की साइड इफेक्ट्स नहीं होते तथा ये प्राकृतिक रूप से आपको सुलाने का कार्य करते हैं।

अरोमाथेरपी के लाभ ये स्वास्थ्य में उन्नति करे (Boosts overall health hai aroma oil ke gun)

एसेंशियल तेलों में शरीर का रक्त संचार बढ़ाने की काबिलियत होती है। ऐसे कई तेल हैं जो प्राकृतिक रूप से मस्तिष्क को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं, जिनसे आप अंदर से काफी ऊर्जा का अनुभव करते हैं। अरोमाथेरपी के उत्पादों की सबसे अच्छी बात यह है कि अन्य पदार्थों की तरह साइड इफेक्ट्स से भरपूर नहीं होते। ये आपके मस्तिष्क और शरीर को ज़्यादा कार्यशील और ऊर्जावान बनाते हैं तथा रक्त का प्रवाह सुचारू रखते हैं। अरोमा ऑयल के लाभ, ऐसे कुछ एसेंशियल ऑयल्स, जो रक्त संचार बढ़ाने तथा आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए जाने जाते हैं, वे हैं दालचीनी, इलायची, टी ट्री, रोजमेरी तथा ब्लैक पेपर के तेल।

अरोमा ऑयल के गुण ये मस्तिष्क के सेल्स की हानि को रोके (Slows down degeneration of brain cells hai aroma oil ke fayde)

दौड़ना/जॉगिंग के लिये टिप्स

अरोमाथेरपी के उपचार से अल्ज़ाइमर्स तथा पार्किंसंस जैसे रोगों की बिगड़ी स्थिति को सुधरते हुए देखा गया है। इन बीमारियों को अरोमाथेरपी की मदद से पूरी तरह ठीक तो नहीं किया जा सकता, परन्तु इनकी सहायता से इनके शरीर में बढ़ने की रफ़्तार को कम अवश्य किया जा सकता है। आजकल की एलोपैथिक दवाइयाँ भी इन रोगों की स्थिति में इन्हें फैलने से रोकने भर का ही कार्य कर पाती हैं, और इनके काफी साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। आप अरोमाथेरपी की मदद से भी यही परिणाम पा सकते हैं, और वह भी बिना किसी साइड इफेक्ट्स के।

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