Top signs and symptoms of pregnancy – गर्भावस्था के (प्रारंभिक) लक्षण

गर्भावस्था की खबर से विभिन्न महिलाओं की प्रतिक्रिया अलग अलग होती है। ज़्यादातर महिलाएं इस नए अनुभव का सामना करने के लिए काफी बेचैन होती हैं और उनकी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं होता। वहीँ कुछ महिलाएं ऐसी भी होती है जो कुंवारी होती हैं तथा माँ बनने के दायित्व के लिए तैयार न होने की वजह से चिंता में रहती हैं। स्थिति कोई भी हो, गर्भधारण के पहले और इस दौरान की स्थितियां सबके लिए एक समान ही रहती हैं।

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान और उसके पहले के दो तरह के ही लक्षण होते हैं – शारीरिक लक्षण और भावनात्मक लक्षण।

अगर आपको लग रहा है कि आप माँ बनने वाली हैं तथा आप यह सोच रही हैं कि इस स्थिति में सबसे सामान्य शुरूआती निशानियाँ क्या होती हैं, तो इस लेख को पढ़कर आपको काफी मदद मिलेगी। इसमें गर्भावस्था के लक्षणों के बारे में बताया गया है।

मासिक धर्म का न होना (pregnancy symptoms – Missed menstrual period)

हालांकि इस बात का कोई ख़ास सबूत नहीं है, पर नियमित तरीके से मासिक धर्म का न होना भी एक अहम लक्षण है कि आप शायद गर्भवती हैं।

मतली  और उलटी (Early pregnancy signs 1 week – Nausea and vomiting)

गर्भावस्था के दौरान छाती के जलने की समस्या का निदान

मतली के साथ उलटी, जिसे कि आम भाषा में मॉर्निंग सिकनेस (Morning sickness) भी कहा जाता है, भी गर्भधारण के साथ जुड़ा हुआ एक अहम लक्षण है। हर महिला के साथ यह समस्या नहीं आती। कई महिलाएं गर्भवती होने के दूसरे से चौथे हफ्ते के समय मॉर्निंग सिकनेस की शिकार होती हैं। आमतौर पर दूसरी तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या का या तो निदान हो जाता है या स्थिति में काफी सुधार आ जाता है।

स्तनों के आकार में बदलाव (Breast changes)

थकान के साथ साथ स्तनों के आकार में बदलाव आना गर्भवती होने की एक अहम निशानी है। इस स्थिति में स्तन नरम, बाउंसी, छूने से समस्याग्रस्त हो जाते हैं तथा उनके आकार में असमानता आ जाती है। इसके अलावा एरियोला का रंग भी गहरा हो जाता है।

गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण में कमज़ोरी और नींद आना (Weakness and sleepiness)

महिलाओं के लिए थकान होना गर्भावस्था के आने की पहली निशानी होती है। अगर आपको अचानक ही दोपहर को काफी नींद आए और सोने की आवश्यकता महसूस हो तो आपको इस बात की जाँच करवानी चाहिए कि कहीं आप गर्भवती तो नहीं हैं।

बार बार पेशाब आना (Frequent urination hai pregnancy ke lakshan)

एक बार जब आप गर्भवती हो जाती हैं तो आपके रक्त के बहने की मात्रा बढ़ जाती है तथा आपकी किडनी आकार में बढ़ जाती है। इन सब कारणों की वजह से आपको थोड़े थोड़े अंतराल में पेशाब के लिए उठने की ज़रुरत महसूस होती है।

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण है मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन (Mood swings and irritability)

गर्भावस्था में देखभाल (प्रेग्‍नेंसी केयर)

हॉर्मोन में बदलाव तथा थकान की वजह से इस समय मूड में काफी बदलाव होता है और आप काफी चिड़चिड़ी भी हो जाती हैं। अगर आपको लग रहा है कि अचानक पिछले कुछ दिनों से आपके मूड में काफी तेज़ी से बदलाव आ रहा है, तो यह गर्भावस्था का लक्षण हो सकता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि मूड में इस तरह अचानक बदलाव आना मासिक धर्म (PMS )का भी संकेत हो सकता है।

सूजन तथा पेट में दर्द (Bloatedness, bloating, ache in abdominal area)

आप मानें चाहे ना मानें, परन्तु कई महिलाओं में गर्भावस्था और मासिक धर्म होने के लक्षण करीब करीब एक समान ही होते हैं। अगर आप मासिक धर्म के लक्षण महसूस कर रही हैं तो गर्भावस्था की संभावना को भी पूरी तरह नज़रअंदाज़ ना करें। कई महिलाओं को गर्भावस्था के समय दस्त और कब्ज़ की भी शिकायत होती है।

गर्भावस्था से जुड़े अन्य लक्षणों में मुख्य हैं गुप्तांगों से निकलने वाले द्रव्य में वृद्धि, खाने पीने तथा इसकी गंध से अरूचि होना, वज़न का बढ़ना तथा कब्ज़।

अंदरूनी रक्त स्त्राव (Internal bleeding)

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण, करीब 20% महिलाओं को ऐसी स्थिति में भी अंदरूनी रक्त स्त्राव होता है जब उर्वरित (fertilized) अंडा गर्भाशय में रोपित (implant) होता है। इस तरह से बहने वाले रक्त का रंग थोड़ा हल्का होता है और आमतौर पर यह अण्डोत्सर्ग (ovulation) के 6 से 10 दिन के बाद होता है।

गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण है सिर दर्द (Headaches)

जिन लड़कियों को सिर में दर्द की समस्या होती है, गर्भवती होने की वजह से आमतौर पर उनके सिर दर्द में काफी कमी आ जाती है। वहीँ कई महिलाओं के लिए उनके गर्भवती होने की स्थिति में सिर दर्द होने के अंतराल में काफी बढ़ोत्तरी हो जाती है।

हर महिला अलग होती है और सारे लक्षण हर महिला में अलग होते हैं। ज़्यादातर महिलाएं दूसरा हफ्ता आने से पहले इन बदलावों को कई बार महसूस ही नहीं कर पाती। ये लक्षण अन्य कारणों की वजह से भी हो सकते हैं, अतः गर्भावस्था की जांच कराकर ही इस बात का पता लगाया जा सकता है कि कोई महिला गर्भवती है या नहीं।

प्रेग्नेंसी के लक्षण तथा गर्भावस्था के पहले निशान एवं लक्षण (Earliest signs and symptoms of pregnancy or grabvati hone ke sign)

क्या गर्भावस्था के समय एक्सरे कराना सुरक्षित है ?

स्पॉटिंग तथा अकड़न (Spotting and Cramping)

प्रेग्नेंसी टेस्ट कैसे करे, अंडा रोपित होने (conception) के कुछ दिनों बाद फर्टिलाइज़्ड अंडा खुद को गर्भाशय की दीवारों से जोड़ लेता है। इससे गर्भावस्था के लक्षण जन्म लेते हैं जैसे कि स्पॉटिंग और अकड़न। इसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहते हैं। यह स्थिति अंडे के फर्टिलाइज़्ड होने के 6 से 12 दिनों के बाद बनती है। ये अकड़न तथा खून का निकलना पीरियड्स की शुरुआत में निकलने वाले खून से काफी कम होता है।

डिस्चार्ज (2 weeks pregnant symptoms discharge, )

प्रेग्नेंसी टेस्ट कैसे करे, खून निकलने के अलावा महिलाओं के गुप्तांग से एक सफ़ेद, दूधिया द्रव्य निकलता है जो कन्सेप्शन (conception) के तुरंत बाद शूरु हो जाता है। इस द्रव्य के निकलने की वजह गुप्तांग के साथ की जगह में तंतुओं (cells) का बढ़ना होती है। यह एक सामान्य द्रव्य निकलने की प्रक्रिया है जो पूरी गर्भावस्था के समय चलती ही रहती है।

खानपान में निरंतरता का अभाव (Craving and aversion from certain foods)

कुछ महिलाओं को कुछ ख़ास भोजनों की काफी इच्छा होती है और वहीँ कुछ अन्य भोजनों से पूरी तरह अरुचि भी हो जाती है। यह समस्या एस्ट्रोजन के स्तर के बढ़ने से जुड़ी होती है और यह स्थिति गर्भावस्था के समय पैदा होती है।

कब्ज़ (4 weeks pregnant symptoms – Constipation)

प्रोजेस्टेरोन के स्तर में वृद्धि होने की वजह से खाना आँतों से धीरे धीरे गुज़रता है जिससे कि गर्भावस्था के शुरूआती दौर में कब्ज़ की समस्या हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए अपने खानपान में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं जिससे कि खाना आसानी से आगे जा सके।

सूजन (Swelling)

यह गर्भावस्था की सबसे शुरूआती निशानियों में से एक है। यह ठीक मासिक धर्म के पहले की सूजन के जैसा है। यह सूजन उन हार्मोनल परिवर्तनों (hormonal changes) की वजह से होती है, जो गर्भावस्था के शुरूआती चरणों में दिखाई देते हैं। जैसे जैसे प्रोजेस्टेरोन तथा एस्ट्रोजन (progesterone and estrogen) का स्तर बढ़ता है, वैसे ही गर्भाशय की लाइनिंग (lining) मोटी होती जाती है जिससे सूजन जैसा अहसास होता है।

मॉर्निंग सिकनेस (Morning sickness)

गर्भावस्था के सबसे शर्मनाक लक्षण

मतली गर्भावस्था का सबसे सामान्य लक्षण है और आमतौर पर इसका अहसास सुबह के वक़्त ही होता है। मॉर्निंग सिकनेस के सटीक कारण का तो पता नहीं चल पाया है, पर इसे भी हार्मोनल परिवर्तनों से जोड़कर देखा जा सकता है। यह प्रोजेस्टेरोन तथा एस्ट्रोजन के तेज़ी से बढ़ते स्तर की वजह से भी हो सकता है, जिससे महिला का पेट धीरे धीरे खाली होने लगता है।

सांस लेने में परेशानी (Shortness of breath)

एक गर्भवती महिला को सीढ़ियाँ चढ़ते हुए सांस फूलने की तकलीफ इसलिए होती है क्योंकि उसके गर्भ में पल रहा भ्रूण माँ से ऑक्सीजन (oxygen) की मात्रा लेता रहता है। यह स्थिति गर्भावस्था के पूरे समय तक जारी रह सकती है, खासकर तब जब बच्चा माँ के फेफड़ों तथा डायाफ्राम (diaphragm) पर दबाव डालने लगता है।

सूजे हुए स्तन (Pregnancy sign in Hindi – Sore breasts)

गर्भावस्था के दौरान एक महिला के स्तन भारी और कोमल हो जाते हैं। उनके एरिओला (areola) का रंग गहरा हो जाता है और छाती की नसें साफ़ साफ़ दिखने लगती हैं। यह गर्भावस्था की शुरूआती कुछ निशानियों में से एक है।

पीठ में दर्द (Backaches)

गर्भवती महिला के लिए पीठ में दर्द काफी आम है क्योंकि इस समय उनका शरीर गर्भ के बच्चे को जगह देने के लिए बढ़ रहा होता है।

शरीर का तापमान (Body temperature)

शरीर का तापमान अण्डोत्सर्ग (ovulation) के दौरान बढ़ जाता है।

सूंघने की शक्ति में वृद्धि (Super smell)

गर्भावस्था के दौरान विभिन्न प्रकार की महकों के प्रति संवेदनशीलता काफी बढ़ जाती है।

चक्कर या मूर्छा (How to know that I am pregnant in Hindi – Dizziness or fainting)

यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान शुगर (sugar) या रक्तचाप के कम होने की वजह से उत्पन्न होती है। इस स्थिति से बचने के लिए अच्छे से भोजन करें तथा शरीर में पानी की कमी ना होने दें।

सीने में जलन (Heartburn)

गर्भावस्था में करने वाले कार्यों की सूची

गर्भावस्था के शुरूआती चरणों में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की वजह से सीने में जलन की समस्या उत्पन्न होती है।

गर्भावस्था की सकारात्मक जांच (Positive pregnancy test)

गर्भावस्था के लक्षण गर्भावस्था की पुष्टि तभी कर सकते हैं जब आपने मूत्र के द्वारा परीक्षण (pee-stick test) किया हो। भले ही इसे आपको दोहराना पड़े, पर इस परीक्षां का परिणाम सकारात्मक आना चाहिए।

गर्भावस्था के पहले लक्षण दिखने का समय (When do first pregnancy symptoms occur?)

गर्भावस्था के पहले लक्षण के दिखने का समय हर महिला और उनकी गर्भावस्था के प्रकार के अनुसार अलग अलग हो सकता है।

प्रेग्नेंसी के लक्षण तथा गर्भधारण के समय लक्षण (Timings of pregnancy signs or grabhawastha ke lakshan)

गर्भधारण के समय (At conception)

कई महिलाओं का मानना है कि उन्होंने गर्भधारण का अनुभव या तो दर्द या तो अन्य किसी प्रकार की संवेदना के मध्यम से किया है।

गर्भधारण से एक हफ्ते बाद (One week after conception)

धब्बे (spotting) जैसे कुछ लक्षण गर्भधारण के एक हफ्ते के बाद दिखाई दे सकते हैं। इसके साथ ही मूड (mood) में बदलाव, शरीर में मरोड़ें तथा स्तनों का नर्म होना आदि निशानियाँ भी दिखाई देती हैं।

एक महीना पूरा होने के बाद (At the end of month one)

गर्भावस्था के दौरान खून निकलना गंभीर समस्या

कुछ महिलाओं के लिए उनके पीरियड्स (periods) का ना होना गर्भावस्था का पहला संकेत होता है। इस समय गर्भावस्था जाँच की मदद से गर्भधारण की पुष्टि होती है।

गर्भावस्था के कुछ महीनों के बाद (Months into the pregnancy)

कुछ महिलाओं को किसी तरह के लक्षणों का अहसास नहीं होता और अगर किसी के पीरियड्स सही प्रकार से नहीं होते, उन्हें भी अपनी गर्भावस्था का अंदाजा अंत समय तक नहीं हो पाता। कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि अचानक हुए पेट में दर्द की वजह से किसी महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया और जांच में यह पुष्टि की गयी कि वह गर्भवती है।

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