Hindi remedies to treat shingles / herpes zoster – विसर्पिका और दाद के लिए घरेलू उपाय

विसर्पिका और दाद वरिसला ज़ोस्टर विषाणु के संक्रमण से होता है। यह संक्रमण शरीर पर किसी भी भाग पर हो सकता है पर आम तौर पर पेट पर दिखता है। यह चेचक होने पर हो सकता है। फफोलों का ठीक से इलाज न किया जाए तो काफी दर्द हो सकता है। कुछ घरेलु उपाय इस्तेमाल करके यह दाद ठीक किया जा सकता है।

भैंसिया दाद / विसर्पिका के लिए घरेलू उपाय (Home remedies to treat shingles)

प्रिक्ली पीयर कैक्टस (Prickly pear cactus)

विसर्पिका के लिए उपाय है प्रिक्ली पीयर कैक्टस, एक बहुत ही आम किस्म का कैक्टस है जो हमारे आस पास बगीचों में आसानी से देखा जा सकता है, लेकिन आप शायद नहीं जानते होंगे कि यह कांटेदार कैक्टस का पौधा हर्पीस जैसी बिमारी में बहुत लाभदायक होता है। इसकी मोटी गूदेदार पत्तियों में भरा पल्प घाव को ठीक करने में मदद करता है। हरपीस का इलाज करने का यह सबसे कारगर घरेलू उपाय है।

एसेंशियल ऑइल (Essential Oil)

हरपीस का इलाज, त्वचा पर होने वाले ददोड़े में पानी भरा होता है जो खुजली और जलन के साथ तकलीफ दायक होता है. इसके घरेलू उपचार के रूप में एसेंशियल ऑइल एक और उपाय है जो जलन और खुजली के अहसास को कम करता है।

ब्लैक टी बैग (Black tea bag)

हर्पीस के ठंडे छालों में टी बैग की मदद से राहत पाई जा सकती है। टी बैग को फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें और इसे प्रभावित हिस्से पर लगा के आराम प्राप्त करें। इसके अलावा आप गर्म टी बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

सूजन रोधी दवाई  (Anti-inflammatory drug)

विसर्पिका के लिए उपाय, असिटामिनोफेन वैसे तो दर्द से राहत दिलाती है, पर यह दाद तथा विसर्पिका के दौरान होने वाली सूजन को कम करने में ख़ास मददगार साबित नहीं होती। कोडीन (Codeine) या अन्य हल्की दवाइयां भी दाद के शुरुआती समय में होने वाले दर्द को कम करने में काफी हद तक सक्षम होती हैं। हालांकि सही दवाई का चुनाव करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेने की काफी ज़रुरत है।

इबुप्रोफेन की दवाई लेने से सूजन कम होकर दर्द से राहत मिलती है। एस्पिरिन लेने से भी मदद मिलती है। अगर इन दवाइयों से तकलीफ हो तो असिटामिनोफेन लें। यह दवाई दर्द से राहत दिलाती है। कोई भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

ठंडे पानी से नहायें (Take a cool bath)

हरपीस का इलाज, दाद के दर्द से राहत दिलाने के लिए ठंडा पानी अद्भुत रूप में काम करता है। ठंडे पानी भरे टब में थोड़ी देर के लिए बैठें। ध्यान रखें की पानी ज्यादा ठंडा न हो। फिर साफ़ धुले टॉवल से पोंछ लें।

पानी ज़्यादा ठंडा होने से यह शरीर के साथ प्रतिक्रिया करके आपकी त्वचा को और भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे तौलियों का प्रयोग ना करें जो आपकी त्वचा के दाद के संपर्क में आये हैं। अगर आप इन तौलियों का प्रयोग करना ही चाहती हैं तो इन्हें सबसे पहले अच्छे से धो लें। अगर त्वचा में किसी प्रकार की कोई खंरोच भी लग गयी तो वरिसेला ज़ोस्टर वायरस (varicella-zoster virus) फैलने लगेगा।

ठंडे पानी में भिगोये कपडे (Cool compress)

डायपर के रैशेस हटाने के घरेलू नुस्खे

हर्पीस का उपचार, यह सूजन कम करता है और दर्द से राहत दिलाता है। टॉवल को ठंडे पानी में कुछ देर भिगोयें और निचोड़कर दाद पर रखें। ठंडी सेंक ठन्डे पानी से स्नान करने के जैसा ही काम करती है। ठन्डे पानी में तौलिये को डुबोकर और अतिरिक्त पानी को निचोड़कर अपने दाद के घाव पर हर घंटे में 3 से 4 बार सेंक करें।

दाद से संक्रमित तौलिये का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इससे फंगस (fungus) के फैलने की आशंका रहती है। यहाँ पर भी ध्यान रखें की साफ सुथरा टॉवल इस्तेमाल किया जाए। ठंडे पानी के बजाय बर्फ का इस्तेमाल न करें।

लोशन (Lotions)

हर्पीस का उपचार, सौम्य प्रकार का लोशन इस्तेमाल करें। ज्यादा खुशबु वाला लोशन इस्तेमाल करने से संक्रमण बढ़ सकता है। कैयलामाइन लोशन दाद पर लगाएं। खुशबूदार लोशन का प्रयोग करने पर दाद वाला भाग और भी बुरी तरह से प्रभावित होगा तथा आपको काफी परेशानी महसूस होगी।

लोशन लगाने के तुरंत बाद अपने हाथ धो लें। ऐसा नहीं करने से विषाणु का एक व्यक्ति से दुसरे को फैलाव हो सकता है।

प्राकृतिक दर्द निवारक (Natural pain relievers)

कैपसाईसिन (capsaicin) काली मिर्च का अंश होता है तथा प्राकृतिक दर्द निवारक भी है, जिसका प्रयोग लोग वर्षों से करते आ रहे हैं। कुछ क्रीम में काली मिर्च का निचोड़ होता है जो दाद के दर्द से राहत दिलाता है। ऐसे क्रीम इस्तेमाल करने से डॉक्टर की सलाह लें और ऐसे क्रीम दिन में जितनी बार कहा जाए उतनी बार ही इस्तेमाल करें।

फफोलों को न दबाएँ (Don’t squeeze the blisters)

हर्पीस का उपचार, फफोलों को दबाने से संक्रमण दूसरी जगहों पर फैलकर ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

हर्पीज़ बीमारी के लिए आहार पर ध्यान दें (Eat wisely)

विसर्पिका के लिए उपाय, विसर्पिका होने के लिए जो विषाणु कारण होता है उनकी बढ़त के लिए पर्याप्त आहार न लें। आर्जीनाइन से विषाणु बढ़ते हैं। लायसिन प्रोटीन खाने से शरीर की रोग प्रतिकराक शक्ति बढती है। आहार में मांस, मुर्गी, अंडे, हरी सब्जियां, दूध के उत्पाद लें। काजू, बादाम, चॉकलेट न लें।

ठंडी सेंक से आराम प्राप्त करें (Find relief with cold compress)

ठंडी सेंक आपको चुभती हुई जलन और अन्य परेशानियों से मुक्ति दिलाने में सक्षम होती है। ठन्डे पानी की सेंक के लिए बर्फ के एक टुकड़े को किसी कपड़े या तौलिये में लपेट लें। इसे प्रभावित भाग पर 5 से 10 मिनट तक रगडें। अगर आप ठन्डे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कपड़े को बर्फीले पानी में डुबोएं और अतिरिक्त पानी निचोड़कर प्रभावित भागों पर लगाएं। आप ठंडी सेंक के लिए बर्फ के पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका प्रयोग आधा घंटे तक जारी रखें। गीली सेंक कर लेने के बाद घाव पर कैलामाइन (calamine) लोशन लगाएं।

मकई का आटा इस्तेमाल करें (Use cornstarch for herpes ka ilaaj)

चिकन पॉक्स (छोटी माता) की घरेलू चिकित्सा

हर्पीस का उपचार, मकई का आटा दाद के फलस्वरूप होने वाली जलन और खुजली को भी पूरी तरह से दूर कर देता है। मकई का आटा त्वचा से नमी सोखता है। यह फफोलों से नमी सोखकर उन्हें गिराता है। सूखे हाथों से मकई का आटा दाद पर लगाएं और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर धो डालें। दिन में 2 बार यह उपाय करें। मकई का आटा लगाने से पहले त्वचा को गुनगुने पानी से धोकर सुखा लें। उपाय के बाद क्रीम लगाएं।

टी ट्री का तेल से (Tea tree oil)

हर्पीस का उपचार, टी ट्री ऑइल का प्रयोग एरोमाथेरेपी (aromatherapy) के अंतर्गत हर तरह के घाव, फोड़े फुंसियों तथा धब्बों को दूर करने के लिए किया जाता है। टी ट्री का तेल विषाणु के संक्रमण का अच्छा उपाय है। तेल की कुछ बूंदें लेकर दाद पर मालिश करें। ऐसा करने से जल्द राहत मिलती है।

घृतकुमारी (Aloe Vera)

बहुत से शोध होने के बाद यह पता चल गया है कि एलोवेरा के अर्क और पत्तियों का त्वचा के फोड़ों, दाद और अन्य घावों पर जादुई असर होता है। इसका जेल घर में तैयार करने में आपको ज़्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती। घृतकुमारी का अर्क त्वचा की समस्याओं पर अद्भुत रूप से काम करता है। यह अर्क त्वचा को जलन से राहत दिलाता है। इस अर्क का कीटाणुरोधी और जीवाणुरोधी गुण होता है। घृतकुमारी के ताजा पत्ते लेकर उसमे से अर्क निकालें। अर्क को दाद पर धीरे से लगाकर 15 से 20 मिनट तक रखें। यह अर्क त्वचा में सोख लिया जायेगा।

नींबू (Lemon)

नींबू में विटामिन सी होता है जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है और संक्रमण का इलाज करने में मदद करता है। नींबू का रस त्वचा के पीएच स्तर का नियंत्रण करता है। 1 बड़ा चम्मच नींबू के रस में 2 से 3 बड़े चम्मच शहद मिलाएं। कपास से यह मिश्रण दाद की जगह पर लगाएं। नींबू से बना बाम दिन में 4 बार लगाने से दर्द कम होता है।

सेब से बना सिरका (Aid of apple cider vinegar)

सेब से बना सिरका विषाणुरोधक होता है। यह दाद से बने दाग और जलन के लिए सही उपाय है। थोडा सिरका ठंडे पानी में मिलाकर उसमे कपडा भिगोयें। यह कपडा दाद की जगह पर रखें। सेब के सिरके के द्वारा आप बहुत से रोगों का इलाज कर सकते हैं। आप अन्दर से सुरक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना एक गिलास पानी में थोडा सा सेब का सिरका और स्वाद के लिए थोड़ा सा शहद मिश्रित करके इसका सेवन करें।

झुर्रियां भगाइये आसान घरेलू उपायों से

नहाने के पानी में खाने का सोडा और सेंधा नमक मिलाएं (Soothing bath of baking soda and epsom salt)

यह एक ऐसा उपचार है जो निश्चित रूप से आपको निराश नहीं करेगा। इसके दर्द को दूर करने की क्षमता को देखकर आप भी इसका धन्यवाद किये बिना नहीं रह सकेंगे। इस तरह स्नान करने से सूजन एवं जलन कम होती है और सर्पिका एवं दाद भी जल्दी ठीक होते हैं। आधा कप खाने का सोडा और डेढ़ कप सेंधा नमक नहाने के टब में गुनगुने पानी में मिलाएं। इस टब में नहाकर दर्द से राहत पायें।

हरपीस में ध्यान रखने योग्य बातें:-

  • त्वचा के प्रभावित हिस्सों को हाथ से बार बार न छुएं.
  • जब भी इन पर दवा या लोशन आदि लगायें तो लगाने के पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए.
  • बासी या अस्वस्थकर भोजन न करें.
  • अपने कपडे या बिस्तर आदि किसी के साथ शेयर ना करें.
  • अपना मेकअप का सामान आदि भी किसी को इस्तेमाल न करने दें.
  • ताज़ा भोजन करें और बेहतर फाइबर युक्त चीज़ें खाएं.
  • शराब या अल्कोहल का सेवन हरपीस रोग के लक्षणों को बढ़ावा देता है इसीलिए इनके सेवन से दूर रहे.