Uses of seven important minerals – 7 महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग

खनिज पदार्थ कितने आवश्यक हैं सेहत के लिए – धातु उपचार (Metal therapy khanij patharath ke liye)

हालांकि धातुओं द्वारा उपचार की आयुर्वेदिक विधि वैदिक काल से प्रयोग में लाई जाती रही है ,इनके द्वारा बड़े पैमाने पर उपचार बुद्ध के समय के पश्चात से ही किया जाना प्रारम्भ हुआ। आयुर्वेद के अनुसार शरीर के लिए 7 धातुएं काफी आवश्यक हैं। ये हैं सोना, चांदी, तांबा टिन, लोहा, सीसा तथा जस्ता। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें इन सारे धातुओं की आवश्यकता होती है। इनमें से किसी का भी शरीर में कम मात्रा में होना शरीर के चलने में समस्याएं खड़ी कर सकता है।

सोना (Gold important to be healthy – body ke liye minerals)

खनिज पदार्थ, सोना हमारे खून,आँखों,वीर्य,त्वचा की ऊपरी परत तथा आँतों में उपस्थित होता है। शरीर में सोने की कमी से शरीर में कमज़ोरी, नज़रों की समस्या, सोचने की क्षमता का लोप, चेहरे के रंग तथा आवाज़ में खराबी आती है। सोने का औषधीय प्रयोग कई सालों पहले ऑरनॉफिन नामक दवाई के निर्माण से प्रारम्भ हुआ था। ऑरनॉफिन द्वारा जोड़ों के दर्द को ठीक किया जाता है तथा दर्द भरे, कमज़ोर तथा कड़े पैरों में चलने की शक्ति आती है। सोने का हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी काफी गहरा असर होता है और इससे जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिलती है। हाल में हुए शोध के मुताबिक़ सोने में बीमारियां पहचानने की खूबी होती है। यह मर्दों में प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं एवं महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर की कोशिकाओं को पहचान लेता है।

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चांदी (How important silver to be healthy? – mineral ka khana)

चांदी हड्डियों की ऊपरी परत में, अस्थि मज्जा में, त्वचा की अंदरूनी परतों में, पित्ताशय में, खून की धमनियों में, पाचक ग्रंथियों में, मांसपेशियों में, फेफड़ों में तथा रीड की हड्डी एवं मस्तिष्क के खोल में पाया जाता है।

सीसा (How to improve your health with lead?)

यह मानव रक्त तथा लसीका तंतुओं में पाया जाता है। शरीर में सीसे की मात्रा कम होने से अनीमिया,पाचक रसों के कम निकलने की वजह से गैस की तकलीफ, जलोदर तथा हैमोलाइटिक अनीमिया हो सकता है।

तांबा (Copper is the best mineral ancient traditional food for health)

खनिज पदार्थ, तांबा त्वचा के ऊपरी और अंदरूनी भागों, बड़ी ग्रंथियों, आँखों की पुतलियों, पेरीकार्डियम नरम तंतुओं के म्यूकोसा, बालों और प्लेउरा में पाया जाता है। शरीर में तांबे की मात्रा कम होने से स्केलेटल सिस्टम, तंत्रिका तंत्र, दीर्घकालिक ज्वलनशील समस्याएं तथा ह्रदय सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी कमी की वजह से ही लाल रक्त कोशिकाएं कम उत्पन्न होती हैं और बालों का केरातिनैसेशन होता है।

टिन (Tin for better health benefits – mineral wale food)

टिन शरीर के हर तंतु में मौजूद होता है। इसके अलावा यह पेट की मांसपेशियों, रक्त तथा रक्त की धमनियों, गर्भाशय के बाहरी भाग और जोड़ों में पाया जाता है। इसकी कमी होने से हड्डियों के ठीक से ना बढ़ने, प्रजनन की समस्या, मूत्र विसर्जन की समस्या, पोल्यूरी तथा पसीने में वृद्धि जैसी समस्या होती है।

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लोहा (Iron importance that helps to keep you healthy)

लोहे का मुख्य कार्य खून में ऑक्सीजन पहुंचाना है। अगर इसकी शरीर में कमी हुई तो शरीर में रक्त संचार की प्रणाली कमज़ोर पड़ जाएगी जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा और थकान की समस्या बढ़ेगी। यह आँतों, पुतलियों, बालों और शरीर के हर तंतु में थोड़ी मात्रा में मौजूद होता है। शरीर में लोहे की मौजूदगी से थकान और माँसपेशियों के कमज़ोर होने की समस्या से निजात मिलती है। लोहा आपके मस्तिष्क की शक्ति को तथा आपकी जानने की क्षमता को बढ़ाता है। इसकी कमी से अनीमिया, आम कार्य करने में तकलीफ, सांस लेने में तकलीफ और धमनी काठिन्य की समस्या होती है।

जस्ता (Zinc resources of mineral based traditional food)

जस्ता मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों के तंतुओं और रक्त में मौजूद होता है। इसकी कमी से तंत्रिका प्रणाली की परेशानी जैसे बेचैनी, बुद्धि का विकास ना होना, चिड़चिड़ापन, काफी गुस्सा आना तथा भूलने जैसी समस्याएं पेश आ सकती हैं।

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