Top reasons for oily skin and face – ये हैं ऑइली स्किन और ऑइली फेस के मुख्य कारण

ऑइली स्किन (Oily skin) वाली महिलाएं अपने लुक को लेकर बहुत परेशान रहती हैं। इस तरह की स्किन अक्सर ब्लैकहेड्स (Blackheads), पिंपल (Pimple) और चमकहीन होती है जिसमें कोई ग्लो या आकर्षण नहीं होता। हमारी त्वचा के नीचे मौजूद तेल की ग्रंथियां (Oil Glands) तेल का रिसाव करती हैं जो त्वचा को प्राकृतिक नमी और चमक देता है लेकिन जब तेल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है तो अत्यधिक तैलियता की वजह से चेहरे पर मुँहासे या पिंपल आदि निकल आते हैं और अक्सर युवावस्था की शुरुआत में लड़के और लड़कियों में यह अधिक सामान्य रूप से नज़र आता है।

युवावस्था की शुरुआत में ऑइली स्किन और पिंपल आदि की समस्या बहुत आम है जो उम्र के साथ साथ दूर हो जाती हैं। उम्र के अलावा भी ऑइली स्किन के कारण अन्य भी हो सकते हैं।

इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि, कई बार चेहरे में अचानक अत्यधिक मात्रा में ऑइल नज़र आता है और फ़ेस तेल की वजह से चमकता सा दिखाई देने लगता है, लेकिन यह  ऑइली स्किन के लक्षण नहीं हैं।

ऑइली स्किन के कारण तो अनेक हो सकते हैं आलेकिन सही कारण को जानना ज़रूरी है जिसकी मदद से ऑइली स्किन और ऑइली फेस का उपचार किया जा सकता है। यहाँ इस आर्टिकल में ऑइली स्किन के सही कारणों को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं साथ ही यह किस वजह से सामने आ रहे हैं उसे जानकार उसके लक्षणों को भी पता कर रहे हैं।

ऑइली स्किन के प्रमुख कारण (Top reasons for oily skin in Hindi)

1) वंशानुगत समस्या (oily skin causes – Genetics)

अगर आपके परिवार में किसी को ऑइली स्किन की समस्या (Oily skin ki samsya) है तो आपको भी यह समस्या सामान्य रूप से परेशान कर सकती है। ऑइली स्किन और फेस एक वंशानुगत समस्या है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चल सकता है। अगर आपके परिवार में यह समस्या किसी को रही है और अब आप भी ऑइली फेस की समस्या से पीड़ित हैं तो इसके कारण आनुवांशिक हो सकते हैं।

2) हार्मोन बदलाव की वजह से ऑइली स्किन (Reason for excessive oily skin- Hormonal changes)

महिलाओं में अक्सर एंड्रोजेन आदि कुछ हार्मोन्स की वजह से चेहरे में तैलियता दिखाई देती है। प्रेग्नेंसी और मेनोपोज़ के पहले भी यह प्रभाव अधिक दिखाई देता है। जिसमें त्वचा और फेस ऑइली नज़र आते हैं।

3) दवाओं की वजह से ऑइली स्किन (hormone causes oily skin and Medications)

कुछ खास तरह की दवाओं जैसे बर्थ कंट्रोल पिल्स और हार्मोन को संतुलित करने वाली दवाओं आदि की वजह से चेहरे की त्वचा ऑइली दिखाई देती है। दवाओं का यह असर फेस पर पड़ता है और तेल ग्रंथियां अधिक तेल का रिसाव शुरू कर देती है।

4) सौन्दर्य का ख्याल रखने वाले तरीकों का अधिक प्रयोग (Overuses of skin care goods)

अक्सर हम अपनी त्वचा को जवां, ग्लोइंग और खूबसूरत बनाए रखने के लिए स्क्रब, क्लिंजिंग और एक्सफोलिएटर आदि का अधिक प्रयोग करने लगते हैं। इसकी वजह से भी त्वचा ऑइली हो जाती है। इस तरह के ब्यूटी केयर के लिए उपयोगी प्रसाधनों की वजह से त्वचा से ऑइल का रिसाव ज़्यादा मात्रा में होने लगता है जो चेहरे पर साफ नज़र आता है।

5) गलत ब्यूटी प्रॉडक्ट का चुनाव (skin care in Hindi – Use of incorrect skin products)

अगर आपकी त्वचा मिश्रित किस्म की है और आप ऑइली स्किन के लिए प्रयुक्त उत्पादों का प्रयोग अपने चेहरे पर करती हैं तो यह आपकी त्वचा पर बुरे प्रभाव डाल सकता है, ऑइली स्किन और फेस, इन बुरे प्रभावों में से एक है। अपने लिए कॉस्मेटिक्स का चुनाव करते समय बहुत सतर्क रहें और अपनी त्वचा के अनुरूप ही इनका प्रयोग करें।

6) क्रमवार बदलाव (Cyclic Alteration)

गर्मी और नमी आदि का प्रभाव त्वचा पर भी पड़ता है। यह प्रभाव बदलते मौसम की वजह से होता है। अगर आप गर्मी और बसंत आदि बदलते मौसम का सामना कर रहे होते हैं तो ऋतुओं के इस संधिकाल के दौरान आप देख सकते हैं कि त्वचा और चेहरा अक्सर ज़्यादा तैलीय दिखाई देता है।

7) सौंदर्य उपकरणों का प्रभाव (Use of unnecessary devices)

अगर आप त्वचा पर मशीनों या उपकरणों का प्रयोग अधिक करते हैं तो इस वजह से भी ऑइली स्किन की समस्या दिखाई देती है। अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा स्क्रब करते हैं या गीले कपड़े से चेहरे को रगड़ते रहते हैं तो यह खुजलाहट या रेश के साथ ऑइली स्किन का भी कारण बन जाता है। यह भी देखा गया है कई लोग घूमते हुये मशीन वाले क्लिंजिंग ब्रश, आदि का इस्तेमाल करते हैं यह भी अधिक उपयोग द्वारा त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। बफ़, पफ़ और वेक्सिंग स्ट्रिप आदि भी न केवल त्वचा को आघात पहुंचाते हैं बल्कि यह ऑइली स्किन की एक बड़ी वजह भी  बनते हैं।

8) तनाव (Tension)

तनाव शरीर के लिए हर तरह से नुकसानदायक  होता है इसकी मुख्य वजह है कि तनाव के दौरान शरीर में एंड्रोजेन हार्मोन का रिसाव बढ़ जाता है और इसकी वजह से भी त्वचा ऑइली होती है। तनाव त्वचा के लिए बहुत नुकसानदायक है अतः जितना हो सके तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए।

9) टैन (oily skin ke karan in Hindi Sun tanning)

सन टैनिंग (Sun Tan) त्वचा पर अधिक से अधिक तेल का कारण बनता है। हो सकता है कि कुछ समय के बाद यह सामान्य हो जाए लेकिन अगर आप लगातार सन टैन से जूझते रहते हैं तो आपको ऑइली स्किन की समस्या से लड़ते रहना पड़ता है।

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