Techniques involved in massage – tips in Hindi – मालिश में क्या तकनीकें शामिल होती हैं?

ऐसे कई तरीके हैं जिनके द्वारा शरीर की मालिश की जा सकती है। “स्ट्रोकिंग” और “स्मूथिंग” दो महत्वपूर्ण आवश्यकतायें होती हैं। ये दोनों गतियां दर्द से आराम देने और संवेदनाहारी तंत्र पर कार्य करते हैं।

मालिश मानव शरीर पर बहुत ही अलग तरीके से कार्य और प्रभाव डालता है। ये दबाव- असंगठित, संगठित, स्थिर या गतिशील हो सकता है- दबाव मालिश के दौरान उंगलियों, घुटनों, प्रकोष्ठ, पैर या किसी यांत्रिक उपकरण के द्वारा लगाया जा सकता है। मसाज एक फ्रेन्च शब्द है जिसका अर्थ होता है सानने का घर्षण।

प्राचीन समय में मनुष्यों के दर्द वाले शरीर को मालिश के द्वारा उपचार किया जाता था। मालिश दर्द को भरने के लिये बहुत सारे प्राकृतिक तरीकों में से एक है। शरीर के उस भाग में जहाँ दर्द हो रहा है छूना आपका आधारिक अनुभव है और यह शक्तिशाली दर्द निवारक के रुप में भी पाया जाता है।

ये दोनों मालिश के तत्व, स्ट्रोकिंग और स्मूदिंग (‘Stroking’ and ‘smoothing’) आपके शरीर की प्रणाली को आराम देने और सुलाने का काम करते हैं। पर साथ ही साथ ये सेरस (serous) तरल पदार्थ को शरीर से बाहर भी निकालते हैं, जो नीडिंग (kneading) की प्रक्रिया के द्वारा संभव है। ये आपके शरीर के रोमछिद्रों को साफ करते हैं और उस लिम्फैटिक फ्लो (lymphatic flow) के लिए आपके शरीर को तैयार करते हैं, जिसके लिए आपके रोमछिद्रों से अशुद्धियाँ दूर की गयी हैं। इसी वजह इन्हें अशुद्धियाँ निकालने वाले तत्व कहा जाता है।

स्ट्रोकिंग (Stroking)

दौड़ना/जॉगिंग के लिये टिप्स

  • स्ट्रोकिंग को आराम और धीरे धीरे किया जाना चाहिये और यह बिना सुगंधित पाउडर के उपयोग किया जाना चाहिए।
  • इसे आपकी उंगलियों के पोरों से भी किया जाना चाहिये।
  • स्ट्रोकिंग शामक की तरह कार्य करता है।
  • जब कोई अन्य व्यक्ति करता है तो यह सुखद आराम को शामिल करता है।
  • अगर आपकी मालिश वास्तविकता में काफी तेज़ और जल्दी होता है तो यह मांसपेशी की कोशिकाओं में जकड़न और मांसों में अन्चाहे दर्द का कारण हो सकता है।

स्मूथिंग (Smoothing)

  • स्मूथिंग सुगंधित पाउडर के उपयोग से किया जाना चाहिये।
  • यह आपके हाँथ की हथेलियों के साथ किया जाना चाहिये।
  • यह स्ट्रोकिंग तुलना में ज्यादा गहरा हो जाता है।
  • यह हमेशा स्ट्रोकिंग के बाद किया जाना चाहिये।
  • स्मूथिंग में आपके हाथ आपकी मांसपेशियों की आकृतियों तक पहुंचते हैं।

मसाज कैसे करें – मालिश में शामिल तकनीकें (Techniques involved in massage)

स्वीडिश  मालिश (Swedish massage)

इस तकनीक में सुखदायक, दोहन और सानना स्ट्रोक का शरीर के ऊपर पुन:उपयोग मांसपेशियों को तनाव और दुखते जोड़ों से राहत पहुचाने के लिये किया जाता है। यह चिकित्सा पांच बुनियादी स्ट्रोक्स का उपयोग करते हैं-

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  • पेट्रीस्सेज इसमें मांसपेशियों को हल्के से खींचा और उठाया जाता है।
  • अंगूठे और उंगलियों के पोरों के साथ घर्षण मांसपेशियों में गहराई से गोलाकार गति में कार्य किया जाता है।
  • थपक चटकने, पीटने और थपथपाहत हैं।
  • मांसपेशियों पर उंगलियों के दबाव या दृढ़ता से चपटा करने के द्वारा कम्पन देना और कुछ सेकण्ड तक तेज़ी से हिलाया जाता है।
  • मालिश करते समय थपथपाना या स्ट्रोकिंग

गहरी ऊतक मालिश (Deep tissue massage)

यह शरीर की मांसपेशियों में पुराने दर्द पर लक्ष्य करती है। इस तकनीक में धीमी स्ट्रोक, और उंगलियों के अंगूठे से या कभी कभी मांसपेशियों पर घुटनों के साथ प्रत्यक्ष दबाव का उपयोग किया जाता है।

मसाज के तरीके – खेल मालिश (Sports massage)

इसे खिलाड़ियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनाया गया है। यह रक्त संचार को तेज़ी से बढ़ाता है।

तंत्रिका कोशिकाओं की मालिश (Neuromuscular massage)

यह गहरी ऊतक मालिश का एक रूप है। यह रक्त का प्रवाह बढ़ाने, दर्द को कम करने और किसी चोट या कोमल कोशिकाओं के द्वारा तंत्रिका पर दबाव कम करने के लिये प्रयोग किया जाता है।

मसाज के तरीके – रॉलफिंग (Rolfing)

गलत आसन आपको कई स्वास्थ्य समस्यायें जैसे पीठदर्द, सिरदर्द और जोड़ों में दर्द देता है। यह शरीर को सही आसन में डालने के लिये उपयोग किया जाता है।

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क्रैनिओफेसियल चिकित्सा (Craniosacral therapy)

बॉडी मसाज के फायदे, यह खोपड़ी और रीढ़ की हड्डी पर केंद्रित है। यह मालिश हड्डी झिल्लियों और तरल पदार्थों पर जो खोपड़ी और स्पाइनल कॉलम के आसपास होते है पर किया जाता है।

फेल्डेंक्रैस (Feldenkrais)

बॉडी मसाज के लाभ, प्रत्येक व्यक्ति का उपचार अलग मुद्रा और अलग गतिशील पैटर्न के साथ किया जाता है। यह उन लोगों के लिये फायदेमंद है जो किसी दुर्घटना या पक्षाघात के शिकार होते हैं।

ट्रैगर (Trager)

यह हल्के से धीरे हिलाने की तकनीक का उपयोग करता है। इसके पीछे विचार यह है कि लोगों को उनके गतिशीलता की शैली और अपने शरीर को सम्भालने के प्रति जागरुक किया जाय।

तेल मालिश से लाभ – मालिश के लाभ (Benefits of massage – body massage ke fayde)

यह निम्नलिखित में लाभदायक पाया गया है-

वेट लॉस और मेटाबोलिस्म को बढ़ाने वाले सबसे अच्छे योगासन

  • चिंता
  • पाचन विकार
  • सिरदर्द
  • अनिद्रा तनाव से संबंधित
  • तंत्रिका दर्द
  • मुलायम ऊतकों की खींच या चोट
  • खेल चोटों
  • संयुक्त दर्द

मालिश के जोखिम (Risks of massage)

  • खून बहने के विकारों
  • खुले घाव
  • गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस
  • गर्भवती महिलाओं
  • कैंसर

मालिश एक ऐसा जादू पैदा करती है जो आपके शरीर में होने वाले हर एक दर्द को दूर कर देता है। आजकल लोग दफ्तर में काम करते करते शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थकान का अनुभव करते हैं। सिर्फ शारीरिक कार्य ही आपके शरीर में दर्द का सृजन नहीं करता है, बल्कि मानसिक कार्य भी चिंता की उत्पत्ति करता है, जिसके फलस्वरूप शरीर में दर्द हो सकता है। अतः शरीर की मालिश काफी ज़रूरी हो जाती है। कई पार्लर्स और फिटनेस आर्गेनाईजेशन्स (parlors and fitness organization) में पेशेवर लोग एक तय रकम के बदले आपके शरीर की मालिश करते हैं। आप शारीरिक दर्द से दूर रहने के लिए आसानी से इनकी सेवाएं ले सकते हैं। पर अगर आपको लगता है कि इनकी रकम कुछ ज़्यादा ही बड़ी है तो मालिश की साधारण तकनीकें आपको बिना ज़्यादा पैसे खर्च किये काफी फायदा पहुंचाती हैं। इन तकनीकों के बारे में जाने और अपने परिवार जनों को भी ये सिखाएं जिससे कि कम खर्च में आपको ज़्यादा लाभ हो।

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मसाज करने का तरीका – मालिश की श्रेष्ठ तकनीकें (Top techniques of massage)

एस्टोन पैटर्निंग (Aston patterning)

यह एक काफी प्रसिद्ध मालिश की तकनीक है जो खासतौर पर तब ज़्यादा फायदेमंद होती है, जब लोग अपने लिए एक सधी हुई मुद्रा प्राप्त करना चाहते हैं। मालिश की यह तकनीक काफी कुछ रॉल्फिंग (Rolfing) की तरह ही है। शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी तकनीकों से प्रेरणा लेकर एस्टोन पैटर्निंग को रचा गया है। आप बेहतरीन मालिश प्राप्त करने के लिए इस तकनीक का प्रयोग कर सकते हैं।

क्रेनियल सेक्रल तकनीक (Cranial sacral therapy)

यह एक प्यार भरी मालिश होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य आपके तनाव को दूर करना होता है। इसके प्रयोग से आप अपनी हड्डियों की प्राकृतिक अवस्था दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप गंभीर चोटों से पीड़ित हैं तो यह उपचार आपके लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। तनाव की वजह से लोग गले के दर्द, सिर में दर्द, माइग्रेन (migraine) आदि से पीड़ित हो जाते हैं। क्रेनियल सेक्रल पद्दति इस प्रकार की पीड़ा से छुटकारा दिलाने का बेहतरीन उपाय सिद्ध होती है।

बच्चे के जन्म से पहले की मालिश (Prenatal massage)

बचे के जन्म से पहले की मालिश भी काफी बेहतरीन मालिशों में से एक है। यह एक ऐसी पद्दति है जिसका प्रयोग तब किया जाता है, जब एक महिला गर्भवती हो। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बच्चे की देखभाल और अन्य कई प्रकार के तनाव और चिंताओं से गुज़रना पड़ता है। पर बच्चे के जन्म से पहले की इस मालिश को करने से आपकी सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं और आप गर्भावस्था के महत्वपूर्ण समय में काफी खुश रहती हैं। मरोड़ों और मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness) का शिकार ये महिलाएं हमेशा होती हैं। इस मालिश से ऐसी समस्याओं और परेशानियों से एक गर्भवती महिला को काफी राहत प्राप्त होती है।

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